तालिबान ने की पाकिस्तान की इंटरनेशनल बेइज्जती, ऐसा सुनाया कि शायद मुल्ला मुनीर को नींद भी न आए
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    तंबाकू व्यवसायी के बेटे शिवम मिश्रा चर्चा में

    लैम्बॉर्गिनी कार ने कइयों को कुचला, लेकिन आरोपी रईसजादे को थाने में मिला VIP ट्रीटमेंट !

    Anu Lal

    क्या धर्म पर्यावरण की रक्षा कर सकता है? ‘बिश्नोईज़ एंड द ब्लैकबक’ के माध्यम से अनु लाल का एक जरूरी सवाल

    बजट सत्र के दौरान संसद में हंगामा

    बजट सत्र में लोकसभा फिर बाधित, विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की दी चेतावनी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    तंबाकू व्यवसायी के बेटे शिवम मिश्रा चर्चा में

    लैम्बॉर्गिनी कार ने कइयों को कुचला, लेकिन आरोपी रईसजादे को थाने में मिला VIP ट्रीटमेंट !

    Anu Lal

    क्या धर्म पर्यावरण की रक्षा कर सकता है? ‘बिश्नोईज़ एंड द ब्लैकबक’ के माध्यम से अनु लाल का एक जरूरी सवाल

    बजट सत्र के दौरान संसद में हंगामा

    बजट सत्र में लोकसभा फिर बाधित, विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की दी चेतावनी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

तालिबान ने की पाकिस्तान की इंटरनेशनल बेइज्जती, ऐसा सुनाया कि शायद मुल्ला मुनीर को नींद भी न आए

अफगान तालिबान के सूचना मंत्री के सलाहकार कारी सईद खोस्ती ने हाल ही में पाकिस्तान की सैन्य नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व को केवल बड़बोले और अपने दावों में झूठा करार दिया।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
1 November 2025
in भारत, भू-राजनीति, विश्व
तालिबान ने की पाकिस्तान की इंटरनेशनल बेइज्जती, ऐसा सुनाया कि शायद मुल्ला मुनीर को नींद भी न आए

तालिबान के बयान ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

Share on FacebookShare on X

75 सालों से कश्मीर पर दावा करने वाला पाकिस्तान, अपनी सैन्य ताकत और युद्धों में कथित विजय का प्रदर्शन करता रहा है। वह अपने जनरल और सैन्य नेतृत्व के प्रचार माध्यमों में यह दिखाने का प्रयास करता है कि उसने सोवियत संघ और अमेरिका के खिलाफ सफलताएं हासिल की हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि इन युद्धों में पाकिस्तान का कोई निर्णायक योगदान नहीं था। इसके विपरीत, पाकिस्तान की असफलताओं और भ्रष्टाचार का चेहरा अब अफगान तालिबान के उच्च अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक रूप से उजागर हो रहा है। तालिबान ने मुल्ला मुनीर को उनका असली चेहरा दिखाकर बेनकाब कर दिया है।

अफगान तालिबान के सूचना मंत्री के सलाहकार कारी सईद खोस्ती ने हाल ही में पाकिस्तान की सैन्य नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर को भी आड़े हाथों लेते हुए जमकर सुनाया। खोस्ती ने पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व को केवल बड़बोले और अपने दावों में झूठा करार दिया। उनके अनुसार, पाकिस्तानी जनरलों ने सोवियत संघ के खिलाफ मुजाहिदीन युद्ध और अमेरिका के खिलाफ तालिबान युद्ध में कोई वास्तविक योगदान नहीं दिया। उन्होंने यह चुनौती भी दी कि अगर पाकिस्तान के जनरलों में वास्तव में ताकत है तो 75 सालों में कश्मीर को क्यों नहीं हासिल किया। यह सवाल केवल व्यंग्य नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की असफलताओं और सैन्य नेतृत्व की वास्तविक स्थिति का एक सटीक प्रतिबिंब है।

संबंधितपोस्ट

इस्लामी भाईचारे से बड़ा पैसा: यूएई के खिलाफ कार्रवाई को तैयार पाकिस्तानी सेना?

दिल्ली धमाका: जम्मू कश्मीर में जमात ए इस्लामी से जुड़े 200 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी, वाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हो सकते हैं तार

दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

और लोड करें

पाकिस्तानी सेना की नैतिकता पर भी उठाया सवाल

पाकिस्तानी सेना ने अपने युद्ध और अभियान को हमेशा प्रचार के माध्यम से जनता के सामने विजय के रूप में प्रस्तुत किया। मीडिया और सरकारी नारे यह दिखाने का काम करते हैं कि पाकिस्तान ने अमेरिका और सोवियत संघ को हराया। लेकिन खोस्ती के अनुसार यह केवल अफगानी संघर्ष और अमेरिकी संसाधनों की वजह से संभव हुआ। वास्तविक रूप में, पाकिस्तान की फौज ने अरबों डॉलर की सहायता प्राप्त की, जिसका उपयोग जनरलों ने अपने निजी बंगले, जमीन और संपत्ति बनाने में किया। इस तथ्य ने न केवल सेना की नैतिकता पर सवाल उठाया, बल्कि पूरे राजनीतिक ढांचे की विश्वसनीयता को भी चुनौती दी।

कश्मीर की विफलता पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व की सबसे बड़ी कमजोरी के रूप में सामने आती है। 1947 से लेकर आज तक, पाकिस्तान ने कश्मीर पर अपना दावा करते हुए कई युद्ध किए, लेकिन कभी भी निर्णायक सफलता हासिल नहीं की। 75 वर्षों में न केवल सैन्य विफलताएं हुईं, बल्कि पाकिस्तान ने लगातार कश्मीर में आतंकवाद, कट्टरपंथ और अशांति को बढ़ावा दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसका खड़ा होना और भी कठिन हो गया। खोस्ती ने इस विफलता को स्पष्ट करते हुए पाकिस्तानी जनरलों की वास्तविक स्थिति को बेनकाब किया।

हाल की घटनाओं में यह और भी स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान और तालिबान के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं। अक्टूबर में सीमा पर हुए संघर्ष और उसके बाद इस्तांबुल में वार्ता के दौरान पाकिस्तानी वार्ताकारों के व्यवहार को तालिबानी अधिकारी अपमानजनक करार दे चुके हैं। यह केवल व्यक्तिगत मतभेद नहीं, बल्कि पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व की क्षमता और रणनीतिक दृष्टि पर गंभीर प्रश्न हैं।

दोषपूर्ण है पाकिस्तान की सैन्य रणनीति

खोस्ती के बयान ने यह भी उजागर किया कि पाकिस्तान की फौज ने युद्धों में वास्तविक योगदान के बजाय केवल अरबों डॉलर के विदेशी संसाधनों का लाभ उठाया। इस धन का उपयोग जनरलों ने अपने निजी फायदे के लिए किया। जबकि अमेरिका और सोवियत संघ के खिलाफ लड़ाई में असली सफलता अफगानी और स्थानीय लड़ाकों की थी, पाकिस्तान ने इसे अपने नामित मीडिया और प्रचार माध्यमों के जरिए अपने दावे के रूप में प्रस्तुत किया।

कश्मीर में 75 सालों की विफलता और तालिबान द्वारा की गई खुली आलोचना यह स्पष्ट करती है कि पाकिस्तान की सैन्य रणनीति और नेतृत्व लंबे समय से दोषपूर्ण है। केवल प्रचार और दावे के जरिए वास्तविक विजय हासिल नहीं की जा सकती। सेना का उद्देश्य और उसकी क्षमता जनता और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए स्थायी और सार्थक होना चाहिए। खोस्ती ने इस असफलता को सार्वजनिक रूप से उजागर कर यह संदेश दिया कि पाकिस्तान का सैन्य नेतृत्व अब भी जनता के लिए जवाबदेह है।

पाकिस्तानी सेना की यह विफलता केवल कश्मीर तक सीमित नहीं है। सोवियत और अमेरिकी युद्धों में कथित योगदान के दावे भी खोस्ती द्वारा चुनौती दिए गए हैं। यह दर्शाता है कि पाकिस्तान की सेना ने केवल राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए इन युद्धों का उपयोग किया, जबकि वास्तविक संघर्ष और उसकी कीमत अफगानी और स्थानीय जनता ने चुकाई।

तालिबान के बयान ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। यह स्पष्ट करता है कि पाकिस्तान केवल अपनी आंतरिक शक्ति और प्रचार में विश्वास करता है, जबकि वास्तविक युद्ध, रणनीति और सामाजिक जिम्मेदारी में वह लगातार असफल रहा है। कश्मीर में 75 सालों की विफलता इसके सबसे बड़े उदाहरण के रूप में सामने आती है।

सामरिक और राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो पाकिस्तान की यह स्थिति न केवल अपनी जनता के लिए बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी खतरनाक है। पाकिस्तान की फौज ने कभी भी कश्मीर में वास्तविक नियंत्रण नहीं किया, और उसका नेतृत्व केवल अपने निजी लाभ और प्रचार में लगा रहा। खोस्ती ने इसे सार्वजनिक रूप से उजागर कर दिया है, जिससे पाकिस्तान के सैन्य शासन और राजनीतिक निर्णयों की वास्तविक छवि दुनिया के सामने आ गई है।

अफगान तालिबान के इस दृष्टिकोण से यह भी स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व और उसकी रणनीतियों में गहरी कमजोरी है। यह न केवल कश्मीर पर उसकी विफलता को दर्शाता है, बल्कि यह बताता है कि पाकिस्तान की सेना अब भी अपने भीतर की वास्तविक क्षमता को पहचानने और उसे सुधारने में असफल रही है। भारत के खिलाफ तो कभी मुकाबले वाली स्थिति में भी पाकिस्तानी फौज नहीं रही है।

कुल मिलाकर, कारी सईद खोस्ती के बयान ने पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व की वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक रूप से उजागर किया है। कश्मीर में 75 सालों की विफलता, अफगान युद्धों में वास्तविक योगदान का अभाव, और निजी लाभ के लिए सेना की प्रवृत्ति यह दिखाती है कि पाकिस्तान केवल अपने दावों और प्रचार में ही मजबूत दिखता है। असल ताकत और स्थायित्व उसके सैन्य नेतृत्व में नहीं, बल्कि उसके दावों और मीडिया प्रोपेगैंडा में है।

पूरे मामले से यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान की सैन्य और राजनीतिक संरचना अब भी जनता के लिए जवाबदेह नहीं है। तालिबान के आंतरिक आलोचना और खोस्ती का बयान यह दर्शाता है कि पाकिस्तान की सेना ने 75 वर्षों में कश्मीर में अपनी विफलता के बावजूद कोई वास्तविक सबक नहीं सीखा। यह न केवल उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए चुनौती है, बल्कि उसकी आंतरिक स्थिरता और सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है।

Tags: AfghanistanAsim MunirKashmirPakistan ArmyQari Saeed KhostiTalibanअफ़ग़ानिस्तानअसीम मुनीरकश्मीरकारी सईद खोस्तीतालिबानपाकिस्तानी सेना
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

खरगे की मांग बनाम RSS: डर के साथ कब तक भारतीय राजनीति में कब तक खड़ी रह पाएगी कांग्रेस

अगली पोस्ट

हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

संबंधित पोस्ट

रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला
भारत

रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

9 February 2026

रूस के बाशकिरोस्तान क्षेत्र के उफा शहर में शनिवार को एक विश्वविद्यालय हॉस्टल में चाकू से हमला हुआ, जिसमें चार भारतीय मेडिकल छात्र घायल हुए,...

जेएनयू में बड़ी कार्रवाई
भारत

JNU की लाइब्रेरी में तोड़फोड़ मामले में छात्रों पर एक्शन, 5 छात्र दो सेमेस्टर के लिए सस्पेंड, कैंपस में नो एंट्री

9 February 2026

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने पाँच पीएचडी छात्रों को दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित (रस्टिकेट) कर दिया है। इनमें चार छात्र JNU छात्रसंघ (JNUSU) के...

भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान
भारत

फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

9 February 2026

भारत फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए लगभग ₹3.25 लाख करोड़ की बड़ी डील के और करीब पहुंच गया है। रक्षा सूत्रों...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited