ये वही योगेंद्र यादव हैं, जो UPA की सरकार में सुपर सरकार की तरह काम कर रहे राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के सदस्य थे।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

इधर योगेंद्र यादव का लेख, उधर सड़क पर उतर गए किसान: हरियाणा-महाराष्ट्र चुनाव के बाद बौखलाया इकोसिस्टम, चाहता है बांग्लादेश जैसी अराजकता

ये वही योगेंद्र यादव हैं, जो UPA की सरकार में सुपर सरकार की तरह काम कर रहे राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के सदस्य थे।

khushbusingh1 द्वारा khushbusingh1
3 December 2024
in राजनीति, समीक्षा
योगेंद्र यादव, किसान आंदोलन

योगेंद्र यादव 2024 के चुनाव को 1977 से जोड़ते हैं, लेकिन इसके लिए उनके पास कोई आधार नहीं (फोटो साभार: फेसबुक/HT)

Share on FacebookShare on X

किसानों के नाम पर एक बार फिर ‘आंदोलनजीवी’ सड़कों पर हैं। अब समय है दिल्ली विधानसभा चुनाव का। बस अब कुछ ही महीने शेष हैं इसमें। महाराष्ट्र और विधानसभा चुनाव खत्म होते हैं ये किसानों के नाम पर राजनीति करने वाले ये मुद्दाविहीन परजीवी सड़कों पर उतर आए हैं। ये कथित किसान आंदोलन के लिए तमाम तरह के अतार्किक मुद्दे उठा रहे हैं। ये किसान विरोध के नाम पर एक बार फिर दिल्ली की सीमा पर खड़े हैं। उनकी माँग है कि किसानों को जमीन अधिग्रहण के बदले 10% प्लॉट दिया जाए। 64.7% की दर से किसानों को मुआवजा मिले। नए भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार, बाजार दर का 4 गुना मुआवजा दिया जाए। भूमिधर और भूमिहीन किसानों के बच्चों को रोजगार एवं पुनर्वास के सभी फायदे दिए जाएँ।

अगर उनकी माँगों को देखे तो ये तमाम माँगे किसानों के नहीं, किसान से पूँजीपति बन चुके दिल्ली राजधानी क्षेत्र के किसानों के हैं। जमीन अधिग्रहण में बाजार दर से चार गुना अधिक मुआवजा भी दी जाए, 10 प्रतिशत प्लॉट भी दी जाए और उन्हें रोजगार भी दी जाए तो उस जमीन की कीमत क्या होगी? वैसे ये इसका फायदा दिल्ली NCR के कथित किसानों को होगा, क्योंकि ये सामान्य किसानों की बेहतरी की माँग नहीं है। सामान्य बेहतरी की किसानों के लिए सरकार ने तीन कृषि कानून लाए थे, लेकिन ये किसान उन्हें किसान विरोधी बताकर विरोध में उतर जाते हैं, क्योंकि इससे देश के पूरे किसानों को फायदा होता है।

संबंधितपोस्ट

पंजाब के किसान बाढ़ से बेहाल हैं, लेकिन केंद्र सरकार को उन्हें मुआवजा देने में क्यों हो रही है दिक्कत?

‘राज्यसभा के लिए केजरीवाल ने चलवाए बुलडोजर’: केंद्र से चर्चा के बीच किसानों को भगाने के क्या हैं मायने?

किसानों का मार्च रुका: सरकार का MSP और बातचीत का आश्वासन; प्रदर्शनकारियों को सख्ती भी दिखाई

और लोड करें

VIDEO | A traffic snarl was witnessed near Mahamaya Flyover due to farmers’ protest at Dalit Prerna Sthal in Noida, Uttar Pradesh. #Trafficjam pic.twitter.com/SIv8xZdeLM

— Press Trust of India (@PTI_News) December 3, 2024

हमें याद होगा पिछला किसान आंदोलन। उन आंदोलनों में किस तरह से कानून-व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ा दी गई थीं। हत्या और महिला पत्रकारों के साथ छेड़छाड़ तक की गई थी। खुद को गरीब कहने वाले किसान दिल्ली बॉर्डर पर महीनों तक बैठकर मुर्ग-मुसल्लम का आनंद लेते रहे। इतना ही नहीं, ट्रैक्टर रैली के नाम पर पूरे दिल्ली को बंधक बना लिया गया। लाल किले पर तिरंगा को हटाकर आपत्तिजनक झंडे फहराने की कोशिश की गई। किसान आंदोलन पर लोगों ने तमाम तरह के आरोप लगाए। हालाँकि, कुछ लोग इसका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करने से बाज नहीं आए।

भारत में अराजकता चाहते हैं योगेंद्र यादव

योगेन्द्र यादव जैसे कथित समाजसेवी इन आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और लोकतंत्र एवं संविधान की बात करते हुए संविधान विरोधी हरकतों के लिए उन्हें उकसाते हैं। योगेंद्र यादव द्वारा 2 नवंबर, 2024 को ‘प्रभात खबर ‘में लिखे एक लेख से उनके इरादों की झलक मिल जाती है। यादव को किसानों एवं देश की जनता की भलाई से मतलब नहीं है, उन्हें मतलब है कि विपक्षी पार्टी कॉन्ग्रेस किसी तरह सत्ता में आ जाए। ये वही योगेंद्र यादव हैं, जो UPA की सरकार में सुपर सरकार की तरह काम कर रहे राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के सदस्य थे। ये सरकार को नीतिगत सुझाव देने के लिए एक छद्म संस्था बनाई गई थी।

अब आते हैं योगेंद्र यादव के इरादों की ओर। ‘प्रभात खबर’ में योगेंद्र यादव ने लिखा है कि 1977 के आपातकाल के बाद 2024 के लोकसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस एवं उसकी सहयोगी पार्टियो को बढ़त मिली थी। दरअसल, उन्होंने भाजपा की सरकार को एक तह से इंदिरा गाँधी जैसी निरंकुश सरकार बताने की कोशिश की है, लेकिन निरंकुशता को बताने के लिए उनके पास कुछ नहीं है। उनकी नजर में गाँव के गाँव पर दावा करने वाले वक्फ बोर्ड पर लगाने के लिए कानून लाना, जनगणना के आधार पर परिसीमन कराना, देश में खर्चे को कम करने लिए एक साथ चुनाव कराना निरंकुशता है।

लोकसभा चुनावों में I.N.D.I. गठबंधन के प्रदर्शन से बेहद उत्साहित योगेंद्र यादव महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत से बेहद निराश हैं। इसके लिए वे परोक्ष रूप से EVM पर और प्रत्यक्ष रूप से धांधली को जिम्मेदार मान रहे हैं और आम जनता एवं विभिन्न संगठनों को सड़कों पर उतरने के लिए भड़का रहे हैं। योगेंद्र यादव में भाषा में कहें तो इस देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए जनता को अब सड़कों पर उतरना चाहिए। यानी वे लोकतंत्र बचाने के लिए अलोतांत्रिक तरीका अपनाना चाहते हैं।

बौखलाए हुए हैं इकोसिस्टम के रणनीतिकार

उनकी हसरत है कि जिस तरह से बांग्लादेश में चरमपंथी एवं जिहादी संगठन सड़कों पर तांडव मचाकर हसीना सरकार को देश छोड़ने के लिए बाध्य कर दिया, वही तरीका भारत में भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए। वर्ना जिस सरकार को जनता ने अपना मत देकर बनवाया, उसे उखाड़कर फेंकने लिए योगेंद्र यादव किन संगठनों एवं जनता को उकसा रहे हैं, यह बताने की जरूरत नहीं है। इसके लिए वे वहीं झूठ का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो विपक्षी दलों ने लोकसभा चुनाव 2024 में जनता को बरगलाने के लिए किया था, यानी ‘मोदी सरकार केंद्र में आई तो वह संविधान बदल देगी’। यादव ये नहीं बताते हैं कि संविधान संशोधन की एक प्रक्रिया है और यह न्यायिक समीक्षा के अंतर्गत आता है।

योगेंद्र यादव, लेख
‘प्रभात खबर’ में प्रकाशित योगेंद्र यादव का लेख – अराजकता के लिए लोगों को भड़काया

हालाँकि, जब जनता को भड़काना हो और इसी उद्देश्य से ही झूठ बोला जा रहा हो तो गलत और सही के बीच का अंतर खत्म हो जाता है। योगेंद्र यादव लोगों से कह रहे हैं कि अडानी के विरुद्ध, भाजपा सरकार के विरुद्ध सड़कों पर उतरने के अलावा अब कोई उपाय नहीं है। यानी वे चुनाव की प्रक्रिया को एक तरह से साफ नकार रहे हैं।

जिस दिन ‘प्रभात खबर’ में योगेंद्र यादव लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए उकसा रहे थे, उसी समय कथित किसान नेता दिल्ली को फिर से घेरने की कोशिश कर रहे थे। आप सोच रहे होंगे के ये दोनों मुद्दे अलग हैं तो ऐसा नहीं है। पिछले किसान आंदोलनों में योगेंद्र यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे उनके सलाहकार रहे हैं। किसान आंदोलन के नाम पर दिल्ली को घेरने की रणनीति के समर्थक एवं एक तरह से सूत्रधार भी बता सकते हैं।

अब जबकि, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान और लोकसभा चुनावों में जनता ने भाजपा के नेतृत्व वाली NDA को वोट दे दिया तो विपक्षी दल एवं उनके रणनीतिकार बौखला गए हैं। पिछली बार के हिंसक किसान आंदोलनों की तरह इस बार भी वे किसान संगठनों के साथ-साथ अन्य विरोधी संगठनों को सड़कों पर उतरने के लिए ललकार रहे हैं। यह सब कुछ ऐसे समय में किया जा रहा है, जब दिल्ली और फिर बिहार चुनाव सिर पर है। ये सब कुछ एक रणनीति के तहत किया जा रहा है और योगेंद्र यादव अपने अलोकतांत्रिक सोच से देश को बांग्लादेश की तर्ज पर अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं।

स्रोत: Yogendra Yadav, योगेंद्र यादव, किसान आंदोलन, Farmers Protest, NCR, दिल्ली
Tags: Farmers ProtestYogendra Yadavकिसान आंदोलनयोगेंद्र यादव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पोस्ट से प्रीपेड तक, कबूतर से डाक सेवाओं और अब WhatsApp तक: समझिए संदेशों के आदान-प्रदान का इतिहास

अगली पोस्ट

गैस त्रासदी का था जो गुनहगार, उसके बदले छोड़ा गया राजीव गाँधी का यार शहरयार?: भोपाल की रात, जिसे याद कर आज भी सिहर उठते हैं लोग

संबंधित पोस्ट

Devender Mahto Ranchi student protest
चर्चित

Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

10 August 2026

रांची में छात्रों और युवा अभ्यर्थियों का आक्रोश चरम पर पहुंच चुका है। 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने निकले हजारों छात्रों को पुलिस...

Gen Z voter and BJP
राजनीति

क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

9 August 2026

हाल ही में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के बाद दिए गए अपने एक बयान में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी...

बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक
चर्चित

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

7 August 2026

बड़ी ख़बर दिल्ली से है, जहां बीजेपी आलाकमान ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ अहम बैठकें की हैं। सूत्रों की...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited