TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

विक्रम साराभाई: भारत को अंतरिक्ष की ऊंचाइयों तक पहुँचाने वाले वैज्ञानिक, उनकी रोमांटिक प्रेमकहानी और बहन मृदुला साराभाई की क्रांतिकारी विरासत

भारत को ISRO देने वाले वैज्ञानिक

himanshumishra द्वारा himanshumishra
30 December 2024
in चर्चित
Know All About Vikram Sarabhai his love life and about his sister

Know All About Vikram Sarabhai his love life and about his sister

Share on FacebookShare on X

आज हम भारत के महान वैज्ञानिक डॉ. विक्रम साराभाई की पुण्यतिथि मना रहे हैं। 30 दिसंबर 1971 को नींद के दौरान उनका निधन हो गया, लेकिन उनका योगदान आज भी हमारे दिलों में जीवित है। विज्ञान के क्षेत्र में उनके अद्वितीय कार्य को देखते हुए उन्हें 1966 में पद्म भूषण और 1972 में पद्म विभूषण (मृत्योपरांत) जैसे सम्मान मिले। डॉ. विक्रम साराभाई का नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम से हमेशा जुड़ा रहेगा। यह सच है कि उन्होंने भारत को अंतरिक्ष अनुसंधान में एक अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई, लेकिन उनके कार्यों का दायरा बहुत बड़ा था। वे केवल एक वैज्ञानिक नहीं थे, बल्कि वस्त्र उद्योग, भेषज और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे तमाम क्षेत्रों में भी अग्रणी थे।

डॉ. विक्रम साराभाई
डॉ. विक्रम साराभाई

उनकी जीवनगाथा केवल उनके वैज्ञानिक योगदानों तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनकी प्रेमकहानी भी किसी फिल्मी रोमांस से कम नहीं। एक ऐसी कहानी, जो उनके निजी जीवन को एक और खास मोड़ देती है। और उनके परिवार की क्रांतिकारी धारा, खासकर उनकी बहन मृदुला साराभाई का योगदान, आज भी हमें प्रेरित करता है। इस परिवार ने न केवल विज्ञान में, बल्कि समाज में भी अपनी छाप छोड़ी, जो आज भी हमें सामूहिक दृष्टिकोण और प्रेरणा देती है।

संबंधितपोस्ट

दांडी मार्च और वायसराय लॉर्ड इरविन को लिखा गया गांधी का वो ऐतिहासिक पत्र

भारत की अंतरिक्ष उड़ान में नया इतिहास: LVM3-M6 की सफलता ने वैश्विक मंच पर बढ़ाया भारत का कद

वंदे मातरम् के 150 वर्ष: बंकिमचंद्र की वेदना से जनमा गीत, जिसने भारत को जगाया और मोदी युग में पुनः जीवित हुआ आत्मगौरव

और लोड करें

भारत को अंतरिक्ष की ऊंचाइयों तक पहुँचाने वाले वैज्ञानिक

विक्रम साराभाई, एक नाम जो भारतीय विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। उनका जन्म 12 अगस्त 1919 को अहमदाबाद में हुआ था, और उनकी यात्रा भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को ऊंचाइयों तक ले जाने की थी। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से फिजिक्स में डिग्री प्राप्त करने के बाद, विक्रम ने 1947 में भारत लौटकर अपने देश के लिए कुछ बड़ा करने का सपना देखा। उनका दृष्टिकोण था कि भारत को अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपनी जगह बनानी चाहिए, और इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की।

Source:- ISRO
Source:- ISRO

1962 में जब उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति (INCOSPAR) की स्थापना की, तो यह कदम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए निर्णायक साबित हुआ। विक्रम की सोच और नेतृत्व में 1969 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की नींव रखी गई, जिससे भारत को अंतरिक्ष विज्ञान में एक नई दिशा मिली। विक्रम का सपना था कि भारत आत्मनिर्भर बने और अंतरिक्ष अनुसंधान में अपनी पहचान बनाए, और उन्होंने इसके लिए जीवनभर संघर्ष किया। 1975 में भारत ने अपना पहला उपग्रह “आर्यभट्ट” लॉन्च किया, जो सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा की शुरुआत थी।

विक्रम साराभाई की कड़ी मेहनत और संकल्प ने भारत को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष मानचित्र पर मजबूती से खड़ा किया। उन्हें उनके योगदान के लिए 1966 में पद्मभूषण और 1972 में पद्मविभूषण (मृत्योपरांत) से सम्मानित किया गया। 30 दिसंबर 1971 को विक्रम का निधन हुआ, लेकिन उनका योगदान और उनकी सोच आज भी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान में जीवित हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि एक व्यक्ति की संकल्प शक्ति और दूरदृष्टि से राष्ट्र का भविष्य बदल सकता है।

विक्रम साराभाई और मृणालिनी स्वामीनाथन की रोमांटिक प्रेमकहानी

कैंब्रिज से वापस लौटने के बाद विक्रम साराभाई ने बंगलौर के ‘इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस’ में अपनी शोध यात्रा जारी रखी, लेकिन उनके जीवन में एक और अनोखा मोड़ आया। यही वह समय था जब उनकी मुलाकात महान परमाणु वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा से हुई, जिन्होंने उन्हें भारतीय नृत्यांगना मृणालिनी स्वामीनाथन से मिलवाया। मृणालिनी, जो अपनी कला और नृत्य के प्रति समर्पित थीं, विक्रम के लिए शुरू में कोई खास आकर्षण नहीं बन पाईं। दोनों की पहली मुलाकात किसी रोमांटिक फिल्म की शुरुआत जैसी नहीं थी—मृणालिनी ने टेनिस शॉर्ट्स पहने थे, और विक्रम को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया।

विक्रम साराभाई और मृणालिनी स्वामीनाथन
विक्रम साराभाई और मृणालिनी स्वामीनाथन

 

लेकिन जैसा कि अक्सर होता है, एक साधारण मुलाकात धीरे-धीरे कुछ खास बन जाती है। मृणालिनी ने भरतनाट्यम में अपनी रुचि को बढ़ाया, और विक्रम को उनके साथ समय बिताना अच्छा लगने लगा। दोनों का रिश्ता एक प्यारी सी दोस्ती से आगे बढ़ा, और वे एक-दूसरे के साथ भुट्टे खाते, बांगला गीतों का आनंद लेते, जो मृणालिनी ने शांति निकेतन में सीखे थे। विक्रम उन्हें कालिदास के उद्धरण बताते , और इन छोटी-छोटी बातों ने उनके रिश्ते में गहरी समझ और आत्मीयता पैदा की।

यहां तक कि जब दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया, तो वह एक बेहद साधारण, लेकिन बेहद सुंदर समारोह था। मृणालिनी ने सफेद खद्दर की साड़ी पहनी थी, और उनके शरीर पर गहनों की जगह फूलों की माला सजी थी। विक्रम के अनुरोध पर मृणालिनी और उनकी दोस्त ने रामायण के हिरण वाले दृश्य पर एक भावपूर्ण नृत्य भी किया। शादी के बाद, विक्रम और मृणालिनी ने अपनी यात्रा शुरू की—लेकिन इस बार वे ट्रेन से अहमदाबाद जा रहे थे। यह भारत छोड़ो आंदोलन का समय था, और आंदोलनकारियों द्वारा पटरियों को उखाड़ने के कारण, जो सफर सामान्यतः 18 घंटे में पूरा होता, वह उन्हें 48 घंटे में करना पड़ा। इस अनूठे सफर ने उनके जीवन के पहले हनीमून को ट्रेन के फ़र्स्ट क्लास कूपे में बदल दिया—यह एक यात्रा नहीं, बल्कि एक अनमोल याद बन गई, जो हमेशा उनके दिलों में बसी रही।

विक्रम साराभाई और उनके परिवार की प्रेरणादायक यात्रा

विक्रम साराभाई का परिवार भारतीय समाज और विज्ञान का एक अद्वितीय उदाहरण है। उनके पिता, श्री अम्बालाल साराभाई, जो अहमदाबाद के प्रमुख कपड़ा मिल के मालिक थे, केवल एक उद्योगपति नहीं बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास रखने वाले इंसान थे। उनके रिश्ते महात्मा गांधी और क्रांतिकारी रविंद्रनाथ टैगोर से भी थे। एक बार जब टैगोर अहमदाबाद आए, तो उन्होंने विक्रम साराभाई को देखकर यह भविष्यवाणी की थी, “यह बच्चा एक दिन बहुत बड़े काम करेगा।” यह शब्द सच साबित हुए जब विक्रम ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी कड़ी मेहनत और लगन से भारत को एक नई दिशा दी।

विक्रम के कैम्ब्रिज में पढ़ाई के दौरान भी टैगोर ने उनका मार्गदर्शन किया और उन्हें एक ‘रिकमेंडेशन लेटर’ दिया, जो उनके भविष्य के लिए एक प्रेरणा बना। विक्रम ने अपने जीवन में कई ऐसे बदलाव किए जिनसे भारत की तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति को अपार लाभ हुआ।

वहीं, विक्रम की बहन मृदुला साराभाई ने भी अपनी अद्वितीय साहसिकता से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया। वह महात्मा गांधी के प्रेरणास्त्रोत से प्रभावित होकर सत्याग्रह और अन्य आंदोलनों में सक्रिय रूप से शामिल हुईं। जेल यात्राओं के दौरान उनकी कड़ी परीक्षा हुई, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। मृदुला का जज़्बा देखकर पंडित नेहरू ने उन्हें 1936 में कांग्रेस का महामंत्री नियुक्त किया, जो कांग्रेस के इतिहास में किसी महिला को दिया गया पहला बड़ा पद था।

हालांकि, मृदुला ने महिलाओं के साथ कांग्रेस कार्यसमिति के व्यवहार को लेकर विरोध जताया और अपने विचारों को साझा किया, जिस कारण उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया। फिर भी, उनके साहसिक विचार और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान ने उन्हें हमेशा एक प्रेरणास्त्रोत बना दिया।

विक्रम सरभाई का परिवार केवल विज्ञान और राजनीति में ही नहीं, बल्कि समाज के हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ गया। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि परिवार का समर्थन, एकजुटता और विचारशीलता किसी भी समाज को ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।

स्रोत: ISRO, Vikram, Vikram Sarabhai, INCOSPAR, विक्रम साराभाई, मृणालिनी स्वामीनाथन, महात्मा गांधी,
Tags: INCOSPARISROVikramVikram Sarabhaiमहात्मा गाँधीमृणालिनी स्वामीनाथनविक्रम साराभाई
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

यमुना की सफाई में 5 साल में ₹6856 करोड़ खर्च फिर भी दोगुना हुआ प्रदूषण, अब बोले केजरीवाल- ‘इससे वोट नहीं मिलते’

अगली पोस्ट

डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से देश शोककाल में राहुल गांधी वियतनाम मे, कांग्रेस को मनमोहन विरोधी बता भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप

संबंधित पोस्ट

हेलीकॉप्टर के सामने पायलट ने किया प्रपोज
चर्चित

हेलीकॉप्टर के सामने पायलट ने किया प्रपोज, गर्लफ्रेंड को रिंग पहनाते ही गूंज उठीं तालियां

4 June 2026

महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित एक सैन्य पायलट ग्रेजुएशन समारोह उस समय और भी यादगार बन गया, जब एक युवा सैन्य अधिकारी ने अपनी ट्रेनिंग...

राजीव गांधी
चर्चित

जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

4 June 2026

आज जब दुनिया तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की 37 वीं बरसी को याद कर रही है, तो टैंकों के सामने खड़े उस शख्स (जिसे दुनिया में...

NEET अभ्यर्थी आकांक्षा चतुर्वेदी ने की आत्महत्या
चर्चित

NEET अभ्यर्थी आकांक्षा चतुर्वेदी ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- ‘मम्मी-पापा, मुझे माफ कर दीजिए’

4 June 2026

मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली आकांक्षा चतुर्वेदी का सपना था कि वह डॉक्टर बनकर अपने परिवार की गरीबी दूर करे। लेकिन यह...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited