TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    मिथुन चक्रवर्ती का बड़ा आरोप

    मिथुन चक्रवर्ती का बड़ा आरोप: बंगाल को ‘वेस्ट पाकिस्तान’ बनाने की साजिश, कश्मीर फाइल्स जैसे हालात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    सरकार-विरोधी प्रदर्शनों का नया दौर

    ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शन: सुलेमानी की प्रतिमा जलाने के बाद गुस्सा

    पाकिस्तान का इतिहास अपने कथित सिद्धांतों से समझौता करने का रहा है

    इस्लामी भाईचारे से बड़ा पैसा: यूएई के खिलाफ कार्रवाई को तैयार पाकिस्तानी सेना?

    ग्रेगोरियन नववर्ष

    ग्रेगोरियन नववर्ष: कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत

    उमर ख़ालिद मामले में अमेरिकी दखल

    उमर ख़ालिद की ज़मानत को लेकर अमेरिकी सांसदों का दबाव, भारत के राजदूत को लिखा पत्र

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    मिथुन चक्रवर्ती का बड़ा आरोप

    मिथुन चक्रवर्ती का बड़ा आरोप: बंगाल को ‘वेस्ट पाकिस्तान’ बनाने की साजिश, कश्मीर फाइल्स जैसे हालात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    सरकार-विरोधी प्रदर्शनों का नया दौर

    ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शन: सुलेमानी की प्रतिमा जलाने के बाद गुस्सा

    पाकिस्तान का इतिहास अपने कथित सिद्धांतों से समझौता करने का रहा है

    इस्लामी भाईचारे से बड़ा पैसा: यूएई के खिलाफ कार्रवाई को तैयार पाकिस्तानी सेना?

    ग्रेगोरियन नववर्ष

    ग्रेगोरियन नववर्ष: कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत

    उमर ख़ालिद मामले में अमेरिकी दखल

    उमर ख़ालिद की ज़मानत को लेकर अमेरिकी सांसदों का दबाव, भारत के राजदूत को लिखा पत्र

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

धर्मध्वजा स्थापना और राम मंदिर की पूर्णता अर्थात् – भारत के स्वत्व जागरण की पुनर्यात्रा

Dr Alok Kumar Dwivedi द्वारा Dr Alok Kumar Dwivedi
25 November 2025
in धर्म, संस्कृति
पीएम मोदी, मोहन भागवत और योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा की स्थापना की

धर्म ध्वजा की स्थापना के साथ ही राम मंदिर का निर्माण पूर्ण हो गया

Share on FacebookShare on X

मैथिलीशरण गुप्त की यह पंक्तियां कि–

राम तुम्हारा चरित स्वयं ही काव्य है !

संबंधितपोस्ट

राम मंदिर के शिखर पर पीएम मोदी फहराएंगे 22 फीट का भगवा ध्वज, विवाह पंचमी की तैयारी पूरी

तीर्थ, संस्कृति और समृद्धि: क्यों भारत का पर्यटन है अनोखा

बरेली से अयोध्या तक: “आई लव मोहम्मद” पर बवाल, जानिए इसके पीछे की असली वजह

और लोड करें

कोई कवि बन जाए सहज सम्भाव्य है !!

राम प्रतीक हैं भारत की अस्मिता के, राम प्रतीक हैं भारत के स्वर्णिम सांस्कृतिक अहर्निश यात्रा के और राम प्रतीक हैं भारत के जीवन प्राण के। अयोध्या, जो राम की पुण्य जन्मस्थली है, संघर्ष, शौर्य और धैर्य के साथ अपने प्राणतत्व की प्रतिष्ठा के लिए सतत प्रयासरत रही हिंदू जीवन शैली के उत्कृष्टता का अनुपम उद्धरण है। सनातन काल से ही कालगति से स्वयं को अक्षुण्ण रखने की प्रवृत्ति भारतीय ऋषि परंपरा का आत्मभाव से आत्मसात होने का यथार्थ प्रमाण है।

सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे संतु निरामया की विचार दृष्टि और वसुधैव कुटुंबकम् की व्यवहारिकता से ओतप्रोत ऋषि परंपरा स्वयं को कालातीत अनुभूति की श्रेणी में रखता रही। सर्वकल्याण का यह भाव भारतीय जीवन दृष्टि की कोई कल्पना मात्र न होकर जीवन का प्राप्य पुरुषार्थ है। आत्मवत् सर्वभूतेषु के दर्शन को जीवन में उतारने के क्रम में ऋषि परंपरा न तो कोरी कल्पना का सहारा लेती है, न ही पलायनवाद की दृष्टि और न ही आक्रामकता अपनाती है वरन् व्यक्तिगत अनुभव और गहन साक्षात्कार के द्वारा आत्मभाव जागरण हेतु निरंतर तल्लीन रही जिसका प्रतिफल उस परम्परा के आत्मसाक्षात्कार के अनेकों सिद्धांत और मार्ग हमें दिखाई पड़ते हैं।
भारतीय साधना की विशिष्टता रही है कि इसने जीवन के हर स्तर पर आत्मभाव को ही अपना धर्म माना है और उसके स्थापित करने हेतु सदैव सर्जनवृत्ति को जागृत रखा। इसी परंपरा को आत्मसात कर राम ने कर्म की कुशलता को परिमार्जित कर अनासक्त भाव से धर्म स्थापन हेतु अपने जीवन यात्रा की आहुति कर दी जिसके फलस्वरूप वाल्मीकि जैसे ऋषि को कहना पड़ा– 

“रामो विग्रहवान धर्मः” अर्थात् राम साक्षात धर्म के मूर्त रूप हैं। राम का जीवन इस सिद्धांत का यथार्थ प्रकटन है कि यदि जीवन में अपने कार्य सिद्धि हेतु धर्म के मार्ग पर चलते हुए अपनी पूरी सामर्थ्य से आगे बढ़ा जाए तो निश्चित ही वह व्यक्ति उसी कार्यसाफल्य की एकाकारता की संज्ञा से अभिहित हो जाता है। उस व्यक्ति का व्यक्तित्व उसी सफल कार्य का स्वरूप हो जाता है। शायद इसी कारण राम के लिए किसी कवि ने कहा कि राम व्यक्ति को नहीं वृत्ति को प्राप्त संज्ञा है। जब किसी व्यक्ति का आचरण और दृष्टिकोण आने वाली मानवता के लिए पथप्रदर्शक बन जाती है तो वह व्यक्ति एक विचार और वृत्ति के रूप में स्थापित हो जाता है। 

                          भगवान श्रीराम का व्यक्तित्व भारतीय चिंतन का प्रकाशस्तंभ है। राम वह शक्ति हैं, जहाँ सामर्थ्य विनम्रता से मिलता है और नेतृत्व सेवा बन जाता है। उनका जीवन हमें बताता है कि आदर्श केवल उपदेशों में नहीं, बल्कि आचरण में उतरी सत्यनिष्ठा में जीवित रहते हैं। यही कारण है कि राम केवल एक ऐतिहासिक पुरुष नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के ‘जीवित मूल्य’ हैं। राम के व्यक्तित्व में वीरता है, परंतु अहंकार नहीं,  निर्णय है, परंतु कठोरता नहीं। वे शक्ति का उपयोग रक्षा के लिए करते हैं और प्रेम का उपयोग समाज को जोड़ने के लिए। उनका नेतृत्व सत्य और करुणा से संचालित होता है। यही मर्यादा पुरुषोत्तम की पहचान है– जहाँ बाह्य शक्ति से अधिक महत्त्व भीतरी शुचिता को महत्व मिलता है।

राम की विजय केवल शस्त्रों से नहीं बनी। वह त्याग, सहनशीलता, न्याय और धर्मनिष्ठा से पवित्र हुई। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि धर्म का आधार न्याय है और न्याय का आधार संवेदनशीलता। राम में राजा का तेज है, ऋषि का संयम है, और साधक का धैर्य—और यही त्रिवेणी उन्हें कालजयी आदर्श बनाती है। राम का व्यक्तित्व हमें यह भी सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व ‘मैं’ से अधिक ‘हम’ में विश्वास करता है।

                   इन्हीं मूल्यों ने भारत की आत्मा को सींचा और पीढ़ियों को प्रेरित किया कि ‘राम केवल राजाओं के नहीं, जन–जन के हैं’। इसी भावना से सदियों का एक आंदोलन जन्मा – राममंदिर आंदोलन। यह केवल एक मंदिर का संघर्ष नहीं था, बल्कि सांस्कृतिक स्मृति की पुनर्स्थापना, अस्मिता की जागृति और न्याय के प्रति सामूहिक आग्रह था। यह उन मूल्यों के पुनरुत्थान की यात्रा थी, जिन पर राम का व्यक्तित्व खड़ा है: सत्य, साहस, करुणा, मर्यादा और सामूहिकता। राममंदिर आंदोलन की पूर्णता इसलिए केवल राजनीतिक या न्यायिक प्रक्रिया का अंत नहीं है। यह करोड़ों भारतीयों के भीतर बसे उस भाव का चरम है, जो कहता है कि “विजय का मार्ग बाहरी नहीं, भीतरी शुचिता से होकर गुजरता है।” जैसे राम ने अपने जीवन में कठिनाइयों, अन्याय और संघर्षों को आंतरिक धैर्य और धर्म की शक्ति से जीता; उसी प्रकार यह आंदोलन भी धैर्य, संवेदनशीलता और न्यायिक मर्यादा के मार्ग से सम्पन्न हुआ।

                     जब अयोध्या में रामलला अपने भव्य और दिव्य मंदिर में प्रतिष्ठित हुए, तो यह केवल एक स्थापत्य की पूर्णता नहीं थी—यह उस सुगंध की वापसी थी जो राम के व्यक्तित्व में बसती है और आज भी जीवित है क्योंकि वह मूल्यों की भूमि में पनपी है, सत्ता की नहीं। राममंदिर इस बात का प्रतीक बन गया कि भारतीय समाज किसी भी संघर्ष को संस्कृति, सत्य और धैर्य की शक्ति से पूरा कर सकता है। राम केवल अतीत का गौरव नहीं, वर्तमान का मार्गदर्शक और भविष्य का प्रकाश हैं। उनका व्यक्तित्व हमें बताता है कि सभ्यताएँ केवल इमारतें खड़ी करके नहीं, बल्कि अपने आदर्शों को पुनर्जीवित करके महान बनती हैं। राममंदिर आंदोलन की पूर्णता इसी आत्मविश्वास, इसी जागृति और इसी सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रमाण है।


                राम जन्मभूमि विवाद भारत के इतिहास में स्वर्णिम और कलंक दोनों ही दृष्टि से देखा जायेगा। कलंक इस बात का कि जिस व्यक्ति की चेतना से भारत का रोम रोम आप्लावित है, जिसके नाम से कमोबेश जनमानस अपने दैन्दिन की शुरुआत करता है, जिनके आदर्श पर चलकर भारत की संस्कृति अक्षुणता को उद्घोषित किया जाता है, ऐसे व्यक्ति के जन्मस्थान का विवाद भारत में 500 वर्षों से अधिक समय तक चलता रहा और ऐसी विभूति को बिना छत के वीरान तरीक़े से रहना पड़ा। इसके उलट स्वर्णिम और गौरव की बात यह है कि राम जन्मभूमि आंदोलन और इसकी सफलता ने हिंदू जनमानस में सुप्त पड़ी उनकी चेतना का उद्गार किया, उनके सामर्थ्य को पहचानने का मार्ग दिया और अपने स्वत्व से लक्ष्य सिद्धि के सनातन दृष्टि का प्रमाण भी प्रस्तुत किया।
2019
में भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ द्वारा सर्वसम्मति से रामजन्मभूमि निर्माण का निर्णय सत्य की विजय का संदेश थी। यह हिंदू जीवन दृष्टि के इस भाव का भी प्रतीक था कि हिंदू अपने राष्ट्र के प्रतीकों, और संस्थाओं का सम्मान करता है और उसे राष्ट्र की जीवंत इकाई मानता है। राम मंदिर निर्माण के पश्चात 25 नवंबर 2025 को धर्मध्वजा आरोहण के साथ ही मंदिर निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ और यह ध्वजा भारतीय जनमानस के गौरव गाथा को अनंत काल तक उत्तुंग शिखर पर उर्ध्वगामी दृष्टि को पोषित करती रहेगी। यह विजय है धैर्य की, सामर्थ्य की, जीवन राष्ट्र के प्राण को पुनर्स्थापित करने की और हिंदू जीवन दृष्टि की। 

भारत महिमा में जयशंकर प्रसाद लिखते हैं– 

विजय केवल लोहे की नहीं, 

धर्म की रही धरा पर धूम। 

भिक्षु होकर रहते सम्राट, 

दया दिखलाते घर–घर घूम ।।

यवन को दिया दया का दान, 

चीन को मिली धर्म की दृष्टि । 

मिला था स्वर्ण–भूमि को रत्न, 

शील की सिंहल को भी सृष्टि ।। 

(डा. आलोक कुमार द्विवेदी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से दर्शनशास्ञ में पीएचडी हैं। वर्तमान में वह KSAS, लखनऊ में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। यह संस्थान अमेरिका स्थित INADS, USA का भारत स्थित शोध केंद्र है। डा. आलोक की रुचि दर्शन, संस्कृति, समाज और राजनीति के विषयों में हैं।)

Tags: #धर्म_की_रक्षा#हिंदू_एकताअयोध्याअयोध्या राम मंदिरजय श्री रामधर्मध्वजाध्वजारोहणराम मंदिरहिंदू धर्म
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

अगली पोस्ट

श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

संबंधित पोस्ट

भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

3 January 2026

सनातन दृष्टि में धर्म ही अधिकारों का आधार है - जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, जीवन, सम्मान, विचार और आस्था की स्वतंत्रता प्राप्त है, बशर्ते...

भारतीय संविधान
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

31 December 2025

मौलिक अधिकार (फंडामेंटल राइट्स) भारतीय संविधान की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक हैं। इनका लक्ष्य भारत के नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर...

भारतीय दर्शन और संविधान
इतिहास

भारतीय चिंतन दृष्टि से संविधान: ज्ञान परंपरा में नागरिकता का इतिहास

2 December 2025

भारतीय ज्ञान परंपरा में नागरिकता (Citizenship) का विचार आधुनिक “राज्य–नागरिक” (State–Citizen) ढाँचे से भले अलग रहा हो, पर इसका इतिहास अत्यंत प्राचीन, समृद्ध और बहुआयामी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56

Tejas Under Fire — The Truth Behind the Crash, the Propaganda, and the Facts

00:07:45
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited