TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पश्चिम बंगाल ने CBI को दी जांच की छूट

    पश्चिम बंगाल ने CBI को दी जांच की छूट, राज्य सरकार के फैसले से बदलेगी जांच एजेंसियों की भूमिका

    टीएमसी में बड़ी बगावत की चर्चा,

    टीएमसी में बड़ी बगावत की चर्चा, 25 सांसदों के अलग होने की अटकलों से बढ़ी सियासी हलचल

    डिया गठबंधन की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वार,

    इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वार, राहुल गांधी पर विपक्षी नेताओं के पुराने बयान चर्चा में

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पश्चिम बंगाल ने CBI को दी जांच की छूट

    पश्चिम बंगाल ने CBI को दी जांच की छूट, राज्य सरकार के फैसले से बदलेगी जांच एजेंसियों की भूमिका

    टीएमसी में बड़ी बगावत की चर्चा,

    टीएमसी में बड़ी बगावत की चर्चा, 25 सांसदों के अलग होने की अटकलों से बढ़ी सियासी हलचल

    डिया गठबंधन की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वार,

    इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वार, राहुल गांधी पर विपक्षी नेताओं के पुराने बयान चर्चा में

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मदन मोहन मालवीय: BHU की नींव रखने वाले ‘महामना’, जिन्होंने निजाम की जूती को कर दिया था नीलाम

वे चार बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
12 November 2024
in इतिहास, चर्चित
महात्मा गांधी उन्हें बड़ा भाई मानते थे

महात्मा गांधी उन्हें बड़ा भाई मानते थे

Share on FacebookShare on X

महान देशभक्त, स्वतंत्रता सेनानी, दूरदर्शी शिक्षाविद, समाज सुधारक, पत्रकार, वकील और राजनेता मदन मोहन मालवीय को भारत माता के सच्चे सेवक के तौर पर याद किया जाता है। आज (12 नवंबर) को उनकी पुण्यतिथि के मौके पर कई केंद्रीय मंत्रियों ने उन्हें याद किया है।

25 दिसम्बर 1861 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (तब इलाहाबाद) में इनका जन्म हुआ था। उनके पिता पंडित ब्रजनाथ कथा, प्रवचन और पूजा कर्म से परिवार का पालन करते थे। इन पूर्वज मध्यप्रदेश के मालवा से थे, इसलिए उन्हें ‘मालवीय’ कहा जाता है। उन्होंने 5 वर्ष से ही संस्कृत की पढ़ाई शुरू कर दी थी और अंग्रेजी पर भी इनका अच्छी पकड़ थी। इनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी ना होने के कारण उनकी मां ने मालवीय की पढ़ाई के लिए कंगन गिरवी रख दिए थे। 1884 में उन्होंने कलकत्ता यूनिवर्सिटी से बीए की और इलाहाबाद के एक स्कूल में पढ़ाना शुरू कर दिया थे। 1885 में कांग्रेस की स्थापना के बाद वे उससे जुड़ गए और दिसंबर 1886 में दादा भाई नैरोजी की अध्यक्षता में हुए कांग्रेस के दूसरे अधिवेशन में उन्होंने परिषदों में प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर भाषण दिया था।

संबंधितपोस्ट

दांडी मार्च और वायसराय लॉर्ड इरविन को लिखा गया गांधी का वो ऐतिहासिक पत्र

मदन मोहन मालवीय: BHU की नींव रखने वाले ‘महामना’, जिन्होंने निजाम की जूती को कर दिया था नीलाम

राजा महेंद्र प्रताप सिंह: आजादी की लड़ाई का योद्धा, जिसने काबुल में बनाई थी स्वतंत्र भारत की पहली निर्वासित सरकार

और लोड करें

फ्री में लड़ते थे गरीबों के मुकदमे

उत्तर प्रदेश की कालाकांकर रियासत के नरेश इनसे बहुत प्रभावित थे और वे ‘हिंदुस्थान’ नामक समाचार पत्र निकालते थे। नरेश ने मालवीय को बुलाकर इसका संपादक बनाना चाहा तो मालवीय ने शर्त रखी की राजा कभी उनसे शराब पीकर बात नहीं करेंगे और वे ‘हिंदुस्थान’ के संपादक बन गए। एक दिन राजा ने अपनी शर्त तोड़ दी तो मालवीय ने इस्तीफा दे दिया और राजा के माफी मांगने के बाद भी वे अपने फैसले पर डटे रहे। राजा ने उनसे अनुरोध किया वे वकालत पढ़ें और इसका खर्च वे खुद देंगे तो मालवीय इसके लिए तैयार हो गए। 1891 में उन्होंने इलाहाबाद से एलएल.बी. करने के बाद जिला अदालत में वकालत शुरू कर दी और दिसंबर 1893 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने लगे। वे झूठे मुकदमे नहीं लेते थे और गरीब लोगों के लिए फ्री में अदालत में केस लड़ा करते थे।

पत्रकार मदन मोहन मालवीय

मालवीय राजनीति और स्वतंत्रता के आंदोलन में लगे थे लेकिन पत्रकारिता को लेकर उनके मन में एक अलग तरह का उत्साह रहता था। मालवीय ने 1907 में एक हिंदी साप्ताहिक के रूप में ‘अभ्युदय’ शुरू किया और 1915 में इसे दैनिक बना दिया। उन्होंने 1910 में एक हिंदी मासिक ‘मर्यादा’ और 1921 में एक और हिंदी मासिक भी शुरू किया। मालवीय ने अक्टूबर 1909 में एक अंग्रेजी दैनिक ‘लीडर’ शुरू किया। वह 1924 से 1946 तक ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के निदेशक मंडल के अध्यक्ष रहे।

गांधी ने उन्होंने बताया था ‘साफ धारा’

पंडित मदन मोहन मालवीय का राजनीतिक करियर कलकत्ता के 1886 के कांग्रेस अधिवेशन से शुरू हो गया था। इसके बाद वे चार बार (1909, 1918, 1930 और 1932) कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। महात्मा गांधी उनका बहुत सम्मान करते थे उन्होंने यंग इंडिया के एक अंक में मालवीय के बारे में लिखा था, “तिलक मुझे हिमालय की तरह लगते थे. जब मुझे लगा कि मेरे लिए इतना ऊंचा चढ़ पाना संभव नहीं होगा तो मैं गोखले के पास गया. वो मुझे एक गहरे समुद्र की तरह लगे।मुझे लगा कि मेरे लिए इतना गहरे उतर पाना संभव नहीं है।” गांधी ने लिखा, “अंत में मैं मालवीय जी के पास गया। वो मुझे एक साफ धारा की तरह लगे और मैंने तय किया कि मैं उस पवित्र धारा में डुबकी लगा लूं।”

महात्मा गांधी ने उन्हें ‘महामना’ की उपाधि दी थी और भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने उन्हें ‘कर्मयोगी’ का दर्जा दिया था। गोपाल कृष्ण गोखले और बाल गंगाधर तिलक दोनों का ही अनुयायी होने के कारण उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में क्रमशः नरमपंथी और गरमपंथी दोनों के बीच की विचारधारा का नेता माना जाता था। वर्ष 1930 में जब महात्मा गांधी ने नमक सत्याग्रह और सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू किया, तो उन्होंने इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और गिरफ्तार भी हुए। 1934 में सांप्रदायिक आधार पर चुनाव कराने के फैसले पर वे कांग्रेस के रवैये से नाराज हो गए और पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने एमएस अणे के साथ मिलकर कांग्रेस राष्ट्रीय दल की स्थापना की थी। हालांकि, उन्होंने कई विषयों पर महात्मा गांधी से मतभेद हुए लेकिन उनके प्रति गांधी के मदद में सम्मान कभी कम नहीं हुआ।

BHU की स्थापना

मालवीय तक्षशिला और नालंदा जैसे भारत के प्राचीन शिक्षा केंद्रों और पश्चिम के आधुनिक विश्वविद्यालयों की परंपराओं के साथ मिलकर एक विश्वविद्यालय बनाना चाहते थे। उन्होंने ज्ञान और आध्यात्मिकता की सदियों पुरानी भारतीय परंपरा के केंद्र के रूप में माने जाने वाले बनारस को इस विश्वविद्यालय के लिए चुना। उन्होंने नवंबर 1911 में हिंदू यूनिवर्सिटी सोसायटी की स्थापना की और दिसंबर 1911 में वकालत छोड़कर विश्वविद्यालय के निर्माण के काम में जुट गए। 1915 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय बिल पास हुआ और डॉ. एनी बेसेंट जैसी हस्तियों के सहयोग से फरवरी 1916 में इस विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी गई।

उन्होंने 1912 से ही विश्वविद्यालय के लिए धन संग्रह का व्यापक अभियान चला रखा था और बहुत से राजाओं, नेताओं और विद्वानों ने उन्हें दान दिया था। 1915 के शुरुआती दौर तक चंदे के तौर पर 50 लाख रुपए जमा हो गए थे जिसमें महाराजा बीकानेर, महाराजा जोधपुर और महाराजा कश्मीर ने दान दिया था। बताया जाता है कि मालवीय ने विश्वविद्यालय निर्माण हेतु चंदे के लिए पेशावर से लेकर कन्याकुमारी तक की यात्रा की थी और इस दौरान उन्होंने कुल 1 करोड़ 64 लाख रुपए जमा किए थे।

हैदराबाद के निजाम को मालवीय ने पढ़ाया पाठ

बीएचयू के निर्माण के दौरान देशभर में चंदा इकट्ठा कर रहे मदन मोहन मालवीय का हैदराबाद के निजाम को सबक सिखाने का किस्सा बहुत मशहूर है। मालवीय चंदा लने के लिए निजाम के पास पहुंचे और उनसे आर्थिक सहयोग देने को कहा जिसके लिए निजाम ने इनकार कर दिया। निजाम ने कहा कि दान में देने के लिए उनके पास सिर्फ जूती है। मालवीय इससे नाराज हो गए और निजाम की जूती उठाकर ले आए और चारमीनार के पास उसकी नीलामी शुरू कर दी। इसकी जानकारी जब निजाम को हुई तो उसे अपमान महसूस हुआ और उसने फिर मालवीय को बुलाया और चंदे के तौर पर भारी राशि देकर उन्हें विदा किया।

चौरी-चौरा और काकोरी के आरोपियों के वकील

मालवीय ने राजनीति में आने के बाद वकालत करना लगभग छोड़ दिया था लेकिन 1922 में उन्होंने चौरी-चौरा में शामिल लोगों को बचाने के लिए फिर वकील का कोट पहना और 172 लोगों में से 153 लोगों को बरी करवाया था। साथ ही, काकोरी ट्रेन एक्शन के दौरान जब मशहूर वकील जगतनारायण मुल्ला ने क्रांतिकारियों की पैरवी करने से मना कर दिया तो पंडित राम प्रसाद बिस्मिल ने सितंबर 1927 में मालवीय को एक पत्र लिखा था। इसके बाद मालवीय ने इस एक्शन में शामिल लोगों की रिहाई के लिए वायसराय को प्रतिवेदन भिजवाया जिस पर 78 लोगों ने हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, वायसराय ने इस प्रतिवेदन को अस्वीकार कर दिया था।

मालवीय जीवन भर अपनी हिंदू पहचान से जुड़े रहे और उन्हें धर्म बदलने वाले हिंदुओं को पुन: हिंदू धर्म में वापसी की संकल्पना को शरू किया। 1932 में उन्होंने स्वदेशी विचार के प्रचार के लिए वाराणसी में अखिल भारतीय स्वदेशी संघ बनाया था। वे हमेशा इस बात को लेकर चिंतिंत रहते थे कि हिंदुओं को अपने धर्म की जानकारी कम है और वे इलाहाबाद के माघ मेले में लोगों को धर्म के उपदेश देने जाया करते थे।

आजीवन देश की आजादी का सपना देखने वाले भारत माता के इस लाल का 12 नवंबर 1946 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने मालवीय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा था, “वह उन महान लोगों में से एक थे जिन्होंने आधुनिक भारतीय राष्ट्रवाद की नींव रखी और इस पर एक-एक ईंट तथा एक-एक पत्थर रखकर भारतीय स्वतंत्रता का शानदार भवन खड़ा किया।” मालवीय को 2014 में मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था।

स्रोत: महामना मदन मोहन मालवीय, महात्मा गांधी, बीएचयू, स्वतंत्रता संग्राम, हैदराबाद निजाम, Mahamana Madan Mohan Malviya, Mahatma Gandhi, BHU, Freedom Fighters, Hyderabad Nizam,
Tags: BHUFreedom FightersHyderabad NizamMahamana Madan Mohan MalviyaMahatma Gandhiबीएचयूमहात्मा गाँधीमहामना मदन मोहन मालवीयस्वतंत्रता संग्रामहैदराबाद निजाम
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बटेंगे तो कटेंगे: ‘आतंकियों की भाषा, गेरुआ कपड़े बाल नहीं’… योगी का मजाक उड़ाना कांग्रेस को महंगा न पड़ जाए?

अगली पोस्ट

‘भगवान राम भरोसे श्रीलंका’: पर्यटकों को लुभाने एयरलाइंस ने लिया ‘रामायण’ का सहारा, दिल छू लेगा विज्ञापन

संबंधित पोस्ट

चारधाम यात्रा के पीक सीजन से पहले उत्तराखंड अलर्ट
चर्चित

चारधाम यात्रा के पीक सीजन से पहले उत्तराखंड अलर्ट, आतंकवाद-रोधी प्रतिक्रिया क्षमता का किया गया परीक्षण

8 June 2026

चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा एजेंसियां सतर्क यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा में इस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे...

प्रज्ञानानंदा ने ऐतिहासिक नॉर्वे चेस
चर्चित

प्रज्ञानानंदा ने ऐतिहासिक नॉर्वे चेस खिताब जीतकर ओस्लो में रचा इतिहास

6 June 2026

भारतीय शतरंज के लिए एक ऐतिहासिक पल में आर. प्रज्ञानानंदा ने ओस्लो में आयोजित नॉर्वे चेस 2026 का खिताब जीत लिया। इसके साथ ही वह...

वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि
अर्थव्यवस्था

वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

6 June 2026

वित्त वर्ष 2025–26 में भारत की वास्तविक जीडीपी (GDP) वृद्धि दर 7.7% रही, जो उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है। यह दिखाता है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited