उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में लव जिहाद का एक और खौफनाक मामला सामने आया है, जहां समुदाय विशेष के युवक ने अपनी पहचान छिपाकर एक दलित छात्रा को शिकार बनाया। बरेली के फरीदपुर में रहने वाले आसिफ नाम के युवक ने खुद को “आशीष” बताकर कॉलेज की दलित छात्रा को अपने जाल में फंसाया। पहले दोस्ती की, फिर प्यार का नाटक किया, और आखिरकार शादी का झांसा देकर उसे होटल ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
लेकिन जब आरोपित की सच्चाई सामने आई, तो पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए अपने परिवार को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजनों ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस को भी फर्जी आधार दिखा घंटों किया गुमराह
बरेली के भुता थाना क्षेत्र की अनुसूचित जाति की एक छात्रा, जो फरीदपुर के एक डिग्री कॉलेज में पढ़ती है, उसके साथ लव जिहाद का एक सोचा-समझा षड्यंत्र रचा गया। कस्बे के मोहल्ला लाइनपार मठिया निवासी आसिफ कुरैशी ने खुद को हिंदू बताने के लिए अपना नाम “आशीष साहू” रख लिया और एक फर्जी आधार कार्ड तक तैयार कर लिया। आरोपी ने यह फर्जी पहचान दिखाकर छात्रा को भरोसे में लिया और गुरुवार को उसे हाईवे के पास एक होटल में ले गया। वहीं, उसके साथ दुष्कर्म किया।
लेकिन जब पीड़िता को उसकी असली पहचान और इरादों का पता चला, तो उसने विरोध किया। मामला पुलिस तक पहुंचा, तो आरोपी ने पुलिस को भी घंटों तक गुमराह करने की कोशिश की। उसने पुलिस के सामने भी वही फर्जी आधार कार्ड दिखाया, जिसे उसने होटल में कमरा बुक करने के लिए इस्तेमाल किया था।
हालांकि, पुलिस जांच में उसकी असलियत सामने आ गई। अब आरोपी के खिलाफ SC/ST एक्ट, दुष्कर्म, और नाम व धर्म छिपाने जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फरीदपुर इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने पुष्टि की कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और कानूनी कार्रवाई जारी है।
वकीलों और महिला संगठनों में आक्रोश
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आसिफ ने होटल में आशीष नाम के फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर कमरा बुक किया था। पुलिस ने होटल से यह आधार कार्ड बरामद कर लिया, जिससे आरोपी की साजिश पूरी तरह उजागर हो गई। जांच में यह भी सामने आया कि आसिफ लॉ की पढ़ाई कर रहा था और तहसील में बैठकर वकालत का काम सीख रहा था। लेकिन उसके इस शर्मनाक कृत्य ने कानूनी जगत में भी नाराजगी फैला दी है। वकीलों ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि फर्जी पहचान और आधार कार्ड का दुरुपयोग कर आरोपी ने न सिर्फ छात्रा को धोखा दिया, बल्कि कानून की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई।
घटना के बाद कई अधिवक्ता थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आसिफ ने आशीष नाम का फर्जी आधार कार्ड कहां से बनवाया था और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था। इस शर्मनाक घटना के खिलाफ महिला संगठन भी मुखर हो गए हैं। वीरांगना वाहिनी की प्रमुख मंजू सिंह के नेतृत्व में महिलाओं ने विरोध जताते हुए पुलिस से आरोपी को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाने की मांग की। संगठन ने प्रशासन को चेताया कि अगर ऐसे अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह समाज में गलत संदेश देगा और मासूम बेटियां इसी तरह ठगी जाती रहेंगी।