पाकिस्तान में प्रताड़ना झेल रहे कई हिन्दू हर वर्ष पलायन करके भारत आते हैं, इनमें से कइयों को नागरिकता ना मिलने के कारण वापस जाना पड़ता है...
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

विदेशी फंडिंग पर पलती ‘वोक राजनीति’: हिंदू शरणार्थियों से भेदभाव, रोहिंग्या घुसपैठियों से प्रेम

पाकिस्तान में प्रताड़ना झेल रहे कई हिन्दू हर वर्ष पलायन करके भारत आते हैं, इनमें से कइयों को नागरिकता ना मिलने के कारण वापस जाना पड़ता है

Anand Kumar द्वारा Anand Kumar
14 February 2025
in समीक्षा
जो आर्थिक या कानूनी समर्थन अवैध रोहिंग्या घुसपैठियों को मिल रहा है और जो पाकिस्तान से वैध तरीके से आये हिन्दू शरणार्थियों को मिल रहा है, उसमें भी जमीन आसमान का अंतर है

जो आर्थिक या कानूनी समर्थन अवैध रोहिंग्या घुसपैठियों को मिल रहा है और जो पाकिस्तान से वैध तरीके से आये हिन्दू शरणार्थियों को मिल रहा है, उसमें भी जमीन आसमान का अंतर है

Share on FacebookShare on X

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई थी। मामला था रोहिंग्या ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव और दिल्ली (एनसीटी) की सरकार के बीच, जिसमें फैसला आना था। ये जनहित याचिका रोहिंग्या ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव नाम के एनजीओ की ओर से थी, जिसमें स्कूलों में रोहिंग्या छात्र-छात्राओं की भर्ती और उससे जुड़े लाभ उन्हें भी दिलवाने के लिए अदालत को निर्देश देने के लिए कहा गया था। गौरतलब है कि स्कूल और उससे जुड़े लाभ आधार कार्ड या नागरिकता नहीं होने पर भी देने की बात थी। ये मामला महत्वपूर्ण इसलिए हो जाता है क्योंकि हाल ही में अमेरिका से अवैध घुसपैठिया होने के कारण कई भारतीय लोगों को वापस भेजा गया था और तब तथाकथित वोक और प्रगतिशील कहलाने वाली जमातों के छाती कूटने के साथ-साथ और लोग भी ये पूछ रहे थे कि छप्पन इंची सरकार भारत से घुसपैठियों को वापस नहीं भेज सकती क्या? ये मामला इस सवाल का जवाब भी है।

इस मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्य कान्त और जस्टिस एनके सिंह की पीठ कर रही थी। याचिकाकर्ता एनजीओ की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोंसाल्विस कह रहे थे कि रोहिंग्या शरणार्थी बड़ी बुरी दशा में हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि बेचारे स्कूलों में दाखिला तक नही ले पा रहे क्योंकि अधिकांश के पास आधार कार्ड और नागरिकता तक नहीं है, इसलिए उन्हें स्कूल से जुड़े लाभ भी नहीं मिल रहे। इस पर अदालत ने पूछा कि ये लोग रह कहाँ रहे हैं, ये बताया जाए ताकी उन तक मदद/राहत पहुंचाई जा सके। साथ ही उन्होंने ये भी जोड़ा कि इस पता बताने की सूची में बच्चों के व्यक्तिगत विवरण सार्वजनिक न किये जाएँ। इसके लिए अदालत ने कहा कि बच्चों के बारे में नहीं, हमें उनके अभिभावकों, माता-पिता का पता दो, उनके परिवार में कितने सदस्य हैं, कोई प्रमाण जिससे उनका होना सुनिश्चित हो। कोई निबंधन का प्रमाण, जिससे उनका अस्तित्व में होना सिद्ध होता हो, वो देने अदालत ने कहा। इस पर वकील गोंसाल्विस ने कहा कि उनके पास यूएनएचसीआर द्वारा जारी किये कागज (पहचान पत्र) हैं, जिससे उनका शरणार्थी होना सिद्ध होता है।

संबंधितपोस्ट

म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

भोजशाला विवाद: वैकल्पिक नमाज स्थल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, मुस्लिम पक्ष ने आदेश का पालन न होने का लगाया आरोप

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने मांगी एसआईटी रिपोर्ट, केंद्र-राज्य और ट्रस्ट को जारी किया नोटिस

और लोड करें

अदालत ने कहा कि एक बार ये सिद्ध हो जाये कि इतने लोग अस्तित्व में हैं, तब अदालत तय करेगी कि उनके लिए क्या-क्या किया जाना है। साथ ही अदालत ने कहा कि शिक्षा के मामले में कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा। वो कहाँ रह रहे हैं, एक बार ये तय हो जाये तो फिर संतुष्ट होने पर अदालत उसका प्रबंध करेगी। इस मामले की अगली सुनवाई 28 फरवरी को होनी है। इससे पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट ने ऐसे ही एक मामले में म्यांमार से भारत आए रोहिंग्या लोगों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। पिछले वर्ष अक्टूबर में इस याचिका पर कहा था कि ये मामला केंद्र सरकार का है न कि अदालत का। ये मामला (सोशल जूरिस्ट बनाम दिल्ली म्युनिसिपल कारपोरेशन और अन्य) फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए लंबित है।

अधिवक्ता कोलिन गोंसाल्विस ने सरकार से रोहिंग्या लोगों के लिए जो मांगे रखी हैं उनमें, सरकारी स्कूलों में 10 और 12 तक की मुफ्त शिक्षा, मुफ्त कॉलेज शिक्षा, सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और अन्त्योदय योजना के अंतर्गत मुफ्त अनाज जैसी चीजें हैं। यानी जिसके लिए भारतीय नागरिकों को आधार कार्ड जैसे दस्तावेज चाहिए, वो ऐसे ही म्यांमार से घुसपैठ करके आ गए लोगों को उठा कर दे दिए जाएँ। इसकी तुलना भारत आकर शरण मांगने वाले पाकिस्तानी हिन्दुओं से की जाये तो तथाकथित प्रगतिशीलों का ‘हिन्दू-फोबिया’ तुरंत नजर आ जाता है। पाकिस्तान में प्रताड़ना झेल रहे कई हिन्दू हर वर्ष पलायन करके भारत आते हैं, इनमें से कइयों को नागरिकता ना मिलने के कारण वापस जाना पड़ता है। पाकिस्तानी हर वर्ष ऐसे लौटने वालों की परेड करवाकर लोगों को दिखाते हैं कि भारत में प्रताड़ित होने के कारण ये वापस लौट आये। नागरिकता का आवेदन वर्षों लंबित रहने के बाद कई लोग लौट जाते हैं। इसके पीछे कानूनों का भी योगदान है।

सीएए से हालात थोड़े से बदले लेकिन कुछ नयी दिक्कतें भी आई। जो लोग 31 दिसम्बर 2014 से पहले आ गए उनके लिए राहत हुई लेकिन उन्हीं के परिवार के जो सदस्य इस तिथि के बाद आये उनके लिए बार-बार वीजा बनवाना एक समस्या बना हुआ है। बाद में आये सभी लोगों पर अभी भी पुराना नागरिकता कानून (1955) लागू होता है। जितनी तेजी रोहिंग्या लोगों के लिए दिखाई जाती है उसकी दस प्रतिशत गति भी हिन्दू शरणार्थियों के लिए मोहल्ले बसाने, उन्हें बिजली-पानी या स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएँ दिलवाने में नहीं दिखती है। जिन्हें लौटना पड़ रहा है उनमें से कई वहाँ जान और धर्म पर खतरे की वजह से भागे थे। उनका लौटना मौत के मुंह में जाने जैसा है। भारत में रुकने के लिए वीजा बनवाना 7000 रुपये का खर्च है जो कइयों के लिए संभव नहीं होगा क्योंकि नागरिकता और आधार-पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों के बिना नौकरी ढूंढना भी लगभग असंभव है।

संस्थाओं के स्तर पर भी ये अंतर दिखाई देता है। हिन्दुओं के लिए जो गिनी-चुनी संस्थाएं हैं भी वो जैसे-तैसे जनता के चंदे पर चलती हैं। इसके मुकाबले रोहिंग्या मुस्लिमों के लिए काम कर रहे अधिवक्ता कोलिन गोंसाल्विस की संस्था ‘ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क’ (एचआरएलएन) को यूरोप के चार चर्चों से कुछ वर्ष पहले ही 50 करोड़ रुपए (सीएए-एनआरसी आन्दोलन से जुड़े दिल्ली दंगों के समय) मिले थे। सोरोस के एनजीओ से भी कोलिन गोंसाल्विस की संस्था के तार जुड़े हैं। वो इससे पहले अक्षय पात्र और इस्कोन के खिलाफ चले कानूनी और आन्दोलन जैसे अभियान से जुड़ा रहा है। नीदरलैंड की ग्लोबल स्टेटलेसनेस फण्ड से भी इसकी संस्था को पैसे मिलते हैं। यानी जो आर्थिक, कानूनी या आन्दोलनकारी/एक्टिविस्ट का समर्थन अवैध रोहिंग्या घुसपैठियों को मिल रहा है और जो पाकिस्तान से वैध तरीके से आये हिन्दू शरणार्थियों को मिल रहा है, उसमें भी जमीन आसमान का अंतर है। ऐसे में सोचना पड़ता है कि एक्टिविस्ट, उनके कानूनी सलाहकार-वकील और कई राजनेता जो इन्हें संरक्षण देते रहे, वो हमारे देश को ले कहाँ जाना चाहते हैं? कई मोर्चों पर चल रहे इस युद्ध का सामना सिर्फ सीमाओं पर नहीं, भारत की जनता को हर गली-मोहल्ले में करना होगा।

स्रोत: सुप्रीम कोर्ट, बांग्लादेश, म्यांमार, रोहिंग्या घुसपैठिए, हिंदू शरणार्थी, कोलिन गोंसाल्विस, Supreme Court, Bangladesh, Myanmar, Rohingya infiltrators, Hindu refugees, CAA, NRC, colin gonsalves
Tags: BangladeshCAAcolin gonsalvesHindu refugeesMyanmarNRCRohingya infiltratorsSupreme Courtकोलिन गोंसाल्विसबांग्लादेशम्यांमाररोहिंग्या घुसपैठिएसुप्रीम कोर्टहिंदू शरणार्थी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

एक-दो परिवार नहीं, पूरा गांव बन गया मुस्लिम: फिर भी चुनाव लड़ने के लिए खुद को दिखाते हैं जनजातीय, जानिए कैसे बदल रही डेमोग्राफी

अगली पोस्ट

पाकिस्तान में जन्मा, कनाडाई नागरिक, 26/11 का मास्टरमाइंड… कौन है तहव्वुर हुसैन राणा, जिसे भारत को सौंप रहे हैं डोनाल्ड ट्रम्प

संबंधित पोस्ट

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!
चर्चित

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

22 May 2026

पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया स्पेस, खासकर इंस्टाग्राम पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक डिजिटल अभियान ने तहलका मचा रखा है। मीम्स,...

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?
चर्चित

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?

7 May 2026

तमिलनाडु की राजनीति आज एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है जहाँ लोकतंत्र की परिभाषा और राज्यपाल के अधिकारों के बीच सीधी जंग छिड़ गई है।...

Modi in BJP Head Office
चर्चित

आखिर कैसे आए ये चुनाव परिणाम ?

6 May 2026

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर कोई एक सुसंबद्ध टिप्पणी संपूर्ण स्थितियों का विश्लेषण नहीं कर सकता। सारे राज्यों के राजनीतिक समीकरण और स्थानीय मुद्दे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited