मलयालम फिल्म ‘एम्पुरान'(Empuraan) सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के बाद से ही जबरदस्त विवादों में घिरी हुई है। फिल्म में खलनायक का नाम ‘बजरंगी’ रखने और गर्भवती महिलाओं से जुड़े हिंसक दृश्यों को लेकर हिंदू समुदाय में गहरा आक्रोश है। इसके अलावा, फिल्म में 2002 के गुजरात दंगों का संदर्भ देकर हिंदू समाज को नकारात्मक रूप में दिखाने की कोशिश की गई है, जिसे लेकर संघ परिवार और भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह मोहनलाल अभिनीत इस फिल्म को देखने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फिल्म सच्चाई को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही है, लेकिन इसमें पूरी तरह विफल रही है। जैसे-जैसे विरोध तेज हुआ, मोहनलाल को अंततः माफी मांगनी पड़ी।
बढ़ते विवाद के बीच, फिल्म के को-प्रोड्यूसर एंटनी पेरुंबवूर ने 1 अप्रैल को एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि आलोचनाओं को ध्यान में रखते हुए फिल्म में 24 कट्स लगाए जाएंगे। पहले केवल 17 दृश्यों को हटाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन बढ़ते दबाव के कारण और अधिक कट्स जोड़े गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म की दोबारा एडिटिंग चल रही है, जिसमें पहला चरण पूरा हो चुका है और दूसरे पर काम जारी है।
इन सीन्स पर लगेंगे कट
मलयालम फिल्म ‘एम्पुरान'(Empuraan) को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बढ़ते विरोध के बीच सह-निर्माता एंटनी पेरुंबवूर ने मंगलवार को घोषणा की कि फिल्म में 24 महत्वपूर्ण कट्स लगाए जाएंगे। फिल्म के विवादित हिस्सों को हटाने का काम तेज़ी से चल रहा है और पहला भाग संपादित कर लिया गया है, जबकि दूसरा भाग मंगलवार से शुरू हो चुका है। माना जा रहा है कि बुधवार से सिनेमाघरों में री-एडिटेड वर्जन प्रदर्शित किया जाएगा।
बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए गर्भवती महिलाओं से जुड़े हिंसक दृश्य पूरी तरह हटा दिए गए हैं और फिल्म के खलनायक ‘बजरंगी’ का नाम बदलकर ‘बलदेव’ कर दिया गया है। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी के अनुरोध पर ‘थैंक यू’ स्लाइड से उनका नाम भी हटा दिया गया है। साथ ही, फिल्म में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का जिस तरह से उल्लेख किया गया था, उसे भी म्यूट कर दिया गया है।
इस पूरे विवाद के बीच पेरुंबवूर ने सफाई देते हुए कहा कि यह बदलाव किसी दबाव में नहीं, बल्कि कुछ दर्शकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि फिल्म(Empuraan) के खिलाफ अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है, जबकि इसे बड़े पैमाने पर स्वीकार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्देशक पृथ्वीराज सुकुमारन को अलग-थलग करने का कोई सवाल ही नहीं उठता और सुपरस्टार मोहनलाल सहित पूरी टीम इन फैसलों से पूरी तरह अवगत थी। इस फिल्म में गुजरात 2002 के दंगों के संदर्भ को लेकर भी तीखी आपत्ति जताई गई थी, जिससे विवाद और भड़क गया। हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद निर्माताओं को बैकफुट पर आना पड़ा।
उच्च न्यायालय में ‘एम्पुरान’ की स्क्रीनिंग रोकने की याचिका दायर
इस विवाद ने कानूनी मोड़ भी ले लिया है, क्योंकि केरल उच्च न्यायालय में फिल्म(Empuraan) की स्क्रीनिंग पर रोक लगाने की रिट याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने फिल्म में गोधरा कांड के बाद हुए सांप्रदायिक दंगों के चित्रण पर कड़ी आपत्ति जताई और दावा किया कि यह दृश्य समाज में सांप्रदायिक तनाव भड़काने का काम कर सकते हैं।
फिल्म के खिलाफ विरोध की शुरुआत आरएसएस से जुड़े प्रमुख प्रकाशन ‘ऑर्गनाइजर’ द्वारा की गई आलोचना से हुई थी। इस लेख में पहले सुपरस्टार मोहनलाल और फिर निर्देशक पृथ्वीराज को निशाना बनाया गया, जिसके बाद हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं ने भी फिल्म पर सवाल खड़े किए। लगातार बढ़ते दबाव के चलते निर्माताओं को फिल्म के विवादित हिस्से हटाने का फैसला लेना पड़ा।
इस बीच, फिल्म के री-एडिटेड वर्जन को क्यूब सिनेमा द्वारा प्रोसेस किया जा रहा है, जिससे सभी सिनेमाघरों और स्क्रीनिंग केंद्रों में अपडेटेड डिजिटल प्रिंट उपलब्ध कराया जा सके।