येशू-येशू बोलकर आम जनता को पागल बनाने वाले ईसाई पादरी बजिंदर सिंह को मोहाली की जिला अदालत ने 1 अप्रैल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके बाद से उसके अपराधों पर मीडिया में चर्चा हो रही है। बजिंदर सिंह को 2018 में जीरकपुर थाने में महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर दोषी पाए जाने पर सजा सुनाई गई है। बजिंदर सिंह ने महिला को बहलाकर बलात्कार किया था और उसके वीडियो बना लिया थे। हालांकि, भारत में कांडी पादरियों में केवल बजिंदर सिंह नहीं है। पिछले 10 साल के भीतर 17 पादरियों को लड़कियों, महिलाओं के साथ दुराचार करने के लिए दोषी पाया गया है और उन्हें सजा सुनाई गई है।
बजिंदर सिंह को हुई सजा के कुछ दिन बाद ही पंजाब के गुरदासपुर से एक और मामला सामने आया है। इस केस में पुलिस पर भी गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। मामले की CBI जांच की मांग को लेकर लड़की के पिता अब हाईकोर्ट पहुंचे हैं। मामला 2023 का है। पादरी जशन गिल ने बलात्कार के बाद लापरवाही से गर्भपात कराया था। इसके बाद इलाज के दौरान लड़की की मौत हो गई थी।
2016 में हुई थी सबसे कड़ी सजा
मोहाली कोर्ट के फैसले के बाद बजिंदर सिंह को नाम सुर्खियों में है। उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। ऐसे में हम आपको उन 17 केस के बारे में बता रहे हैं जिनमें पादरियों को सजा हुई है। अब तक सबसे कड़ी सजा 2016 में एक पादरी को हुई थी। इसमें कोर्ट ने उसे दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाकी मामलों में जेल और जुर्माने की सजा सुनाई गई है। आइये जानें वो 17 केस…
1- पंजाब का पादरी बजिंदर सिंह
जीरकपुर (पंजाब) की एक पीड़िता ने मई 2018 में पुलिस से शिकायत की थी कि बजिंदर सिंह ने उसका यौन शोषण किया और वीडियो भी रिकॉर्ड किया। पादरी 2017 में पीड़िता के संपर्क में आया और उसे विदेश ले जाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया। उसने चंडीगढ़ में अपने घर पर यौन शोषण किया और उसका वीडियो भी बनाया। इसके बाद उसे शिकायत न करने के लिए धमकाया भी।
1 अप्रैल, 2025 को मोहाली (पंजाब) की एक विशेष POCSO अदालत ने 2018 के जीरकपुर बलात्कार मामले में पादरी बजिंदर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
2- गुंटूर का पादरी कोटेश्वर राव केस
आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले का मामला है। साल 2018 में आरोपी पादरी एन. कोटेश्वर राव वेंकट पालम गांव में छोटे चर्च का पादरी था। उसने यहां 15 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न कर उसे गर्भवती कर दिया था। मामला पुलिस के पास पहुंचा तो उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ और 5 साल बाद आरोपी को सजा हो पाई।
सितंबर 2024 में गुंटूर कोर्ट ने नाबालिग लड़की को गर्भवती करने के लिए चर्च के पादरी कोटेश्वर राव को 20 साल की जेल की सजा सुनाई थी। मामले में एक लाख रुपये का जुर्माना भी पादरी पर लगाया गया था।
3- केरल का पादरी मणि केस
केरल के एर्नाकुलम जिले में ममालाकंडम चम्पारा न्यू टेस्टामेंट नाम का चर्च है। यहां वट्टामट्टमचिरेल मणि नाम का पादरी था जिसने 11 साल के नाबालिग लड़के का यौन शोषण किया था। इसके बाद पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था।
मई 2024 में केरल में नाबालिग लड़के का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में ईसाई पादरी मणि को 55 साल की सजा सुनाई गई थी। कोर्ट ने उसपर 1,40,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
4- हैदराबाद पादरी टी सुरेश केस
तेलंगाना के हैदराबाद में मैट्रिमोनी सेंटर में अंशकालिक रूप से मैनेजर की नौकरी करने वाले टी सुरेश ने किशोरी का यौन शोषण किया था। इसके बाद हैदराबाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और साल 2024 में पादरी जेल पहुंच गया।
मार्च 2024 में हैदराबाद की अदालत ने पादरी टी सुरेश को पॉक्सो एक्ट के तहत 5 साल की जेल और 12,000 रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई थी।
5- छत्तीसगढ़ का हेमंत सोना केस
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बचेली चर्च है। यहां के पादरी हेमंत सोना ने 114 साल की लड़की को गलत तरीके से छुआ और शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया था। घटना के बाद 3 दिसंबर 2022 को पादरी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।
20 जनवरी 2024 को पोक्सो मामले कोर्ट ने आरोपी हेमंत सोना को 5 साल सश्रम कारावास और 2.12 लाख रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई थी।
6- अहमदाबाद पादरी गुलाबन मसीह केस
गुजरात के अहमदाबाद के स्थानीय चर्च में पादरी गुलाबन मसीह पर नाबालिग का जबरन धर्म परिवर्तन करवाया था। इसके लिए उसने नाबालिग के अश्लील फोटो और वीडिया वायरल कर उसपर दबाव बनाया था। इस केस में जब सजा हुए तो यह गुजरात का पहला मामला था जिसमें किसी पादरी को जबरन धर्म परिवर्तन करवाने के मामले में सजा सुनाई गई थी।
अगस्त 2023 में अहमदाबाद की कोर्ट ने आरोपी पादरी गुलाबन मसीह को 17 वर्षीय नाबालिग के जबरन धर्म परिवर्तन कर अश्लील फोटो वायरल करने के मामले में दोषी पाया। इसके बाद उसे तीन साल की सजा और 10,000 रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई गई।
7- केरल का मोनसन मावुंकल केस
केरल के एर्नाकुलम में स्थानीय चर्च है। वहां मोनसन मावुंकल काम करता था। उसपर 17 वर्षीय लड़की के बलात्कार का आरोप लगा था। इसके बाद पोक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ।
जून 2023 में केरल के ठग मोनसन मावुंकल को नाबालिग से बलात्कार के लिए आजीवन कारावास और 5 लाख जुर्माने की सजा सुनाई गई।
8- केरल पादरी राजू कोकन
केरल के त्रिशूर की चर्च में राजू कोकन नाम का कैथोलिक पादरी था। उस पर एक नाबालिग लड़की ने नाबालिग लड़की का यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके बाद परिजनों ने POCSO के तहत थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
दिसंबर 2022 में इस मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी पाए गए त्रिशूर चर्च में कैथोलिक पादरी राजू कोकन को 7 साल के लिए जेल भेज दिया था।
9- केरल का जोस प्रकाश केस
केरल के मलप्पुरम जिले में बलरामपुरम नाम की जगह है। यहां पेंटेकोस्टल पंथ का प्रकाश केस हुआ करता था। उसने 13 साल की बच्ची के साथ दुराचार किया था। स्थानीय पुलिस थाने में पोक्सो अधिनियम मामला दर्ज किया गया था।
मामले पर अगस्त 2022 में कोर्ट का फैसला आया। अदालत ने नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के मामले में 51 साल के जोस प्रकाश को आजीवन कारावास और 2,50,000 रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई थी।
10- केरल का थॉमस पराक्कुलम केस
ये मामला केरल के पलक्कड़ का है। मामला कोट्टाराकारा के पास पुलमाला में होली क्रॉस सेमिनरी में चेन्नई स्थित यूजीन डी माजेनोड और पादरी सोसायटी से जुड़ा हुआ है। यहां आरोपी पादरी थॉमस पराक्कुलम पर 4 नाबालिग लड़कों को यौन शोषण का शिकार बनाने का आरोप लगा था।
मई 2022 में केस का फैसला हुआ और अदालत ने अपने नाबालिग छात्रों के साथ बलात्कार करने के लिए ईसाई पादरी को 18 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके साथ ही पीड़ितों के 1-1 लाख रुपये देने का भी आदेश दिया था।
11- मुंबई फादर लॉरेंस जोशी केस
मुंबई के शिवाजी नगर स्थित क्राइस्ट द किंग चर्च का मामला है। यहां के फादर लॉरेंस जोशी ने 2015 में चर्च के अंदर 13 वर्षीय लड़के का का यौन शोषण किया था। इस मामले में बॉम्बे के आर्कबिशप ओसवाल्ड कार्डिनल ग्रेसिया ने समुदाय से क्षमा मांगी थी।
दिसंबर 2021 में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। नाबालिग लड़के का बलात्कार करने के मामले में पोक्सो अधिनियम के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
12- तमिलनाडु पादरी अरुलदोस केस
तमिलनाडु के कुड्डालोर की चर्च का पादरी अरुलदोस बच्चियों को अपना निशाना बनाता था। उसपर 2 नाबालिग लड़कियों ने नाबालिग लड़कियों ने यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की जांच की ओर आरोपी कोर्ट में दोषी पाया गया।
इस मामले पर जनवरी 2019 में कोर्ट का फैसला आया। कोर्ट ने आरोपी पादरी को 30 साल जेल और 5 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
13- नेल्लई बाल उत्पीड़न मामला
तमिलनाडु में तिरुनेलवेली चर्च से जुड़े एक ब्रिटिश नागरिक और सेवानिवृत्त पादरी पर 9 के छात्र के यौन शोषण के आरोप लगे थे। पुलिस ने तत्काल जोनाथन रॉबिन्सन के खिलाफ मामला दर्ज किया। अप्रैल 2018 केस में कोर्ट ने फैसला सुनाया। नेल्लई बाल उत्पीड़न मामले में ब्रिटिश नागरिक को 3 साल की जेल की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही कोर्ट ने 10,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
14- गुंटूर का के. जयराजू केस
आंध्र प्रदेश के गुंटूर में पलापरु नाम की जगह है। यहां के बाल आश्रम में एक चर्च है। इसी का पादरी के जयराजू था। साल 2014 में उसने यही के नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली 2 बच्चियों का बलात्कार किया था।
2014 के इस मामले में नवंबर 2017 में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। आरोपी पादरी के. जयराजू को 10 साल की कैद और 10,000 रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई गई।
15- केरल सानिल के. जेम्स केस
केरल के त्रिशूर में साल्वेशन चर्च के पादरी को यौन शोषण के मामले में सजा मिली थी। उसने 2013 से 2015 के बीच अपने सरकारी आवास पर कई बार लड़की का यौन शोषण किया था। उसके खिलाफ मामला 13 साल की बच्ची के शोषण का दर्ज हुआ था।
2013 से 2015 तक किए गए अलग-अलग अपराधों के मामले में मई 2017 कोर्ट का फैसला आया। आरोपी पादरी को पोक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। जब उसे सजा हुई तो वह एक अन्य नाबालिग लड़की से बलात्कार के लिए 40 साल सजा काट रहा था।
16- तमिलनाडु फादर स्टीफन जोसेफ केस
तमिलनाडु (तिरुनेलवेली) मूक्कुपेरी गांव का मामला है। यहां फादर स्टीफन जोसेफ गरीब और परित्यक्त बच्चों के लिए बने आश्रम में काम करता था। उसने इसी आश्रम के गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली कुछ बच्चियों के साथ यौन शोषण किया था।
दिसंबर 2016 में ईसाई पादरी को बाल यौन शोषण के लिए 14 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही उसपर 8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
17- केरल फादर एडविन फिगारेज़ केस
ये केरल के कोच्चि में पड़ने वाले कोट्टापुरम का मामला है। साल 2015 में कोट्टापुरम चर्च के कैथोलिक पादरी एडविन फिगारेज़ पर कैथोलिक समुदाय की ही 9वीं कक्षा की छात्रा दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। उसने बच्ची के साथ कई बार शोषण किया था।
दिसंबर 2016 में यौन शोषण मामले में पादरी को दोहरी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही उसपर 225,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। ये अभी तक पादरियों को इस तरह के केस में मिली सबसे कठोर सजा है।
इस तरह से भारत हाल-फिलहाल में आए केवल 1-2 मामले ही नहीं है जहां पादरियों ने घटिया हरकत की हो। यहां तो हमने आपको 17 वो मामले बताए हैं जिनमें अदालत का फैसला आ गया है। इसके अलावा भी कई ऐसे मामले हैं जो कोर्ट में चल रहे हैं। कई तो ऐसे मामले भी होंगे जो शायद थाने भी नहीं पहुंच पाए होंगे।