TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    संसद विशेष सत्र: महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर गरमा-गरम बहस, पीएम मोदी का भरोसा,”किसी के साथ अन्याय नहीं”

    संसद विशेष सत्र: महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर गरमा-गरम बहस, पीएम मोदी का भरोसा,”किसी के साथ अन्याय नहीं”

    पश्चिम बंगाल वोटर लिस्ट विवाद: BBC की रिपोर्ट पर घमासान, मुस्लिम बहिष्कार या अधूरा नैरेटिव?

    पश्चिम बंगाल वोटर लिस्ट विवाद: BBC की रिपोर्ट पर घमासान, मुस्लिम बहिष्कार या अधूरा नैरेटिव?

    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    बिहार में सत्ता परिवर्तन की उलटी गिनती शुरू: 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण, 14 अप्रैल को इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश कुमार

    बिहार में सत्ता परिवर्तन की उलटी गिनती शुरू: 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण, 14 अप्रैल को इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश कुमार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    संसद विशेष सत्र: महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर गरमा-गरम बहस, पीएम मोदी का भरोसा,”किसी के साथ अन्याय नहीं”

    संसद विशेष सत्र: महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर गरमा-गरम बहस, पीएम मोदी का भरोसा,”किसी के साथ अन्याय नहीं”

    पश्चिम बंगाल वोटर लिस्ट विवाद: BBC की रिपोर्ट पर घमासान, मुस्लिम बहिष्कार या अधूरा नैरेटिव?

    पश्चिम बंगाल वोटर लिस्ट विवाद: BBC की रिपोर्ट पर घमासान, मुस्लिम बहिष्कार या अधूरा नैरेटिव?

    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    बिहार में सत्ता परिवर्तन की उलटी गिनती शुरू: 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण, 14 अप्रैल को इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश कुमार

    बिहार में सत्ता परिवर्तन की उलटी गिनती शुरू: 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण, 14 अप्रैल को इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश कुमार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जन्मदिवस विशेष: नाभा जेल में नेहरू की बदबूदार कोठरी और बाहर निकलने के लिए अंग्रेजों को दिया गया ‘वचनपत्र’

कालापानी की सजा काटने वाले सावरकर को कांग्रेस माफीवीर बताती है, लेकिन नेहरू से जुड़े इतिहास के इस हिस्से पर खामोश रह जाती है

TFI Desk द्वारा TFI Desk
14 November 2025
in इतिहास, चर्चित
नेहरू 14 दिनों में ही नाभा जेल से निकल आए थेन

नाभा जेल से निकलने के लिए नेहरू ने बॉण्ड भरा था कि वो फिर कभी नाभा नहीं लौटेंगे

Share on FacebookShare on X

ऐसे समय में जबकि अपने राष्ट्र नायकों को लेकर भारत में राजनीतिक बहसें तेज़ हो रही हैं,  विचारधाराओं की लड़ाई भी पहले से ज़्यादा गहरी हो गई है– एक नाम बार–बार सामने आता है—विनायक दामोदर सावरकर, जिन्हें करोड़ों लोग वीर सावरकर कहते हैं। लेकिन दुख की बात यह है कि आज़ादी की लड़ाई में उनके विशाल योगदान के बावजूद, उन्हें भारतीय इतिहास में सबसे ज़्यादा गलत ढंग से पेश किया गया।

दशकों तक कांग्रेस ने न केवल सावरकर की उपेक्षा की, बल्कि उनके खिलाफ झूठे आरोपों का माहौल भी बनाया। एक महान क्रांतिकारी को बार–बार ऐसे दिखाया गया जैसे वह कोई अपराधी हों। यह विरोध और भी साफ़ दिखता है जब हम देखते हैं कि कांग्रेस ने कैसे जवाहरलाल नेहरू के महिमामंडन में कोई कसर नहीं छोड़ी– वही नेहरू, जो नाभा जेल में सिर्फ़ दो हफ्ते टिक पाए, जबकि सावरकर ने अंडमान की सेलुलर जेल में 11 साल का नर्क–यातनाएं झेला, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस के मौजूदा नेतृत्व के लिए नेहरू नायक हैं, जबकि सावरकर“गद्दार”।

संबंधितपोस्ट

हिंदी में पढ़ें वीर सावरकर की कविता ‘सागर प्राण तलमाला’

जनता की ज़मीन, सत्ता की जागीर नहीं: मानेसर लैंड डील में भूपेंद्र हुड्डा को झटका, न्याय ने कांग्रेस के ‘विकास मॉडल’ की खोल दी पोल

वंदे मातरम् के 150 वर्ष: बंकिमचंद्र की वेदना से जनमा गीत, जिसने भारत को जगाया और मोदी युग में पुनः जीवित हुआ आत्मगौरव

और लोड करें

आज़ादी के बाद कांग्रेस सरकारें शिक्षा, कला और इतिहास—सभी जगह अपना असर रखती थीं, लेकिन सावरकर की राष्ट्रवादी सोच कांग्रेस को कभी भी रास नहीं आई।
शायद इसीलिए उनके खिलाफ एक संगठित अभियान शुरू हुआ।

कांग्रेस नेताओं ने सावरकर को बार–बार कभी “ब्रिटिशों का गुलाम” कहा तो कभी “औपनिवेशिक वफादार”। इसके अलावा “गद्दार” “माफीवीर” जैसे नामों से भी संबोधित किया गया।

कई जगहों पर तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सावरकर की मूर्तियों पर चप्पलें फेंकीं, उन पर  काला रंग पोता, और एक राष्ट्रनायक का खुलेआम अपमान किया—ऐसा अपमान किसी और राष्ट्रीय नेता के साथ कभी नहीं हुआ।

उनका आधार एक ही था—सावरकर की “दया याचिकाएँ”।
लेकिन कांग्रेस ये कभी नहीं बताती कि नेहरू ने खुद एक “बॉन्ड” पर हस्ताक्षर कर अंग्रेजों को भरोसा दिया था। अगर यही काम कोई गैर–कांग्रेस नेता करता, तो उसे आज तक “देशद्रोही” कहा जाता।

बात 1923 की है– पंजाब में स्वतंत्रता की लड़ाई तेज़ हो रही थी। नेहरू ने जब पंजाब जाने की कोशिश की तो नाभा रियासत में प्रवेश करने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, जहां उन्हें दो साल की सज़ा सुनाई गई थी। लेकिन वे मुश्किल से 14 दिन ही जेल में टिक पाए।

ऐतिहासिक दस्तावेज़ और नेहरू की आत्मकथा दोनों बताते हैं:

  • नेहरू को नाभा में गंदी, सीलन भरी और बदबूदार कोठरी में रखा गया था, वैसे ये स्थितियां काफी सख्त थीं, लेकिन कैदियों के लिए सामान्य। जेल में रखे जाने के 14 दिन के अंदर ही उन्होंने एक बॉन्ड पर हस्ताक्षर कर दिए। बॉन्ड में उन्होने वादा किया था कि वे दोबारा नाभा नहीं आएँगे। लिखित रूप से ये वादा करने के बाद ही नेहरू को वहां से रिहा किया गया।

विख्यात इतिहासकार प्रो. चमन लाल ने इसे दस्तावेजों के साथ प्रमाणित किया है।
वे बताते हैं कि नेहरू को पहले जैतू की पुलिस कोठरी में रखा गया था, फिर नाभा जेल भेज दिया गया। बाद में जब ख़ुद उनके पिता मोतीलाल नेहरू ने वायसराय तक अपना निवेदन पहुँचाया, तो अचानक सब बदल गया—
नेहरू को नए कपड़े दे दिए गए। आम कैदियों से अलग अच्छा खाना दिया गया।नहाने–धोने की बेहतर व्यवस्था दी गई साथ ही बाकी कैदियों की तुलना में उन्हें विशेष सुविधाएँ दी गईं।

नाभा जेल में नेहरू के साथ बंदी रहे के. संतानम ने भी लिखा है कि नेहरू ने इसके लिए एक ‘बॉन्ड’ पर हस्ताक्षर किए थे।
नेहरू ने अपनी आत्मकथा में भी इसे स्वीकार किया है।

अब जरा तुलना कीजिए—

एक तरफ़ नेहरू थे– जिन्होने नाभा जेल में सामान्य कैदियों वाली जिन्दगी से बचने के लिए 14 दिन में ही लिखित बॉन्ड पर दस्तख़त कर दिए। अंग्रेजों से वादा किया कि वो फिर कभी इधर नहीं आएंगे।
दूसरी तरफ़ सावरकर हैं– जिन्होने 11 साल कालापानी की यातना भरी सजा काटी, दो–दो आजीवन कारावास की सजा भुगती और फिर भी अडिग बने रहे।

अंडमान की सेलुलर जेल कोई साधारण जेल नहीं थी।
वह एक यातना गृह था, जहां अंग्रेज़ अपने साम्राज्य के लिए सबसे ख़तरनाक माने जाने वाले लोगों को ही रखते थे।

नेहरू को नाभा जेल में जहां सामान्य सुविधाएं प्राप्त थीं,

 जबकि, सावरकर को सेलुलर जेल में जंजीरों में बाँधा गया
 दिन में उन्हें कई बार कोड़े मारे जाते।महीनों एकांत में रखा गया
 नारियल की रस्सी बनाने का काम करवाया गया, ये करते करते उनके हाथों से खून निकलने लगता, लेकिन उसके बावजूद उनसे रस्सियां घिसवाई गईं
 उन्हें कोल्हू में जोत दिया जाता, जहां वो घंटों तेल निकालने के लिए बैलों की तरह जुटे रहते
 खाने में उन्हें कीड़ों और कंकड़–पत्थरों से भरा खाना मिलता
18–18
महीने बाद एक चिट्ठी लिखने की इजाज़त मिलती थी
 उनकी कविताएँ दीवारों से मिटा दी जाती थीं ताकि उनका मनोबल टूटे

लेकिन सावरकर कभी नहीं टूटे।
उन्होंने अपना मानसिक संतुलन, विचार और साहस—सब संभाले रखा।
उनकी याचिकाएँ आत्मसमर्पण ननहीं थीं, बल्कि एक राजनीतिक रणनीति थीं—ताकि वो अपनी और अपने साथियों की रिहाई करवा सकें,  बाहर निकल कर अपनी गतिविधियां जारी रख सकें।

ब्रिटिश उनसे डरते थे—क्योंकि वे विचारों से लड़ते थे, हिंसा से नहीं।

बाद में रत्नागिरी जेल में भी उन पर कड़े प्रतिबंध लगे रहे, लेकिन वे लिखते रहे, समाज सुधार करते रहे, और राष्ट्र के लिए काम करते रहे।

अब फिर वही सीधा प्रश्न आता है।
आख़िर देश में कितने कांग्रेसी नेता सावरकर की यातना का एक प्रतिशत भी सह पाए?

कैद से पहले ही सावरकर अभिनव भारत के संस्थापक थे, पूर्ण स्वराज के सबसे पहले समर्थकों में थे, लंदन में भारतीय छात्रों को संगठित कर रहे थे, ऐसी किताबें लिख रहे थे जो पूरे देश में क्रांतिकारियों को प्रेरित कर रही थीं साथ ही हिंदू राष्ट्रवाद की वैचारिक नींव को आकार दे रहे थे।
आज भी सावरकर को समझना आसान नहीं है। उनकी आलोचना करना सरल है, लेकिन उनके बलिदान की गहराई समझने के लिए ईमानदारी चाहिए—जो कांग्रेस ने कभी नहीं दिखाई।

नेहरू, जिन्होंने दो हफ्तों में ब्रिटिशों के बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए, उन्हें राष्ट्रीय आइकन बनाया गया और सावरकर, जिन्होंने 11 साल की नर्क जैसी कैद झेली, उन्हें “गद्दार” और माफीवीर कहा गया।

यह उलटी नैतिकता असल में कांग्रेस की सोच को दिखाती है।

इतिहास अब धीरे–धीरे खुद को सुधार रहा है और देश उस व्यक्ति को फिर से पहचान रहा है,
जिसने सब कुछ भारत को समर्पित कर दिया—बिना किसी पद, शक्ति या सम्मान की चाहत के, लेकिन वो सम्मान, शक्ति या पद मिला नेहरू को और बाद में पीढ़ी दर पीढ़ी उनके परिवार को।

Tags: #राहुलगांधीअंडमानकांग्रेसकालापानीजवाहरलालनाभा जेलबालदिवसमाफीवीरविनायक दामोदर सावरकरसावरकर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

अगली पोस्ट

मणिपुर को जल्द मिल सकता है नया मुख्यमंत्री, भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने टटोली प्रदेश में सरकार गठन की संभावनाएं

संबंधित पोस्ट

नोएडा वर्कर्स प्रोटेस्ट: वेतन विवाद से हिंसा तक, सोशल मीडिया और बाहरी हस्तक्षेप ने कैसे बढ़ाया संकट
चर्चित

नोएडा वर्कर्स प्रोटेस्ट: वेतन विवाद से हिंसा तक, सोशल मीडिया और बाहरी हस्तक्षेप ने कैसे बढ़ाया संकट

17 April 2026

नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में शुरू हुआ मजदूरों का आंदोलन धीरे-धीरे एक बड़े संकट में बदल गया, जिसने प्रशासन और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर...

किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति
अर्थव्यवस्था

किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

17 April 2026

दुनिया इस समय ऊर्जा संकट के एक ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां भू-राजनीतिक तनावों ने ईंधन बाजार को अस्थिर बना दिया है। खासकर...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
चर्चित

जिस कानून का नहीं अस्तित्व, उसके आधार पर कोर्ट ने सुना दिया फैसला: भड़के इलाहाबाद HC ने रद्द कर सुनाई खरी-खरी

17 April 2026

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अहम फैसले में परिवार न्यायालय द्वारा एक मुस्लिम महिला को दिया गया तलाक रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited