TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

वीर सुरेंद्र साय: वो क्रांतिवीर जिसने 1857 से पहले ही अंग्रेजों की नींव हिला दी!

अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ विद्रोह की अमर गाथा

himanshumishra द्वारा himanshumishra
28 February 2025
in इतिहास
Veer Surendra Sai

Veer Surendra Sai

Share on FacebookShare on X

अंग्रेजों के भारत में कदम रखते ही हर प्रांत में उनके खिलाफ विद्रोह की ज्वाला धधक उठी थी। 1857 का संग्राम भले ही पहला संगठित विद्रोह माना जाता है, लेकिन उससे पहले भी कई वीरों ने ब्रिटिश हुकूमत की जड़ें हिला दी थीं। उन्हीं में से एक अप्रतिम योद्धा और क्रांतिकारी थे वीर सुरेंद्र साय  जिनकी क्रांति ने अंग्रेजों को उनकी ही हुकूमत में बेचैन कर दिया।

सम्बलपुर का क्रांतिवीर सुरेन्द्र साय
सम्बलपुर का क्रांतिवीर सुरेन्द्र साय

उड़ीसा का यह वीर सपूत अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष और बलिदान का प्रतीक बन गया। उन्होंने गुरिल्ला युद्धनीति अपनाकर ब्रिटिश सेना को जंगलों और पहाड़ों में खदेड़ दिया। उनका साहस और मातृभूमि के प्रति अटूट निष्ठा ने उन्हें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का अमर नायक बना दिया। 1857 की क्रांति से पहले ही उनके विद्रोह ने अंग्रेजों की जड़ें हिलाकर रख दी थीं, लेकिन अफसोस, इतिहास के पन्नों में उन्हें वह स्थान नहीं दिया गया, जिसके वे वास्तविक हकदार थे। आज उनकी पुण्यतिथि पर हमें इस महान योद्धा को नमन करना चाहिए, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पण कर दिया। उनका जीवन और संघर्ष हर राष्ट्रभक्त के लिए एक अनमोल प्रेरणा है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

संबंधितपोस्ट

दीदी के राज के में बेटियां असुरक्षित: ममता बनर्जी का बयान शर्मनाक से भी आगे

कोटा-बूंदी को मिलेगा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, कैबिनेट ने दो मेगा इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को दी हरी झंडी

₹18,541 करोड़ का बंपर पैकेज: 4 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट, लखनऊ मेट्रो विस्तार को हरी झंडी

और लोड करें

वीर सुरेंद्र साय: बचपन से ही संघर्ष की राह पर अग्रसर

23 जनवरी 1809, उड़ीसा के सम्बलपुर जिले के खिण्डा गांव में जन्मे वीर सुरेन्द्र साय चौहान राजवंश के उस गौरवशाली वंश के उत्तराधिकारी थे, जिन्होंने अन्याय के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। उनका गांव सम्बलपुर से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित था। बचपन से ही उनमें संघर्ष और नेतृत्व के गुण स्पष्ट दिखाई देते थे। युवावस्था में उनका विवाह हटीबाड़ी के जमींदार की पुत्री से हुआ, जो उस समय गंगापुर राज्य के प्रमुख थे। आगे चलकर उनके घर में एक पुत्र मित्रभानु और एक पुत्री का जन्म हुआ, लेकिन उनका असली परिचय एक महान क्रांतिकारी योद्धा के रूप में होने वाला था।

1827 में सम्बलपुर के राजा का निधन हुआ, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। वंश परंपरा के अनुसार सुरेन्द्र साय ही गद्दी के स्वाभाविक उत्तराधिकारी थे। लेकिन अंग्रेज जानते थे कि अगर उन्हें गद्दी मिल गई, तो वे कभी भी उनके हाथ की कठपुतली नहीं बनेंगे। इसलिए अंग्रेजों ने षड्यंत्र रचते हुए राजा की विधवा, मोहन कुमारी को राज्य का प्रशासक बना दिया। यह फैसला पूरी तरह से ब्रिटिश हितों की रक्षा के लिए था, क्योंकि मोहन कुमारी शासन-काज की अधिक समझ नहीं रखती थीं और अंग्रेजों के लिए राजनीतिक मोहरा बन गईं।

अंग्रेजों की इस चालबाजी से सम्बलपुर के स्थानीय जमींदार और प्रजा में भारी असंतोष फैल गया। वे इस अन्याय को स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। उन्हें एक ऐसा नेतृत्व चाहिए था, जो अंग्रेजों की दमनकारी नीति के खिलाफ खड़ा हो सके—और वह नाम था वीर सुरेन्द्र साय। जमींदारों ने एकमत होकर सशस्त्र विद्रोह की घोषणा की और सुरेन्द्र साय को अपना नेता चुना।

धीरे-धीरे, यह संघर्ष एक बड़ी क्रांति का रूप लेने लगा। सुरेन्द्र साय और उनके समर्थकों ने अंग्रेजी सत्ता को खुली चुनौती दी, जिससे ब्रिटिश हुकूमत बुरी तरह हिल गई। उनके बढ़ते प्रभाव और विद्रोही तेवरों से अंग्रेज बौखला गए और उन्हें कुचलने के लिए लगातार षड्यंत्र रचने लगे। लेकिन सुरेन्द्र साय उन योद्धाओं में से नहीं थे जो अन्याय के सामने झुक जाएं—उनकी लड़ाई अभी शुरू ही हुई थी!

 

शहादत का वो दिन 

1837 का वर्ष, जब वीर सुरेन्द्र साय, उदन्त साय, बलराम सिंह और लखनपुर के जमींदार बलभद्र देव डेब्रीगढ़ में रणनीतिक विचार-विमर्श कर रहे थे, तभी अंग्रेजों ने अचानक धावा बोल दिया। इस हमले में बलभद्र देव को बेरहमी से मार दिया गया, लेकिन बाकी तीनों किसी तरह बच निकलने में सफल रहे। यह हमला उनकी क्रांतिकारी गतिविधियों को रोकने का एक प्रयास था, लेकिन इसके बजाय आज़ादी की लड़ाई और तेज़ हो गई। वीर सुरेन्द्र साय और उनके साथियों की विद्रोही कार्रवाइयाँ लगातार जारी रहीं, जिससे अंग्रेजों की बेचैनी बढ़ गई।

ब्रिटिश हुकूमत ने उन्हें पकड़ने के लिए स्थानीय गद्दारों और मुखबिरों की मदद ली और आखिरकार 1840 में विश्वासघात का शिकार होकर वीर सुरेन्द्र साय, उदन्त साय और बलराम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और हजारीबाग जेल भेज दिया गया। यह तीनों क्रांतिकारी केवल योद्धा ही नहीं, बल्कि आपस में रिश्तेदार भी थे, जो मातृभूमि की मुक्ति के लिए अंग्रेजों से लोहा ले रहे थे।

लेकिन उनके साथियों ने हार नहीं मानी। 30 जुलाई, 1857, जब पूरा देश 1857 की क्रांति की ज्वाला में जल रहा था, उसी दौरान सैकड़ों क्रांतिकारियों ने हजारीबाग जेल पर हमला किया और वीर सुरेन्द्र साय को 32 अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के साथ छुड़ा लिया। आज़ाद होते ही उन्होंने सम्बलपुर पहुँचकर अंग्रेजों के खिलाफ फिर से सशस्त्र संघर्ष छेड़ दिया। यह आंदोलन पहले से भी अधिक शक्तिशाली और संगठित हो गया। अब ब्रिटिश सेना और सुरेन्द्र साय के क्रांतिकारी योद्धाओं के बीच लगातार झड़पें होने लगीं। कभी एक पक्ष हावी रहता, तो कभी दूसरा, लेकिन एक बात तय थी—अंग्रेजों को चैन से शासन करने नहीं दिया गया।

23 जनवरी, 1864, जब वीर सुरेन्द्र साय अपने परिवार के साथ सो रहे थे, ब्रिटिश सेना ने रात में अचानक छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्हें परिवार सहित रायपुर ले जाया गया, और अगले ही दिन नागपुर की असीरगढ़ जेल में कैद कर दिया गया। वहाँ अंग्रेजों ने उन पर शारीरिक और मानसिक यातनाओं की कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन इस वीर योद्धा ने ब्रिटिश शासन के आगे झुकने से साफ इनकार कर दिया।

अपनी 37 साल की जिंदगी जेल की अंधेरी कोठरी में बिताने वाले वीर सुरेन्द्र साय ने 28 फरवरी, 1884 को असीरगढ़ किले की जेल में अंतिम सांस ली। उनका पूरा जीवन मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए समर्पित था। उनका संघर्ष और बलिदान भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज रहेगा, क्योंकि वह योद्धा जिसने कभी हार नहीं मानी, जिसने कभी सिर नहीं झुकाया, और जो आखिरी सांस तक भारत माता की आज़ादी के लिए लड़ता रहा।

 

 

 

स्रोत: वीर सुरेंद्र साय, ओड़िसा, सम्बलपुर, क्रांतिवीर, सम्बलपुर का क्रांतिवीर, 1857 की क्रांति, वीर सुरेंद्र साय पुण्यतिथि, Veer Surendra Sai, Odisha, Sambalpur, Krantiveer, The Revolutionary of Sambalpur, The Revolt of 1857, Veer Surendra Sai Punyatithi
Tags: 1857 की क्रांतिKrantiveerOdishaSambalpurThe Revolt of 1857The Revolutionary of SambalpurVeer Surendra SaiVeer Surendra Sai Punyatithiओड़िसाक्रांतिवीरवीर सुरेंद्र सायवीर सुरेंद्र साय पुण्यतिथिसम्बलपुरसम्बलपुर का क्रांतिवीर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

रमज़ान से पहले संभल की ‘कथित मस्जिद’ को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, नहीं होगी रंगाई-पुताई

अगली पोस्ट

तमिलनाडु में सनातन विरोध से भाषा के नाम पर बांटने तक सारे हथकंडे आज़मा रही DMK, फ्रंट फुट पर खेल रही BJP

संबंधित पोस्ट

21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा
इतिहास

21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

21 March 2026

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान Adolf Hitler के खिलाफ कई साजिशें रची गईं, लेकिन 21 मार्च 1943 की साजिश खास इसलिए थी क्योंकि यह एक...

वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन
इतिहास

वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

20 March 2026

वह 24 साल के थे उन्होंने एक सैनिक की वर्दी पहनी, कंधे पर एक राइफल टांगी, और अपने महल से बाहर उस रात में कदम...

जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला
इतिहास

जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

16 March 2026

ईरान और अमेरिका / इजरायल के बीच युद्ध जारी हैं। दो सप्ताह से ज्यादा समय हो चुका हैं। एक दूसरे पर जबर्दस्त बमबारी हो रही...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited