TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

रूस और ईरान से दोस्ती के बावजूद अमेरिका को कैसे साध रहा भारत?

भारत ने हाल के दिनों में अपनी कूटनीति से अमेरिका और रूस जैसी ग्लोबल पावर को साधने के साथ ही ईरान को भी साधा है। यही वजह है कि चाबहार बंदरगाह समझौते के बाद अमेरिकी की तरफ से उठी आवाज के बाद भारत ने अमेरिका को अपने तरीके से समझा दिया।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
27 May 2024
in भू-राजनीति, विश्व
रूस, ईरान, भारत, अमेरिका, भारत अमेरिका संबंध, चाबहार पोर्ट
Share on FacebookShare on X

कोई देश अपना भूगोल या अपने पड़ोसियों और उनसे जुड़ी बाधाओं को नहीं चुन सकता। भारत की 15,200 किमी लंबी भूमि सीमा इसकी 7,500 किमी लंबी तटरेखा से दोगुनी है। भौगोलिक और भू-राजनीतिक कारक यह सुनिश्चित करते हैं कि भारत का मात्रा के हिसाब से 90% और मूल्य के हिसाब से 70% व्यापार समुद्र के माध्यम से होता है। इसलिए, भारत के लिए व्यापार के समुद्री मार्ग एक प्रमुख चिंता का विषय रहे हैं। 

अफगानिस्तान और मध्य एशिया और उससे आगे यूरेशियाई भूभाग से जुड़ने में जमीनी व्यापार और आवाजाही की बाधाएं विशेष रूप से परेशानी वाली रही हैं। भारत ने इन बाधाओं को दूर करने के लिए अपने पूर्व और पश्चिम में मल्टी-मॉडल परिवहन गलियारों का समर्थन किया है। म्यांमार में सिटवे बंदरगाह और ईरान में चाबहार में निवेश इस रणनीति के दो उदाहरण हैं। सितवे कलादान मल्टी-मॉडल परियोजना का एक हिस्सा है जबकि चाबहार अफगानिस्तान में बने जरांज डेलाराम राजमार्ग से जुड़ा है।

संबंधितपोस्ट

भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

यूक्रेन को मिलेंगे स्वीडन के ग्रिपेन लड़ाकू विमान, रूस के खिलाफ हवाई ताकत बढ़ाने की तैयारी; भारत के लिए भी अहम संकेत

और लोड करें

चाबहार से अमेरिका की तनी भौहें

भारत अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कई यूरोपीय देशों के साथ भारत-मध्य पूर्व-यूरोप (आईएमईसी) गलियारे पर भी काम कर रहा है। जबकि अमेरिका की वापसी के साथ अफगानिस्तान और मध्य एशिया में स्थिति बदल गई है। भारत के भूगोल की वास्तविकताएं सामने हैं। 

इसी संदर्भ में इंडियन पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (आईपीजीएल) और ईरान के पोर्ट एंड मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (पीएमओ) के बीच समझौते को देखने की जरूरत है। हालांकि, चाबहार समझौते पर हस्ताक्षर होने के कुछ ही घंटों के भीतर, अमेरिका ने प्रतिबंधों के संभावित जोखिम का हवाला देते हुए ईरान के साथ व्यापार में शामिल होने के प्रति आगाह किया। इस बयान से अमेरिका-भारत संबंधों में तनाव की अटकलें शुरू हो गईं। इन बयानों को उचित परिप्रेक्ष्य में रखा जाना चाहिए।

भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती

पिछले एक दशक में भारत-अमेरिका संबंध काफी परिपक्व हुए हैं। इस परिवर्तन को विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में बढ़े हुए रणनीतिक सहयोग द्वारा चिह्नित किया गया है। फरवरी में एमक्यू-9बी सशस्त्र ड्रोन खरीदने के लिए 4 अरब डॉलर का समझौता इस श्रृंखला में बिल्कुल नया है। इसमें वर्ष 2000 के बाद से रक्षा व्यापार में 20 अरब डॉलर का उछाल देखा गया है। 

यह तब है जब दोनों के बीच रक्षा व्यापार ना के बराबर था। इस संबंध में कुछ प्रमुख विकासों में महत्वपूर्ण और उभरती टेक्नोलॉजी पर भारत-अमेरिका पहल (आईसीईटी), बाहरी अंतरिक्ष में आर्टेमिस समझौते में भारत का शामिल होना, सेमीकंडक्टर में सहयोग, लड़ाकू विमान इंजनों में सहयोग और हिंद महासागर में संचार की समुद्री लाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग शामिल हैं। 

इसके अलावा, दोनों देशों ने जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद विरोधी जैसे वैश्विक मुद्दों पर एकजुट मोर्चा दिखाया है। उच्च-स्तरीय राजनयिक व्यस्तताओं ने इस साझेदारी को और मजबूत किया है, जिससे यह 21वीं सदी में सबसे परिणामी रिश्तों में से एक बन गया है।

असहमति पर चर्चा के लिए दोनों देश तैयार

भारत-अमेरिका संबंध कितने आगे बढ़ चुके हैं इसका एक उपाय भारत और अमेरिका को ‘विश्वसनीय टेक्नोलॉजी पार्टनर’ के रूप में स्थापित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप का अनावरण है। यह समझ नियामक बाधाओं और निर्यात नियंत्रणों को दूर करने के लिए एक रूपरेखा को संस्थागत बनाती है, विशेष रूप से अमेरिकी पक्ष पर। 

इस समझ की प्राप्ति को भारत-अमेरिका संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है जो लगभग 25 वर्षों से प्रगति पथ पर है। यह स्वाभाविक है कि कुछ मुद्दों पर दो देशों में असहमति होगी। लेकिन भारत और अमेरिका के एक-दूसरे से बात करने के दिन अब पीछे रह गए हैं। संबंधों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, जब चिड़चिड़ाहट पैदा होती है, तो दोनों पक्ष चर्चा करने और उन्हें हल करने के लिए बैठते हैं। 

उदाहरण के लिए, जब भारत ने वाशिंगटन की आपत्तियों के बावजूद मास्को से तेल आयात करने का निर्णय लिया, तो भारत वैश्विक तेल बाजारों में स्थिरता बनाए रखने के लिए इस निर्णय की आवश्यकता को समझाने में सक्षम था। इस व्यावहारिक दृष्टिकोण से अमेरिका को भारत की स्थिति समझने में मदद मिली। इसी तरह, चाबहार सौदा सिर्फ भारत के हितों के बारे में नहीं है बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और कनेक्टिविटी के बारे में भी है जिसे अमेरिका महत्व देता है।

अमेरिका की तर्ज पर भारत का कदम

चाबहार बंदरगाह के विकास में निवेश करके, भारत का लक्ष्य मध्य एशिया और अफगानिस्तान के साथ कनेक्टिविटी में सुधार करना है। इससे, बदले में, अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (आईएनएसटीसी) को लाभ होगा, जिसे यूक्रेन में संघर्ष के कारण असफलताओं का सामना करना पड़ा है। 

भारत की कार्रवाई 2015 में अमेरिका की कार्रवाई को प्रतिबिंबित करती है, जब पी5+1 ने ईरान के साथ संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि दृष्टिकोण भिन्न हो सकते हैं। 

चाबहार बंदरगाह समझौता और जेसीपीओए दोनों तेहरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को जारी रखने से रोकने और ईरान को वैश्विक आर्थिक प्रणाली में एकीकृत होने में सक्षम बनाने के दोहरे लक्ष्य साझा करते हैं। इसे देखते हुए, स्थिति की अधिक सूक्ष्म समझ की आवश्यकता है।

ग्लोबल पावर को कैसे साध रहा भारत?

भारत और अमेरिका का इतिहास विशिष्ट रूप से अनोखा है और परिणामस्वरूप, अन्य देशों के साथ जुड़ने के लिए अलग-अलग दृष्टिकोण हैं। वाशिंगटन दशकों से संधि-आधारित गठबंधन भागीदारों के साथ व्यवहार करता रहा है। 

इसके विपरीत, नई दिल्ली ने परंपरागत रूप से अपने गुटनिरपेक्ष दृष्टिकोण के माध्यम से अपनी स्वतंत्रता की रक्षा की है। दृष्टिकोण में यह अंतर खेल की गतिशीलता की अधिक परिष्कृत समझ की आवश्यकता को रेखांकित करता है। भारत और अमेरिका इस बात पर सहमत हुए हैं कि उनका सहयोग ‘वैश्विक भलाई’ के लिए होगा। 

इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि अमेरिका यह समझे कि ईरान के साथ भारत का समझौता समृद्धि लाने के लिए एक कनेक्टिविटी प्रयास है। यह वाशिंगटन के नियम-आधारित विश्व व्यवस्था के दृष्टिकोण के अनुरूप, व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए फायदेमंद है। अमेरिका ने पहले भी भारत के साथ अपने व्यवहार में लचीलापन और परिपक्वता दिखाई है – नई दिल्ली को उम्मीद है कि इससे रिश्ते आगे बढ़ेंगे।

और पढ़ें:- रूस भारत को देना चाहता है पानी पर तैरने वाला न्यूक्लियर पावर प्लांट

Tags: AmericaChabahar PortIndiaIndia America relationsIranRussiaअमेरिकाईरानचाबहार पोर्टभारतभारत-अमेरिका संबंधरूस
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

यह है किशोरों में बढ़ती आत्महत्या दर का सबसे बड़ा कारण

अगली पोस्ट

इंटरनेट आधारित हिंसा: बच्चों के लिए बढ़ता खतरा

संबंधित पोस्ट

इजराइल विरोध की वजह से अमेरिकी सांसद पाकिस्तान से नाराज, कहा- अब्राहम समझौते पर ट्रम्प को जल्द जवाब दो
भू-राजनीति

इजराइल विरोध की वजह से अमेरिकी सांसद पाकिस्तान से नाराज, कहा- अब्राहम समझौते पर ट्रम्प को जल्द जवाब दो

27 May 2026

पश्चिम एशिया (Middle East) में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण सैन्य व कूटनीतिक तनाव के बीच अमेरिका से पाकिस्तान के लिए एक बेहद...

जयशंकर की ‘शांत कूटनीति’ ने फिर दिखाया दम: होर्मुज संकट के बीच ईरान ने रिहा किए 10 भारतीय नाविक!
भू-राजनीति

जयशंकर की ‘शांत कूटनीति’ ने फिर दिखाया दम: होर्मुज संकट के बीच ईरान ने रिहा किए 10 भारतीय नाविक!

27 May 2026

वैश्विक भू-राजनीति (Geopolitics) और समुद्री सुरक्षा के मोर्चे पर भारत के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। पश्चिम एशिया (Middle...

मार्को रूबियो की ताजमहल फोटो पर कूटनीतिक ‘वार’, ईरान बोला- इतिहास पता होता तो यहाँ खड़े भी न होते!
भू-राजनीति

मार्को रूबियो की ताजमहल फोटो पर कूटनीतिक ‘वार’, ईरान बोला- इतिहास पता होता तो यहाँ खड़े भी न होते!

25 May 2026

दुनिया के सात अजूबों में शुमार और मोहब्बत की बेमिसाल निशानी ताजमहल को देखने के लिए हर साल दुनिया भर से लाखों लोग भारत आते...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited