सिख नरसंहार के दौरान सिखों की हत्याओं, लूटपाट, आगजनी के बीच सिख महिलाओं के साथ रेप की भी घटनाएं सामने आई थीं जिसके बारे में ज़िक्र कम मिलता है...
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सिखों के गले में डालते थे टायर, फिर पेट्रोल डाल लगा देते थे आग: कहानी सिख नरसंहार की, जिसे सज्जन कुमार जैसे कांग्रेसियों ने दिया अंजाम

सिख नरसंहार के दौरान सिखों की हत्याओं, लूटपाट, आगजनी के बीच सिख महिलाओं के साथ रेप की भी घटनाएं सामने आई थीं जिसके बारे में ज़िक्र कम मिलता है

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
13 February 2025
in इतिहास
त्रिलोकपुरी में पूरे समुदाय के सफाए के बाद जली हुई गाड़ी (फोटो- Hindustan Times), दंगों के बाद बिलखता परिवार (फोटो- Ram Rahman) और इंदिरा गांधी

त्रिलोकपुरी में पूरे समुदाय के सफाए के बाद जली हुई गाड़ी (फोटो- Hindustan Times), दंगों के बाद बिलखता परिवार (फोटो- Ram Rahman) और इंदिरा गांधी

Share on FacebookShare on X

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने हाल ही में 1984 के सिख नरसंहार मामले में पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को दोषी ठहराया है। जिसके बाद एक बार फिर देश के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में शामिल इन दंगों को लेकर चर्चा शुरू हुई है। 31 अक्टूबर 1984 को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या किए जाने के बाद भड़के इन दंगों में हज़ारों सिखों की मौत हुई थी। बड़ी संख्या में सिखों की संपत्ति नष्ट की गई और उन्हें विस्थापित होना पड़ा था। आज जानेंगे उन दंगों की दर्दनाक कहानी जिन्होंने ना केवल राजनीति को बदल दिया बल्कि समाज पर भी गहरा असर छोड़ा था।

क्या थी इन दंगों की पृष्ठभूमि?

दिसंबर 1972 में अकाली दल ने एक उप-समिति का गठन किया था जिसकी रिपोर्ट में 1973 में श्री आनंदपुर साहिब में एक सर्वसम्मत प्रस्ताव के माध्यम से अपनाया गया। इसमें मोटे तौर पर पंजाब के लिए अधिक स्वायत्ता की मांग की गई थी। अक्टूबर 1978 में लुधियाना में 18वें अखिल भारतीय अकाली सम्मेलन के खुले सत्र द्वारा इसका समर्थन किया गया। इसके चलते पंजाब में अकालियों की पैठ और उनका प्रभाव बढ़ रहा था। इसी बीच अप्रैल 1978 में अकाली कार्यकर्ताओं और निरंकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई जिसमें 13 अकाली मारे गए। इस घटना को कई लोग पंजाब में चरमपंथ की शुरुआत के रूप में देखते हैं।

संबंधितपोस्ट

बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम पर साइबर जाल, व्हाट्सऐप मैसेज से लोगों को ठगने की कोशिश, पुलिस अलर्ट

और लोड करें

इस घटना के बाद रोष दिवस मनाया गया जिसमें जरनैल सिंह भिंडरावाले ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। अकाली दल अपनी मांगों को लेकर ढुलमुल रवैया अपना रहा था और भिंडरावाले ने पंजाब की मांग को लेकर कड़ा रवैया अपनाया। जरनैल सिंह का जन्म जून 1947 में रोडे गांव में हुआ था। जरनैल सिंह को सिख धर्म और ग्रंथों की शिक्षा देने वाली संस्था ‘दमदमी टकसाल’ का अध्यक्ष बनाया गया जिसके बाद उसके नाम के साथ भिंडरावाले जुड़ गया था। भिंडरावाले ने विवादास्पद राजनीतिक मुद्दों और धर्म पर नियमित तौर पर भाषण देने शुरु कर दिए और एक तबके का उन्हें समर्थन भी मिलने लगा था। इस बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर सिख समुदाय में अकाली दल के जनाधार को घटाने के लिए भिंडरावाले को प्रोत्साहन देने का आरोप लगे।

पंजाब में 1980 के दशक में हिंसक घटनाएं बढ़ने लगीं जिसके लिए भिंडरावाले को जिम्मेदार ठहराया गया। हालांकि, सबूत नहीं होने के कारण उसे कभी गिरफ्तार नहीं किया गया। 1981 में पंजाब केसरी के संस्थापक और संपादक लाला जगत नारायण की हत्या हुई, 1983 में पंजाब पुलिस के डीआईजी एएस अटवाल की हत्या कर दी गई और इसके कुछ ही समय बाद बंदूकधारियों ने पंजाब रोडवेज़ की बस में घुसकर कई हिंदुओं की हत्या कर दी। हिंसक घटनाएं बढ़ी तो इंदिरा गांधी ने पंजाब की कांग्रेस सरकार को बर्खास्त कर दिया और राष्ट्रपति शासन लगा दिया। इस बीच भिंडरावाले ने स्वर्ण मंदिर में शरण ले ली थी और दावा किया जा रहा था कि पंजाब को एक अलग देश ‘खालिस्तान’ बनाए जाने की घोषणा भिंडरावाले द्वारा की जानी थी।

लगातार बढ़ती हिंसा पर काबू नहीं पाया जा सका, मार्च 1984 तक पंजाब में हिंसक घटनाओं में 298 लोग मारे जा चुके थे। अब इंदिरा सरकार ने भिंडरावाले को सबक सिखाने की ठान ली थी और ऑपरेशन ब्लू स्टार को मंज़ूरी दे दी गई। इसके तहत 1 जून 1984 से ही सेना ने स्वर्ण मंदिर की घेराबंदी शुरू कर दी थी। भारतीय सेना ने ऑपरेशन ब्लू स्टार के तहत स्वर्ण मंदिर में प्रवेश किया और भिंडरावाले समेत कई अलगाववादियों को मार गिराया। इस सैन्य कार्रवाई में मंदिर को भारी नुकसान हुआ जिससे सिख समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया था। सिखों के आक्रोश के बीच 31 अक्टूबर 1984 प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके ही सिख अंगरक्षकों बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने दर्जनों गोलियां मारकर इंदिरा गांधी की हत्या कर दी थी।

दिल्ली में दंगों की शुरुआत

31 अक्टूबर की सुबह इंदिरा गांधी की हत्या हुई थी और दोपहर के समय तक ऑल इंडिया रेडियो द्वारा घोषणा की गई कि उनके हत्यारे सिख हैं। इंदिरा गांधी की मृत्यु की घोषणा के तुरंत बाद दिल्ली के कई हिस्सों में हिंसक भीड़ जमा होने लगी। सिखों को पीटा गया और उनके वाहनों को जला दिया गया। दोपहर करीब 2-2:30 बचे से ही राह चलते सिखों पर हमले किए जाने लगे और शाम 5 बजे राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के काफिले की गाड़ियों पर एम्स के पास पथराव किया गया। उनके काफिले में शामिल एक गाड़ी पर मशाल से हमला किया गया था।

जिस गाड़ी पर हमला किया गया था उसमें राष्ट्रपति के तत्कालीन प्रेस अधिकारी तरलोचन सिंह थे। तरलोचन ने बीबीसी को बताया था, “ज्ञानी जैल सिंह जब एम्स से इंदिरा जी के दर्शन करके उतरे तो लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनकी कार को रोकने की कोशिश की। राष्ट्रपति के सुरक्षाकर्मियों ने बड़ी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित निकाला था।”

उस समय तक हमलों की घटनाएं छिटपुट थीं और हमले संगठित तरीके से नहीं हो रहे था। हालांकि, भीड़ में गुस्सा था और जो हाथ में आता उससे ही सिखों की पिटाई की जाती। सिखों के घरों और दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया गया। दावा किया जाता है कि इसी दिन ऐसे लोगों के साथ बैठकें कई गईं जो सिखों पर हमले कर सकते थे। इन लोगों को सिखो को मारने और उनकी दुकानों-घरों को लूटने के निर्देश दिए गए थे।

एक नवंबर आते-आते इन हमलों का स्वरूप पूरी तरह से बदल गया था। सुबह करीब 10 बजे से भीड़ ने ‘खून का बदला खून से लेंगे’ जैसे नारे लगाए शुरू किए। बसों और अन्य वाहनों में भरकर हथियारों और केरोसिन, पेट्रोल जैसे ज्वलनशील पदार्थों से लैस हिंसक भीड़ सिखों को मारने के लिए इकट्ठा होने लगी थी। नानावटी आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, “हमले एक व्यवस्थित तरीके से और पुलिस के डर के बिना किए गए थे, ऐसा लगा कि उन्हें (हमलावर) आश्वासन दिया गया था कि उन कृत्यों को करते समय और उसके बाद भी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।”

हमलावरों ने सिख समुदाय के लोगों को घरों से बाहर निकाला, उन्हें पीटा और फिर ज़िंदा जला दिया गया। कई जगहों पर लोगों के गले में टायर डाले गए और फिर उन पर केरोसिन या पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। हमलावर लोगों पर एक सफेद ज्वलनशील पाउडर फेंक रहे थे जो तुंरत आग पकड़ रहा था और ज्यादातर भीड़ ने हमलों के लिए इसी पैटर्न का पालन किया था। सिखों की दुकानों को लूटा गया और उनमें आग लगा दी गई।

दिल्ली के इन दंगों में डिफेंस कॉलोनी, फ्रेंड्स कॉलोनी, महारानी बाग, जंगपुरा, लाजपत नगर, पटेल नगर, सफदरजंग एनक्लेव और पंजाबी बाग जैसे इलाके सबसे ज़्यादा प्रभावित थे। सिखों को जलाने के साथ-साथ उन्हें टुकड़ों में भी काटा गया था। कई शवों को गाड़ियों से ले जाकर यमुना नदी में फेंक दिया गया था। सिख मुख्य रूप से उस समय टैक्सियों के व्यापार में थे तो कई टैक्सी स्टैंड और टैक्सियों को तोड़-फोड़कर उनमें आग लगा दी गई थी। आस-पास के शहरों से आई भीड़ ने लोगों को मारा और गुरुद्वारों पर भी हमला किया गया था।

सिख महिलाओं के रेप, जिनकी चर्चा नहीं होती

सिख नरसंहार के दौरान सिखों की हत्याओं, लूटपाट, आगजनी के बीच सिख महिलाओं के साथ रेप की भी घटनाएं सामने आई थीं जिसके बारे में ज़िक्र कम मिलता है। एचएस फुल्का और मनोज मित्ता अपनी किताब ‘व्हेन ए ट्री शुक दिल्ली: द 1984 कारनेज ऐंड इट्स आफ्टरमाथ’ में लिखते हैं, “हालांकि, वे इंदिरा गांधी की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए नारे लगा रहे थे लेकिन तब कई स्थानों पर भीड़ इतनी उत्तेजित थी कि उसने महिला सिखों के साथ बलात्कार किया। हत्या, लूट और आगजनी पर केंद्रित समकालीन प्रेस रिपोर्टों में बलात्कार की शिकायतों का उल्लेख कम था।”

इस पुस्तक में एक महिला की आपबीती भी बताई गई है जिसका उसके बेटे के सामने रेप किया गया था। एक अन्य महिला ने बताया है कि दंगाई भीड़ में शामिल कुछ लोग उनके घर में घुस आए थे, उनकी बेटी हाथ-पैर तोड़ दिए और उसका अपहरण कर लिया था। दंगाइयों ने लड़की के तीन दिनों तक अपने घर में रखा और जिसके वह पागल जैसी हो गई थी। नानावटी आयोग की रिपोर्ट में भी रेप की घटनाओं का ज़िक्र मिलता है।

‘भीड़ में शामिल कांग्रेस के नेता’

प्रधानमंत्री की हत्या के बाद फूटा लोगों का गुस्सा संगठित सिख नरसंहार में तबदील हो गया था। नानावटी आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, “31 अक्टूबर को हुईं घटनाओं का कारण जनता की प्रतिक्रिया थी लेकिन 1 नवंबर को इसका कारण बदल गया था।” इस रिपोर्ट के मुताबिक, “जनता के गुस्से का फायदा उठाकर अन्य ताकतें स्थिति का फायदा उठाने के लिए आगे आईं। स्थानीय कांग्रेस (आई) नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सिखों पर हमला करने के लिए भीड़ को उकसाया या उनकी मदद की थी। कई जगहों पर दंगाई भीड़ में बाहरी लोग शामिल थे। इस बात के प्रमाण हैं कि बाहरी लोगों को सिखों के घर दिखाए गए थे।”

दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके के ब्लॉक ‘ए’ और ‘बी’ में रहने वाले लोगों के हलफनामों के मुताबिक, 1 नवंबर की सुबह 8 से 9 बजे के बीच लगभग 500-600 लोगों की भीड़ एक पार्क के पास इकट्ठी हुई और इसे स्थानीय कांग्रेस (आई) सांसद सज्जन कुमार ने संबोधित किया। उन्हें भड़काते हुए कहा ‘सरदारों ने हमारी इंदिरा गांधी मारी है, अब सरदारों को मारो, लूटो और आग लगा दो’। भीड़ इस दौरान ‘खून का बदला खून और सरदारों को जान से मार दो’ के नारे लगा रही थी। इसके बाद इस इलाके में सिखों के घरों पर हमले किए गए। ये हमले 1 नवंबर से शुरू होकर 2 नवंबर तक जारी रहे और इनमें 50 से अधिक लोग मारे गए और 650 से अधिक घरों को लूटा और जला दिया गया।

इंडियन एक्सप्रेस के स्टाफ रिपोर्टर रहे मॉनीश संजय सूरी ने बताया था कि 1 नवंबर को वह गुरुद्वारा रकाब गंज गए तो वहां उन्हें कांग्रेस नेता कमल नाथ के ‘नेतृत्व’ में करीब 4000 लोगों को भीड़ दिखाई दी। गुरुद्वारा के बाहर 2 सिखों की हत्या कर दी गई थी और उनके शव वहीं पड़े थे। सूरी ने नानावटी आयोग के सामने बताया कि कमल नाथ ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की और भीड़ उनसे दिशा-निर्देश मांग रही थी, हालांकि, उन्होंने कमल नाथ को भीड़ को कोई निर्देश देते हुए नहीं सुना। वहीं, कमल नाथ ने अपने हलफनामे में बताया था कि उन्होंने भीड़ को तितर-बितर करने और कानून को अपने हाथ में न लेने के लिए मनाने की कोशिश की थी। नानावटी आयोग ने कमल नाथ के जवाब को अस्पष्ट बताया था।

बड़ा हिंदू राव थाना क्षेत्र में एक नवंबर को 2 सिखों की हत्या कर दी गई थी और 1 गुरुद्वारा जला दिया गया था। 3000 से 4000 व्यक्तियों की एक बड़ी भीड़ ने गुरुद्वारा पर हमला किया था। गुरुद्वारा में रहने वाले जसविंदर सिंह ने कहा था कि भीड़ ने पेट्रोल बम फेंके और गुरुद्वारा पर केरोसिन छिड़का और आग लगा दी थी। जसविंदर के चाचा को रॉड से मारा गया और भीड़ ने ट्रक के टायरों को उसके गले में डाल दिया और उस पर केरोसिन डालकर उसे जिंदा जला दिया था। जसविंदर के मुताबिक, घटना के समय कुछ पुलिसकर्मी गुरुद्वारे के पास थे लेकिन उन्होंने भीड़ को उकसाया और गुरुद्वारा पर तीन राउंड फायरिंग की थी। नानावटी आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरिंदर सिंह ने अपने हलफनामे में इस घटना का भी ज़िक्र किया है। उनके अनुसार, भीड़ का नेतृत्व कांग्रेस (आई) के सांसद जगदीश टाइटलर कर रहे थे।

कर्नाटक के राज्यपाल रहे गोविंद नारायण ने नानावटी आयोग को बताया था कि उन्होंने अन्य प्रबुद्ध व्यक्तियों के साथ मिलकर दंगों की जांच के लिए एक नागरिक समिति बनाई थी। उन्होंने नानावटी आयोग के समक्ष कहा कि उनके पास इस बात के बहुत सारे सबूत हैं कि यमुना पार के इलाके में कांग्रेस नेता एचकेएल भगत ने सिखों के नरसंहार की योजना बनाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस बात के भी सबूत हैं कि सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर ने भीड़ को उकसाया था जिसने सिखों के घरों पर हमला किया और उन्हें आग लगा दी।

मारे गए हज़ारों सिख

सिख नरसंहार के दौरान बड़ी संख्या में सिखों की हत्या की गई थी। 31 अक्टूबर से शुरू हुए ये दंगे 7 नवंबर तक चले थे लेकिन 4 नवंबर से हिंसा की घटनाओं में कमी होनी शुरू हो गई थी। आहूजा समिति के निष्कर्ष के अनुसार 31 अक्टूबर से 7 नवंबर के बीच दिल्ली में 2,733 सिखों की हत्या की गई थी। हालांकि, सिखों के प्रतिनिधि संगठन दावा करते हैं कि इन हमलों में 3,000 से अधिक सिख मारे गए थे। वहीं, देशभर में इन दंगों में 3,325 लोगों की मौत की बात मानी जाती है।

इन दंगों के मामलों में सज्जन कुमार को दोषी ठहराया गया है और 18 फरवरी को उनकी सज़ा पर सुनवाई होनी है। आज भी हज़ारों पीड़ित न्याय के इंतज़ार में है। कुछ की रिपोर्टें खो गईं, कुछ को नष्ट कर दिया गया और कुछ तो कभी दर्ज ही नहीं की हुईं। जिन लोगों ने अपनों को खो दिया, घरों से विस्थापित हो गए, पूरा परिवार उजड़ गया, वे हज़ारों लोग सरकार की फाइलों में सिर्फ एक नंबर बनकर दर्ज हैं। जिनकी लोगों की आंखों के सामने उनके परिवार के सदस्य मार दिए गए, घर खाक में मिल गए, पूरा का परिवार उजड़ गया वे लोग सरकारी फाइलों में बस एक नंबर बनकर रह गए हैं। आज भी वे हज़ारों लोग इस इंतज़ार में हैं कि न्याय की देवी की आंखों से पट्टी हटे और उनका दर्द अदालतों को नज़र आए। अब देखना ये होगा कि क्या ऐसे लोग इतिहास के पन्नों में एक याद बनकर रह जाएंगे या उन्हें उनका हक मिलेगा?

Tags: 1984 Sikh massacre1984 सिख नरसंहारCongressIndira GandhiJagdish tytlerJarnail Singh BhindranwaleKamal nathPunjabSajjan Singhइंदिरा गाँधीकमल नाथकांग्रेसजगदीश टाइटलरजरनैल सिंह भिंडरावालेपंजाबसज्जन सिंह
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

PM Modi US Visit: क्या टैरिफ में रियायत के बदले टेस्ला की भारत में एंट्री होगी आसान? जानें, क्या है रेसिप्रोकल टैरिफ

अगली पोस्ट

मणिपुर में लगा राष्ट्रपति शासन, CM बीरेन सिंह ने 9 फरवरी को दिया था इस्तीफा

संबंधित पोस्ट

गोवा राज्य स्थापना दिवस
इतिहास

गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

30 May 2026

गोवा क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा राज्य है। भारत के पश्चिमी तट पर स्थित गोवा करीब 450 वर्षों तक पुर्तगाल के शासन...

1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)
इतिहास

अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

28 May 2026

जब विनायक दामोदर सावरकर यानी वीर सावरकर को ब्रिटिश सरकार ने अंडमान की सेलुलर जेल में कैद किया, तब उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited