TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    शिवसेना की विरासत से आगे बढ़ती भगवा राजनीति का नया दौर

    मुंबई में बीजेपी की जीत ….जानें क्यों उद्धव और राज ठाकरे हुए पीछे

    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    शिवसेना की विरासत से आगे बढ़ती भगवा राजनीति का नया दौर

    मुंबई में बीजेपी की जीत ….जानें क्यों उद्धव और राज ठाकरे हुए पीछे

    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

स्त्रियों के महत्त्व, अधिकार, सुरक्षा और विवाह को लेकर क्या कहती है मनुस्मृति?

मनुस्मृति में कहा गया है कि नारी को विवाह से पूर्व पिता, विवाह के पश्चात पति और विधवा होने पर पुत्र के संरक्षण में रहना चाहिए।

Dr Alok Kumar Dwivedi द्वारा Dr Alok Kumar Dwivedi
15 April 2025
in धर्म
स्त्रियों के महत्त्व, अधिकार, सुरक्षा और विवाह को लेकर क्या कहती है मनुस्मृति?
Share on FacebookShare on X

पिछले लेख में हम लोगों ने देखा कि वर्तमान में महिलाओं को लेकर किस प्रकार के अधिकार प्राप्त हैं। अब क्रमश: मनुस्मृति में महिलाओं को लेकर कही गयी बात और उनको प्राप्त अधिकारों की चर्चा की गयी है।

परिवार में स्त्रियों का महत्त्व–
“पितृभिर्भ्रातृभिश्र्चैताः पतिभिर्देवरैस्तथा।
पूज्या भूशयितव्याश्र्च बहुकल्याणमिप्सुभिः॥” (3.55)

संबंधितपोस्ट

वाराणसी में बड़ा खुलासा: शरफ रिजवी ने ‘सम्राट-अजय-विजय’ बनकर हिंदू लड़कियों को फंसाया, 3 राज्य में 12 लड़कियों से किया निकाह

मनुस्मृति पर पुनर्विचार: क्यों भारत के युवाओं को इस प्राचीन ग्रंथ का अध्ययन करना चाहिए?

पत्नियों द्वारा पतियों की हत्याओं के बढ़ते मामले, शादियों पर उठता भरोसा; समाधान क्या है?

और लोड करें
  • पिता, भाई, पति या देवर को अपनी कन्या, बहन, पत्नी या भाभी के प्रति सदैव स्नेहपूर्ण व्यवहार रखना चाहिए। उन्हें मधुर वाणी, उत्तम आहार, वस्त्र और आभूषण आदि से प्रसन्न रखना चाहिए तथा किसी भी प्रकार का कष्ट या कष्टदायक स्थिति नहीं होने देनी चाहिए।

शोचन्ति जामयो यत्र विनश्यत्याशु तत् कुलम् ।
न शोचन्ति तु यत्रैता वर्धते तद् हि सर्वदा ॥(3.57)

  • जिस परिवार में स्त्रियाँ अपने पति के अनुचित आचरण, अत्याचार या व्यभिचार जैसी बुराइयों से पीड़ित रहती हैं, वह परिवार शीघ्र ही पतन की ओर बढ़ता है। वहीं, जिस परिवार में पुरुष अपने उत्तम आचरण और सद्गुणों से स्त्रियों को प्रसन्न रखते हैं, वह परिवार सदैव उन्नति करता रहता है।

जामयो यानि गेहानि शपन्त्यप्रतिपूजिताः।
तानि कृत्याहतानीव विनश्यन्ति समन्ततः॥(3.58)

  • जो स्त्रियाँ अनादर, अपमान या अत्याचार के कारण पीड़ित और दुखी होकर अपने पति, माता–पिता, भाई, देवर आदि को शाप देती हैं या कोसती हैं, वह परिवार शीघ्र ही विनाश को प्राप्त हो जाता है। यह उसी प्रकार होता है जैसे पूरे परिवार को विष देकर मारने से एक ही क्षण में सबका अंत हो जाता है।

तस्मादेताः सदा पूज्या भूषणाच्छादनाशनैः ।
भूतिकामैर्नरैर्नित्यं सत्कारेषूत्सवेषु च ॥(3.59)

  • जो मनुष्य ऐश्वर्य और समृद्धि की कामना करते हैं, उन्हें सदैव सत्कार और उत्सव के अवसरों पर स्त्रियों का सम्मान करना चाहिए तथा उन्हें आभूषण, वस्त्र और उत्तम भोजन प्रदान करना चाहिए।

स्त्रियां तु रोचमानायां सर्वं तद् रोचते कुलम् ।
तस्यां त्वरोचमानायां सर्वमेव न रोचते ॥(3.62)

  • जो पुरुष अपनी पत्नी को प्रसन्न नहीं रखता, उसका पूरा परिवार अप्रसन्न और शोकग्रस्त रहता है, जबकि यदि पत्नी प्रसन्न रहती है, तो पूरा परिवार सुखी और खुशहाल रहता है।

प्रजनार्थं महाभागाः पूजार्हा गृहदीप्तयः।
स्त्रियः श्रियश्च गेहेषु न विशेषोऽस्ति कश्चन॥(9.26)

  • संतान को जन्म देकर घर का भाग्योदय करने वाली स्त्रियां सम्मान के योग्य होती हैं और परिवार को प्रकाशमान करती हैं। शोभा, लक्ष्मी और स्त्री में कोई अंतर नहीं है—महर्षि मनु उन्हें घर की लक्ष्मी कहते हैं।

अपत्यंधर्मकार्याणिशुश्रूषारतिरुत्तमा।
दाराऽधीनस्तथा स्वर्गः पितॄणामात्मनश्च ह॥“(9.28)

  • स्त्री सभी प्रकार के सुखों की दाता है—चाहे वह संतान का सुख हो, उत्तम परोपकारी कार्य हों, विवाह का बंधन हो या फिर बड़ों की सेवा। वह कभी माँ के रूप में, कभी पत्नी के रूप में और कभी आध्यात्मिक कार्यों की सहयोगी के रूप में जीवन को सुखद बनाती है। इसका अर्थ यह है कि किसी भी धार्मिक और आध्यात्मिक कार्य में स्त्री की सहभागिता अनिवार्य और महत्वपूर्ण है।

प्रजनार्थं स्त्रियः सृष्टाः सन्तानार्थं च मानवः।
तस्मात्साधारणो धर्मः श्रुतौ पत्न्या सहोदितः॥(9.96)

  • पुरुष और स्त्री एक–दूसरे के बिना अपूर्ण हैं, इसलिए साधारण से साधारण धर्मकार्य का अनुष्ठान भी पति–पत्नी को मिलकर करना चाहिए, क्योंकि उनकी संयुक्त सहभागिता से ही कार्य पूर्णता और शुभता प्राप्त करता है।

मातापितृभ्यां जामीभिर्भ्रात्रा पुत्रेण भार्यया।
दुहित्रा दासवर्गेण विवादं न समाचरेत्॥(4.180)

  • एक समझदार व्यक्ति को अपने परिवार के सदस्यों—माता, पुत्री, पत्नी आदि के साथ बहस या झगड़ा नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह न केवल पारिवारिक शांति को भंग करता है, बल्कि संबंधों में कटुता भी उत्पन्न कर सकता है।

कालेऽदाता पिता वाच्यो वाच्यश्चानुपयन्पतिः।
मृते भर्तरि पुत्रस्तु वाच्यो मातुररक्षिता॥(9.4)

  • जो पिता अपनी कन्या का विवाह योग्य वर से नहीं करता, जो पति अपनी पत्नी की उचित आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं करता, और जो पुत्र अपनी विधवा माता की देखभाल नहीं करता—वे सभी निंदनीय माने जाते हैं।

स्त्रियों के स्वाधिकार–

अर्थस्य सङ्ग्रहे चैनां व्यये चैव नियोजयेत् ।
शौचे धर्मेऽन्नपक्त्यां च पारिणाह्यस्य वेक्षणे ॥(9.11)

  • धन की देखभाल और उसके उचित व्यय की जिम्मेदारी, घर और घरेलू वस्तुओं की शुद्धि, धर्म और आध्यात्मिक अनुष्ठान, भोजन पकाने और संपूर्ण गृह व्यवस्था की देखरेख में स्त्री को पूर्ण स्वायत्तता मिलनी चाहिए, और ये सभी कार्य उसके मार्गदर्शन में संपन्न होने चाहिए। यह श्लोक स्पष्ट रूप से उस भ्रांति को समाप्त करता है कि स्त्रियों को वैदिक कर्मकांडों का अधिकार नहीं है। इसके विपरीत, उन्हें इन अनुष्ठानों में अग्रणी स्थान दिया गया है। जो लोग स्त्रियों के इन अधिकारों का हनन करते हैं, वे न केवल वेद और मनुस्मृति के विरुद्ध जाते हैं, बल्कि पूरी मानवता के भी विरोधी माने जाते हैं।

अरक्षिता गृहे रुद्धाः पुरुषैराप्तकारिभिः ।
आत्मानमात्मना यास्तु रक्षेयुस्ताः सुरक्षिताः ॥(9.12)

  • स्त्रियां आत्म–नियंत्रण और आत्मबल के माध्यम से ही बुराइयों से बच सकती हैं, क्योंकि केवल विश्वसनीय पुरुषों (पिता, पति, पुत्र आदि) की निगरानी में रहने से ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती। यदि कोई स्त्री स्वयं अपने सामर्थ्य और आत्मबल से अपनी रक्षा करने में सक्षम है, तो वही वास्तविक रूप से सुरक्षित रहती है। जो लोग स्त्रियों की सुरक्षा के नाम पर उन्हें चारदीवारी में सीमित रखना चाहते हैं, वे एक भ्रम में जी रहे हैं। इसके बजाय, स्त्रियों को उचित शिक्षा, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए ताकि वे न केवल अपना बचाव स्वयं कर सकें, बल्कि गलत मार्ग पर जाने से भी बचें। स्त्रियों को स्वतंत्रता से वंचित करना और उन्हें घर की चारदीवारी में बंद रखना महर्षि मनु के सिद्धांतों के पूर्णतः विपरीत है।

स्त्रियों की सुरक्षा–

इमं हि सर्ववर्णानां पश्यन्तो धर्ममुत्तमम् ।
यतन्ते रक्षितुं भार्यां भर्तारो दुर्बला अपि ॥(9.6)

  • एक दुर्बल पति को भी यथासंभव प्रयास करके अपनी पत्नी की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि पति का धर्म और कर्तव्य अपनी पत्नी की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है। पत्नी की रक्षा केवल शारीरिक बल से नहीं, बल्कि प्रेम, समर्थन और उचित मार्गदर्शन से भी की जानी चाहिए।

सूक्ष्मेभ्योऽपि प्रसङ्गेभ्यः स्त्रियो रक्ष्या विशेषतः ।
द्वयोर्हि कुलयोः शोकमावहेयुररक्षिताः ॥(9.5)

  • स्त्रियों को अपने चरित्र की शुद्धता बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि यदि वे आचरणहीन हो जाती हैं तो समाज की नैतिकता और संरचना भी कमजोर पड़ जाती है। स्त्रियों का सत्चरित्र केवल उनके व्यक्तिगत सम्मान का विषय नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों की नैतिक स्थिरता का आधार भी होता है।

यस्मै दद्यात् पिता त्वेनां भ्राता वाऽनुमते पितुः ।
तं शुश्रूषेत जीवन्तं संस्थितं च न लङ्घयेत् ॥(5.149)

  • स्त्री को सदैव अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए, और इसकी जिम्मेदारी उसके पिता, पति और पुत्र पर भी होती है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि महर्षि मनु स्त्री को किसी बंधन में रखना चाहते हैं। बल्कि, यह उनकी सुरक्षा और सम्मान को बनाए रखने के लिए एक नैतिक दायित्व का संकेत देता है, जिससे वह स्वतंत्र रूप से अपने जीवन का संचालन कर सके और समाज में गरिमा के साथ रह सके।

अरक्षिता गृहे रुद्धाः पुरुषैराप्तकारिभिः ।
आत्मानमात्मना यास्तु रक्षेयुस्ताः सुरक्षिताः ॥
(9.12)

  • इस श्लोक में स्त्रियों की स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा को लेकर बहुत ही स्पष्ट दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है। महर्षि मनु यह दर्शाते हैं कि यदि कोई समाज अपनी स्त्रियों की रक्षा विकृत मानसिकता वाले लोगों से नहीं कर सकता, तो वह स्वयं भी सुरक्षित नहीं रह सकता। इतिहास गवाह है कि जब पश्चिम और मध्य एशिया के बर्बर आक्रमणकारियों ने भारत पर आक्रमण किए, तब हमारे वीरों ने मां–बहनों की रक्षा के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए। हमारी संस्कृति और इतिहास ने स्त्रियों के सम्मान की रक्षा को सर्वोपरि माना है। यदि समाज स्त्रियों के सम्मान की रक्षा करने की बजाय उनके आत्मविश्वास को ठेस पहुंचाता रहा, तो उसका पतन निश्चित है। इसलिए हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत से सीख लेकर स्त्रियों को न केवल सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए, बल्कि उन्हें शिक्षा, आत्मनिर्भरता और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देकर सशक्त भी बनाना चाहिए, ताकि वे समाज में स्वतंत्र और सुरक्षित रूप से अपना योगदान दे सकें।

संपत्ति में अधिकार– 

यथैवात्मा तथा पुत्रः पुत्रेण दुहिता समा।
तस्यामात्मनि तिष्ठन्त्यां कथमन्यो धनं हरेत् ॥(9.130)

  • “कन्या पुत्र के समान होती है, तो उसकी उपस्थिति में कोई अन्य उसके संपत्ति अधिकार कैसे छीन सकता है?”

मातुस्तु यौतकं यत्स्यात्कुमारीभाग एव सः ।
दौहित्र एव च हरेदपुत्रस्याखिलं धनम् ॥(9.131)

  • “माता की निजी संपत्ति पर केवल उसकी कन्या का ही अधिकार होता है। मनु के अनुसार, पिता की संपत्ति में कन्या को पुत्र के समान अधिकार प्राप्त है, जबकि माता की संपत्ति पर केवल कन्या का विशेषाधिकार होता है। महर्षि मनु यह प्रावधान इसलिए रखते हैं ताकि कन्या किसी की दया पर निर्भर न रहे, बल्कि वह स्वामिनी बने, याचक नहीं। क्योंकि एक समृद्ध और खुशहाल समाज की नींव स्त्रियों के स्वाभिमान और उनकी प्रसन्नता पर टिकी होती है।“

यादृग्गुणेन भर्त्रा स्त्री संयुज्येत यथाविधि ।
तादृग्गुणा सा भवति समुद्रेणैव निम्नगा ॥(9.212) 

यो ज्येष्ठो विनिकुर्वीत लोभाद्भ्रातॄन्यवीयसः ।
सोऽज्येष्ठः स्यादभागश्च नियन्तव्यश्च राजभिः ॥(9.213) 

  • “यदि किसी व्यक्ति के रिश्तेदार या पत्नी न हो, तो उसकी संपत्ति को भाई–बहनों में समान रूप से बांट देना चाहिए। यदि बड़ा भाई छोटे भाई–बहनों को उनका उचित भाग नहीं देता, तो वह कानूनन दंडनीय है। स्त्रियों की सुरक्षा को और अधिक सुनिश्चित करने के लिए, महर्षि मनु ने स्त्री की संपत्ति को जबरन हड़पने वालों—चाहे वे उसके अपने ही क्यों न हों—के लिए भी कठोर दंड का प्रावधान किया है।“

वषाऽपुत्रसु चैवं स्याद् रक्षणं निष्कुलसु च।
पतिव्रतासु च स्त्रीषु विधवास्वतुरसु च ॥(8.28)

जीवन्तीनां तु तासां ये तद् हरेयुः स्वबान्धवाः ।
तांशिष्यात्चौरदण्डेन धार्मिकः पृथिवीपतिः ॥
(8.29)

  • “अकेली स्त्री, जिसकी संतान न हो, जिसके परिवार में कोई पुरुष न बचा हो, जो विधवा हो, जिसका पति विदेश में रहता हो, या जो गंभीर रूप से बीमार हो—ऐसी स्त्री की सुरक्षा का दायित्व शासन का है। यदि उसकी संपत्ति को उसके रिश्तेदार या मित्र हड़प लें, तो शासन को उन्हें कठोर दंड देकर उसकी संपत्ति उसे वापस दिलानी चाहिए।“

विवाह –

काममामरणात् तिष्ठेद् गृहे कन्यार्तुमत्यपि।
न चैवैनां प्रयच्छेत् तु गुणहीनाय कर्हि चित्॥(9.89) 

  • “चाहे कन्या आजीवन पिता के घर में बिना विवाह के रहे, परंतु उसे कभी भी गुणहीन, अयोग्य या दुष्ट पुरुष के साथ विवाह नहीं करना चाहिए।“

त्रीणि वर्षाण्युदीक्षेत कुमार्यर्तुमती सती।
ऊर्ध्वं तु कालादेतस्माद्विन्देत सदृशं पतिम्॥(9.90) 

अदीयमाना भर्तारमधिगच्छेद् यदि स्वयम्।
नैनः किं चिदवाप्नोति न च यं साऽधिगच्छति॥ (9.91) 

  • “विवाह योग्य आयु होने के उपरांत कन्या को अपने योग्य पति को स्वयं चुनने का अधिकार है। यदि माता–पिता उसके लिए उपयुक्त वर का चयन करने में असफल होते हैं, तो उसे स्वयं निर्णय लेने की स्वतंत्रता है। प्राचीन भारत में स्वयंवर प्रथा इसी सिद्धांत का प्रमाण है। अतः यह धारणा कि केवल माता–पिता ही कन्या के लिए वर का चुनाव करें, महर्षि मनु के सिद्धांतों के विपरीत है। उनके अनुसार, माता–पिता को केवल कन्या की सहायता करनी चाहिए, न कि अपना निर्णय उस पर थोपना चाहिए, जैसा कि आज प्रचलन में है।“

कालेऽदाता पिता वाच्यो वाच्यश्चानुपयन्पतिः।
मृते भर्तरि पुत्रस्तु वाच्यो मातुररक्षिता॥(9.4) 

  • “जो पिता अपनी कन्या का विवाह योग्य वर से नहीं करता, जो पति अपनी पत्नी की उचित आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं करता, और जो पुत्र अपनी विधवा माता की देखभाल नहीं करता—वे सभी निंदनीय होते हैं।“

अरक्षिता गृहे रुद्धाः पुरुषैराप्तकारिभिः।
आत्मानमात्मना यास्तु रक्षेयुस्ताः सुरक्षिताः॥(9.12) 

  • “स्त्रियां आत्म–नियंत्रण के माध्यम से ही बुराइयों से बच सकती हैं, क्योंकि केवल विश्वसनीय पुरुषों (पिता, पति, पुत्र आदि) की निगरानी में रहने से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती। वास्तव में, वही स्त्रियां सुरक्षित रहती हैं, जो अपने सामर्थ्य और आत्मबल से स्वयं की रक्षा कर सकती हैं।

             जो लोग स्त्रियों की सुरक्षा के नाम पर उन्हें घर की चारदीवारी में कैद रखना चाहते हैं, उनका ऐसा सोचना निरर्थक है। इसके बजाय, स्त्रियों को उचित शिक्षा, प्रशिक्षण और सही मार्गदर्शन मिलना चाहिए ताकि वे न केवल अपना बचाव स्वयं कर सकें बल्कि किसी भी गलत मार्ग पर जाने से भी बचें। स्त्रियों को स्वतंत्रता से वंचित करना महर्षि मनु की मूल शिक्षाओं के पूर्णत: विपरीत है। मनुस्मृति में कहा गया है कि नारी को विवाह से पूर्व पिता, विवाह के पश्चात पति और विधवा होने पर पुत्र के संरक्षण में रहना चाहिए। उल्लेखनीय है कि यहाँ ‘संरक्षण‘ का अर्थ केवल भरण–पोषण से है, न कि उसे असहाय समझने या बनाने से। भारतीय सामाजिक चेतना की पारिवारिक दृष्टि समरसता और सह–अस्तित्व की सहकारी भावना पर आधारित रही है। यही कारण है कि मनुस्मृति में ‘संरक्षण‘ का तात्पर्य किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने से नहीं है, बल्कि स्त्री को सुरक्षित और समर्थ बनाए रखने से है। स्वयं मनु ने लिखा है कि नारी की सुरक्षा उसे घर में बंधक बनाकर नहीं हो सकती। इस दृष्टि से, मनुस्मृति नारी के स्वतंत्र जीवन, मानसिक विकास और शारीरिक सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध दिखाई देती है।

                           मनुस्मृति में व्यक्त नारी सशक्तिकरण के विचार, जो हजारों वर्ष पूर्व स्थापित किए गए थे, आधुनिक युग में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों के रूप में परिलक्षित हो रहे हैं। हालाँकि, संविधान के माध्यम से नारी–पुरुष समानता की बात की जाती है, लेकिन इसका पूर्ण क्रियान्वयन अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

स्रोत: महिला अधिकार, मनुस्मृति, विवाह, Women's rights, Manusmriti, Marriage,
Tags: ManusmritiMarriagewomen's rightsमनुस्मृतिमहिला अधिकारविवाह
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की रचनाओं का संकलन ‘रोचक बाल कहानियाँ’ बच्चों के लिए है उत्कृष्ट रचना

अगली पोस्ट

रघुनाथ कर्वे: भारत में परिवार नियोजन के जनक की कहानी, इमरजेंसी में जबरन नसबंदी ने कैसे बदले हालात?

संबंधित पोस्ट

पीएम मोदी, मोहन भागवत और योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा की स्थापना की
धर्म

धर्मध्वजा स्थापना और राम मंदिर की पूर्णता अर्थात् – भारत के स्वत्व जागरण की पुनर्यात्रा

25 November 2025

मैथिलीशरण गुप्त की यह पंक्तियां कि- राम तुम्हारा चरित स्वयं ही काव्य है ! कोई कवि बन जाए सहज सम्भाव्य है !! राम प्रतीक हैं...

उज्जैन की 200 साल पुरानी तकिया मस्जिद का विध्वंस: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर महाकाल मंदिर के विकास और पार्किंग विस्तार को दिया संरक्षण
चर्चित

उज्जैन की 200 साल पुरानी तकिया मस्जिद का विध्वंस: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर महाकाल मंदिर के विकास और पार्किंग विस्तार को दिया संरक्षण

8 November 2025

उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर के विकास और पार्किंग सुविधा के विस्तार को लेकर हुई भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई में लगभग 200 साल पुरानी तकिया...

पाकिस्तान का असली चेहरा: हिंदू हो तो दुश्मन, सिख हो तो ‘मेहमान’, और मुसलमान हो तो ‘असली इंसान’
चर्चित

पाकिस्तान का असली चेहरा: हिंदू हो तो दुश्मन, सिख हो तो ‘मेहमान’, और मुसलमान हो तो ‘असली इंसान’

6 November 2025

पाकिस्तान की असली पहचान किसी सीमा विवाद, आतंकवाद या चर्चित मामलों से नहीं, बल्कि बस की उस छोटी सी घटना में उभरकर सामने आई, जहां...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited