पीएम मोदी ने संसद में नेहरू और राजीव गांधी के आरक्षण विरोधी होने का ज़िक्र किया जिसके बाद यह बहस नए सिरे से शुरू हुई है
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

आरक्षण विरोधी थे नेहरू और राजीव गांधी?

पीएम मोदी ने संसद में नेहरू और राजीव गांधी के आरक्षण विरोधी होने का ज़िक्र किया जिसके बाद यह बहस नए सिरे से शुरू हुई है

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
17 December 2024
in इतिहास, चर्चित
प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान देश में आरक्षण की ज़रूरत होने का ज़िक्र किया था

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान देश में आरक्षण की ज़रूरत होने का ज़िक्र किया था

Share on FacebookShare on X

आरक्षण का मुद्दा देश के सबसे संवेदनशील मुद्दों में शामिल है। इस मुद्दे को लेकर दशकों से अलग-अलग तरह की बहस चलती रही है और यह बहस आज भी जारी है। हालिया उदाहरण को देखें तो इस मुद्दे की अहमियत का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी को पूर्ण बहुमत ना मिलने के पीछे आरक्षण को लेकर फैलाया गया भ्रम ही माना जाता है। चुनाव से पहले कुछ बीजेपी नेताओं के एडिटेड वीडियोज़ के ज़रिए यह साबित करने की कोशिश की गई की बीजेपी की सरकार बनने पर आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा। लोगों में इसका नकारात्मक संदेश गया और बीजेपी जिन कारणों के चलते पूर्ण बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पाई उनमें यह सबसे अहम कारण था। बीजेपी ने नेहरू और राजीव गांधी जैसे कांग्रेस के कई दिग्गजों पर आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगाया है। आज हम पड़ताल करेंगे कि क्या वाकई में आरक्षण विरोधी थे नेहरू और राजीव गांधी?

संसद में इन दिनों भारतीय संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को लेकर चर्चा चल रही है और इसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान आरक्षण को लेकर किए गए ज़िक्र के बाद यह बहस नए सिरे से शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आपत्ति जताई और पीएम मोदी के दावे को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है।

संबंधितपोस्ट

इंदौर में युवती से दुष्कर्म का आरोप, वीडियो बनाकर करता रहा ब्लैकमेल, आरोपी पर केस दर्ज

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बीच बीजेपी ने कल सभी लोकसभा सांसदों को उपस्थित रहने के दिए निर्देश, पार्टी की तरफ से व्हिप जारी

सीएम योगी की मां पर विवादित बयान, मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ 84 थानों में FIR दर्ज

और लोड करें

नेहरू और राजीव के आरक्षण विरोध पर क्या बोले पीएम?

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान देश में आरक्षण की ज़रूरत होने का ज़िक्र किया था। पीएम मोदी ने कहा, “बाबा साहब आंबेडकर दीर्घ दृष्टा थे, वे समाज के दबे कुचले लोगों को मुख्य धारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध थे। भारत को अगर विकसित होना है तो भारत का कोई अंग दुर्बल नहीं रहना चाहिए यह चिंता बाबा साहब को सताती थी और तब जाकर के हमारे देश में आरक्षण की व्यवस्था बनी थी। पीएम मोदी ने कहा, “वोट बैंक की राजनीति में डूबे हुए लोगों ने धर्म के आधार, तुष्टीकरण के नाम पर आरक्षण के अंदर नुक्ता-चीनी करने की कोशिश की जिसका नुकसान SC,ST और OBC समाज का हुआ है।”

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भी तीखा हमला किया। इस दौरान उन्होंने नेहरू और राजीव गांधी के आरक्षण विरोधी होने का भी ज़िक्र किया। पीएम ने कहा, “नेहरू जी से लेकर के राजीव गांधी कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों ने आरक्षण का घोर विरोध किया है। आरक्षण के विरोध में लंबी-लंबी चिट्ठियां स्वयं नेहरू जी ने लिखी हैं, मुख्यमंत्रियों को लिखी है। इतना ही नहीं सदन में आरक्षण के खिलाफ लंबे-लंबे भाषण इन लोगों ने किए हैं।”

क्या बोले मल्लिकार्जुन खरगे?

संविधान के 75 वर्षों को लेकर जब राज्यसभा में चर्चा हुई तो खरगे ने पीएम मोदी के दावे पर सवाल उठाए हैं। खरगे ने कहा, “मुख्यमंत्रियों को नेहरू जी ने पत्र लिखा था जिसका जिक्र मोदी जी ने अपने भाषण में तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर नेहरू जी को बदनाम करने के लिए किया है। जिसके लिए उन्हें देश में माफी मांगनी चाहिए।” खरगे ने अपने संबोधन में बीजेपी को आरक्षण के खिलाफ ही बता दिया। उन्होंने कहा, “हम कहते हैं कि बीजेपी आरक्षण की विरोधी है और इसीलिए वे कास्ट सेंसस के खिलाफ हैं।”

नेहरू ने पत्र में क्या लिखा था?

भारत की आज़ादी के बाद जवाहरलाल नेहरू ने मुख्यमंत्रियों के नाम पत्र लिखने की एक प्रथा शुरू की थी और इसे उन्होंने अपनी मृत्यु से कुछ समय पहले तक जारी रखा था। वे आमतौर पर हर महीने की पहली और 15 तारीख को मुख्यमंत्रियों के नाम पत्र लिखा करते थे। 1947 में उन्होंने इसके पीछे का कारण बताते हुए कहा था कि असाधारण तनाव के समय में एक-दूसरे के निकट संपर्क में रहना हमारे लिए आवश्यक है। नेहरू ने ऐसे करीब 400 पत्र लिखे थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरक्षण को लेकर नेहरू के जिस पत्र का जिक्र किया है वह उन्होंने 27 जून 1961 को लिखा था। सिलेक्टेड वर्क्स ऑफ जवाहरलाल नेहरू की सीरीज़ 2 के वाल्युम 69 के पेज नंबर 21 पर इस पत्र की जानकारी दी गई है। इस पत्र में नेहरू लिखते हैं, “कोई भी मदद आर्थिक आधार पर दी जानी चाहिए न कि जाति के आधार पर। यह सच है कि हम अनुसूचित जातियों और जनजातियों की मदद के संबंध में कुछ नियमों और परंपराओं से बंधे हैं। वे मदद के पात्र हैं लेकिन फिर भी मैं किसी भी प्रकार के आरक्षण को नापसंद करता हूं, विशेषकर सेवाओं में।” वे आगे लिखते हैं, “मैं ऐसी किसी भी चीज़ के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करता हूं जो अक्षमता और दोयम दर्जे के मानकों की ओर ले जाती है।”

इसी पत्र में नेहरू आगे लिखते हैं, “अगर हम सांप्रदायिक और जातिगत आधार पर आरक्षण की व्यवस्था करते हैं, तो हम प्रतिभाशाली और सक्षम लोगों को दलदल में फंसा देते हैं और दूसरे या तीसरे दर्जे के बनकर रह जाते हैं।…हम पिछड़े समूहों की हर तरह से मदद करें लेकिन क्षमता की कीमत पर कभी नहीं।”

बीजेपी की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने आरक्षण पर नेहरू के विचारों से जुड़ी एक खबर भी शेयर की थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की इस खबर में लिखा है, “नेहरू ने ऑल इंडिया एक्स-क्रिमनिल ट्राइब्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया और कहा कि वह अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के लिए नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ थे क्योंकि इससे उनमें हीनता का बोध पैदा होता है।”

Quote
Nehru said that he was against the reservation of jobs for members of the Scheduled Castes and Scheduled Tribes because it tended to create an inferiority complex in them.
Unquote

Congress has always been against empowerment of SC/ST and OBCs. But PM Modi and BJP will… pic.twitter.com/Zo6C2Azyjz

— Amit Malviya (@amitmalviya) May 8, 2024

राजीव गांधी ने आरक्षण पर क्या कहा?

आरक्षण पर राजीव गांधी के विचारों को लेकर भी प्रधानमंत्री मोदी ने सवाल उठाए हैं। राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए 1985 में नवभारत टाइम्स को एक इंटरव्यू दिए था और इंटरव्यू के दौरान की गई बातचीत को लेकर उन्हें आरक्षण विरोधी ठहराया जाता है। यह इंटरव्यू लेने वाले पत्रकार आलोक मेहता ने कुछ दिनों पहले इस इंटरव्यू की एक पेपर कटिंग शेयर करते हुए लिखा था, “राहुल गांधी बार बार जाति के अधिकारी की बात कर रहे हैं लेकिन राजीव गांधी कितने विरोधी थे इसका एक प्रमाण मुझे 1985 में दिए गए इंटरव्यू से पता चल सकता है।”

राहुल गांधी बार बार जाति के अधिकारी की बात कर रहे हैं , लेकिन राजीव गांधी कितने विरोधी थे इसका एक प्रमाण मुझे 1985 में दिए गए इंटरव्यू से पता चल सकता है । यदि सबको अच्छी शिक्षा मिले तो हर जाति धर्म के लोग आगे बढ़ेंगे । ⁦@ombirlakota⁩ ⁦@Jagdeepdhankha⁩ ⁦ pic.twitter.com/JBAM8LfUtx

— Alok Mehta (@alokmehtaeditor) July 29, 2024

इस खबर में लिखा है, “प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी की मान्यता है कि संविधान बनाते समय पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण की जो व्यवस्था की गई, पिछले वर्षों के दौरान उसका बहुत राजनीतिकरण हो गया है। इसलिए अब समय आ गया है कि इन सारे प्रावधानों पर नए सिरे से विचार किया जाए। वास्तव में दबे और पिछड़ो लोगों को यह सुविधा और सहायता दी जाए लेकिन इसका विस्तार कर विभिन्न क्षेत्रों में ‘बुद्धूओं’ को बढ़ाने से पूरे देश को नुकसान होगा।”

सिर्फ इतना ही नहीं जब OBC आरक्षण को लागू करने के लिए 1980 में तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी को मंडल कमीशन की रिपोर्ट सौंपी गई तो उन्होंने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। इंदिरा की हत्या के बाद जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने भी इस रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाले रखा था। 1990 में जब वीपी सिंह ने मंडल कमीशन की सिफारिशें लागू करने का एलान किया तो विपक्ष के नेता के तौर पर उन्होंने इसका पूरी तरह समर्थन नहीं किया था।

लोकसभा में 1990 में 6 और 7 सितंबर को हुई बहस के दौरान राजीव गांधी ने कहा था, “सच्चाई यह है कि आरक्षण के साथ खेल खेलकर प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने जानबूझकर अल्पसंख्यकों को किसी भी लाभ से वंचित कर दिया है।” उन्होंने कहा था, “प्रधानमंत्री वीपी सिंह को यह बताना चाहिए कि वह सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े अल्पसंख्यक समुदायों की कैसे मदद करेंगे? सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के बड़े हिस्सों को शामिल नहीं किया है जिन्हें शामिल किया जाना चाहिए। अगर आप मुस्लिम समुदाय को देखें, तो भारत में मुस्लिम समुदाय का बड़ा हिस्सा शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है। यह बात ईसाइयों पर भी लागू होती है। यह बात सिखों पर भी लागू होती है।”

आरक्षण पर लंबे समय से बहस होती रही है और इसके तमाम पहलू हैं। आरक्षण समर्थक दावा करते हैं कि इससे सामाजिक न्याय मिलता और इसे लंबे समय से पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए ज़रूरी उपाय के तौर पर देखा जाता रहा है। कांग्रेस आरक्षण के नाम पर राजनीतिक करती है इसमें कोई किंतु-परंतु नहीं है। पार्टी लोगों को जाति और आरक्षण के नाम पर भड़काती रही है। लेकिन आरक्षण की सीमा को 50% से ज़्यादा बढ़ाने का दावा करने वाले राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को अपना इतिहास ज़रूर देख लेना चाहिए।

स्रोत: आरक्षण, जवाहरलाल नेहरू, राजीव गांधी, नरेंद्र मोदी, बीजेपी, कांग्रेस, मंडल कमीशन, Reservation, Jawaharlal Nehru, Rajiv Gandhi, Narendra Modi, BJP, Congress, Mandal Commission,
Tags: BJPCongressJawaharlal NehruMandal CommissionNarendra ModiRajiv Gandhireservationआरक्षणकांग्रेसजवाहरलाल नेहरूनरेंद्र मोदीबीजेपीमंडल कमीशनराजीव गांधी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

22 के बजाय 11 जनवरी को मनाई जाएगी राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा की जयंती; जानें इसकी वजह?

अगली पोस्ट

जिस देश का समर्थन करते हो वहाँ जाओ… प्रियंका गाँधी और दिलजीत दोसांझ को प्रीति जिंटा का सन्देश?

संबंधित पोस्ट

मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?
अर्थव्यवस्था

मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

20 March 2026

हॉर्मुज क्राइसिस की वजह से पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं, लेकिन भारत में न सिर्फ कीमतें, बल्कि सप्लाई भी स्थिर...

1000 किमी की ‘बारिश पट्टी’ का कहर: दिल्ली में 3 साल की सबसे ज्यादा बारिश, मार्च बना रिकॉर्ड तोड़ महीना
चर्चित

1000 किमी की ‘बारिश पट्टी’ का कहर: दिल्ली में 3 साल की सबसे ज्यादा बारिश, मार्च बना रिकॉर्ड तोड़ महीना

20 March 2026

भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में इस समय एक असामान्य मौसम सामने आ रहा है, जो तेज बारिश, आंधी-तूफान, तेज हवाएं और यहां...

इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले
चर्चित

इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

20 March 2026

दुनिया के कई हिस्सों में पहले से मौजूद तनाव अब एक खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited