TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत को लूट-लूट कर अंग्रेजों ने भरे खजाने, OXFAM ने रिपोर्ट में बताए आँकड़े: 560927972 करोड़ की लूट, किंग-क्वीन को भी जाता था हिस्सा

himanshumishra द्वारा himanshumishra
20 January 2025
in अर्थव्यवस्था, चर्चित
भारत को लूट-लूट कर अंग्रेजों ने भरे खजाने, OXFAM ने रिपोर्ट में बताए आँकड़े: 560927972 करोड़ की लूट, किंग-क्वीन को भी जाता था हिस्सा

UK's Wealthiest 10% Reaped Half of India's Wealth During Colonial Rule

Share on FacebookShare on X

ऑक्सफेम इंटरनेशनल की नई रिपोर्ट ‘टेकर्स, नॉट मेकर्स’ ने ब्रिटिश उपनिवेशीकरण के दौरान भारत से की गई व्यापक लूट का एक चौंकाने वाला सच उजागर किया है। रिपोर्ट(OXFAM Report) के मुताबिक, ब्रिटेन ने 1765 से 1947 तक भारत से करीब 64.82 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति लूटी, जिसमें से लगभग 33.8 ट्रिलियन डॉलर सीधे ब्रिटेन के सबसे अमीर 10 प्रतिशत लोगों की संपत्ति बने। यह रकम इतनी भारी थी कि ब्रिटिश पाउंड के 50 के नोटों से लंदन को लगभग चार बार ढका जा सकता है।

Takers Not Makers: The unjust poverty and unearned wealth of colonialism
Takers Not Makers: The unjust poverty and unearned wealth of colonialism

यह रिपोर्ट(OXFAM Report) हर साल दावोस में होने वाली विश्व आर्थिक मंच की बैठक से पहले प्रकाशित होती है, और इसमें बताया गया है कि उपनिवेशीकरण के समय जो असमानता और लूट फैली थी, उसके घातक परिणाम आज भी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डाल रहे हैं। ऑक्सफेम के अनुसार, आज की बहुराष्ट्रीय कंपनियां और उनके प्रभाव का आधार वही ऐतिहासिक लूट है, जो ब्रिटेन ने भारत और अन्य उपनिवेशों से की थी।

संबंधितपोस्ट

आयरन डोम इंटरसेप्टर मिसाइल का होगा भारत में निर्माण? राफेल ने शुरू की भारतीय कंपनियों से बातचीत

डोकलाम टू सिलीगुड़ी कॉरिडोर : 2017 का स्टैंड ऑफ कैसे साबित हुआ भारत के लिए स्ट्रीटजिक वेक-अप कॉल ?

मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच रूस से तेल खरीद बढ़ी, मोदी सरकार के प्लान-बी ने दिखाई ताकत

और लोड करें

हमारी आज की चर्चा में हम उन काले अध्यायों पर ध्यान देंगे, जब उपनिवेशीकरण के दौरान भारत से लूटी गई संपत्तियों का ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा खुलेआम ऑक्शन करवाया जाता था और कैसे वॉर बूटी के रूप में लूट की संपत्ति शाही परिवारों और ब्रिटेन के अमीर वर्ग तक पहुँचाई जाती थी।

उपनिवेशवाद से कमाए पुस्तैनी धन से बने अमीर

दरअसल एक ब्रिटिश-स्थापित 21 स्वतंत्र गैर-सरकारी संगठनों(NGO) का संघ ऑक्सफेम की एक रिपोर्ट में एक चौकाने वाली सच्चाई सामने आयी है. इस रिपोर्ट में यह बताया गया कि ब्रिटेन के आज के बहुत से सबसे अमीर लोग अपनी संपत्ति का श्रेय उपनिवेशवाद और गुलामी को देते हैं। इन लोगों के परिवारों ने गुलामी के समय से जुड़ी संपत्ति को पीढ़ियों तक संजोकर रखा। खासकर, गुलामी समाप्त होने के बाद ब्रिटिश सरकार ने गुलाम मालिकों को भारी मुआवजा दिया, जिससे इन परिवारों को बड़ी आय हुई और यह संपत्ति उनकी समृद्धि का कारण बनी।

रिपोर्ट(OXFAM Report) में कहा गया है, “हमारी रिपोर्ट ‘टेकर्स, नॉट मेकर्स’ यह दर्शाती है कि आज अधिकांश अरबपति अपनी संपत्ति का निर्माण किसी कठिन मेहनत से नहीं, बल्कि इसे लूट कर प्राप्त करते हैं। इनमें से 60% संपत्ति या तो वसीयत, भ्रष्टाचार या फिर कारपोरेट ताकत से आई है।” रिपोर्ट(OXFAM Report) के मुताबिक, उपनिवेशवाद की लंबी और गहरी जड़ें आज भी मौजूद हैं, जिनका सबसे ज्यादा फायदा वही लोग उठाते हैं जो पहले भी इस तंत्र का हिस्सा थे। इस असमानता का असर न केवल अतीत में, बल्कि आज भी जारी है, जिससे प्रत्येक घंटे 30 मिलियन डॉलर की संपत्ति ग्लोबल साउथ से ग्लोबल नॉर्थ के सबसे अमीर 1% लोगों तक पहुंच रही है।

यह रिपोर्ट(OXFAM Report) इस मुद्दे पर जोर देती है कि उपनिवेशीकरण के दौरान जो लूट और असमानता फैली, वह केवल इतिहास का हिस्सा नहीं रही। आज भी यह तंत्र दुनिया भर में गरीब देशों से संपत्ति निकालकर समृद्ध देशों की शाही संपत्तियों को भरने का काम करता है। अब समय आ चुका है कि इस अत्याचार और असमानता को समाप्त किया जाए।

लूट की ऐतिहासिक जड़ें

आज की असमान दुनिया पर उपनिवेशीकरण का गहरा और स्थायी प्रभाव पड़ा है। असमानता की जड़ें और लूट की विकृतियां, जो उपनिवेशीकरण के समय उत्पन्न हुईं, आज भी हमारे समाज और जीवन को प्रभावित करती हैं। इस इतिहास की शुरुआत चौदहवीं शताब्दी से होती है, जब यूरोप में एक नए युग की शुरुआत हुई और नई-नई भौगोलिक खोजों का सिलसिला शुरू हुआ।

1492 में कोलंबस ने अमेरिका की खोज की और यह प्रमाणित किया कि अटलांटिक महासागर के पार भी भूमि है। उसी समय, पुर्तगालियों ने भारत आने का मार्ग खोजना शुरू किया। 1498 में, वास्को डी गामा ने अफ्रीका के दक्षिणी छोर को पार किया और कालीकट (भारत) पहुंचे। पुर्तगालियों ने धीरे-धीरे अरबों से पूर्वी व्यापार को छीन लिया और इस व्यापार ने पुर्तगाल को समृद्ध किया। इसके बाद, डच, ब्रिटिश और फ्रांसीसी भी भारत से व्यापार करने लगे।

इस दौरान अंग्रेजों ने कुछ प्रदेशों पर कब्जा कर लिया और बंगाल, बिहार, उड़ीसा और कर्नाटक में नवाबों को अपनी कठपुतली बना लिया। इन नवाबों ने यह महसूस कर लिया था कि अंग्रेजों का विरोध करना उनके लिए घातक हो सकता है। इस विदेशी व्यापार में भारत से मसाले, मोती, जवाहरात, हाथी दांत, रेशम, मलमल और अन्य मूल्यवान वस्तुएं भेजी जाती थीं, जबकि बदले में भारत में शीशे के सामान, मखमल, साटन और लोहे के औजार बेचे जाते थे।

सन् 1765 में, जब ईस्ट इंडिया कंपनी को मुग़ल सम्राट शाह आलम से बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी मिली, तब कंपनी ने इन प्रांतों से राजस्व वसूलना शुरू किया। इस दौरान, कंपनी के अधिकारियों ने भारी मात्रा में धन और हीरे-जवाहरात जमा किए, जिनकी पोल 1857 के विद्रोह में खुली। विद्रोह के बाद भारत को ब्रिटिश क्राउन के अधीन सौंप दिया गया और इस प्रकार ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त हुआ।

हालांकि प्रोफेसर कपिल कुमार के अनुसार, 1857 में हुए विद्रोह के दौरान कंपनी के सैनिकों ने भारतीय प्रांतों के कई खजानों को लूटा। दिल्ली के खजाने, जो विद्रोह के दौरान लूटी गई संपत्ति में शामिल थे, सैनिकों की जेबों में भर गए थे, जबकि उन्हें आदेश था कि यह संपत्ति पुरस्कार एजेंटों के पास पहुंचाई जाए, जो इसे नीलामी करके प्राप्त राशि का वितरण करें। लेकिन इस आदेश की अनदेखी करते हुए, सैनिकों और उनके एजेंटों ने लूट की संपत्ति को अपने तरीके से इकट्ठा किया। उस समय के आकलनों के अनुसार, दिल्ली के लूटे गए खजाने की कीमत आधे मिलियन पाउंड से अधिक थी। इस घटनाक्रम को लेकर क्वीन विक्टोरिया को एहसास हुआ कि भारत में अपार संपत्ति है, और जो पैसा कंपनी ब्रिटेन को दे रही थी, वह बहुत कम था। इसलिए, उन्होंने कंपनी से भारत को लेकर ब्रिटिश क्राउन के अधीन करने का निर्णय लिया। प्रोफेसर ने यह भी बताया कि ब्रिटिश आर्मी द्वारा भारतीय प्रांतों से लूटी गई संपत्ति को “वॉर बूटी” के रूप में सीधे क्राउन को सौंप दिया जाता था, और इसका एक हिस्सा उच्च ब्रिटिश अधिकारियों को भी मिलता था।

British prize agents at work (Image Source: geocities)
British prize agents at work

इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि लूट की प्रक्रिया दो चरणों में की जाती थी। पहले चरण में, ब्रिटिश सैनिक भारतीयों से उनके कीमती जवाहरात और अन्य संपत्ति बर्बरतापूर्वक लूटते थे। फिर, दूसरे चरण में, भारतीय सैनिकों को ब्रिटिश आर्मी के तहत भेजा जाता था, ताकि वे भारतीयों के बीच लड़ाई करवा कर बचे हुए धन को लूट सकें। इस लूटी गई संपत्ति का बाद में नीलामी करके बेचा जाता था।

कभी-कभी, कंपनी के गवर्नर खुद ही लूटी गई संपत्ति को क्राउन को नहीं भेजते थे, बल्कि उसे अपनी निजी संपत्ति में शामिल कर लेते थे, जिससे क्राउन और गवर्नर के बीच तकरारें बढ़ जाती थीं। इसी कारण, गवर्नर वारेन हेस्टिंग्स को इम्पीचमेंट (अपराध के लिए दोषी ठहराए जाने) का सामना करना पड़ा था, जो इस उपनिवेशीकरण की गहरी लूट और भ्रष्टाचार को उजागर करता है।

इस तरह, ब्रिटिश साम्राज्य ने न केवल भारतीयों को शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक और आर्थिक रूप से भी शोषित किया, और इस लूट ने भारत की समृद्धि को पूरी तरह से नष्ट कर दिया।

स्रोत: ऑक्सफेम रिपोर्ट, ब्रिटिश, ब्रिटेन, ब्रिटिश इंडिया, इंडिया, भारतीय इतिहास और अर्थव्यवस्था, Oxfam Report, British, Britain, British India, India, Indian History and Economy, Takers Not Makers
Tags: britainBritishBritish IndiaIndiaIndian History and EconomyOxfam ReportTakers Not Makersइंडियाऑक्सफेम रिपोर्टब्रिटिशब्रिटिश इंडियाब्रिटेनभारतीय इतिहास और अर्थव्यवस्था
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘हमारा DNA राम-कृष्ण का है’: इमाम के बेटे मुस्तफा ने सनातन धर्म में की घर वापसी, बन गए ‘मारुति नंदन’

अगली पोस्ट

दिल्ली चुनाव के लिए बेल मांगने पहुंचा दंगाई ताहिर हुसैन, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ऐसे लोगों को चुनाव लड़ने से रोका जाए

संबंधित पोस्ट

पीएम मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी
चर्चित

पीएम मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, रेलवे में शुरू हुआ स्वच्छ तकनीक का नया दौर

17 July 2026

 पीएम मोदी ने शुक्रवार को देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारतीय रेलवे ने स्वच्छ...

पश्चिम बंगाल में दर्दनाक रेल हादसा
चर्चित

पश्चिम बंगाल में दर्दनाक रेल हादसा, स्कूल वैन को ट्रेन ने मारी टक्कर, दो बच्चों समेत तीन की मौत

17 July 2026

पश्चिम बंगाल के बहरामपुर में गुरुवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा हो गया। स्कूल के बच्चों को लेकर जा रही एक वैन रेलवे क्रॉसिंग पार...

सोनम वांगचुक 20 दिन की भूख हड़ताल
चर्चित

सोनम वांगचुक 20 दिन की भूख हड़ताल के बाद बिगड़ी हालत, डॉक्टरों ने दी ऑर्गन फेलियर की चेतावनी

17 July 2026

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लंबे समय से भोजन न करने के कारण...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited