चीन द्वारा किए गए आक्रमण का जवाब देने के लिए भारतीय सैनिकों के पास अदम्य साहस, वीरता, पराक्रम और युद्ध कौशल के अतिरिक्त कुछ भी नहीं था
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी, नेत्रदान-अंगदान और देहदान का लिया संकल्प

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित आज़ाद हिंद फौज के पदक, जो वीरता और बलिदान के प्रतीक हैं

    राज से परे वीरता: नेताजी की ‘आजाद हिंद फौज’ के साहस को सम्मानित करने वाले पदक

    उत्तराखंड में वर्दी खरीद घोटाले पर बड़ी कार्रवाई

    वर्दी खरीद घोटाला: मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर होमगार्ड्स निदेशक निलंबित

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी, नेत्रदान-अंगदान और देहदान का लिया संकल्प

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित आज़ाद हिंद फौज के पदक, जो वीरता और बलिदान के प्रतीक हैं

    राज से परे वीरता: नेताजी की ‘आजाद हिंद फौज’ के साहस को सम्मानित करने वाले पदक

    उत्तराखंड में वर्दी खरीद घोटाले पर बड़ी कार्रवाई

    वर्दी खरीद घोटाला: मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर होमगार्ड्स निदेशक निलंबित

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘नेहरू की गलतियों से हुआ था 1962 का युद्ध’, भारत ने खोई थी 43000 Km जमीन और 3000 जवान; नहीं मानी थी सरदार पटेल की बात

चीन द्वारा किए गए आक्रमण का जवाब देने के लिए भारतीय सैनिकों के पास अदम्य साहस, वीरता, पराक्रम और युद्ध कौशल के अतिरिक्त कुछ भी नहीं था

Akash Sharma Nayan द्वारा Akash Sharma Nayan
21 October 2024
in इतिहास, चर्चित, भू-राजनीति
भारत-चीन युद्ध 1962

नेहरू की गलतियों से हुआ था 1962 का युद्ध (फ़ोटो साभार: Britannica)

Share on FacebookShare on X

स्वर कोकिला लता मंगेशकर का गया हुआ “ऐ मेरे वतन के लोगों, ज़रा आँख में भर लो पानी…” आज भी जब कहीं यह गीत सुनाई पड़ता है तो प्रत्येक देशवासी की आंखें नम हो जाती हैं। वास्तव में भारत-चीन युद्ध का जितना मार्मिक और सच्चा चित्रण इस गीत में किया गया है, उतना कहीं और नहीं। ये महज़ एक गीत नहीं है, बल्कि सच्ची श्रद्धांजलि है भारत के उन वीर सैनिकों को, जिन्होंने अपने पराक्रम से सैन्य इतिहास में नया अध्याय जोड़ा और कठिन से कठिन परिस्थिति में भी मोर्चा छोड़ने के स्थान पर बलिदान होना स्वीकार किया।

20-21 अक्टूबर 1962 की रात समुद्र तल से 16 हज़ार मीटर की ऊंचाई पर स्थित रेजांग ला दर्रा, जहां ऑक्सीजन की कमी के कारण सांस लेने में भी भारी परेशानी होती है, वहाँ शुरू हुआ चीन की शक्तिशाली सेना और भारत की बहादुर सेना के बीच युद्ध।

संबंधितपोस्ट

हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

चीन में गणतांत्रिक वादे की त्रासदी उसका घरेलू मामला भर नहीं है, इसका प्रभाव पूरी दुनिया महसूस कर रही है

और लोड करें

रेजांग ला दर्रा में ठंड व बर्फबारी की स्थिति को देखते हुए उसे बर्फिस्तान कहा जाए तो गलत नहीं होगा। -50 से भी कम तापमान पर परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह अपने मात्र 120 जवानों के साथ 12 सौ अधिक चीनी सैनिकों के सामने फौलाद की दीवार बनकर खड़े हो गए थे। तेरहवीं कुमाऊं रेजीमेंट के इन जाबांजों ने आखिरी सांस और अंतिम गोली तक युद्ध लड़ कर चीनी सेना के आत्मबल को हिलाकर रख दिया था। ठंड इतनी कि खून जम जाए, ऐसी स्थिति में भी युद्धरत सैनिकों ने पूरे पराक्रम से युद्ध लड़ा, किन्तु चीनी सैनिकों की संख्या व उनके ऊंचाई पर होने के कारण भारतीय सैनकों को सीने पर गोलियां खानी पड़ी थीं।

चीन द्वारा किए गए आक्रमण का जवाब देने के लिए भारतीय सैनिकों के पास अदम्य साहस, वीरता, पराक्रम और युद्ध कौशल के अतिरिक्त कुछ भी नहीं था। मसलन, हिमालय की चोटी पर लड़े जा रहे इस युद्ध में भारत के जवान पतली ऊनी स्वेटर और सामान्य जूतों के साथ लड़ रहे थे। भोजन, पानी, तंबू, ईंधन, गर्म कपड़े हर चीज़ का अभाव था। पर्याप्त गोला बारूद नहीं था। हाथ में थीं पुराने जमाने की राइफलें, जबकि चीनी सैनिक ऑटोमेटिक राइफलों और भारी तोप के साथ हमले कर रहे थे।

सीमा पर भारतीय सेना को लेकर की गई तैयारियों का भी बुरा हाल था। 16000 फ़ीट की ऊंचाई तक जाने के लिए सड़कें नहीं थीं, और तो और संख्या बल में भी भारतीय सेना चीनियों की अपेक्षा कमज़ोर थी। जबकि चीनी सेना संख्या, साधन और हथियार सभी में अधिक थे।भारतीय सेना की इस साधनहीन स्थिति के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू व उनके प्रिय रक्षा मंत्री वीके कृष्ण मेनन ज़िम्मेदार थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री व रक्षामंत्री को ज़िम्मेदार इसलिए ठहरा जा रहा है क्योंकि नेहरू सेना की ज़रूरतों के प्रति इस कदर उपेक्षा का भाव रखते थे कि  वो कहते थे कि हम तो अहिंसावादी हैं, हमें किसी से युद्ध नहीं करना। हमारा काम तो पुलिस से ही चल जाएगा।

आज विश्वास करना मुश्किल है लेकिन नेहरू के प्रधानमंत्री काल में सीमा की सुरक्षा के लिए सेना या अर्धसैनिक बलों के स्थान पर पुलिस थाने स्थापित किए गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उस समय सेना के सुरक्षा उपकरणों के लिए बनवाए गए कारखानों में कप-प्लेट और सौन्दर्य प्रसाधन की वस्तुएं तैयार की जा रहीं थी। इसका कारण यह था कि हथियारों के उत्पादन के लिए न तो आदेश था और न ही आवंटित बजट। ऐसे में, कर्मचारियों से कोई न कोई काम तो करवाना ही था।

दरअसल, ऐसा कतई नहीं है कि चीन ने 20-21 अक्टूबर की दरमियानी रात को अचानक से हमला किया था, बल्कि तीन साल से चल रही छुटपुट वारदातें उस रात बड़ी हो गई थीं। यदि तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू में राजनीतिक सूझ-बुझ होती तो शायद इस युद्ध में भारतीय सेना को झुकना नहीं पड़ता। उस रात चीन ने पूर्वी और पश्चिमी सेक्टर पर हमला बोल दिया था, तब न तो प्रधानमंत्री नेहरू और न ही सेना किसी युद्ध के लिए तैयार थे। 20-21 अक्टूबर की रात को चीनी सेना द्वारा शुरू हुआ हमला 24 अक्टूबर को जाकर थमा था। चीनी नेता चाऊ-एन-लाई ने युद्ध विराम कर बातचीत के रास्ते खोले थे। दोनों देशों के बीच बातें हुईं, बैठकें हुईं लेकिन परिणाम नहीं निकला, चीन एक बार फिर भारतीय सेना पर हावी होने लगा।

युद्ध के बीच में ही आठ नवंबर को नेहरू ने संसद में प्रस्ताव रखा, इसमें उन्होंने चीन के धोखे की बात स्वीकार की। नेहरू को आखिरकार हज़ारों सैनिकों के शहीद होने के बाद दुनिया समझ में आ गयी थी। जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि वह आधुनिक दुनिया की सच्चाई से दूर हो गए थे और अपने लिए एक बनावटी माहौल तैयार कर लिया था। 28 अक्टूबर 1962 को जवाहर लाल नेहरू अमेरिकी राजदूत जॉन केनेथ गेलब्रेथ से मिले और सहायता करने के लिए कहा था। भारत की ‘दयनीय’ स्थिति को देखते हुए अमेरिका सहायता के लिए तैयार हो गया।

उधर, चीन ने 15 नवंबर को फिर हमला बोल दिया और नेफ़ा की सीमा पर जमकर बम-बारी की, 22 नवंबर को चीन ने रणनीतिक योजना के तहत एकतरफ़ा युद्धविराम की घोषणा भी कर दी थी, चीन ने युद्ध विराम क्यों किया, जबकि वह युद्ध मे ताक़तवर व आगे था। इस प्रश्न का उत्तर अब तक किसी के पास नहीं है। हालांकि रक्षा विश्लेषक कहते हैं कि चीन को यह अंदाजा हो गया था कि यदि अमेरिका भारत का साथ देगा तो उसे हार का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए उसने एकतरफा युद्ध विराम की घोषणा कर दी थी।

भारत ने इस युद्ध में अपने वीर सैनिकों के अतिरिक्त एक बड़ा इलाका अक्साई चिन भी खो दिया था। हिंदुस्तान की 43,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर चीनी सेना कब्जा कर चुकी थी। यही नहीं इस भीषण युद्ध में भारत के 3250 जवान भी वीरगति को प्राप्त हो चुके थे।

गौरतलब है कि तमाम रक्षा विश्लेषकों व तत्कालीन सेना अध्यक्षों के आग्रह के बाद भी जवाहरलाल नेहरू ‘हिंदी-चीनी भाई-भाई’ के नारे में खोए रहे और चीनी सत्ता की बातों पर आंख बंद करके भरोषा करते रहे। चीन पर सरदार पटेल द्वारा दी गई चेतावनी को भी नेहरू द्वारा अनदेखा किया गया। सरदार पटेल ने भारत-चीन युद्ध से 12 साल पहले साल 1950 में नेहरू को पत्र लिखकर कहा था, “चीन शत्रुता की भाषा बोल रहा है और तुम दोस्ती निभाए जा रहे हो।”
देश के पहले गृहमंत्री सरदार पटेल ने अनेकों बार तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू को चीन के विषय में चेताया था लेकिन नेहरू आत्ममुग्ध थे, उन्हें लगता था कि वो हमेशा सही होते हैं।

आज जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चीन समस्या के लिए जवाहर लाल नेहरू को ज़िम्मेदार ठहराया जाता है तो कांग्रेसी नेताओं द्वारा उनका बचाव किया जाता है, जबकि सच्चाई है कि चीन समस्या की प्रमुख जड़ जवाहर लाल नेहरू की रणनीतिक भूल है, चाहे वह संयुक्तराष्ट्र में स्थायी सदस्यता के लिए चीन का नाम आगे बढ़ाना हो या फिर तिब्बत जैसे बड़े हिस्से को चीन द्वारा कब्ज़ा कर लेना पर कोई भी प्रभावी प्रतिक्रिया न देना हो। यदि तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा कोई प्रतिक्रिया दी गई होती तो शायद आज चीन समस्या जितनी बड़ी प्रतीत होती है वह नहीं होती।

स्रोत: INDIA CHINA DISPUTE, CHINA, भारत चीन, भारत चीन युद्ध, चीन का भारत पर आक्रमण, india-china war
Tags: #भारतविरुद्धचीनChinainternationalJawahar lal Nehruअंतर्राष्ट्रीयचीनजवाहर लाल नेहरू
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

करवा चौथ की रात जिन आतंकियों ने 7 परिवारों को दिया घाव, उन्हें The Hindu ने बताया ‘लड़ाका’

अगली पोस्ट

मुझे महान देश भारत से प्यार, लेकिन बहुत चिंतित हूं… तसलीमा नसरीन ने अमित शाह से की क्या अपील?

संबंधित पोस्ट

तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है
चर्चित

डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

23 January 2026

किसी मनुष्य का आग में जल जाना ऐसा दृश्य है जिसकी आँच इतनी भयावह और तीव्र होती है कि वह सरकार की सबसे सख्त सेंसरशिप...

नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!
इतिहास

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

23 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में मृत्यु होने के दावे को लगभग खारिज किया जा चुका है, लेकिन इससे...

ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम: भारत में खेलो या वर्ल्ड कप से बाहर निकलो
क्रिकेट

ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम: भारत में खेलो या वर्ल्ड कप से बाहर निकलो

21 January 2026

तेवर दिखा रहे बांग्लादेश को एक बार फिर BCCI ने उसकी हैसियत दिखा दी है, लेकिन इस बार ICC के ज़रिए। दरअसल ICC ने बांग्लादेश...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited