TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    LR-AShM मिसाइल के साथ भारत ने समुद्री रक्षा और तकनीकी ताकत दिखाई

    भारत ने हाइपरसोनिक हथियार तकनीक में बड़ी छलांग लगाई, LR-AShM का सार्वजनिक प्रदर्शन

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–EU मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा की

    शेख हसीना को भारत से बोलने देना खतरनाक मिसाल

    दिल्ली से शेख हसीना के भाषण ने बढ़ाया तनाव, बांग्लादेश ने जताई आपत्ति

    अमेरिका–ईरान तनाव के बीच यूएस ने मजबूत की सैन्य तैनाती

    ईरान के करीब अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी, एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन तैनात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    LR-AShM मिसाइल के साथ भारत ने समुद्री रक्षा और तकनीकी ताकत दिखाई

    भारत ने हाइपरसोनिक हथियार तकनीक में बड़ी छलांग लगाई, LR-AShM का सार्वजनिक प्रदर्शन

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–EU मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा की

    शेख हसीना को भारत से बोलने देना खतरनाक मिसाल

    दिल्ली से शेख हसीना के भाषण ने बढ़ाया तनाव, बांग्लादेश ने जताई आपत्ति

    अमेरिका–ईरान तनाव के बीच यूएस ने मजबूत की सैन्य तैनाती

    ईरान के करीब अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी, एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन तैनात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा से बाध्य नहीं हैं राष्ट्रपति और राज्यपाल , प्रेसिडेंट मुर्मू के सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया, और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के भीतर बिलों पर मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

TFI Desk द्वारा TFI Desk
20 November 2025
in चर्चित, भारत, मुझे हिंदी में खबर बताओ
सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के भीतर बिलों पर मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

राष्ट्रपति मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिख कर 14 सवालों के जवाब मांगे थे

Share on FacebookShare on X

20 नवंबर को एक ऐतिहासिक जवाब देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के भीतर बिलों पर मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 200 और 201 के तहत उनके संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है।

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अनुच्छेद 143 का इस्तेमाल करते हुए इस विषय पर एक पत्र भेजकर सुप्रीम कोर्ट से जवाब मांगा था। उनके सवालों पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की पाँच जजों वाली संविधान पीठ ने साफ़ कर दिया कि कोर्ट “डीम्ड असेंट” की अवधारणा लागू नहीं कर सकती।
कोर्ट ने इसे असंवैधानिक बताया और कहा कि यह शक्तियों के विभाजन(separation of powers) का उल्लंघन होगा।

संबंधितपोस्ट

देवी-देवताओं की मूर्तियां, सनातन परंपराओं की झलक’… नंगी आंखों से दिखते हैं सबूत, फिर भी विवादित क्यों है भोजशाला?

वसंत पंचमी: सरस्वती पूजा पर भोजशाला में सुबह से हवन-पूजन जारी, दोपहर 1-3 बजे होगी जुमे की नमाज

7 साल की कानूनी जंग और इंसाफ की जीत: शाह बानो केस पर बनी फिल्म ‘हक’

और लोड करें

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “डीम्ड असेंट” देना ऐसा होगा जैसे न्यायपालिका कार्यपालिका के अधिकारों पर “कब्ज़ा” कर ले और क़ानून के भीतर ऐसी कल्पना की कोई अनुमति नहीं है।

कोर्ट: गवर्नर बिलों पर अनिश्चित समय तक बैठकर देरी भी नहीं कर सकते

हालाँकि कोर्ट ने तय समयसीमा लागू करने से इनकार किया, लेकिन यह भी साफ किया कि गवर्नर को यह अधिकार नहीं है कि वे बिलों को अनिश्चित समय तक लंबित रखें।

CJI बी.आर. गवई और जस्टिस सूर्या कांत, विक्रम नाथ, पी.एस. नरसिम्हा और ए.एस. चंद्रचूड़कर की बेंच ने कहा:

  • यदि गवर्नर किसी बिल को बिना वजह, लंबे वक्त से रोक कर बैठे हों और वो विधायी प्रक्रिया को ही बाधित करने लगें, केवल तभी कोर्ट सीमित न्यायिक समीक्षा कर सकता है और गवर्नर को “उचित समय” में फैसला करने का निर्देश दे सकता है।
    हालाँकि, कोर्ट बिल की कमियों और गुणों पर टिप्पणी नहीं कर सकता।

बैकग्राउंडर: तमिलनाडु केस और राष्ट्रपति का पत्र

यह मामला सुप्रीम कोर्ट के मई महीने के दिए गए एक फैसले के बाद सामने आया था, तब तमिलनाडु सरकार की अपील पर दो जजों की एक पीठ ने राज्यपालों को एक समयसीमा के अंदर विधेयकों पर फैसला लेने का आदेश दिया था।

केंद्र सरकार समय सीमा के खिलाफ; विरोधी राज्य पक्ष में

अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कोर्ट कोई समयसीमा तय नहीं कर सकता। ऐसा करना शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत के खिलाफ होगा और राष्ट्रपति व गवर्नर के संवैधानिक विवेकाधिकार का उल्लंघन होगा।

दूसरी ओर कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी, के.के. वेणुगोपाल, गोपाल सुब्रमण्यम जैसे वरिष्ठ वकीलों ने राज्यों की ओर से तर्क दिया कि गवर्नरों द्वारा की गई लंबी देरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाती है और इसलिए कोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ?

  • डीम्ड असेंट का सिद्धांत लागू नहीं किया जा सकता।
  • कोर्ट राष्ट्रपति या गवर्नर के लिए कोई समयसीमा तय नहीं कर सकता।
  • गवर्नर बिलों को अनिश्चित समय तक रोक कर नहीं रख सकते।
  • कोर्ट केवल “अनुचित देरी” की स्थिति में हस्तक्षेप कर सकता है—ताकि गवर्नर फैसला लें, लेकिन फैसला क्या होना चाहिए यह तय नहीं करेगा।
  • शक्तियों का संतुलन हमेशा बनाए रखना होगा।

सुप्रीम कोर्ट की यह राय राज्यों, गवर्नरों और केंद्र सरकार के बीच संबंधों पर चल रही बहस में एक बड़ा स्पष्टीकरण है।

वे 14 संवैधानिक प्रश्न जिनका सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर दिया

ये वही सवाल हैं, जिन्हें राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 143 के तहत सुप्रीम कोर्ट को भेजा था:

  1. गवर्नर के पास अनुच्छेद 200 के तहत बिल आने पर क्या विकल्प हैं?
  2. क्या गवर्नर इन सभी विकल्पों के प्रयोग में मंत्री परिषद की सलाह मानने के लिए बाध्य हैं?
  3. क्या अनुच्छेद 200 के तहत गवर्नर का विवेक न्यायिक समीक्षा के दायरे में आता है?
  4. क्या अनुच्छेद 361 गवर्नर के कार्यों की न्यायिक समीक्षा पर रोक लगाता है?
  5. जहाँ संविधान कुछ नहीं कहता, क्या कोर्ट समयसीमा तय कर सकता है?
  6. क्या अनुच्छेद 201 के तहत राष्ट्रपति का विवेक न्यायिक समीक्षा योग्य है?
  7. क्या कोर्ट राष्ट्रपति के लिए भी समयसीमा तय कर सकता है?
  8. जब गवर्नर किसी बिल को राष्ट्रपति के पास भेजते हैं, तो क्या राष्ट्रपति को अनुच्छेद 143 के तहत सुप्रीम कोर्ट की सलाह लेनी चाहिए?
  9. क्या अनुच्छेद 200 और 201 के तहत लिए गए निर्णय तब भी न्यायिक समीक्षा योग्य हैं जब बिल अभी कानून नहीं बना?
  10. क्या सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 142 का प्रयोग करके राष्ट्रपति या गवर्नर का निर्णय बदल सकता है?
  11. क्या गवर्नर की स्वीकृति के बिना किसी राज्य का कानून लागू हो सकता है?
  12. क्या हर बेंच को पहले यह तय करना चाहिए कि किसी मामले को अनुच्छेद 145(3) के तहत संविधान पीठ को भेजा जाए या नहीं?
  13. क्या अनुच्छेद 142 की शक्ति सिर्फ प्रक्रिया–गत कानूनों तक सीमित है या यह मूल कानूनों को भी प्रभावित कर सकती है?
  14. क्या अनुच्छेद 131 ही केंद्र–राज्य विवादों को सुलझाने का एकमात्र तरीका है?

इन्ही सवालों पर मंथन करते हुए सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने ये बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। इससे ये साफ़ हो गया है कि राष्ट्रपति या राज्यपालों को एक निश्चित समयसीमा के अंदर विधेयकों पर दस्तख़त करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है।

अंग्रेजी में इस लेख को यहां पढ़ें

Tags: बिलराज्यपालराष्ट्रपतिविधेयकसंविधानसंविधान पीठसंसदसुप्रीम कोर्ट
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

राहुल गांधी का ह्यूस्टन इवेंट आयोजित करने वाली संस्था CAIR अमेरिका में आतंकी संगठन घोषित, हिंदू घृणा फैलाने वाली संस्था के अलकायदा, हमास जैसे आतंकी संगठनों से मिले रिश्ते

अगली पोस्ट

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

संबंधित पोस्ट

LR-AShM मिसाइल के साथ भारत ने समुद्री रक्षा और तकनीकी ताकत दिखाई
चर्चित

भारत ने हाइपरसोनिक हथियार तकनीक में बड़ी छलांग लगाई, LR-AShM का सार्वजनिक प्रदर्शन

27 January 2026

26 जनवरी 2026 – भारत ने 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान अपनी सबसे उन्नत स्वदेशी सैन्य तकनीक लॉन्ग-रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल (LR-AShM) का अनावरण...

भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर
चर्चित

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–EU मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा की

27 January 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह समझौता वैश्विक...

शेख हसीना को भारत से बोलने देना खतरनाक मिसाल
चर्चित

दिल्ली से शेख हसीना के भाषण ने बढ़ाया तनाव, बांग्लादेश ने जताई आपत्ति

27 January 2026

पूर्व बांग्लादेश प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा नई दिल्ली से वर्चुअल भाषण देने के बाद बांग्लादेश सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited