सरदार पटेल ने असम के राज्यपाल अकबर हैदरी को त्रिपुरा भेजकर हालात नियंत्रण में रखने को कहा। स्थिति नियंत्रित होते ही रानी कंचनप्रभा ने 11 नवंबर, 1947 को त्रिपुरा के भारत में विलय का औपचारिक ऐलान कर दिया।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका

    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका, कई मजदूर जिंदा जल गए, राहत कार्य जारी

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    असम में आपात लैंडिंग सुविधा की शुरुआत

    Assam : पीएम की असम हाईवे पर ऐतिहासिक लैंडिंग- चीन के लिए संदेश,जानें सबकुछ

    एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट में खुलासा: इमरान खान की सेहत, एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका

    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका, कई मजदूर जिंदा जल गए, राहत कार्य जारी

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    असम में आपात लैंडिंग सुविधा की शुरुआत

    Assam : पीएम की असम हाईवे पर ऐतिहासिक लैंडिंग- चीन के लिए संदेश,जानें सबकुछ

    एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट में खुलासा: इमरान खान की सेहत, एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

त्रिपुरा को पाकिस्तान में मिलाना चाहता था गेदू मियां, रानी कंचनप्रभा ने नहीं पूरा होने दिया ख्वाब

कैसे भारत का एक और राज्य कश्मीर बनने से बचा

TFI Desk द्वारा TFI Desk
15 October 2024
in इतिहास, ज्ञान, राजनीति
रानी कंचनप्रभा, त्रिपुरा

रानी कंचनप्रभा ने विफल की भारत विरोधियों की साजिश, फिर हुआ त्रिपुरा का विलय

Share on FacebookShare on X

आजादी के बाद से कश्मीर और हैदराबाद के भारत में शामिल होने की कहानियां साल-दर-साल सुनाई जाती रही हैं। लेकिन एक घटना जो शायद ही कभी आम जनता की जुबान तक आ पाई हो, वह है एक राजा के फैसले, एक रानी के अदम्य साहस, और त्रिपुरा रियासत के भारत में शामिल होने की कहानी।

साल 1947, आजादी के लिए संघर्ष तेज़ होता जा रहा था। एक ओर भारत के बंटवारे की गहमागहमी थी, तो दूसरी ओर रियासतों के भारत या पाकिस्तान में विलय को लेकर जद्दोजहद चल रही थी। पूर्व से लेकर पश्चिम और उत्तर से लेकर दक्षिण तक पूरे देश में यही स्थिति थी। कुछ रियासतें भारत में विलय को तैयार थीं, तो कुछ निजाम पाकिस्तान की गोद में बैठने को आतुर थे।

संबंधितपोस्ट

अष्टलक्ष्मी की उड़ान: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर से उभरती विकास, संस्कृति और आत्मगौरव की नई कहानी

अगरतला की प्रभुबाड़ी पूजा: नित्यानंद महाप्रभु के वंशजों द्वारा शुरू की गई 170 वर्ष पुरानी पूजा क्यों है विशेष और क्या है इतिहास ?

डिजिटल दोस्ती: बांग्लादेश की गुलशाना अख्तर ने प्रेमी दत्ता यादव से मिलने के लिए अवैध रूप से पार की सीमा, BSF ने दोनों को पकड़ा

और लोड करें

त्रिपुरा रियासत, माणिक्य राजवंश और बंगाली शरणार्थी

इनमें से एक रियासत त्रिपुरा भी थी। पूर्वोत्तर भारत में स्थित इस रियासत पर माणिक्य वंश का शासन था और इसके राजा थे बीर बिक्रम किशोर देब बर्मन। अंग्रेज इस रियासत को हिल टिप्पेरा कहते थे, जिसमें टिप्पेरा नामक एक जिला भी था। यह राज्य वर्तमान बांग्लादेश के नोआखाली और सिलहट तक फैला हुआ था। जब भारत का बंटवारा हुआ, तो अंग्रेजों के वकील रेडक्लिफ ने, लाहौर की तरह, नोआखाली और टिप्पेरा को भी पाकिस्तान को सौंप दिया, बावजूद इसके कि वहां हिंदू आबादी अधिक थी।

1941 के ढाका दंगों के बाद त्रिपुरा में बंगाली प्रवासियों की संख्या बढ़ गई थी। दंगों के दौरान ही त्रिपुरा के राजा बीर बिक्रम किशोर देब बर्मन ने बंगालियों के लिए अपनी सीमाएं खोल दी थीं। 1947 में जब फिर से दंगों की आशंका बनी, तो बड़ी संख्या में प्रवासी त्रिपुरा में शरण लेने लगे।

राजा बीर बिक्रम को यह समझ आ गया था कि अगर भारत-पाक बंटवारे का ऐलान हुआ, तो दंगे भड़केंगे और हालात बेकाबू हो जाएंगे। इसलिए उन्होंने 28 अप्रैल 1947 को त्रिपुरा के भारत में विलय का ऐलान कर दिया। कोई चूक न हो, इसलिए राजा बीर बिक्रम ने संविधान सभा के सचिव HVR अयंगर को टेलीग्राम भेजकर भी अपने फैसले की सूचना दी।

राजा बीर बिक्रम के इस फैसले से त्रिपुरा की जनता ने राहत की सांस ली, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। त्रिपुरा के भारत में विलय के फैसले के 19 दिन बाद, यानी 17 मई 1947 को राजा बीर बिक्रम की अचानक मृत्यु हो गई। त्रिपुरा के युवराज किरीट बिक्रम किशोर माणिक्य की उम्र सिंहासन संभालने के योग्य नहीं थी। इसलिए रानी कंचनप्रभा देवी ने रीजेंसी काउंसिल (राजा की मृत्यु के बाद अस्थायी सरकार) बनाकर सत्ता की बागडोर अपने हाथ में ले ली।

रानी कंचनप्रभा और उनके विरुद्ध षड्यंत्र

त्रिपुरा अब राजा-विहीन हो चुका था, और सत्ता रानी कंचनप्रभा के हाथों में थी। ऐसे में सत्ता हथियाने के लिए षड्यंत्र रचे जाने लगे। इनमें से एक षड्यंत्र त्रिपुरा के भीतर ही पनपा। राजा बीर बिक्रम के सौतेले भाई दुर्जय किशोर ने, जो राजा बनने का सपना देख रहा था, रानी कंचनप्रभा को सत्ता से हटाने के लिए अलगाववादी मोहम्मद अब्दुल बारिक खान (जिसे गेदू मियां भी कहा जाता था) से हाथ मिला लिया। गेदू मियां ने मुस्लिम लीग के समर्थन वाली ‘अंजुमन-ए-इस्लामिया’ नामक राजनीतिक पार्टी बनाई थी और त्रिपुरा को पाकिस्तान में मिलाने की कोशिशों में लगा था।

दुर्जय किशोर को उम्मीद थी कि त्रिपुरा के पाकिस्तान में विलय के बाद वह राजा बन जाएगा, जबकि गेदू मियां त्रिपुरा को पाकिस्तान में मिलाना चाहता था। लेकिन इन दोनों के सपने जल्द ही टूट गए। 11 जून 1947 को रानी कंचनप्रभा ने जनता को बताया कि महाराजा बीर बिक्रम ने त्रिपुरा रियासत के भारत में विलय का फैसला पहले ही कर लिया था।

महारानी कंचनप्रभा देवी और राजा वीर विक्रम देववर्मा
महारानी कंचनप्रभा देवी और राजा बीर बिक्रम किशोर देब बर्मन (फ़ोटो साभार: Tripura Infoway)

यह खबर देश भर में आग की तरह फैल गई। साथ ही यह भी खबर फैली कि त्रिपुरा पर हमला करने की तैयारी हो रही है और पूर्वी पाकिस्तान में पर्चे बांटकर मुस्लिमों को उकसाया जा रहा है। अखबारों में भी ऐसी खबरें थीं, हालांकि इनमें अफवाहें भी शामिल थीं। लेकिन इन खबरों की सच्चाई परख पाना मुश्किल था।

भारतीय संघ में त्रिपुरा का विलय

रानी कंचनप्रभा ने सख्ती दिखाते हुए दुर्जय किशोर का समर्थन करने वाले मंत्रियों का इस्तीफा लेकर उन्हें राज्य से बाहर भेज दिया। कुछ मंत्रियों के त्रिपुरा में प्रवेश पर रोक लगा दी गई और रीजेंसी काउंसिल भंग कर खुद को एकमात्र रीजेंट घोषित कर दिया। रानी कंचनप्रभा जानती थीं कि अगर जल्दी कार्रवाई नहीं की गई, तो त्रिपुरा के हालात कश्मीर जैसे हो सकते हैं। उन्होंने दिल्ली जाकर सरदार पटेल से मुलाकात की और त्रिपुरा की स्थिति के बारे में बताया। सरदार पटेल ने उन्हें हर संभव सुरक्षा और सैन्य सहायता का आश्वासन दिया।

सरदार पटेल ने असम के राज्यपाल अकबर हैदरी को त्रिपुरा भेजकर हालात नियंत्रण में रखने को कहा। स्थिति नियंत्रित होते ही रानी कंचनप्रभा ने 11 नवंबर, 1947 को त्रिपुरा के भारत में विलय का औपचारिक ऐलान कर दिया। फिर 9 सितंबर, 1949 को उन्होंने भारत सरकार के साथ विलय समझौते पर हस्ताक्षर किए। 15 अक्टूबर 1949 को त्रिपुरा रियासत अस्तित्व में नहीं रही और भारत का हिस्सा बन गई। 1956 में त्रिपुरा को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिला और 1972 में इसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया।

दुर्जय किशोर और गेदू मियां का क्या हुआ?

दुर्जय किशोर पहले ही इस्तीफा दे चुका था और बाद में उसे राज्य छोड़ना पड़ा। गेदू मियां और उसका परिवार पूर्वी पाकिस्तान के कोमिला भाग गए। अगरतला में बने उनके घर को सरकार ने जब्त कर लिया और आज वहाँ क्षेत्रीय कोचिंग सेंटर अगरतला स्थित है।

स्रोत: Bir Bikram Kishore Debbarma, Maharani Kanchan Prava Devi, Tripura, महारानी कंचनप्रभा देवी, महाराजा बीर विक्रम देब बर्मन, त्रिपुरा, Accession To India, भारत में विलय
Tags: Kanchan Prava DeviManikyaTripuraकंचनप्रभा देवीत्रिपुरामाणिक्य
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बहराइच हिंसा: ‘खून के बदले खून की मांग करते हैं, बुलडोजर एक्शन लें योगी बाबा’

अगली पोस्ट

‘हमने माहौल बनाया, कांग्रेस फायदा नहीं उठा पाई’: किसान नेता ने ही खोल दी आंदोलन की पोल, हरियाणा की हार पर आपस में ही रार

संबंधित पोस्ट

राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका
चर्चित

राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका, कई मजदूर जिंदा जल गए, राहत कार्य जारी

16 February 2026

राजस्थान के भिवाड़ी जिले में सोमवार सुबह खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की एक केमिकल फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ, जिसके तुरंत बाद वहां भीषण आग फैल...

ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग
इतिहास

ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

14 February 2026

भारत एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है, केंद्र सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली सड़क-सह-रेल सुरंग (अंडरवॉटर टनल) बनाने को...

असम में आपात लैंडिंग सुविधा की शुरुआत
भारत

Assam : पीएम की असम हाईवे पर ऐतिहासिक लैंडिंग- चीन के लिए संदेश,जानें सबकुछ

14 February 2026

एक वक्त था जब 1962 में चीन के हमले के दौरान असम को खाली कर दिया गया था। खुद तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू ने देश के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited