TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    मोटेगी की यह भारत यात्रा उनकी 2026 की पहली विदेश यात्रा का हिस्सा थी

    हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    मोटेगी की यह भारत यात्रा उनकी 2026 की पहली विदेश यात्रा का हिस्सा थी

    हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कथित एक्टिविस्ट और ‘करप्शन’ का एक आधारहीन आरोप- क्या हेडलाइन्स और ‘क्लिकबेट’ के लालच ने एक युवा IAS अधिकारी की प्रतिष्ठा को तहस-नहस कर दिया?

जिस एक्टिविस्ट ने IAS अधिकारी पर आरोप लगाए हैं उस पर खुद ब्लैकमेलिंग से लेकर धमकी देने के 7 मुकदमे दर्ज हैं और उसे जिलाबदर भी किया जा चुका है

TFI Desk द्वारा TFI Desk
11 October 2025
in चर्चित
कथित एक्टिविस्ट और ‘करप्शन’ का एक आधारहीन आरोप- क्या हेडलाइन्स और ‘क्लिकबेट’ के लालच ने एक युवा IAS अधिकारी की प्रतिष्ठा को तहस-नहस कर दिया?

सोशल मीडिया पर IAS डॉ. नागार्जुन गौड़ा के रिश्वत लेने की खबरें वायरल हो गईं

Share on FacebookShare on X

अगर कोई युवा आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों को मात देते हुए पहले डॉक्टर बनता है और फिर 10–12 घंटे की नौकरी करते हुए देश की सबसे बड़ी परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनता है, तो उसकी कहानी यकीनन न सिर्फ पढ़ी और सुनी जानी चाहिए, बल्कि उससे प्रेरणा भी ली जानी चाहिए।

लेकिन एक दिन एक कथित एक्टविस्ट उस अधिकारी के ऊपर करप्शन का आरोप लगा देता है, बिना किसी सबूत, बिना किसी तथ्य के और मीडिया इस ख़बर को हाथों हाथ लपक लेती है, बिना ये देखे कि वो आरोप सही हैं भी या नहीं? या जिस कथित एक्टिविस्ट ने ये आरोप लगाए हैं, उसका ख़ुद का रिकॉर्ड क्या है?

संबंधितपोस्ट

आदिवासी महिला से नृशंस गैंगरेप: प्राइवेट पार्ट में हाथ डालकर बाहर निकाली आंतें; दर्द से तड़प-तड़प कर हुई मौत

ब्रिटिश कार्डियोलॉजिस्ट डॉ एन जॉन केम निकला ठग नरेंद्र यादव, फर्जी हार्ट सर्जन बन किए ऑपरेशन, 7 मौतों के बाद ऐसे सामने आया मामला

‘हिंदू एकता यात्रा’ के बाद बागेश्वर बाबा शुरू करने जा रहे यह नया अभियान

और लोड करें

वो IAS अधिकारी हैं नागार्जुन गौड़ा, जिनकी लिखी किताब ‘द मैनुअल ऑन एथिक्स, इंटीग्रिटी और एप्टीट्यूड‘ भी सुर्खियों में रही थी। लेकिन एथिक्स पर किताब लिखने वाला ये युवा आईएएस अधिकारी अब एक बड़े आरोप की वजह से फिर सुर्खियों में हैं।

आरोप लगाने वाले कथित एक्टिविस्ट पर दर्ज हैं 7 मुकदमे, हो चुका है ज़िला बदर

आरोप लगते ही सोशल मीडिया से लेकर मीडिया ने उन्हें ‘करप्ट’ ऑफिसर के तौर पर पेश कर दिया। लेकिन इन खबरों में ये नहीं बताया गया कि जिस RTI एक्टिविस्ट ने उन पर 10 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप लगाया है, उस पर ख़ुद ब्लैकमेलिंग, वसूली और लोगों को धमकाने के सात मुकदमें दर्ज हैं। वो कई बार जेल जा चुका है और एक बार तो उसे जिला बदर तक किया जा चुका है।

मीडिया के लिए हेडलाइन्स matter करती हैं और ‘एथिक्स’ की बात करने वाले एक युवा अधिकारी के साथ ‘करप्शन’ का टैग जोड़ना ‘क्लिक बेट’ वाली जर्नलिज्म के लिए भी मुनाफे का सौदा है। अब तक लाखों लोगों तक ये खबरें इसी तरह पहुंची हैं, या पहुंचाई गई हैं।

रिश्वत के आरोप की असली कहानी क्या है ?

दरअसल IAS नागार्जुन गौड़ा पर आरोप है कि उन्होने 10 करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर एक प्राइवेट कंपनी का करोड़ों का जुर्माना माफ कर दिया।

कहानी शुरू होती है मध्यप्रदेश के हरदा से। मध्यप्रदेश में बैतूल–इंदौर फोरलेन के निर्माण का काम चल रहा है। भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बन रहे इस हाइवे का एक हिस्सा हरदा से भी गुजरता है। रोड के इस हिस्से का काम ‘पाथ’ नाम की एक निजी कंपनी को मिला था। आरोप लगाया गया कि कंपनी ने इसी काम के दौरान अंधेरीखेड़ा नाम के गाँव में बिना अनुमति के 3.11 लाख घनमीटर मुरम और मिट्टी की खुदाई कर डाली। जानकारी मिलने पर तत्कालीन एडीएम प्रवीण फूलपगारे ने कंपनी को ₹51,67,64,502 जुर्माने का नोटिस जारी कर दिया था।

इसी बीच एडीएम प्रवीण फूलपगारे साहब का ट्रांसफ़र हो गया और उनकी जगह डॉ. नागार्जुन गौड़ा हरदा के एडीएम बन कर आए।

लेकिन यही मामला जब उनके सामने सुनवाई के लिए आया तो उन्होने कंपनी पर लगे इस ₹51 करोड़ रुपये के जुर्माने को घटा कर सिर्फ ₹4,000 कर दिया। पहली नज़र में तो ये बड़ा खेल लगता है। लेकिन सच्चाई क्या है?

पुराने नोटिस से लेकर कंपनी की दलील, जाँच रिपोर्ट्स और एडीएम हरदा के ऑर्डर की जाँच करने पर सच्चाई कुछ और ही निकली।

हमारी पड़ताल के दौरान पता चला कि जिस ₹51 करोड़ रुपये के जुर्माने की बात हो रही है, वो कोई आदेश नहीं था — वो सिर्फ़ एक नोटिस था, और कानून के मुताबिक हर नोटिस के बाद कोर्ट में सुनवाई होती है।

लेकिन जब सुनवाई शुरू हुई तो कई तथ्य सामने आए:

• जिन 19 ख़सरा नंबरों पर कथित अवैध खनन की बात कही गई थी, उनमें से 7 में पहले ही वैध खनन की अनुमति मौजूद थी। यानी उन पर या तो पहले से ही खनन हो रहा था या हो चुका था।

• 6 ख़सरा नंबरों की अनुमति तो 10 साल पहले ही दूसरी कंपनियों को दी जा चुकी थी और ये कंपनियां वहाँ खुदाई कर भी चुकी थीं।

• यह मामला 2020 का बताया गया है, जबकि जिस निजी कंपनी की बात हो रही है, उसे यह काम 2021 में मिला था। यानी अधिकारियों ने जाँच के नाम पर पहले हुए खनन का ठीकरा भी इसी कंपनी पर फोड़ दिया था।

• कंपनी द्वारा जिन किसानों की जमीनों पर अवैध खनन करने के आरोप थे — जाँच में पाया गया कि कई किसानों ने खुद सरकार की योजना का लाभ उठाते हुए वहाँ तालाब खुदवा लिए थे। यानी खुदाई कुछ मामलों में किसानों ने ही करवाई थी, पर उसे भी अवैध खनन मानते हुए कंपनी के खाते में जोड़ दिया गया।

• जाँच के दौरान यह भी मिला कि कंपनी को जो पहला नोटिस भेजा गया था वह प्रक्रिया पूरी किए बिना ही जारी कर दिया गया था। बाद में दोबारा जांच कराई गई — फिर भी कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया।

• जिस तहसीलदार ने नोटिस जारी किया, उसने खुद कोर्ट में कहा कि उसे ज़मीन पर कुछ नहीं मिला; उसने मीडिया रिपोर्ट देखकर नोटिस जारी कर दिया था।

• इसलिए किसी को यह पता नहीं था कि पहले काम कर रही कंपनियों ने या ज़मीन के मालिकों ने कितनी मिट्टी खोदी थी, या उन्होंने कितना अवैध खनन किया था।

• पहले का कोई रिकॉर्ड नहीं था, तो खनिज विभाग के अधिकारियों ने 10 सालों में जितना भी खनन हुआ था, सबका ठीकरा इसी कंपनी पर डाल दिया था।

कंपनी पर लगाए गए जुर्माने का आधार ही ग़लत निकला

• जुर्माना लगाने के लिए जो फ़ॉर्मूला लगाया गया, उसके अनुसार जो मात्रा निकलेगी उससे रॉयल्टी (यहाँ ₹50 प्रति घन मीटर मानी गई) निकाली जाएगी और उस वैल्यू का 15 गुना जुर्माना लिया जाएगा; साथ ही पर्यावरण हानि के एवज़ में भी राशि वसूली जाएगी। लेकिन राज्य सरकार की अधिसूचना के मुताबिक भारतमाला/सागरमाला परियोजनाओं में मुर्रम और मिट्टी का उपयोग मुफ्त में किया जा सकता है। यानी यदि कोई खनन हुआ भी होता तो उसकी रॉयल्टी शून्य होगी — शून्य × किसी भी अंक = शून्य; इस हिसाब से कोई जुर्माना बनता ही नहीं। यही तर्क सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से दिया गया, जिसे नियमों के तहत माना भी गया।

• बाकी बचे ख़सरा नंबरों में भी जांचकर्ताओं को कोई ठोस सबूत नहीं मिला, और उन्होंने यह ऑन–रिकॉर्ड स्वीकार भी किया है।

• सुप्रीम कोर्ट और मध्यप्रदेश के खनन कानूनों के अनुसार बिना सबूत किसी पर जुर्माना नहीं लगाया जा सकता।

6 महीने चली सुनवाई– सबूतों के आभाव के चलते माफ हुआ कंपनी का जुर्माना

ऐसे में जब आईएएस नागार्जुन गौड़ा के पास यह मामला आया और उन्होंने पूरे मामले को देखा तो उन्हें कोई भी ठोस सबूत नहीं मिले। सच्चाई यह निकली कि खनन विभाग ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए पिछले वक्त में हुए खनन को एक हालिया कंपनी के खाते में डाल दिया था। बिना सबूत किसी को सजा नहीं दी जा सकती, इसलिए एडीएम प्रवीण फूलपगारे के समय जारी किया गया पुराना नोटिस तर्कों के सामने टिक नहीं सका और बतौर एडीएम नागार्जुन गौड़ा ने तथ्य–आधारित निर्णय लेते हुए इस कंपनी पर लगे जुर्माने को हटाया।

एक्टिविस्ट आनंद जाट पहले भी कई लोगों पर लगा चुका है ऐसे आरोप

लेकिन तथाकथित एक्टिविस्ट ने RTI के ज़रिए सिर्फ़ तय हिस्से को मीडिया के सामने पेश कर दिया और दावा किया कि अधिकारी ने अपने स्टाफ़ के ज़रिए कंपनी से रिश्वत ली। मीडिया ने भी बिना अधिकारी का पक्ष जाने खबरें उछालनी शुरू कर दीं।

IAS नागार्जुन गौड़ा आनंद जाट नाम के इस कथित एक्टिविस्ट का पहला शिकार नहीं हैं — इससे पहले भी कई लोगों पर यह व्यक्ति बिना किसी सबूत के आरोप लगा चुका है। ख़ुद मध्यप्रदेश के मंत्री तक इसका शिकार बन चुके हैं। इस मामले में भी उसने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए। आनंद जाट ने कहा है कि उसके पास आरोपों के पक्ष में कोई प्रमाण नहीं है; उसने सिर्फ़ सुनी–सुनाई बातों के आधार पर आरोप लगाया।

अधिकारी पर लगे आरोप पहली नज़र में बेहद गंभीर नज़र आते हैं और अगर इनमें कोई सच्चाई है तो कार्रवाई होनी चाहिए।

आरोप ग़लत!  तो अधिकारी की प्रतिष्ठा का क्या ?

लेकिन हमारी पड़ताल में ऐसा कुछ भी नहीं मिला जो नियमों के विरुद्ध कहा जा सके। तो सवाल यह है कि एक अधिकारी और उसकी सालों में कमाई गई प्रतिष्ठा का क्या हुआ? उस भरोसे का क्या जो उन्होंने लाखों युवाओं के बीच तिनका–तिनका करके बनाया था? स्पष्ट है — एक शख्स की खबरों में बने रहने की आदत और हेडलाइन्स के स्वार्थी खेल ने उसे तहस–नहस कर दिया।

इसका ज़िम्मेदार सिर्फ़ हेडलाइन–भूखा मीडिया नहीं है; सिस्टम भी उतना ही ज़िम्मेदार है। शायद इसीलिए एडीएम हरदा रहे नागार्जुन गौड़ा को न सिर्फ कंपनी का जुर्माना हटाना पड़ा, बल्कि उन्होंने लापरवाही के लिए जिम्मेदार खनन विभाग को भी लपेटे में लिया। वर्षों से हो रहा खनन पहले नज़र नहीं आया और जब उसकी आँखे खुली तो जो भी सामने दिखा, उसे ही बलि का बकरा बना दिया गया।

ज़ाहिर है यह हेडलाइन और सुर्खियां इस युवा अधिकारी के लिए बड़ा सबक होंगी। उन्हें अब उसी सिस्टम से लड़ना और उसे सुधारना है — जिसका वे ख़ुद हिस्सा हैं।

Tags: IASएथिक्सकरप्शननागार्जुन गौड़ामध्यप्रदेशहरदा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

I stand For India: ऑपरेशन सिंदूर पर फेक नैरेटिव के खिलाफ अभियान का शंखनाद , ताकि सेना के शौर्य पर कोई न उठाए सवाल

अगली पोस्ट

अमित शाह की चेतावनी: जनसंख्या असंतुलन के पीछे प्रजनन नहीं, घुसपैठ

संबंधित पोस्ट

पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।
चर्चित

पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

17 January 2026

पीेएम मोदी ने शनिवार को एक सभा  को संबोधित करते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी का भरोसा तेजी से बीजेपी के विकास मॉडल...

समीर दास की हत्या से उजागर हुई बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की मुश्किलें
चर्चित

समीर दास की हत्या: बांग्लादेश में भीड़ की हिंसा और अल्पसंख्यक असुरक्षा

13 January 2026

बांग्लादेश में 28 साल के हिंदू ऑटो चालक समीर दास की निर्मम हत्या ने फिर से यह सवाल उठाया है कि देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों,...

डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था
चर्चित

ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

29 December 2025

केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), हैदराबाद पीठ ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस के महानिदेशक (DG) की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। अधिकरण ने पाया कि रक्षा अनुसंधान...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited