दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा के घर मिले नोटों के बंडल को लेकर न्यायपालिका की विश्वसनीयता पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। जस्टिस यशवंत के खिलाफ जांच बिठाई गई और उनका ट्रांसफर इलाहाबाद हाईकोर्ट में कर दिया गया लेकिन यह शायद लोगों का विश्वास जीतने के लिए नाकाफी था। अब न्यायपालिका में पारदर्शिता बढ़ाने और जनता का विश्वास मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, भारत के सुप्रीम कोर्ट के सभी 33 वर्तमान न्यायाधीशों ने सर्वसम्मति से अपनी संपत्ति की घोषणा को सार्वजनिक करने का निर्णय लिया है।
‘लाइव लॉ’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अप्रैल को आयोजित हुई फुल कोर्ट की बैठक में जजों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस संजीव खन्ना के समक्ष अपनी संपत्ति का खुलासा करने का फैसला किया था। सूत्रों के मुताबिक, इसके साथ ही इन घोषणाओं को सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। यह निर्णय न केवल वर्तमान न्यायाधीशों पर लागू होगा बल्कि भविष्य में नियुक्त होने वाले न्यायाधीशों पर भी लागू रहेगा। लाइव लॉ के मुताबिक, फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों ने अपनी संपत्ति की घोषणा प्रस्तुत कर दी है लेकिन इन घोषणाओं को सार्वजनिक नहीं किया गया है।