TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

    वेनेज़ुएला जैसा प्रयोग ईरान में? अमेरिका की रणनीति पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

    वेनेज़ुएला जैसा प्रयोग ईरान में? अमेरिका की रणनीति पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब जंग में झुका पाकिस्तान: जनरल अरोड़ा ने 10 दिन में बनाए थे 93 हजार बंदी; मुनीर भूले इतिहास

पहलगाम हमले के बाद भारत के एक्शन से पाकिस्तान डरा है। वो गीदड़भभकी दे रहा है लेकिन लगाता है 1971 के हीरो Jagjit Singh Arora की कहानी उसे याद नहीं।

Shyamdatt Chaturvedi द्वारा Shyamdatt Chaturvedi
3 May 2025
in इतिहास, भारत, रक्षा, रणनीति
Lieutenant General Jagjit Singh Arora

Lieutenant General Jagjit Singh Arora

Share on FacebookShare on X

Story of Lieutenant General Jagjit Singh Arora: पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल है। हमारा पड़ोसी नापाक पाकिस्तान गीदड़भभकी के जरिए हमें डराने की कोशिश कर रहा है। ऐसा लगाता है मानो वो ये भूल गया है (Who Is gen jagjit singh aurora) कि भारत की भूमि वीरों की जननी है, यहां हर कदम पर शौर्य की गाथा लिखी जाती है। इसके जीते जागते सबूत आजादी के बाद से हुए युद्ध हैं। 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध भारतीय सेना के शौर्य का स्वर्णिम अध्याय था। इस गाथा के नायक लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा (9171 war hero jagjit singh arora) थे। जिन्होंने मात्र 10 दिनों में 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों का आत्मसमर्पण करा लिया था।  इसी का परिणाम था कि बंगाली आवाम को उनका अपना देश बांग्लादेश मिला। यह सब जनरल अरोड़ा की सूझबूझ, रणकौशल और देशप्रेम का परिणाम था।

आज यानी 3 मई को हमारे उसी नायक की पुण्यतिथि (lt gen jagjit singh aurora death anniversary) है। आइये जानें लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा का जीवन और उनके युद्ध कौशल की इतिहास कि किस तरह उनके मन में इंदिरा गांधी के फैसले के प्रति टीस बैठ गई थी।

संबंधितपोस्ट

पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

पाकिस्तानी नागरिक से विवाह के बाद सरबजीत कौर को अटारी–वाघा सीमा से भेजा जाएगा वापस

ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन बोले- 1992 से ही अनुच्छेद 370 हटाने की मांग की

और लोड करें

विश्व युद्ध से 1971 की जंग तक

13 फरवरी 1916 को आज के पाकिस्तान में बसे झेलम जिले के कला गुजरां गांव में एक सिख परिवार में लड़के का जन्म (lt gen jagjit singh birthday) होता है। इंजीनियर पिता ने लड़के का नाम जगजीत सिंह रखा। बचपन से ही उनके भीतर रणभूमि की पुकार थी। 1939 में इंडियन मिलिटरी अकादमी से पास होकर उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के खिलाफ मोर्चा संभाला। इसके बाद 1947, 1962, 1965 और 1971 की जंग में अपनी अद्वितीय रणकौशल (jagjit singh aurora war history) का परिचय दिया।

  • 13 फरवरी 1916 को जन्म
  • 1939 में इंडियन मिलिटरी अकादमी
  • 1939 में ही द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल
  • 1947, 1962, 1965 और 1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका

ये भी पढ़ें: टूट जाएगी पाकिस्तान की कमर, भारत ने की आर्थिक स्ट्राइक; इंपोर्ट पूरी तरह बैन

लगातार आया निखार

जनरल अरोड़ा (general jagjit singh) ने 1939 से ही रणकौशल की सीख हासिल कर ली थी। देश के आजाद होते ही उन्हें इसके प्रयोग का अवसर मिला। 1947 के कश्मीर युद्ध, 1962 के भारत-चीन युद्ध और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपनी राजनीतिक कुशलता का परिचय दिया। हालांकि, 1971 के युद्ध में उन्होंने जो अद्भुत क्षमता दिखाई, वह भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गई।

  • 1962 चीन के साथ युद्ध में कठिन परिस्थितियों ने उन्हें और निखारा।
  • 1965 पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में उनकी योजना ने शत्रु को चकित कर दिया।
  • 1971 पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में उन्होंने बांग्लादेश को मुक्ति दिलाई।

कुशल रणनीतिकार थे अरोड़ा

जनरल अरोड़ा एक बेहतरीन रणनीतिकार (military commander jagjit singh aurora) थे। 1971 की जंग में उन्होंने दुश्मन की चालों को भांपते हुए ऐसी व्यूह रचना की, जिससे पाकिस्तान की सेना चारों खाने चित्त हो गई। 17 दिसंबर, 1971 को ‘पाञ्चजन्य’ से बातचीत में उन्होंने अपनी रणनीति का खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि हम चाहते थे कि युद्ध लंबा न खिंचे, इसलिए हमने ऐसी रणनीति बनाई ताकि युद्ध को छोटा किया जा सके। पाक सेना सोच रही थी हम 1965 की तरह मुख्य मार्गों से आक्रमण करेंगे। इसलिए हमने मुख्य मार्गों को छोड़कर अन्य अप्रत्याशित रास्तों से आक्रमण करने की योजना बनाई।

  • जनरल अरोड़ा युद्ध को लंबा नहीं खींचना चाहते थे।
  • मुख्य सड़कों को छोड़कर वैकल्पिक रास्तों से आक्रमण में घिरी पाक सेना।
  • छाताधारी सैनिकों को सीधे ढाका में उतारकर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया।
  • 10 दिन में भारतीय सेना ने ढाका को घेर पाकिस्तान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर किया

कब्जे में लिए सैनिक और जमीन

उनकी रणनीति का ही परिणाम था कि 16 दिसंबर 1971 को ढाका का रेस कोर्स मैदान इतिहास का गवाह बना। पाकिस्तानी लेफ्टिनेंट जनरल अमीर अब्दुल्ला खान नियाजी के आत्मसमर्पण के साथ ही 93,000 पाकिस्तानी सैनिक और 5,139 वर्ग मील भूमि भारत के कब्जे में आ गई। यह जीत पाकिस्तान के अहंकार को चूर-चूर करने वाली और बांग्लादेश की आजादी का शंखनाद थी। जिसने 10 दिन में बांग्लादेश को आजाद करा दिया।

  • 3 दिसंबर अंधेरे में पाकिस्तान ने भारत के 11 एयरबेस पर हवाई हमला कर दिया।
  • 4 दिसंबर को जगजीत सिंह अरोड़ा के नेतृत्व में सेना ने पूर्वी पाकिस्तान के भीतर दाखिल हुई।
  • 5 दिसंबर को भारतीय सेना ने जेसोर, सिलहट और चटगांव की तरफ कब्जा लेना शुरू किया।
  • वायुसेना ने ढाका और बाकी बड़े शहरों के कम्युनिकेशन सिस्टम को तोड़ दिया।
  • 6 दिसंबर को भारत ने बांग्लादेश को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में आधिकारिक मान्यता दे दी।
  • 7 दिसंबर भारतीय सेना ने मेघना नदी पार कर ढाका की ओर कदम बढ़ाया।
  • 8 दिसंबर अमरीका, बंगाल की तरफ बढ़ा लेकिन जनरल अरोड़ा ने जमीनी मोर्चे पर दबाव बनाए रखा।
  • तब जनरल अरोड़ा  ने कहा था कि ये ये लड़ाई न्याय की है, हम पीछे नहीं हटेंगे।
  • 9 दिसंबर को पाकिस्तानी सेना ढाका में घिर गई और मनोबल टूटने लगा।
  • 10 दिसंबर को जनरल नियाजी ने आत्मसमर्पण की इच्छा जताई भारत इसके लिए तैयार हो गया।
  • 11–15 दिसंबर तक भारतीय सेना ढाका के चारों ओर कब्जा जमा लिया।
  • 13 दिसंबर को पाक राष्ट्रपति याहिया खान ने मान लिया कि हम युद्ध नहीं जीत सकते।
  • 16 दिसंबर साम 4:31 बजे ढाका के रेस कोर्स मैदान में पाक ने हथियार डाल दिए।

इंदिरा गांधी के फैसले से थे आहत

युद्ध में मिली इस शानदार विजय के बाद भी जनरल अरोड़ा का मन एक टीस से भरा रहा। शिमला समझौते में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा भारत के जीते हुए क्षेत्र को पाकिस्तान को लौटाने के फैसले से वे गहरे आहत थे। उनके शब्दों में यह पीड़ा साफ़ झलकती थी। वो कहते थे कि हम चाहते तो अपने हित में निर्णय ले सकते थे।

  • शिमला समझौते में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सब पाकिस्तान को लौटा दिया।
  • जनरल अरोड़ा के हृदय में यह निर्णय एक गहरी चोट बनकर रहा।
  • उन्होंने कहा था ‘हमारे राजनेताओं ने हमारी जीत पर पानी फेर दिया।’
  • उनके ये शब्द भूमि की हानि के लिए नहीं बल्कि सैनिकों के बलिदान के लिए थे।

ये भी पढ़ें: फसलों के जरिए आतंक को पनाह देता है पाकिस्तान, जानें कैसे रची जाती है साजिश?

मौत से बांग्लादेश में फैल गया था शोक

1973 में सेना से सेवानिवृत्ति के बाद जनरल अरोड़ा ने सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में योगदान दिया। 1986 में वे अकाली दल के टिकट पर राज्यसभा सदस्य बने। 1997 में पत्नी भागवंत कौर के निधन के बाद वे एकाकी जीवन जीने लगे थे। शास्त्रीय संगीत और किताबों ने उनका साथ दिया। उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल और पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। 1986 में वे अकाली दल के टिकट पर राज्यसभा के सदस्य बने और एक सांसद के रूप में भी उन्होंने बेहतरीन भूमिका निभाई। 3 मई 2005 को महान सेनानायक ने अंतिम सांस ली। तब बांग्लादेश भी शोक से डूब गया था।

  • युद्ध के बाद उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक और पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
  • 1986 में अकाली दल के राज्यसभा सदस्य बने और सिख दंगों के खिलाफ आवाज उठाई।
  • ऑपरेशन ब्लू-स्टार और 1984 के दंगों के खिलाफ आवाज उठाई।
  • 3 मई 2005 को महान सेनानायक ने दुनिया को अलविदा कह दिया।

अमर नायक की अमर गाथा

भारत की शौर्य गाथा के स्वर्णिम पृष्ठों पर 1971 के युद्ध की विजय एक अमिट हस्ताक्षर है। यह केवल एक युद्ध नहीं था, बल्कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ न्याय और मानवता की दहाड़ थी। इसके नायक जनरल अरोड़ा केवल एक सैनिक नहीं, बल्कि देशभक्ति की जीवंत मिसाल थे। उनकी रणनीति, नेतृत्व और साहस आज के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने सिखाया कि कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत और बुद्धि से विजय पाई जा सकती है।वहीं उनकी टीस हमें सिखाती है कि सैनिकों के बलिदान का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

Tags: 1971 Warjagjit singhLieutenant General Jagjit SinghPahalgam AttackPakistan
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

Fact Check: भारत में मुस्लिमों की ‘टार्गेटेड किलिंग’ को लेकर वायरल किए जा रहे वीडियो की क्या है असली कहानी?

अगली पोस्ट

डर से बौखलाया पाकिस्तान: मिसाइल परीक्षण का दावा, एलओसी पर लगातार 9वें दिन गोलीबारी जारी

संबंधित पोस्ट

वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है
अमेरिकाज़

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

8 January 2026

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पैदा होने वाले तनाव अक्सर वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाते हैं, खासकर जैसा कि अमेरिका और...

संघ की दिशा: व्यक्ति से राष्ट्र तक की उत्कर्ष यात्रा
भारत

व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण तक: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रभावशाली यात्रा

8 January 2026

स्वतन्त्रता व्यक्ति का श्रेष्ठ मूल्य है जिसके बिना वह अपने स्वरूप को न तो समझ सकता है और न ही उसका प्रकटन कर सकता है।...

हिंद महासागर में भारत की नौसैनिक बढ़त
भारत

भारतीय नौसेना के इतिहास का सबसे बड़ा बेड़ा विस्तार, 2026 में 19 नए युद्धपोत

8 January 2026

भारतीय नौसेना वर्ष 2026 में 19 युद्धपोतों को कमीशन करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जो किसी एक वर्ष में अब तक का...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited