हालाँकि रसखान के वृंदावन आने की ये कथाएं अत्यंत प्रचलित हैं किंतु स्वयं रसखान का भी एक दोहा "देखि ग़दर हित साहिबी दिल्ली नगर मसान। छिनहिं बादसा बंस की ठसक छाँड़ि रसखान।"
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड

    पीएम मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बने,नहरू का भी तोड़ा रिकॉर्ड

    पश्चिम बंगाल ने CBI को दी जांच की छूट

    पश्चिम बंगाल ने CBI को दी जांच की छूट, राज्य सरकार के फैसले से बदलेगी जांच एजेंसियों की भूमिका

    टीएमसी में बड़ी बगावत की चर्चा,

    टीएमसी में बड़ी बगावत की चर्चा, 25 सांसदों के अलग होने की अटकलों से बढ़ी सियासी हलचल

    डिया गठबंधन की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वार,

    इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वार, राहुल गांधी पर विपक्षी नेताओं के पुराने बयान चर्चा में

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड

    पीएम मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बने,नहरू का भी तोड़ा रिकॉर्ड

    पश्चिम बंगाल ने CBI को दी जांच की छूट

    पश्चिम बंगाल ने CBI को दी जांच की छूट, राज्य सरकार के फैसले से बदलेगी जांच एजेंसियों की भूमिका

    टीएमसी में बड़ी बगावत की चर्चा,

    टीएमसी में बड़ी बगावत की चर्चा, 25 सांसदों के अलग होने की अटकलों से बढ़ी सियासी हलचल

    डिया गठबंधन की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वार,

    इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वार, राहुल गांधी पर विपक्षी नेताओं के पुराने बयान चर्चा में

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मुगलकाल के ‘ग़दर’ से निकला महान कृष्णभक्त, कहानी अमीर पठान परिवार में जन्मे सैयद इब्राहिम खान की

श्रीमद्भागवत का फ़ारसी में किया था अनुवाद

architsingh द्वारा architsingh
10 October 2024
in इतिहास, ज्ञान, संस्कृति
रसखान, श्री कृष्ण

रसखान के दोहे देख कर कोई नहीं यह सकता कि ये किसी मुसलमान ने लिखे होंगे

Share on FacebookShare on X

‘मानुष हौं तो वही रसखान, बसौं मिलि गोकुल गाँव के ग्वारन‘

उपर्युक्त पंक्तियों में इस उत्कटता को देखा जा सकता है कि यदि अगले जन्म में मनुष्य की योनि प्राप्त हो तो मैं वही मनुष्य बनूँ जिसे ब्रज और गोकुल गाँव के ग्वालों के साथ रहने का अवसर मिले। यह अभिलाषा है कृष्ण भक्त कवि रसखान की।

संबंधितपोस्ट

‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

‘शिवायण’: भ्रांतियों से सत्य की ओर जाने का रास्ता बताती पुस्तक

और लोड करें

एक समृद्ध पठान परिवार में जन्मे रसखान का मूल नाम सैयद इब्राहिम था। विभिन्न उपलब्ध स्रोतों से यह जानकारी मिलती है कि ये अकबर के समकालीन थे। इनके जन्म समय को लेकर मतभेद हैं। हालाँकि, आम सहमति है कि इनका जन्म 1548 ई. में हुआ था। एक ऐतिहासिक तथ्य के अनुसार कन्नौज के एक काजी सैयद अब्दुल गफूर ने मुगल शासक हुमायूँ को आश्रय दिया था, जब वे शेरशाह सूरी का पीछा कर रहे थे। इससे प्रसन्न होकर अपनी कृतज्ञता का भाव व्यक्त करते हुए हुमायूं ने गफूर को ‘खान‘ की उपाधि दी। संभवत: सैयद इब्राहीम इनके ही वंश के थे। नाम के साथ जुड़ा खान शब्द भी इसी वंशानुक्रम को परिलक्षित करता है।

श्रीकृष्ण के प्रति ऐसे हुई आसक्ति

जन्मसमय की भाँति ही इनके जन्मस्थान को लेकर भी पर्याप्त मतभेद विद्वानों में हैं। कुछ साक्ष्यों के आधार पर इनका जन्म दिल्ली के समीप हुआ माना जाता है तो कहीं–कहीं इनका जन्म उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के पिहानी नामक स्थान को बताया जाता है। बाल्यकाल में अच्छी शिक्षा–दीक्षा एवं परवरिश के कारण इन्हें हिंदी, फ़ारसी, संस्कृत आदि भाषाओं का पर्याप्त ज्ञान था। ‘श्रीमद्भागवत‘ का अध्ययन करने के बाद इन्होंने उसका फ़ारसी में अनुवाद भी किया। 

सैयद इब्राहिम ‘रसखान‘ कैसे बने इस सम्बंध में अनेक कथाएं प्रचलित हैं। सैयद इब्राहिम एक लड़की से अत्यधिक प्रेम करते थे तथा उस पर पूर्णतः आसक्त थे। एक बार ये श्रीमद्भागवत पढ़ रहे थे। प्रसंग गोपियों और कृष्ण के प्रणय का था। वृंदावन में गोपियाँ प्रत्येक दिन कृष्ण को अपने बीच चलते–फिरते, हँसते–बोलते, बंसी बजाते और गाय चराते देख कान्हा से अनुरक्त होती हैं और कृष्ण की उनमें। इस प्रणय प्रसंग को पढ़कर इनका सहृदय मन भी अपनी रूपगर्विता प्रणयिनी को छोड़कर कृष्ण के प्रति आसक्त हुआ और इतना आसक्त हुआ कि इनके कृष्ण प्रेम के पदों को ‘रस की खान‘ कहा जाने लगा और इसी तरह ये रसखान कहे जाने लगे।

कृष्ण के प्रेम में डूबने के बाद रसखान वृंदावन चले गए तथा वहाँ गोस्वामी विट्ठलनाथ जी के शिष्य हो गए। रसखान के आराध्य कृष्ण स्वयं प्रेम के समक्ष नतमस्तक हो जाते हैं और उनका प्रेम जटिलता से दूर अत्यंत सहज है, सम्भवतः रसखान भी उसी सहज प्रेम को देख उनपर आसक्त हुए। इसलिए रसखान कहते भी हैं कि 

“सेस गनेस, महेस, दिनेस, सुरसहू जाहि निरन्तर गावै…,

ताहि अहीर की छोहरियाँ, छछिया भर छाछ पे नाच नाचावै।“

अर्थात, जिस कृष्ण का ध्यान शेषनाग, गणेश, महादेव, सूर्य एवं देवताओं के राज इंद्र करते हों वो कृष्ण छछिया भर छाछ के लिए गोपियों के इशारों पर नाचते हैं।

चूँकि ये पंक्तियां स्वयं रसखान ने लिखी हैं अतः स्पष्ट है कि रसखान जटिलताओं से मुक्त यही सहज प्रेम कृष्ण से करना चाहते थे। 

सुख-समृद्धि में जन्मे, सब छोड़ थाम लिया भक्ति का दामन

रसखान के जीवन की एक और घटना का जिक्र तत्कालीन साहित्य में मिलता है। चूँकि समृद्ध घर में जन्म होने के कारण इनका प्रारम्भिक जीवन भौतिक सुखों के साथ ही बीता। उस समय के एक ग्रन्थ ‘दो सौ बावन वैष्णवन की वार्ता‘ में इनके लौकिक प्रेम की एक घटना उल्लिखित है। इसके अनुसार, “दिल्ली में एक साहूकार का एक बहुत सुंदर बेटा था। उस छोरे से रसखान का मन ऐसा लगा कि वे सदैव उसी के पीछे फिरा करते थे और उसका जूठा खाने से लेकर प्रत्येक समय उसी की गुलामी करते थे। किसी लड़के के प्रति इतनी आसक्ति और उसकी गुलामी करते देखकर दूसरी बड़ी जात वाले मुस्लिम व्यक्ति एवं काजी आदि रसखान की काफी निन्दा करते थे।

किन्तु, रसखान किसी की परवाह किये बिना ही उस लड़के में आसक्त रहते थे। एक दिन चार वैष्णव मिलकर भगवद्वार्ता कर रहे थे। इस वार्ता के दौरान ऐसी बात निकली कि प्रभु में ऐसा चित्त लगाया जाए जैसा रसखान का चित्त साहूकार के बेटे में लगा है। इनकी ये बातें रसखान सुनीं और कुछ शर्मिंदा होते हुए रसखान ने पूछा– ये तुम लोग मेरी बात क्यों कर रहे हो, तब वैष्णवों ने कहा जो बात थी सो कही। तब रसखान बोले– प्रभु का स्वरूप जब दिखाई दे तब तो चित्त लगाया जाए। तब उस वैष्णव ने उन्हें श्रीनाथ जी का चित्र दिखाया। उसे देखते ही रसखान ने वह चित्र ले लिया और मन में ऐसा संकल्प किया कि जब ऐसा रूप देखूँगा तभी अन्न ग्रहण करूँगा।” इस तरह रसखान लौकिक प्रेम से वितृष्ण होते ही वृंदावन आ गए और कृष्ण के प्रेम में डूब गए। 

इसके अतिरिक्त रसखान के जीवन के बारे में अनेक किवदंतियां प्रचलित हैं किंतु उन सभी का सार यही है कि मध्यकाल के उत्तरार्द्ध में जन्मे रसखान के पास प्रारम्भ से ही सभी प्रकार के भौतिक एवं लौकिक सुख उपलब्ध थे किंतु भगवत प्रेम के आगे उन्होंने सभी सुख–सुविधाओं को त्याग कर वृंदावन में सन्यासी की भाँति कृष्ण के प्रेमी के रूप में अपना जीवन बिताया।

दिल्ली का एक ‘ग़दर’, तख्तोताज से हो गया रसखान का मोहभंग

हालाँकि रसखान के वृंदावन आने की ये कथाएं अत्यंत प्रचलित हैं किंतु स्वयं रसखान का भी एक दोहा “देखि ग़दर हित साहिबी दिल्ली नगर मसान। छिनहिं बादसा बंस की ठसक छाँड़ि रसखान।” से ऐसा परिलक्षित होता है कि सम्भवतः उस समय जरूर दिल्ली में कोई गदर हुआ होगा, जिससे अनेक शवों के कारण दिल्ली श्मशान की तरह बन गई। यही देखकर रसखान ने बादशाही ठसक छोड़कर वृंदावन आकर कृष्ण भक्ति करने का निश्चय किया। हालाँकि रसखान के समकालीन दिल्ली में किसी गदर की ऐतिहासिक पुष्टि नहीं मिलती किन्तु उस समय राजदरबारों में षड्यंत्र और कत्ल आदि हुआ ही करते थे सम्भवतः इसी प्रकार की किसी घटना को देखकर रसखान ने उसे गदर कह दिया होगा। 

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि सैयद इब्राहिम नामक एक समृद्ध परिवार से आने वाला पठान लौकिक सुखों को छोड़कर कृष्ण के प्रेम में ऐसा लीन हुआ कि आज भी कृष्ण भक्तों की चर्चा में मीरा और सूर के समतुल्य ही रसखान का नाम लिया जाता है।

कृष्ण प्रेम में लिखे रसखान के सभी पद उत्तम कोटि के हैं। ये पद इस प्रकार लिखे गए हैं कि यदि संकेत न किया जाए तो ऐसा नहीं लगेगा कि ये किसी मुस्लिम रचनाकार ने लिखे हैं। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने जिन मुस्लिम हरिभक्तों के लिये कहा था, “इन मुसलमान हरिजनन पर कोटिन हिन्दू वारिए” उनमें “रसखान” का नाम सर्वोपरि है।

लगभग पैंतालीस वर्ष कृष्ण की आराधना करते हुए 1628 ई. के आसपास रसखान का जीवनकाल समाप्त हो जाता है। मथुरा में आज भी उनकी समाधि है तथा अनेक शिलाखण्डों पर कृष्ण की रति में डूबे उनके दोहे अंकित हैं।

(इस लेख को अर्चित सिंह ने लिखा है, जो दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के शोधार्थी हैं)

स्रोत: Raskhan, रसखान, Syed Ibrahim Khan, सैयद इब्राहिम खान, Krishna Devotee, श्रीकृष्ण के भक्त, Mughal, मुग़ल
Tags: HistoryMughalRaskhanShri Krishnaइतिहासमुग़लरसखानश्रीकृष्ण
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

क्या जम्मू कश्मीर में फिर वापस आ जाएगा अनुच्छेद-370? समझिए नए समीकरण में क्या-क्या हो सकता है

अगली पोस्ट

जब रतन टाटा ने अमिताभ बच्चन के साथ बनाई फिल्म, निधन के बाद भावुक हुए Big B

संबंधित पोस्ट

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता
इतिहास

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

9 June 2026

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने...

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद
धर्म

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

8 June 2026

अयोध्या का राम मंदिर एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है...

गोवा राज्य स्थापना दिवस
इतिहास

गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

30 May 2026

गोवा क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा राज्य है। भारत के पश्चिमी तट पर स्थित गोवा करीब 450 वर्षों तक पुर्तगाल के शासन...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited