सीरिया के इस हिस्से लोग सिर्फ हसन नसरल्लाह की मौत का ही जश्न नहीं मना रहे, बल्कि ये भी कह रहे हैं कि बशर अल असद भी एक दिन इसी तरह मारे जाएँगे।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

हिज़्बुल्ला चीफ हसन नसरल्लाह की मौत पर क्यों मुस्लिम ही मना रहे जश्न, असद-ईरान कनेक्शन में छिपा है राज़

अरब जगत भी हुआ दो फाड़

TFI Desk द्वारा TFI Desk
1 October 2024
in भू-राजनीति, विश्व
सीरिया, जश्न, हसन नसरल्लाह की मौत

सीरिया के इदलिब में हसन नसरल्लाह की मौत का जश्न मनाते लोग

Share on FacebookShare on X

इजरायल ने लेबनान के आतंकी संगठन हिज़्बुल्ला के मुखिया हसन नसरुल्ला को मार गिराया। इसके बाद अरब जगत में भी दो फाड़ नज़र आ रहा है। जहाँ एक तरफ सऊदी अरब और UAE जैसे शक्तिशाली इस्लामी देश हैं जिन्होंने हिबजुल्ला चीफ की मौत पर चुप्पी साध रखी है, वहीं दूसरी तरफ सीरिया और ईरान जैसे देश हैं जो खुल कर इजरायल की निंदा कर रहे हैं। सुन्नी मुल्कों ने खासकर के इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। इससे पता चलता है कि मुस्लिम जगत में भी इस मुद्दे को लेकर एकता नहीं है। असल में इसका भी कारण है।

कारण ये है कि हिज़्बुल्ला को ईरान का खुला समर्थन प्राप्त था, ईरान एक शिया मुल्क है। इस घटना के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई भी अंडरग्राउंड हो गए हैं। ईरान के विरोध में जितने भी देश हैं उन सबने इस पर चुप रहना ही बेहतर समझा है। हाँ, सऊदी अरब ने ज़रूर इस पर बयान दिया लेकिन उसने सिर्फ कहा कि वो लेबनान में स्थितियों को लेकर चिंतित है और मुल्क की संप्रभुता को बनाए रखना होगा। इस बयान न तो कहीं हिज़्बुल्ला का जिक्र था और न ही कहीं इसका मुखिया रहा हसन नसरल्लाह का।

संबंधितपोस्ट

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में बड़ा हादसा: धमाके में 8 मजदूरों की मौत, 6 घायल

उस्मानपुर में 17 वर्षीय अभिषेक की चाकू से गोदकर हत्या, सूर्या हत्याकांड के बाद फिर दहली दिल्ली

“सॉरी, पापा…”: गाज़ियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की मौत; ‘कोरियन लव गेम’ से जुड़ा मामला

और लोड करें

असल में 2016 में खाली देशों और अरब लीग ने हिज़्बुल्ला को आतंकी संगठन घोषित कर रखा था, लेकिन पिछले वर्ष दबाव के कारण उन्होंने ये फैसला हटा दिया। क़तर, UAE और बहरीन ने भी अब तक इस पर कुछ नहीं कहा है। बहरीन में तो एक शिया मौलवी को सिर्फ इसीलिए गिरफ्तार कर लिया गया क्योंकि उसने हसन नसरल्लाह की मौत पर शोक जता दिया था। इजिप्ट के पीएम ने ज़रूर लेबनान के अपने समकक्ष से बातचीत की, लेकिन उन्होंने भी न तो हिज़्बुल्ला का नाम लिया और न ही हसन नसरल्लाह का। यानी, इस्लामी मुल्कों में विभाजन साफ़ दिख रहा है।

हसन नसरल्लाह की मौत का सबसे अधिक जश्न मनाया गया सीरिया के उत्तर-पश्चिम में स्थित इदलिब शहर में। ये शहर फ़िलहाल बागियों के नियंत्रण में है। इस जश्न के पीछे का परिदृश्य समझने के लिए हमें सीरिया की राजनीति को समझना पड़ेगा। बशर अल असद सीरिया के राष्ट्रपति हैं। वो जुलाई 2000 से ही इस पद पर हैं। उससे पहले 29 वर्षों तक उनके अब्बा जनरल हाफ़िज़ अल असद इस पद पर थे। इस तरह से सीरिया में पिछले 52 वर्षों से बाप-बेटे की ही सत्ता रही है। अरब स्प्रिंग में लीबिया सहित कई मुल्कों में तख्तापलट हुआ लेकिन सीरिया बचा रहा।

इसका कारण है – सीरिया को ईरान और रूस का समर्थन। ऐसा नहीं है कि बशर अल असद के खिलाफ बगावत नहीं हुई, बल्कि अरब स्प्रिंग के दौरान वहाँ भी गृह युद्ध हुआ। 2011 में शुरू हुए इस गृह युद्ध में रूस और ईरान ने बशर अल असद को सैन्य समर्थन भी मुहैया कराया। इसके बाद सीरिया के बागी और आम लोग ईरान को अपना दुश्मन मानने लगे। ईरान से ही हिज़्बुल्ला को ही हथियारों की सप्लाई होती थी। ईरान का सहयोगी हिज़्बुल्ला भी सीरिया के युद्ध में कूद गया और ईरान की सेना के साथ मिल कर बागियों से लड़ने लगा।

बशर अल असद ने सीरिया के आम लोगों का कत्लेआम कराया। उन्हें उठा लिया जाता है, प्रताड़ित किया जाता है और मार डाला जाता है। यही कारण है कि सीरिया के इस हिस्से लोग सिर्फ हसन नसरल्लाह की मौत का ही जश्न नहीं मना रहे, बल्कि ये भी कह रहे हैं कि बशर अल असद भी एक दिन इसी तरह मारे जाएँगे। सीरिया के लोगों को इस बात का अफ़सोस है कि हिज़्बुल्ला के मुखिया को इजरायल ने मारा, उन्होंने नहीं। इदलिब में लोग हॉर्न बजा रहे हैं, चॉकलेट बाँट रहे हैं, पटाखे फोड़ रहे हैं और फायरिंग कर रहे हैं।

एक शख्स ने तो बताया कि वो इस घटना के बाद ख़ुशी के मारे रोने लगा। ऊपर से इदलिब जैसे शहरों की स्थिति भी तो देखिए। वहाँ न इंफ़्रास्ट्रक्चर है और न ही किसी योजना का लाभ वहाँ तक पहुँचता है। इसके लिए लोग सत्ताधीश को ही दोषी मानते हैं। अलेप्पो समेत कई शहरों का नियंत्रण बशर अल असद को वापस दिलाने में हिज़्बुल्ला का भी हाथ था। पहले हिज़्बुल्ला ने शिया मजहबी स्थलों की सुरक्षा के लिए अपनी उपस्थिति का दावा किया, लेकिन फिर सुन्नी लोगों का अत्याचार शुरू हो गया। इसीलिए, आज झंडा लिए सीरिया के लोग खुश होकर सड़कों पर हैं।

इदलिब में अधिकतर ऐसे लोग हैं जो पलायन कर के आए हैं। ये लोग केवल आज ही जश्न नहीं मना रहे, बल्कि कुछ दिनों पहले जब हजारों पेजरों में एक साथ इजरायल ने ब्लास्ट कराया था और हिज़्बुल्ला के कई सदस्य घायल हुए थे और कई मारे गए थे – तब भी सीरिया के इस हिस्से में लोग जश्न मनाने के लिए उतरे थे। सीरिया में कई ऐसे लोग हैं जो बशर अल असद के नियंत्रण वाले इलाक़ों में होने के कारण खुल कर ख़ुशी नहीं मना सकते, लेकिन वो इस घटना से खुश हैं।

भारत, जिसका इस घटना से कुछ लेना-देना नहीं है – वहाँ जम्मू कश्मीर से लेकर लखनऊ तक मुस्लिम भीड़ सड़कों पर हसन नसरल्लाह की तस्वीरों के साथ उतर कर शोक मना रही है और नारे लगा रही है। जबकि सीरिया जैसे इस्लामी मुल्कों में अलग नज़ारा है। अगर लेबनान की ही बात करें तो वहाँ शिया और सुन्नी समुदाय की जनसंख्या 30-30 प्रतिशत है, वहाँ के सुन्नी भी इस घटना पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं, शांत हैं। दुनिया भर के मुस्लिम समाज की बात करें तो अनुमानों के हिसाब से सुन्नी जहाँ 87% हैं वहीं शिया 13% – शिया बहुल कुछ ही मुल्क हैं।

Festive holiday atmosphere in Idlib: people hit the streets celebrating the killing of mass murder Hassan Nasrallah. pic.twitter.com/27TdebPuQR

— Cc00l Memukad 🌹 الاغتيال المستهدف (@Cc00lM) September 28, 2024

ये चीजें बताती हैं कि ये मामला सिर्फ इस्लाम का नहीं बल्कि पॉलिटिकल इस्लाम का है, जहाँ स्वार्थ पहले है। बशर अल असद भी शिया समुदाय से हैं, और उनके समाज की जनसंख्या सीरिया में काफी कम है। जहाँ सुन्नी 75% से भी अधिक हैं, शिया 15% से भी कम। हालाँकि, फिर भी ये मुस्लिम इजरायल की निंदा करने के लिए समय-समय पर एक हो जाते हैं। लेकिन, इस बार जो विभाजन इनमें दिख रहा है आगे इसमें अभी बहुत कुछ घटनाक्रम बाकी है। सऊदी अरब और UAE जैसे अमीर मुल्कों के रुख पर नज़र है।

स्रोत: Syria, Celebrate, Hasan Nasrallah, Death, Israel, सीरिया, जश्न, हसन नसरल्लाह, इजरायल, Bashar Al Asad, बशर अल असद
Tags: CelebrationdeathHassan NasrallahHezbollahSyriaजश्नमौतहसन नसरल्लाहहिज्बुल्ला
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

J&K चुनाव: कश्मीर घाटी नहीं, जम्मू की मैदानी सीटें तय करेंगी सरकार!

अगली पोस्ट

‘वेट्टैयन’ की रिलीज से पहले अस्पताल में भर्ती हुए रजनीकांत, जानिए क्या होता है इलेक्टिव प्रोसीजर

संबंधित पोस्ट

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग
AMERIKA

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

6 August 2026

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना राज्य के कैसवेल काउंटी में बुधवार सुबह एक घर में हुई गोलीबारी से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना में कई...

म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे
भू-राजनीति

म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

3 August 2026

हाल ही हुई म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की भारत यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा और गति देने की...

क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है
चर्चित

क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

31 July 2026

ज़रा कल्पना कीजिए...आप एक सुबह उठते हैं और देखते हैं कि हजारों लोग आपके शहर में प्रवेश कर चुके हैं। सड़कों पर भारी भीड़ है,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited