TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    विजय चौक पर गुंजेगा देशभक्ति का गीत

    विजय चौक गुंजेगा देशभक्ति के सुरों से : 150 वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत होंगी ऐतिहासिक धुनें

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    विमान सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार होगा

    एयरबस का अनुमान: अगले 10 साल में भारतीय एयरलाइंस के विमानों की संख्या तीन गुना होगी

    प्रोजेक्ट कुशा से आत्मनिर्भर भारत की वायु रक्षा को मिलेगी रणनीतिक बढ़त

    150 से 400 किमी तक मार करने वाली स्वदेशी मिसाइलें, भारत की वायु सीमा होगी पूरी तरह सुरक्षित

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    विजय चौक पर गुंजेगा देशभक्ति का गीत

    विजय चौक गुंजेगा देशभक्ति के सुरों से : 150 वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत होंगी ऐतिहासिक धुनें

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    विमान सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार होगा

    एयरबस का अनुमान: अगले 10 साल में भारतीय एयरलाइंस के विमानों की संख्या तीन गुना होगी

    प्रोजेक्ट कुशा से आत्मनिर्भर भारत की वायु रक्षा को मिलेगी रणनीतिक बढ़त

    150 से 400 किमी तक मार करने वाली स्वदेशी मिसाइलें, भारत की वायु सीमा होगी पूरी तरह सुरक्षित

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

भारत के खिलाफ ट्रंप की कार्रवाइयाँ व्यापारिक कारणों से कम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सीधे बातचीत से इनकार किए जाने से आहत उनके अहंकार से ज़्यादा प्रेरित दिखीं।

Kashish Mishra द्वारा Kashish Mishra
9 January 2026
in भारत, विश्व
एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

“व्यक्तिगत नाराज़गी या व्यापार नीति

Share on FacebookShare on X

अपने स्वभाव के अनुरूप, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर शोर-शराबे और आर्थिक दबाव की नीति अपनाई। उन्होंने टैरिफ़ को व्यापार नीति के औज़ार की बजाय व्यक्तिगत नाराज़गी के हथियार की तरह इस्तेमाल किया। भारत के खिलाफ ट्रंप की कार्रवाइयाँ व्यापारिक कारणों से कम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सीधे बातचीत से इनकार किए जाने से आहत उनके अहंकार से ज़्यादा प्रेरित दिखीं।

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने न तो द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए ट्रंप से सीधे बातचीत की और न ही उनकी शर्तों के आगे झुकने को तैयार हुए। इसकी कीमत भारत को चुकानी पड़ी — उस पर 50 प्रतिशत का कड़ा टैरिफ़ लगा दिया गया, और आगे और शुल्क लगाए जाने का ख़तरा अब भी बना हुआ है।

संबंधितपोस्ट

भारतीय नौसेना: संकट में सबसे पहले मदद पहुंचाने वाली ताकत

एयरबस का अनुमान: अगले 10 साल में भारतीय एयरलाइंस के विमानों की संख्या तीन गुना होगी

तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

और लोड करें

एक अहम खुलासे में अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि लंबे समय से लंबित भारत–अमेरिका व्यापार समझौता किसी नीतिगत मतभेद के कारण नहीं, बल्कि इसलिए टूट गया क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से सीधे बात करने से इनकार कर दिया।

लुटनिक ने यह टिप्पणी उद्यमी चामथ पालिहापिटिया द्वारा होस्ट किए गए ऑल-इन पॉडकास्ट में की। इससे ऐसे नेता की छवि उभरती है जो गंभीर कूटनीति की बजाय तमाशे और व्यक्तिगत प्रशंसा में अधिक रुचि रखता है।

लुटनिक के मुताबिक, व्यापार समझौता लगभग तैयार था, लेकिन इसे अंतिम रूप देने की शर्त यह थी कि प्रधानमंत्री मोदी व्यक्तिगत रूप से ट्रंप को फोन करें। उन्होंने कहा कि भारत को एक स्पष्ट और समय-सीमित मौका दिया गया था — “तीन शुक्रवार” — जिनके भीतर समझौता पूरा किया जाना था।

उनके अनुसार, भारत सरकार इस मांग से असहज थी और अंततः मोदी ने फोन नहीं किया। नतीजतन, बातचीत की कतार में भारत से पीछे रहे वियतनाम, इंडोनेशिया और फिलीपींस जैसे देश आगे निकल गए।

लुटनिक ने यह भी कहा कि जिन शर्तों पर भारत और अमेरिका कभी समझौते के बेहद करीब पहुँचे थे, वे अब लागू नहीं हैं।
“हम उस व्यापार समझौते से पीछे हट चुके हैं, जिस पर पहले सहमति बनी थी। अब हम उस पर विचार भी नहीं कर रहे,” उन्होंने कहा।

तुलना करते हुए लुटनिक ने ब्रिटेन का उदाहरण दिया। उनके अनुसार, जब ब्रिटेन की समय-सीमा नज़दीक आई तो प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने व्यक्तिगत रूप से ट्रंप को फोन किया। उसी दिन समझौता पूरा हुआ और अगले दिन एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में इसकी औपचारिक घोषणा कर दी गई।

एक व्यापारी की भाषा में लुटनिक ने कहा कि भारत “झूले के गलत सिरे” पर खड़ा था, जहाँ मंशा नहीं बल्कि समय निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने ज़ोर दिया कि देरी की वजह भारत की अनिच्छा नहीं, बल्कि उसकी आंतरिक राजनीतिक और संसदीय प्रक्रियाओं की जटिलता थी।

इसके बावजूद, लुटनिक ने संकेत दिया कि रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है और कहा,
“भारत इसे सुलझा लेगा।”

हालाँकि लुटनिक ने इन घटनाओं की सटीक समयावधि नहीं बताई, लेकिन पिछले साल न्यूयॉर्क टाइम्स और एक जर्मन अख़बार की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ट्रंप ने जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी को “चार बार” फोन किया, लेकिन प्रधानमंत्री ने कथित तौर पर अमेरिका के सनकी राष्ट्रपति से बात नहीं की।

यह पूरा प्रकरण ऐसे समय हुआ जब भारत–अमेरिका संबंधों में तनाव था। ट्रंप ने भारत द्वारा रूसी तेल की ख़रीद जारी रखने पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ़ लगाया, जिससे कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया।

तनाव तब और बढ़ गया जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्षविराम को लेकर ट्रंप ने श्रेय लेने की कोशिश की। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से फोन पर साफ़ कहा कि संघर्षविराम दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत से हुआ था, इसमें अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप की नोबेल शांति पुरस्कार की महत्वाकांक्षा का भी समर्थन नहीं किया, जबकि पाकिस्तान ने इस मौके का फ़ायदा उठाते हुए वॉशिंगटन से अपने संबंधों में सुधार देखा।

न्यूयॉर्क टाइम्स से बात करते हुए एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि मोदी–ट्रंप कॉल को लेकर सरकार सतर्क थी, क्योंकि ट्रंप की अतिशयोक्ति की आदत और बातचीत को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का ख़तरा बना रहता है।

आख़िरकार 17 सितंबर को ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर फोन कर बातचीत की पहल की। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच दो बार और बातचीत हुई — एक बार दीवाली पर और दूसरी बार दिसंबर में व्यापार समझौते पर चर्चा के लिए। इस साल भारत और अमेरिका समझौता कर पाएँगे या नहीं, यह अभी देखना बाकी है।

भारत पर हॉवर्ड लुटनिक की अपमानजनक टिप्पणियाँ

हॉवर्ड लुटनिक अमेरिका के वाणिज्य मंत्री और वॉल स्ट्रीट की कंपनी कैंटर फ़िट्ज़गेराल्ड के पूर्व सीईओ हैं। वाणिज्य मंत्री के रूप में वे ट्रंप की आक्रामक व्यापार नीतियों के प्रमुख क्रियान्वयनकर्ता रहे हैं, जिन्होंने टैरिफ़ के ज़रिये भारत जैसे देशों पर दबाव बनाया।

भारत को लेकर लुटनिक की सार्वजनिक टिप्पणियाँ — प्रधानमंत्री मोदी को “असहज” बताना या यह कहना कि उन्होंने ट्रंप को फोन “नहीं किया” — संप्रभु निर्णय प्रक्रिया के प्रति सम्मान की कमी दर्शाती हैं और जटिल कूटनीतिक बातचीत को व्यक्तिगत अहंकार की लड़ाई में बदल देती हैं।

व्यापार नीति पर उनके अधिकार को देखते हुए यह रवैया और भी समस्याजनक है, क्योंकि यह कूटनीतिक मर्यादाओं को कमज़ोर करता है, द्विपक्षीय रिश्तों पर असर डालता है और गंभीर वार्ताओं में अपमानजनक भाषा घुसा देता है।

लुटनिक ने बार-बार भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के टूटने को व्यक्तिगत लहजे में पेश किया। उन्होंने कहा,
“मैंने पूरा समझौता तैयार किया था। लेकिन साफ़ है, यह ट्रंप का समझौता है। वही इसे पूरा करते हैं। इसके लिए मोदी को राष्ट्रपति को फोन करना था। भारत असहज था। इसलिए मोदी ने फोन नहीं किया।”

पिछले इंटरव्यूज़ में वे यहाँ तक कह चुके हैं कि भारत अंततः “माफ़ी मांगते हुए” बातचीत की मेज़ पर लौटेगा — मानो भारत कोई संप्रभु देश नहीं, बल्कि अपराधबोध में डूबा पक्ष हो।

उन्होंने भारत के रुख को रणनीतिक सोच की बजाय “असहजता” या “दिखावे” के रूप में पेश किया और रूस से तेल ख़रीद, टैरिफ़ वार्ता और ब्रिक्स जैसे मंचों में भारत की भूमिका को ग़लत या व्यर्थ बताया।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ट्रंप से बातचीत से बचने के संभावित कारण

भारत के प्रति अपमानजनक बयान
ट्रंप ने बार-बार भारत को “टैरिफ़ किंग” कहा, उसे “अच्छा व्यापारिक साझेदार नहीं” बताया और भारतीय आयात पर भारी शुल्क लगाकर भारत को अमेरिका का शोषक दिखाया।

व्यापार विवाद के दौरान ट्रंप ने भारत और रूस को “मरी हुई अर्थव्यवस्थाएँ” तक कह दिया, जिससे दोनों देशों की आर्थिक साख को एक साथ खारिज किया गया।

टेस्ला फैक्ट्री को लेकर ट्रंप ने भारत की नीतियों को “अमेरिका के लिए अनुचित” बताया, जिसे भारत की आर्थिक संप्रभुता के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया माना गया।

भारत पर जीएमओ थोपने का दबाव
ट्रंप प्रशासन ने भारत पर आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) फ़सलों — खासकर मक्का और सोयाबीन — के आयात की अनुमति देने का दबाव बनाया।

भारत ने खाद्य सुरक्षा, पर्यावरणीय जोखिम, छोटे किसानों की सुरक्षा, बीज संप्रभुता और सांस्कृतिक कारणों का हवाला देते हुए इन मांगों को ठुकरा दिया। जीएमओ नियमों में ढील न देना भारत–अमेरिका व्यापार वार्ता में एक बड़ा रोड़ा बना।

शांति समझौते का झूठा दावा
पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने व्यापार दबाव के ज़रिये भारत–पाकिस्तान के बीच शांति करवाई।

भारत ने इन दावों को सिरे से ख़ारिज करते हुए स्पष्ट किया कि संघर्षविराम दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीधे संवाद से हुआ, किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं थी।

प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ़ किया कि भारत पाकिस्तान के मामलों में किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका स्वीकार नहीं करता।

Tags: Donald TrumpGMOHoward LutnickIndiaPrime minister Narendra ModitarrrifTrump-Modiunited statesटैरिफप्रधानमंत्री मोदीराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

अगली पोस्ट

मुस्लिम ब्रदरहुड विवाद के बीच यूके विश्वविद्यालयों से यूएई की छात्रवृत्ति वापस

संबंधित पोस्ट

नौसेना बल आपातका में सबसे ज्यादा सुरक्षा पहुंचाती है।
भारत

भारतीय नौसेना: संकट में सबसे पहले मदद पहुंचाने वाली ताकत

30 January 2026

दशकों से नौसैनिक कामों को आमतौर पर सैन्य, पुलिसिंग और कूटनीति तक सीमित माना जाता रहा है। लेकिन भारतीय नौसेना ने अब इसे आगे बढ़ाकर...

प्रोजेक्ट कुशा से आत्मनिर्भर भारत की वायु रक्षा को मिलेगी रणनीतिक बढ़त
भारत

150 से 400 किमी तक मार करने वाली स्वदेशी मिसाइलें, भारत की वायु सीमा होगी पूरी तरह सुरक्षित

30 January 2026

भारत लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली (Long Range Air Defence System) में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। रक्षा अनुसंधान...

विजय चौक पर गुंजेगा देशभक्ति का गीत
चर्चित

विजय चौक गुंजेगा देशभक्ति के सुरों से : 150 वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत होंगी ऐतिहासिक धुनें

29 January 2026

भारतीय सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के बैंड गुरुवार को दिल्ली में होने वाले बीटिंग रिट्रीट समारोह में देशभक्ति और प्रेरक गीतों की मधुर धुनों...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited