अपने बारह बच्चों की मौत के बाद पिता अपनी इस औलाद को नहीं खोना चाहते थे, इसलिए जन्म के समय ही अनेक पीर बाबाओं और फकीरों से इसकी हिफाजत के लिए दुआ पढ़वाई।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जय बोलो किशन कन्हैया की… 12 बच्चों की मौत के बाद जन्मे ‘वली मुहम्मद’, हिन्दू त्योहारों के मुरीद थे ‘नज़्म के जनक’

आगरा से नजीर को इस हद तक लगाव हो गया था कि वे आगरा से दूर जाने की बात सोचने भर से विचलित हो जाते थे

architsingh द्वारा architsingh
25 October 2024
in इतिहास, ज्ञान, संस्कृति
नज़ीर अकबराबादी, श्रीकृष्ण

देख बहारें होली की... नज़ीर अकबराबादी ने लिखे एक से बढ़ कर एक नज़्म

Share on FacebookShare on X

1739 ई. में जब दिल्ली पर नादिरशाह का हमला हुआ, उसी के आस-पास दिल्ली में एक ऐसे शख्स का जन्म हुआ, जो आगे चलकर एक बेहद शानदार शायर के रूप में उभरा। आज भी तीज-त्योहारों पर उस शायर की नज्में पूरे भारत के दिल पर राज करती हैं। ये कोई और नहीं बल्कि प्रसिद्ध शायर नजीर ‘अकबराबादी’ थे।

दिल्ली में रहने वाले मुहम्मद फारूक के घर एक-एक करके बारह बच्चों ने जन्म लिया, किन्तु कोई भी बालक जीवित न रह सका। फिर सन् 1735 ई. में उनके घर में 13वें बालक ने जन्म लिया। अपने बारह बच्चों की मौत के बाद पिता अपनी इस औलाद को नहीं खोना चाहते थे, इसलिए जन्म के समय ही अनेक पीर बाबाओं और फकीरों से इसकी हिफाजत के लिए दुआ पढ़वाई। किसी भी खतरे से इसको बचाने के लिए नाक व कान छिदवाए। पिता ने इसको वली मुहम्मद नाम दिया। आगे चलकर यही वली मुहम्मद नजीर अकबराबादी बना।

संबंधितपोस्ट

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की रचनाओं का संकलन ‘रोचक बाल कहानियाँ’ बच्चों के लिए है उत्कृष्ट रचना

सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन: देश की स्वतंत्रता के लिए बम बनाने वाले शब्दों के संत ‘अज्ञेय’ की क्रांतिकारी कहानी

श्री औरोबिन्दो: निस्संदेह एक उत्तम भारतीय बुद्धिजीवी जिन्हे कभी उनका उचित सम्मान नहीं मिला

और लोड करें

वली मुहम्मद कैसे बने नजीर अकबराबादी

वली मुहम्मद के नजीर अकबराबादी बनने के पीछे की कहानी है इनका अकबराबाद (आगरा) में रहना और नजीर तखल्लुस के साथ शायरी लिखना। हालाँकि इनका जन्म दिल्ली में ही हुआ था किंतु इनके जन्म के समय दिल्ली पर एक के बाद एक मुसीबतों के पहाड़ टूट रहे थे। 1739 ई. में नादिरशाह का आक्रमण फिर 1748, 1751 और 1756 में अहमद शाह अब्दाली द्वारा लगातार किए जा रहे आक्रमणों के कारण दिल्ली पर संकट के बादल घिरे हुए थे। हर तरफ भय का माहौल था। यह सब देखकर अपने ननिहाल आ गए। नजीर का ननिहाल अकबराबाद (आगरा) में था और उनके नाना नवाब सुल्तान ख़ाँ आगरा के किलेदार थे। इस समय इनकी आयु करीब 22 से 23 वर्ष की रही होगी। वहाँ जाकर नजीर को आगरा से इस तरह प्रेम हुआ कि वहीं के होकर रह गए।

आगरा से नजीर को इस हद तक लगाव हो गया था कि वे आगरा से दूर जाने की बात सोचने भर से विचलित हो जाते थे। कहा जाता है कि एक बार वाजिद अली शाह ने नजीर को लखनऊ आने का निमंत्रण दिया। नजीर ने निमंत्रण स्वीकार करके लखनऊ की यात्रा प्रारम्भ तो की, किन्तु जैसे-जैसे आगरा की सीमा समाप्त होने लगी और ताजमहल आँखों से ओझल होना शुरू हुआ, उनका दिल घबराने लगा। अंततः उन्होंने अपने घोड़े को वापस लौटाया और आगरा छोड़कर कहीं भी न जाने का निश्चय किया। आगरा से इस तरह की आसक्ति थी कि वहीं आगरा में ही तहवरुन्निसा बेगम से निकाह कर लिया।

हालाँकि पूरा मध्यकाल ही मुगल आक्रमणों, धार्मिक उन्माद, हिंसा आदि के बीच ही गुजरा। ऐसी भयावह परिस्थितियों के बीच रहकर नजीर ने जो काव्य रचना की, वह बेहद अद्भुत है। इनकी कविताओं को पढ़कर यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि ये कविताएँ किसी कठिनतम दौर में लिखी गई होंगी। सर्वाधिक महत्वपूर्ण बात इनकी रचनाओं के बारे में यह है कि इनमें धार्मिक कट्टरता का कोई तत्व दिखाई नहीं देता। जहाँ एक ओर मुस्लिम समुदाय के लोग हिंदुओं, उनके पर्वों और उनकी मान्यताओं आदि को हीनता के भाव से देखते थे, तो वहीं नजीर की कलम हिन्दू तीज-त्योहारों, परंपराओं आदि की खूबसूरती को दिखाने के लिए चलती थी।

जिस समय नजीर लिख रहे थे उस समय उर्दू साहित्य भी अच्छा-खासा लिखा जा रहा था, चूँकि नजीर स्वयं मुख्य रूप से एक उर्दू शायर थे, अतः स्वाभाविक है कि उन्होंने उर्दू में भी रचनाएँ कीं और उर्दू में नज़्म लिखने वाले तो ये पहले कवि माने जाते हैं। हालाँकि भाषा के क्षेत्र में वे उदारमना थे, इसीलिए उन्होंने अपनी रचनाओं में जन संस्कृति तथा विशेषकर हिन्दू संस्कृति के शब्दों का खूब प्रयोग किया। उस समय के तथाकथित साहित्यालोचकों ने नजीर को उपेक्षित भी किया, किन्तु आज नजीर का नाम बड़े शायरों में लिया जाता है।

हिन्दू तीज-त्योहारों पर नजीर की लेखनी

हिंदुओं के प्रमुख त्योहार दीपावली आने पर जिस तरह आज कुछ विशेष वर्ग के लोगों को वायु प्रदूषण की याद आती है, उस समय भी कट्टरता के चलते प्रकाश के इस पर्व को एक खास समुदाय हीनता की दृष्टि से देखता था। किंतु नजीर जन-सामान्य के कवि थे, तीज-त्योहारों की खूबसूरती को नकारना उन्हें नहीं आता था, अपितु वे तो स्वयं इन पर्वों में शामिल हो जाते थे और जिस तरह दीपावली पर लगने वाले बाजार का वर्णन वे करते हैं, उससे उनके उत्साह का अंदाजा लगाना कदापि मुश्किल नहीं है-

“मिठाईयों की दुकानें लगा के हलवाई।
पुकारते हैं कह–लाला दीवाली है आई।।
बतासे ले कोई, बरफी किसी ने तुलवाई।
खिलौने वालों की उन से ज्यादा है बन आई।।”

दीवाली ही नहीं, रंगों के पर्व होली पर भी उनका उत्साह ‘जब फागुन रंग झमकते हों, तब देख बहारें होली की’ जैसी पंक्तियों में देखा जा सकता है। जिस तरह होली के पर्व पर लोग ठंडाई और भांग पीकर प्रेम के नशे में डूबते हैं, उसका कितना सुंदर वर्णन नजीर की इस एक ही पंक्ति में मिलता है-

जब फागुन रंग झमकते हों तब देख बहारें होली की
और दफ़ के शोर खड़कते हों तब देख बहारें होली की
“महबूब नशे में छकते हों तब देख बहारें होली की।”

वास्तव में होली, दीपावली या अन्य किसी भी पर्व पर नजीर के गीत आज भी बजते हुए सुनाई देते हैं। नजीर भले ही मुस्लिम थे, किंतु उनमें यह कट्टरता बिल्कुल नहीं थी कि वे किसी और धर्म के देवी-देवताओं के सामने सर झुकाने वाले को काफ़िर समझें। वे स्वयं भगवान श्रीकृष्ण की जय करते हैं और उनको प्रणाम करते हैं-

“यह लीला है उस नंद-ललन, मनमोहन, जसुमति-छैया की
रख ध्यान सुनो दंडौत करो, जय बोलो किशन कन्हैया की॥”

नजीर ने सिख धर्म के प्रति भी अपनी आस्था प्रकट की है। उनकी पंक्तियाँ “इस बख्शिस के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरु, सब सीस झुका अरदास करो और हरदम बोलो वाह गुरु।” यह बात प्रमाणित करती हैं कि कट्टरता उनके भीतर लेश मात्र भी नहीं थी। यही कारण है कि वे अन्य धर्मों के प्रति भी सम्मान का वही भाव रखते थे, जो सम्भवतः कोई अपने धर्म के प्रति रखता है।

इस तरह भक्ति, प्रेम, लोकसंस्कृति की छटा अपनी रचनाओं में बिखेरते हुए नजीर लगभग सौ वर्ष की आयु में परलोक सिधार गए। उनकी मृत्यु की तिथि क्या है, यह तो निश्चित नहीं है, किन्तु उनकी इन पंक्तियों को पढ़कर यह अनुमान लग जाता है कि वे सम्भवतः सौ वर्ष की आयु पार कर चुके थे-

“ऐ यार सौ बरस की हुई अपनी उम्र आकर।
और झुर्रियां पड़ीं हैं सारे बदन के ऊपर।”

स्रोत: Nazeer Akbarabadi, नज़ीर अकबराबादी, Father Of Nazm, नज़्म के जनक, History, इतिहास
Tags: literatureNazeer AkbarabadiNazmनज़ीर अकबराबादीनज़्मसाहित्य
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जो जीता कोल्हान, वो झारखंड की सत्ता में पहुँचा… समीकरण उस क्षेत्र का जहाँ BJP ने झोंकी पूरी ताक़त

अगली पोस्ट

अरबों के घोटाले में दोषी पाया गया कांग्रेस विधायक: MUDA और वाल्मीकि ट्रस्ट स्कैम से जूझती कर्नाटक सरकार को एक और झटका

संबंधित पोस्ट

Shahidi Diwas
इतिहास

भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

23 March 2026

लाहौर सेंट्रल जेल में दिनांक 23 मार्च 1931 के दिन का आरम्भ बड़ा ही सामान्य था लेकिन यह दिन तब तक ही सामान्य रहा जब...

22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था
इतिहास

‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

23 March 2026

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की चर्चा भगत सिंह का नाम लिए बगैर हमेशा अधूरी ही मानी जाएगी। भगत सिंह का योगदान इतिहास के...

21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा
इतिहास

21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

21 March 2026

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान Adolf Hitler के खिलाफ कई साजिशें रची गईं, लेकिन 21 मार्च 1943 की साजिश खास इसलिए थी क्योंकि यह एक...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited