वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 को लेकर विपक्ष भले ही इसे मुस्लिम विरोधी बताने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। यह विधेयक बुधवार (2 अप्रैल) को लोकसभा में पेश किया जाएगा, जिसके लिए स्पीकर ओम बिरला ने 8 घंटे की चर्चा का समय तय किया है। दिलचस्प बात यह है कि जहां विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है, वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने खुलकर इसके समर्थन में बयान दिया है।
मौलाना रजवी ने स्पष्ट किया कि इस विधेयक से मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं होने वाला, बल्कि यह उनके लिए फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अनावश्यक डर का माहौल बनाकर जनता को गुमराह करने की साजिश रच रहे हैं।
रजवी का बयान
रजवी ने कहा, “मुझे पूरी उम्मीद है कि वक्फ (संशोधन) विधेयक बिना किसी बाधा के संसद से पारित होगा। विपक्ष निश्चित रूप से हंगामा करेगा क्योंकि उसकी मंशा वोट बैंक की राजनीति करने की है। अपने वोट बैंक को बनाए रखने के लिए वह विरोध जरूर करेगा।”
मुस्लिम समुदाय को इस विधेयक से कोई नुकसान होने की आशंकाओं को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, “इस संशोधन से मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है। लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) और कुछ राजनीतिक संगठन जानबूझकर मुसलमानों के बीच डर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वे अफवाहें फैलाकर उन्हें गुमराह कर रहे हैं और गलतफहमियां पैदा कर रहे हैं।”
रजवी ने भरोसा दिलाते हुए कहा, “मैं मुसलमानों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उनकी मस्जिदें, ईदगाह, दरगाह या कब्रिस्तान को कोई नुकसान नहीं होगा। यह सिर्फ एक झूठा प्रचार है, जिसे कुछ लोग अपने फायदे के लिए फैला रहे हैं।”
विधेयक के फायदों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “इस संशोधन के लागू होने के बाद वक्फ से होने वाली आय गरीब, असहाय, विधवा और जरूरतमंद मुसलमानों के हित में खर्च की जाएगी। यह समुदाय के विकास में सहायक होगा, खासतौर पर शिक्षा के क्षेत्र में। इस फंड का उपयोग स्कूल, कॉलेज, मदरसे और मस्जिदों के निर्माण व रखरखाव के लिए किया जाएगा।”
विधेयक की मूल भावना पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, “हमारे बुजुर्गों ने वक्फ संपत्तियों का उद्देश्य जनकल्याण के लिए तय किया था, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण यह मकसद पूरा नहीं हो सका।”
रजवी ने जोर देकर कहा, “यह नया विधेयक भ्रष्टाचार पर रोक लगाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि वक्फ संपत्तियों से मिलने वाला पैसा सही उद्देश्यों के लिए खर्च हो। इससे मुसलमानों को सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि निजी स्वार्थ के लिए करोड़ों रुपये की वक्फ संपत्तियों की अवैध बिक्री पर रोक लगेगी।”
विधेयक के पारित होने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि यह विधेयक लोकसभा और राज्यसभा, दोनों में पारित होगा। यह न केवल मुसलमानों के हित में होगा बल्कि जनकल्याण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।”
रजवी पहले भी कई बार मुस्लिम संगठनों और राजनीतिक दलों पर इस विधेयक को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने एआईएमपीएलबी पर अपने मूल उद्देश्यों से भटकने और राजनीतिक एजेंडे के प्रभाव में आने का भी दावा किया है।