राष्ट्रपति के इस आदेश के बाद और अब यह प्रक्रिया चाह कर भी दोहराई नहीं जा सकती है। इसका शाब्दिक अर्थ ये हुआ कि अब वैधानिक रूप से अनुच्छेद 370 का कोई अस्तित्व नहीं बचा है न तो जम्मू-कश्मीर में और न ही संविधान में।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को ऑनलाइन हमलों का सामना

    ट्रंप की फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को MAGA समर्थकों के विरोध का सामना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को ऑनलाइन हमलों का सामना

    ट्रंप की फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को MAGA समर्थकों के विरोध का सामना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

क्या जम्मू कश्मीर में फिर वापस आ जाएगा अनुच्छेद-370? समझिए नए समीकरण में क्या-क्या हो सकता है

NC ने चुनाव के दौरान किया था वादा

Sambhrant Mishra द्वारा Sambhrant Mishra
10 October 2024
in राजनीति, समीक्षा
उमर अब्दुल्ला, जम्मू कश्मीर, अनुच्छेद 370

जम्मू कश्मीर में सत्ता में आने के बाद अनुच्छेद-370 वापस लाएँगे उमर अब्दुल्ला? समझिए सारे समीकरण

Share on FacebookShare on X

जम्मू-कश्मीर के हालिया विधानसभा चुनाव 2014 के बाद पहली बार हुए हैं और यह पहला मौका था जब अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के लोग वोट डालने निकले थे। इस चुनाव में नैशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के गठबंधन ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है नैशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस को क्रमश: 42 व 6 सीट और जम्मू में बेहतर प्रदर्शन की बदौलत बीजेपी ने 29 सीटें जीती हैं। अब जब जम्मू कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस की सरकार बनने वाली है और उमर अब्दुल्ला मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं, ऐसे में ये भी देखना होगा कि आखिर उनके अनुच्छेद 370 के वादे का क्या होगा ?

NC का चुनावी वादा था अनुच्छेद 370 की वापसी

नैशनल कांफ्रेंस का सबसे बड़ा चुनावी वादा ही अनुच्छेद 370 की बहाली था और फारुख से लेकर उमर अब्दुल्ला तक ये कहते रहे थे कि अगर वो सत्ता में आए तो 370 को वापस बहाल करने की कोशिश करेंगे। अब जबकि वो सत्ता में आ चुके हैं, तो क्या वो आर्टिकल 370 को फिर से लागू कर पाएंगे? और ये कितना मुमकिन है।

संबंधितपोस्ट

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के छह महीने बाद फिर साजिशों में जुटे पाकिस्तान और आतंकी, भारतीय सेना भी तैयार

श्रीनगर एयरस्ट्रिप की ‘कड़कड़ाती रात’: जब RSS के स्वयंसेवकों ने उठाई बंदूक, बर्फ हटा कर भारतीय सेना को कराया लैंड

जम्मू-कश्मीर के गुरेज़ सेक्टर में LoC पार करने की कोशिश करने वाले दो आतंकी ढेर, भारतीय सेना की बड़ी कार्रवाई

और लोड करें

सवाल ये भी निकलता है कि क्या जिस तरह से आर्टिकल 370 को हटाया गया, उसी तरह दोबारा लाया भी जा सकता है? साथ ही बतौर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हाथ में क्या कुछ है? क्या अगर उमर अब्दुल्ला या कोई भी पार्टी आर्टिकल 370 को वापस ला सकती है और क्या संविधान में अभी भी इसकी कोई गुंजाइश बची है। इसका एक लाइन में जवाब ये है कि जनाब असंभव तो नहीं है लेकिन नामुकिन जरूर है।

क्यों मुश्किल था जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना

अनुच्छेद 370 जब लागू हुआ था तो इसकी एक शर्त ये थी कि इसे तब तक नहीं हटाया जा सकता या बदला जा सकता है, जब तक कि जम्मू कश्मीर की संविधान सभा इसकी मंजूरी न दे। जम्मू कश्मीर की संविधान सभा तो 1957 में ही भंग हो गई थी, इसका अर्थ हुआ कि आर्टिकल 370 कभी खत्म ही नहीं हो सकता था क्योंकि जब संविधान सभा ही नहीं रही तो फिर उसकी मंजूरी कहां से ली जाती।

‘संविधान सभा’ को बनाया गया ‘विधानसभा’

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना पेचीदगा भरा था लेकिन सरकार ने संविधान के प्रावधानों के तहत ही इसे हटाने का रास्ता ढूंढ लिया था। तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 5 अगस्त, 2019 एक प्रेसिडेंशियल ऑर्डर जारी किया। इस आदेश के जरिए उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 367 में संशोधन कर दिया। अनुच्छेद 367 मुख्यत: संविधान की व्याख्या से संबंधित है।

राष्ट्रपति कोविंद ने इस आर्टिकल के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए आर्टिकल 370 की उप-धारा (3) की पुरानी परिभाषा में एक छोटा सा बदलाव कर दिया। उन्होने आदेश में कहा कि आर्टिकल 370 में जम्मू कश्मीर की जिस ‘संविधान सभा’ का जिक्र है, उसे संविधान सभा नहीं, अपितु जम्मू कश्मीर की ‘विधान सभा’ समझा जाए।

जम्मू-कश्मीर से कैसा हटा था अनुच्छेद 370

राष्ट्रपति के इस आदेश के बाद जम्मू-कश्मीर की ‘संविधान सभा’ को आर्टिकल 370 के संदर्भ में जो शक्तियां प्राप्त थीं, वो राज्य की विधानसभा को भी प्राप्त हो गईं। ऐसे में जब अनुच्छेद 370 हटाया गया तो उस वक्त वहां गवर्नर शासन चल रहा था। तकनीकी तौर पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा की शक्तियां केंद्र के पास थीं और इस तरह संसद गवर्नर के नाम पर कानून बना सकती थी।

राष्ट्रपति के इस आदेश के कुछ घंटे बाद ही संसद ने अनुच्छेद 370 हटाने की सिफारिश कर दी साथ ही जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 को पास कर दिया गया। वहीं, 6 अगस्त को, यानी एक दिन बाद राष्ट्रपति ने इसे मंजूर कर लिया और इस तरह अनुच्छेद 370 निरस्त हो गया। अनुच्छेद 370 को हटाने की इस प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट ने भी वैध माना है।

क्या अनुच्छेद 370 की बहाली संभव है

राष्ट्रपति के इस आदेश के बाद और अब यह प्रक्रिया चाह कर भी दोहराई नहीं जा सकती है। इसका शाब्दिक अर्थ ये हुआ कि अब वैधानिक रूप से अनुच्छेद 370 का कोई अस्तित्व नहीं बचा है न तो जम्मू-कश्मीर में और न ही संविधान में। जिसका मतलब हुआ कि अनुच्छेद 370 को अब किसी प्रेसिडेंशियल ऑर्डर के जरिए फिर से बहाल नहीं किया जा सकता। रही बात जम्मू कश्मीर के लिए विशेष दर्जा प्रदान करने की, तो इसके लिए अनुच्छेद 370 जैसा ही कोई नया प्रावधान जरूर किया जा सकता है लेकिन इसके लिए संविधान में संशोधन करने की आवश्यकता होगी और इसके लिए सरकार को संसद के दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत के साथ देश की आधे से अधिक राज्यों की विधानसभाओं की भी अनुमति लेनी होगी और ये काम आसान नहीं होगा।

कुल मिलाकर मौजूदा परिस्थितियों में उमर अब्दुल्ला और उनकी पार्टी ने अनुच्छेद 370 की बहाली के नाम पर चुनाव भले ही लड़ा हो लेकिन वो ये काम बिल्कुल नहीं कर सकती, क्योंकि एक तो जम्मू कश्मीर अभी भी केंद्र-शासित प्रदेश ही है और दिल्ली की तरह यहां भी असली शक्तियां एलजी यानी उप-राज्यपाल के पास ही रहेंगी। खुद उमर अब्दुल्ला भी इस बात को अच्छी तरह जानते और मानते हैं, फिर भी उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार विधानसभा के पहले सत्र में ही इस आशय का प्रस्ताव पास करेगी। जाहिर वो ऐसा करते हैं भी हैं तो ये राजनीति के प्रतीकात्मक पहलू से अधिक कुछ नहीं होगा।

स्रोत: Jammu Kashmir, जम्मू कश्मीर, Vidhan Sabha Election Results, विधानसभा चुनाव परिणाम, NC, नेशनल कॉन्फ्रेंस, Article 370, अनुच्छेद ३७०
Tags: Article 370Jammu & KashmirNational ConferenceVidhan Sabha Election Resultsअनुच्छेद 370जम्मू-कश्मीरनेशनल कॉन्फ्रेंसविधानसभा चुनाव परिणाम
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

Al Jazeera का फर्जी ‘पत्रकार’ वाजिद खान को राजस्थान पुलिस ने धरा, फैलाता था घृणा

अगली पोस्ट

मुगलकाल के ‘ग़दर’ से निकला महान कृष्णभक्त, कहानी अमीर पठान परिवार में जन्मे सैयद इब्राहिम खान की

संबंधित पोस्ट

14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय
राजनीति

14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

12 January 2026

पीएम मोदी जल्द अपने नए कार्यालय में शिफ्ट होने वाले हैं। खबर है कि पीएम मोदी 14 जनवरी के बाद अपने नए कार्यालय में शिफ्ट...

साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी
राजनीति

साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

12 January 2026

भारत के पहले दौरे पर हैं जर्मनी के वाइस चांसलर फ्रेडरिक मर्ज । गुजरात के अहमदाबाद में उनका ग्रैंडवेलकम हुआ, जहां पीएम मोदी भी मौजूद...

शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ
राजनीति

शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

10 January 2026

शशि त्रिपाठी, नेवी वेलफेयर और वेलनेस एसोसिएशन (NWWA) की अध्यक्ष, एक जानी-मानी और संवेदनशील दृश्य कलाकार हैं, जिनका काम प्रकृति और शहरीकरण के बीच एक...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited