TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बचपन से ही बच्चों को धीमा जहर दे रही यह विदेशी कंपनियां।

पहले नेस्ले के लोकप्रिय उत्पाद मैगी पर सवाल उठे, अब बॉर्नवीटा के बाद सेरेलैक विवादों में है। ये कंपनियां बच्चों के खाद्य और पेय उत्पादों में तय मात्रा से अधिक चीनी मिलाकर बेच रही हैं।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
2 May 2024
in चर्चित, स्वास्थ्य
मोटापा, विदेशी कंपनियां, सेरेलक, नेस्ले, बच्चों, मैगी,बॉर्नविटा,
Share on FacebookShare on X

जयपुर के 14 वर्षीय किशोर योगेश सिंह की हाल ही में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। 21 अप्रैल, 2024 को अमरोहा के एक बच्चे अमन को मोबाइल देखते-देखते दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई। इसी तरह, गत मार्च में पंजाब के पटियाला में केक खाने से 10 वर्ष की बच्ची की मौत हो गई। देखने में ये घटनाएं भले सामान्य लगें, लेकिन इन्हें बच्चों में बढ़ रहे मोटापे से जोड़ेंगे तो भारत के भविष्य की डरावनी तस्वीर सामने आएगी। 

बच्चों में बढ़ते मोटापे की समस्या के मामलों ने भारत को अमेरिका, चीन के बाद तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया है। बच्चे जिस रफ्तार से मीठे और जंक फूड के दीवाने हो रहे हैं, उससे जल्द ही ऐसे मामलों में और तेज वृद्धि की संभावना है।

संबंधितपोस्ट

अमेरिकन यूनिवर्सिटी की चौंकाने वाली रिपोर्ट में बड़ा खुलासा- मोटापा धीरे-धीरे आपकी सोचने की शक्ति को कर रहा है खत्म!

 भारत में मोटापे के स्तर में लगातार हो रही वृद्धि, एक अध्ययन से हुआ खुलासा

मोटे व्यक्ति को मोटा कहना फैट शेमिंग नहीं है, बस इसे सकारात्मक दृष्टि से देखने की आवश्यकता है

और लोड करें

अधिक चीनी जानलेवा

भारत में मॉर्डन मेडिसन के चिकित्सक नवजात या छोटे बच्चों को सेरेलक खाने की सलाह देते हैं। बच्चा थोड़ा बड़ा होता है, तो माता-पिता भी उसे शौक से डिब्बाबंद जूस, कोल्ड ड्रिंक्स आदि पिलाते हैं, जिनमें चीनी की मात्रा बहुत अधिक होती है। 

नेस्ले का बेबी फूड सेरेलक नवजात शिशुओं को मीठे की लत का शिकार बनाने में सबसे आगे है। यह खुलासा स्विट्जरलैंड के एक एनजीओ ‘पब्लिक आई’ ने किया है। ‘पब्लिक आई’ के साथ जांच में ज्यूरिख स्थित वॉचडॉग और इंटरनेशनल बेबी फूड एक्शन नेटवर्क (आईबीएफएएन) भी शामिल थे।

इस संयुक्त टीम ने एशिया, लातिनी अमेरिका और अफ्रीका में नेस्ले द्वारा बेचे जा रहे 150 उत्पादों की जांच की, जिनमें प्रसिद्ध शिशु आहार सेरेलक और निडो भी शामिल हैं। जांच के लिए नमूने बेल्जियम की एक प्रयोगशाला में भेजे गए। 

जांच में पता चला कि भारत, बांग्लादेश और दूसरे कई एशियाई व अफ्रीकी देशों में बेचे जाने वाले सेरेलक की हर खुराक में तीन ग्राम से अधिक चीनी होती है, जो बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है। आश्चर्य की बात तये यह कि अफ्रीकी देशों में भी नेस्ले बच्चों को प्रति खुराक 5 से 6 ग्राम चीनी परोस रही है, लेकिन यूरोपीय देशों में वह सेरेलक में चीनी बिल्कुल नहीं मिला।

सेरेलक के विवादों में फंसने के बाद कंपनी के शेयरों में तीन वर्ष की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 18 अप्रैल को इसके शेयर 5 प्रतिशत से अधिक तक गिर गए, लेकिन बाद में संभल गए। इस तरह पहले दिन शेयरों में 3 प्रतिशत और दूसरे दिन यानी 19 अप्रैल को 3.5 प्रतिशत की गिरावट आई। 

नेस्ले भारत में हर वर्ष 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के सेरेलक बेचती है। इससे पहले 2015 में नेस्ले के लोकप्रिय उत्पाद मैगी में सीसा पाए जाने के खुलासे के बाद उसे बाजार से 451.6 करोड़ रुपये के नूडल्स हटाने पड़े थे। इससे दूसरी तिमाही में कंपनी को 64.40 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, जो 17 वर्ष में पहला तिमाही घाटा था।

सरकार का सख्त रुख 

बच्चों के समग्र विकास को प्रभावित करने वाले और बीमार करने वाले सेरेलैक के प्रति भी सरकार गंभीर है और उसने इसके उत्पादों की जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने भी इसका संज्ञान लिया है और खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएआई से पूछा है कि क्या नेस्ले और दूसरी कंपनियों ने बच्चों के उत्पाद बनाने के लिए दिशानिर्देश मांगे हैं? साथ ही, यह भी पूछा है कि क्या इन कंपनियों के उत्पाद उसके दिशानिर्देशों के अनुरूप हैं या नहीं? 

आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो के अनुसार, जिस तरह की रिपोर्ट आई है, वह बहुत चिंताजनक है। अगर किसी भी कंपनी के उत्पादों में मीठा तय सीमा से बहुत ज्यादा है, तो इसे तुरंत रोका जाना चाहिए, नहीं तो हमारे बच्चे सिर्फ बीमार ही नहीं होंगे, बलिक जब वे देश के लिए काम करने की स्थिति में पहुंचेंगे तो अपनी क्षमता के मुताबिक काम नहीं कर पाएंगे और इससे देश को बड़ा नुकसान होगा। यह मामला सिर्फ एक बच्चे का नहीं है, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

बड़ा सवाल यह है कि जिस भारत में 1978 से पहले मधुमेह के शायद इक्का-दुक्का मरीज ही होते थे, वह कैसे दुनिया का ‘डाइबिटिज कैपिटल’ कहलाने लगा है। बीते 30 वर्षों में ऐसा क्या हुआ कि भारतीय बच्चों को मीठे की लत लग गई? इसका जवाब पिछले कुछ सालों में एडलट्रेडिड ड्रिंक्स, जैसे पेप्सी, कोका कोला और सेरेलक जैसे अतिरिक्त चीनी वाले उत्पादों में मिल सकता है।

कहीं साजिश तो नहीं!

नेस्ले का भारत, एशियाई और अफ्रीकी देशों के प्रति रवैया कोका कोला और पेप्सी की तरह है, जो भारत में अत्यधिक मीठा ड्रिंक्स बेच रही थीं, जबकि यूरोप और अमेरिका में बहुत ही कम चीनी का प्रयोग कर रही थीं। प्रश्न केवल खाद्य एवं पेय उत्पादों में चीनी मिलाने का नहीं है, बल्कि बच्चों को मीठे की लत लगाने का भी है। 

यही नेस्ले अपने देश स्विट्जरलैंड में जो सेरेलक बेचती है, उसमें चीनी नहीं मिलाती। लेकिन भारत में वह अतिरिक्त चीनी क्यों मिला रही है? इसका बच्चों, युवाओं और वयस्कों के स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है? भारत में 1990 से लेकर अब तक बच्चों में मोटापा 4.2 गुना बढ़ गया है। यही स्थिति रही तो 2030 तक 10 मोटे बच्चों में से एक भारत से होगा। इसका सबसे बड़ा कारण है मीठे की आदत। 

अधिक मीठा खाने से बच्चों में दिल की बीमारी, मुहांसे, पाचन संबंधी समस्याएं, डिमेंशिया और किडनी सहित किडनी संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। मीठा दुनिया का सबसे ज्य़ादा ‘एडिक्टिड फूड’ है। इसे धीमा जहर भी कहा जाता है, जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास को बाधित कर सकता है।

क्या कहते हैं डॉक्टर? 

दुनियाभर में डॉक्टर 6 माह के बाद ही बच्चों को ठोस आहार देने की सलाह देते हैं। अमृता अस्पताल में वरिष्ठ नियोनेटोलॉजी एवं पीडियाट्रिक सलाहकार हेमंत शर्मा कहते हैं कि अधिक मीठा खाने से बच्चों में मोटापा, सुस्ती, मधुमेह, उच्च रक्तचाप के अलावा आईक्यू कम होने सहित कई तरह की गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। 

सूरत के बाल रोग और नवजात शिशु विशेषज्ञ डॉ. पवन मंडाविया के अनुसार, दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को अधिक मात्रा में चीनी नहीं देनी चाहिए। इससे उनमें अवसाद, दांतों में सड़न के अलावा टाइप-2 मधुमेह, रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के अलावा दूसरी गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। 

उनका कहना है कि जिन बच्चों को मीठा खाने की आदत हो जाती है, वे मां का दूध नहीं पीते। मां का दूध उनके विकास के लिए तो जरूरी है ही, उनके शरीर में प्रारंभिक एंटीबॉडी की आपूर्ति भी करता है।

शोध के नतीजे 

पिछले माह ‘द लैंसेट’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों में मोटापा 1990 से 2022 तक 4.5 गुना तक बढ़ा है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जंक-प्रोसेस्ड फूड्स के अलावा बच्चों का बढ़ा स्क्रीन टाइम भी इसका प्रमुख कारण हो सकता है। हालांकि छोटे बच्चों के मामले में इसका सबसे प्रमुख कारण प्रसंस्कृत खाद्य है, जिसमें अत्यधिक मीठा सेरेलक भी एक कारण है। 

ग्लोबल बर्डन आफ डिजीज के अनुसार, दुनियाभर में 2.27 लाख बच्चे मधुमेह की चपेट में हैं, जिनमें सबसे अधिक यानी 44,000 बच्चे भारत के हैं। दुनियाभर में मधुमेह से जितने बच्चों की मौत हुई, उनमें 12 प्रतिशत भारतीय हैं। इस बीमारी के कारण बच्चों की औसत आयु 2 साल कम हो गई है। भारत में 1990 के मुकाबले 1 से 4 वर्ष के बच्चों में मधुमेह के मामले 30 प्रतिशत बढ़े हैं, जबकि 10 से 14 वर्ष के बच्चों में 52 प्रतिशत।

भारत में बच्चों में दोनों तरह के मधुमेह यानी टाइप-1, जिसमें शरीर में इंसुलिन बननी बंद हो जाती है। यह लाइलाज बीमारी है और जिंदा रहने के लिए बच्चों को पूरी उम्र इंसुलिन लेनी पड़ती है। वहीं, टाइप-2 मधुमेह में इंसुलिन कम बनता है। विकास की उम्र में बच्चे बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसके कारण उनका समग्र विकास ही नहीं हो पा रहा, तो वे ठीक से कैसे पढ़ सकेंगे।

दरअसल जब हम मीठा खाते हैं, तो शरीर में बनने वाला इंसुलिन इसके साथ प्रक्रिया कर इसे शरीर के लिए ऊर्जा में बदल देता है, लेकिन अगर इंसुलिन कम मात्रा में बने या बने ही न, तो यह मीठा सीधे खून में मिल जाता है और उसे दूषित कर देता है। इससे शरीर के अंग जैसे किडनी, दिल आदि धीरे-धीरे काम करना बंद करने लगते हैं और मरीज की मौत तक हो जाती है।

इंटनेशनल डायबिटिज फेडरेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 7.4 करोड़ से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित हैं। यानी भारत इस मामले में विश्व में दूसरे स्थान पर है। यही हाल रहा तो 2029 तक ही मधुमेह मरीजों के मामले में भारत पहले स्थान पर होगा। 

देश में हर वर्ष 4 लाख से अधिक लोग मधुमेह से मरते हैं। मोटापा बढ़ने से ह्दयाघात, मेटाबॉलिज्म डिसआर्डर और कैंसर की तो बात ही नहीं हो रही है। एक बार किसी ने मधुमेह की दवाइयां खानी शुरू कर दी, तो पूरी जिंदगी उसे दवाओं पर ही निर्भर रहना पड़ता है।

दूसरी बात, दुनियाभर की फार्मा कंपनियों को सबसे अधिक लाभ मधुमेह दवाओं से ही होता है। एक अनुमान के अनुसार, मधुमेह की दवाओं का वैश्विक बाजार लगभग 87 अरब डॉलर यानी सात लाख करोड़ रुपये से अधिक का है। इसमें अकेले भारत की हिस्सेदारी 20,000 करोड़ रुपये से अधिक है। 

भारत में जिस तेजी से मधुमेह के मरीज बढ़ रहे हैं, उससे जल्दी ही दवा खपत में अमेरिका के बाद यह दूसरे स्थान पर आ जाएगा। उधर नेस्ले, बॉर्नविटा जैसी कंपनियां अधिक चीनी वाले उत्पाद बेचकर इस संभावना को बल ही तो प्रदान कर रही हैं।

Tags: Bournvitacerelacforeign companiesMaggiNestleobesityनेस्लेमैगीबॉर्नवीटामोटापाविदेशी कंपनियांसेरेलैक
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘रिवर्स लव जिहाद’ क्यों नहीं खोज पाता है ध्रुव राठी?

अगली पोस्ट

चुनाव से पहले कैसे मुसीबत में फंसी कांग्रेस?

संबंधित पोस्ट

Flydubai FZ1073: भारतीय पायलट ने बचाई 9/11 जैसी बड़ी साजिश? 35,000 फीट पर मची थी तबाही की दहशत
चर्चित

Flydubai FZ1073: भारतीय पायलट ने बचाई 9/11 जैसी बड़ी साजिश? 35,000 फीट पर मची थी तबाही की दहशत

1 October 2026

दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai Flight FZ1073 में 30 सितंबर को जो हुआ, उसने कुछ मिनटों के लिए विमान में सवार करीब 174...

CAFE-III: 2027 से बदल सकती है भारत की Car Market, महंगी कारों से लेकर EV और Hybrid तक पर पड़ेगा असर
चर्चित

CAFE-III: 2027 से बदल सकती है भारत की Car Market, महंगी कारों से लेकर EV और Hybrid तक पर पड़ेगा असर

30 September 2026

भारत में कार खरीदना और चलाना 2027 से काफी बदलने वाला है। सरकार ने कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी (CAFE) के तीसरे चरण यानी CAFE-III को...

चीन के शिनजियांग के रास्ते उड़ानें शुरू करने की तैयारी
चर्चित

चीन के शिनजियांग के रास्ते उड़ानें शुरू करने की तैयारी, पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने से बढ़ा खर्च

30 September 2026

नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि भारत चीन के साथ शिनजियांग के ऊपर से भारतीय विमानों को उड़ान भरने की...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55

ONGC finds gas off Odisha: Can the Mahanadi basin fuel India’s energy future?

00:07:22

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

00:12:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited