संभल जैसे मामलों में दवे जैसे लोगों का तर्क शुरू ही 'प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट' 1991 से होता है। उनके हिसाब से ये संविधान की मूल भावनाओं की रक्षा करने वाला एक कानून है। इस तर्क में ये नहीं बताया गया है कि कानून ऊपर होता है या न्याय?
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘जाति’ कार्ड खेलने में माहिर हो चुके राहुल गांधी

    DU एंट्रेंस में कांग्रेस का ‘जाति’ कार्ड और बिहार में ‘राजपूत’ लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या: क्या राहुल सारण में मृतका के घर जा कर इंसाफ़ मांगेंगे?

    पीएम किसान योजना

    पीएम किसान योजना: आज जारी होगी 22वीं किस्त, किसानों के खाते में ₹18,640 करोड़ ट्रांसफर

    सीएम योगी का ईधन पर बयान

    सीएम योगी का बयान- यूपी में नहीं है ईधन की कमी अफवाहों पर ना दें ध्यान

    नूंह में एटीएम लुटेरे को छुड़ाने की कोशिश

    नूंह में एटीएम लुटेरे को छुड़ाने की कोशिश, भीड़ और पुलिस में हिंसक झड़प

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    ईरान ने होरमुज़ जलडमरूमध्य से LPG और तेल टैंकरों को दी अनुमति, भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत

    रूसी तेल पर अमेरिका की नीति पर ईरान का हमला

    रूसी तेल पर अमेरिका की नीति पर ईरान का हमला: प्रतिबंधों और छूट में दिखा दोहरा रवैया

    ईरान और अमेरिका के लड़ाई में अब तक हुए इतने खर्चें

    ईरान युद्ध में अमेरिका का खर्चा भारी, 13 दिनों में लगभग 26 अरब डॉलर खर्च

    हॉर्मुज स्ट्रेट बहाल करवाने में ट्रम्प की नाकामी ने खाड़ी देशों के उन पर भरोसे को लगभग खत्म कर दिया

    ईरानी मिसाइलों का असर: हमले के लिए US को अपनी ज़मीन और हवाई क्षेत्र नहीं देगा UAE, लेकिन अब ट्रम्प क्या करेंगे ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    4 मई को गांधी को उनकी कुटिया से सोते समय गिरफ्तार कर लिया गया था

    दांडी मार्च और वायसराय लॉर्ड इरविन को लिखा गया गांधी का वो ऐतिहासिक पत्र

    पाश्चात्य सभ्यता में महिलाओं को कमतर आँकने के विचार को एक सिद्धान्त ने और पुष्ट किया कि उनमें आत्मा नहीं पायी जाती है।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: नारी सशक्तिकरण और पाश्चात्य Vs वैदिक दर्शन, क्या वैदिक काल में महिलाओं को प्राप्त अधिकारों का स्तर हासिल कर सके हैं पश्चिमी देश?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘जाति’ कार्ड खेलने में माहिर हो चुके राहुल गांधी

    DU एंट्रेंस में कांग्रेस का ‘जाति’ कार्ड और बिहार में ‘राजपूत’ लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या: क्या राहुल सारण में मृतका के घर जा कर इंसाफ़ मांगेंगे?

    पीएम किसान योजना

    पीएम किसान योजना: आज जारी होगी 22वीं किस्त, किसानों के खाते में ₹18,640 करोड़ ट्रांसफर

    सीएम योगी का ईधन पर बयान

    सीएम योगी का बयान- यूपी में नहीं है ईधन की कमी अफवाहों पर ना दें ध्यान

    नूंह में एटीएम लुटेरे को छुड़ाने की कोशिश

    नूंह में एटीएम लुटेरे को छुड़ाने की कोशिश, भीड़ और पुलिस में हिंसक झड़प

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    ईरान ने होरमुज़ जलडमरूमध्य से LPG और तेल टैंकरों को दी अनुमति, भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत

    रूसी तेल पर अमेरिका की नीति पर ईरान का हमला

    रूसी तेल पर अमेरिका की नीति पर ईरान का हमला: प्रतिबंधों और छूट में दिखा दोहरा रवैया

    ईरान और अमेरिका के लड़ाई में अब तक हुए इतने खर्चें

    ईरान युद्ध में अमेरिका का खर्चा भारी, 13 दिनों में लगभग 26 अरब डॉलर खर्च

    हॉर्मुज स्ट्रेट बहाल करवाने में ट्रम्प की नाकामी ने खाड़ी देशों के उन पर भरोसे को लगभग खत्म कर दिया

    ईरानी मिसाइलों का असर: हमले के लिए US को अपनी ज़मीन और हवाई क्षेत्र नहीं देगा UAE, लेकिन अब ट्रम्प क्या करेंगे ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    4 मई को गांधी को उनकी कुटिया से सोते समय गिरफ्तार कर लिया गया था

    दांडी मार्च और वायसराय लॉर्ड इरविन को लिखा गया गांधी का वो ऐतिहासिक पत्र

    पाश्चात्य सभ्यता में महिलाओं को कमतर आँकने के विचार को एक सिद्धान्त ने और पुष्ट किया कि उनमें आत्मा नहीं पायी जाती है।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: नारी सशक्तिकरण और पाश्चात्य Vs वैदिक दर्शन, क्या वैदिक काल में महिलाओं को प्राप्त अधिकारों का स्तर हासिल कर सके हैं पश्चिमी देश?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बुर्के के पैरवीकार दुष्यंत दवे क्यों रोए? PM मोदी को ‘फ्रिंज’ से जोड़ते हैं, OBC का आरक्षण काट मुस्लिमों को देने की वकालत भी

संभल जैसे मामलों में दवे जैसे लोगों का तर्क शुरू ही 'प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट' 1991 से होता है। उनके हिसाब से ये संविधान की मूल भावनाओं की रक्षा करने वाला एक कानून है। इस तर्क में ये नहीं बताया गया है कि कानून ऊपर होता है या न्याय?

Anand Kumar द्वारा Anand Kumar
2 December 2024
in चर्चित, राजनीति
करण थापर, दुष्यंत दवे, रोए

'खुला पत्र' लिख कर चर्चा बटोरते रहे हैं दुष्यंत दवे

Share on FacebookShare on X

सबसे पहली बात तो ये है कि दुष्यंत दवे इकलौते नहीं जो रो रहे हैं। लम्बे समय से अटके पड़े कई मामलों में जैसे जैसे तारीखें पड़नी शुरू हो रही हैं, या फैसले आ रहे हैं, अदालतों के भाई-भतीजा गिरोहों की ऐसी ही रुलाई छूट रही है। संभल जैसे मामलों में तो ये स्पष्ट ही था कि जो स्थल पहले से ASI द्वारा संरक्षित स्थल है वो ‘प्लेसेस ऑफ वोर्शिप एक्ट’ नाम से भारत पर थोप दिए गए 1991 के कानून के दायरे में आता ही नहीं। असल में दवे जैसे वकीलों की दुकानें ही इसलिए चलती रही हैं क्योंकि भाई-भतीजा गिरोह शायद ये सेटिंग कर पाता था कि कौन सा मुकदमा किस जज के पास जाएगा। फिर जब भाई-भतीजे ही न्यायाधीश और वकील हैं, तो फैसला किस पक्ष में आना है ये सुनवाई से पहले ही तय हो जाता था। संपत्ति रखने के अधिकार से जुड़े एक ऐतिहासिक फैसले में अपने रिटायर होने से दो दिन पहले जस्टिस चंद्रचूड़ ने ये भी दर्शा दिया था कि कभी फैसले राजनैतिक विचारधारा (समाजवाद) को भी ध्यान में रखते हुए सुनाये जाते थे। जो समाजवादी नहीं होता, वो फैसला ही नहीं होता!

पिछले वर्ष जब जस्टिस चंद्रचूड़ ने ये तरीका बदलना शुरू किया, यानि कौन से मामले की सुनवाई कौन सा बेंच करेगा, ये बदला जाने लगा तो नवम्बर 2023 में ही दवे ने चीफ जस्टिस को एक ‘खुला पत्र’ लिखा। जाहिर है, उनकी मंशा न्यायिक सुधारों, बदलावों को रोकने की तो थी ही, साथ ही उन्हें इससे प्रसिद्धि भी चाहिए थी। और लोगों को भी पता चले, उनके पक्ष में जनमत आये, ये मंशा नहीं होती, तो ‘खुला पत्र’ लिखने की क्या जरूरत थी, एक ईमेल ही पर्याप्त होता! चार दशकों से अधिक (1978 से) सुप्रीम कोर्ट में काम कर रहे किसी वकील को मुख्य न्यायाधीश द्वारा ये तय किये जाने में कि कौन सा बेंच कौन सा मामला सुनेगी, इसमें परेशानी क्यों होती? बात सिर्फ यहीं समाप्त नहीं होती। UPA के दौर में मलाईदार पदों को संभालने वाले दवे, जो कि 2004 से 2008 तक नेशनल लीगल सर्विस कमीशन के सदस्य भी रहे हैं, वो इकलौते नहीं हैं, जिन्हें दिक्कत हो रही है। अंतर्राष्ट्रीय जुडिशल कांफ्रेंस में जब जस्टिस अरुण मिश्रा ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा कर दी थी, दवे ने तभी से भारतीय न्यायपालिका से निष्पक्षता की उम्मीद छोड़ दी थी।

संबंधितपोस्ट

गायकवाड़ स्टेट से दिल्ली तक… PM मोदी ने बताया जब उनके गाँव में पहुँचा चीनी दार्शनिक, बोले – मैं भी हिन्दीभाषी नहीं हूँ

‘हिंदू एक करने निकले थे, टूट गया घर?’: बागेश्वर बाबा से उनके भाई ने तोड़ा रिश्ता या फिर है कुछ और मामला, जानिए पूरा सच

रामगोपाल मिश्रा ने नहीं, उनसे पहले मस्जिद से निकले उपद्रवियों ने फाड़ा था भगवा ध्वज: वीडियो देख लीजिए

और लोड करें

संभल जैसे मामलों में दवे जैसे लोगों का तर्क शुरू ही ‘प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट’ 1991 से होता है। उनके हिसाब से ये संविधान की मूल भावनाओं की रक्षा करने वाला एक कानून है। इस तर्क में ये नहीं बताया गया है कि कानून ऊपर होता है या न्याय? अगर कोई कानून किसी समुदाय को न्याय देने से ही रोक रहा हो, तो उस कानून का क्या किया जाना चाहिए? दवे जोर-शोर से इस एक्ट के सेक्शन 3 की याद दिलाते हुए कहते हैं कि जो धार्मिक स्थल जिस स्थिति में 15 अगस्त 1947 को था, उसी स्थिति में रखा जाए। अपनी सुविधा को याद रखते हुए वो ये बताना भूल जाते हैं कि जो एएसआई द्वारा संरक्षित ईमारतें हैं, वो इसके दायरे से बाहर रखी गयी हैं। अगर अतीत की नाइन्साफियों की वजह से वर्तमान को दण्डित नहीं किया जा सकता तो फिर हिन्दुओं को अतीत में तलवार के जोर पर उनके साथ किये अत्याचार का दंड आज भी क्यों भुगतना पड़े? कानून को संवैधानिक बताते हुए वो ये भी भूल जाते हैं कि इसका खामियाजा केवल बहुसंख्यक समुदाय को झेलना पड़ रहा है जिससे कभी भी बांग्लादेश जैसी विस्फोटक स्थिति बन सकती है।

अप्रैल 2023 में दुष्यंत दवे ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा था। उस समय भी वो लिख रहे थे कि ‘फ्रिंज एलिमेंट्स’ और पुलिस मिलीभगत करके काम करते हैं और अल्पसंख्यक समुदायों को इससे बड़ी दिक्कत हो रही है। इस विषय पर न्यायालय भी मौन हैं ये गंभीर चिंता का विषय है। वो अपनी चिट्ठी में प्रधानमंत्री को सितम्बर 2019 में 74वें यूएन जनरल असेंबली में दिए भाषण की याद दिला रहे थे। इसके अलावा वो हिजाब को मुस्लिम लड़कियों का अधिकार बताते हुए मुकदमा लड़ चुके हैं। कर्णाटक में मुहम्मडेन लोगों को ओबीसी कोटे में से आरक्षण मिल सके इसके लिए भी मुकदमा दुष्यंत दवे लड़ रहे थे। कभी-कभी जो पिछड़े-दलित समुदायों के लोग आरक्षण छिन जाने का डर दिखाते हैं, उनके लिए ज्यादा डरावना भाजपा का होना है या उनका आरक्षण खुद को जातिहीन और बराबरी का समाज बताने वाले मुहम्मडेनों को ओबीसी के हिस्से का आरक्षण दिलवाने की कोशिश करने वाले दुष्यंत दवे जैसे लोग, ये कभी न कभी तो तय करना होगा।

Do watch this video with a huge tub of caramel popcorn. Goes really well with fiberal tears.

There is nothing more entertaining than the hand-wringing, whining and spluttering apoplectic impotent rage of fiberal lawyers like Dushyant Dave and sold out journos like Karan Thapar!… pic.twitter.com/xRQqoiCcjK

— Shefali Vaidya. 🇮🇳 (@ShefVaidya) December 1, 2024

असहिष्णुता का जुमला ही तथाकथित प्रगतिशील गिरोहों ने हिन्दुओं को ‘गिल्ट ट्रिप’ पर भेजने के लिए किया था। उसके लिए 26/11 मुंबई हमलों के तुरंत बाद दिग्विजय सिंह और आतंकियों के लिए रेकी करने वालों की मदद करने वाले के पता महेश भट्ट ने हिन्दुओं को ही इस हमले का दोषी बताते हुए किताबें जारी की थीं। आंसुओं के जरिये ब्लैकमेल करने की कोशिश सिर्फ एक नया तरीका है। जो पहले हो रहा था, वो पुराने तरीके से नहीं हो पा रहा तो दुष्यंत दवे ने आंसुओं को ढाल बनाया है। जनता बस अड़ गयी है कि “पिघलना नहीं है”, और भाई-भतीजा गिरोह की सारी समस्या इसी से है।

स्रोत: दुष्यंत दवे, Dushyant Dave, Cried, रोए, Sambhal, सम्भल, Video, वीडियो
Tags: CriedDushyant DaveVideoदुष्यंत दवेरोएवीडियो
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

फैक्ट्री से मिली 11 हिन्दुओं की जली हुई लाशें, लकड़ी के गोदाम से भी निकले 4: संभल का वो दंगा, जिसके बाद हुआ हिन्दुओं का पलायन

अगली पोस्ट

विचारधारा के भंवर में झूलते ओझा सर को ‘AAP’ का सहारा: ‘सेक्स’ की बातों से लादेन की तारीफ तक, जानिए कैसा रहा है उनका सफर

संबंधित पोस्ट

‘जाति’ कार्ड खेलने में माहिर हो चुके राहुल गांधी
चर्चित

DU एंट्रेंस में कांग्रेस का ‘जाति’ कार्ड और बिहार में ‘राजपूत’ लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या: क्या राहुल सारण में मृतका के घर जा कर इंसाफ़ मांगेंगे?

14 March 2026

‘जाति’ कार्ड खेलने में माहिर हो चुके राहुल गांधी अब DU एंट्रेंस में जाति का एंगल लेकर घुस गए हैं, तो वहीं इधर बिहार में...

पीएम किसान योजना
राजनीति

पीएम किसान योजना: आज जारी होगी 22वीं किस्त, किसानों के खाते में ₹18,640 करोड़ ट्रांसफर

13 March 2026

आज देश के करोड़ों किसानों के लिए खुशखबरी है। पीएम मोदी असम से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे। यह किस्त...

सीएम योगी का ईधन पर बयान
राजनीति

सीएम योगी का बयान- यूपी में नहीं है ईधन की कमी अफवाहों पर ना दें ध्यान

13 March 2026

सीएम योगी का सोशल मीडिया  एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहते नजर आ रहे है कि उत्तर प्रदेश में ईंधन की कोई...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited