तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कांग्रेस के संभावित विलय को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज थीं। इन चर्चाओं को उस समय और बल मिला जब टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से मुलाकात हुई और इसके बाद राहुल गांधी तथा अभिषेक बनर्जी के बीच भी करीब एक घंटे तक बैठक हुई। हालांकि, इन बैठकों के बाद दोनों दलों की ओर से विलय की खबरों को खारिज कर दिया गया है।
टीएमसी सूत्रों ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस में पार्टी के विलय का कोई प्रस्ताव न तो रखा गया और न ही इस पर कोई चर्चा हुई। पार्टी ने ऐसी खबरों को महज अफवाह और आधारहीन बताया। वहीं कांग्रेस की ओर से भी कहा गया कि नेताओं की मुलाकात शिष्टाचार और विपक्षी एकजुटता से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित थी, न कि किसी संगठनात्मक विलय पर।
बताया जा रहा है कि बैठक में पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति, विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय और भविष्य में भाजपा के खिलाफ साझा रणनीति जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इसके अलावा 2029 के आम चुनावों को ध्यान में रखते हुए विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
टीएमसी ने बैठक के बाद जारी संदेश में कहा कि दोनों पक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की रक्षा और जनता के हितों के लिए मिलकर काम करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। पार्टी ने “INDIA” गठबंधन की एकजुटता पर भी जोर दिया।
इस तरह, फिलहाल टीएमसी के कांग्रेस में विलय की अटकलों पर दोनों दलों ने विराम लगाने की कोशिश की है। मौजूदा स्थिति के अनुसार, नेताओं की बैठकों का उद्देश्य विपक्षी सहयोग और राजनीतिक समन्वय बढ़ाना बताया गया है, जबकि विलय की चर्चाओं को आधिकारिक रूप से नकार दिया गया है।


































