सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल और उसके दुष्प्रभावों को लेकर लोगों को जागरूक किया है। गोरखपुर महोत्सव के मंच से उन्होंने बच्चों से लेकर युवाओं और बड़ों तक में स्मार्टफोन की बढ़ती लत पर चिंता जताई। सीएम ने खास तौर पर छोटे बच्चों को स्मार्टफोन न देने की अपील की, जिस पर अब व्यापक चर्चा हो रही है।
सीएम योगी ने कहा कि आजकल लोग छोटे-छोटे बच्चों के हाथ में स्मार्टफोन पकड़ा देते हैं, जो बेहद गलत है। उन्होंने इसे एक तरह का अपराध बताते हुए कहा कि ऐसा करने से बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को स्मार्टफोन देने के बजाय उनमें पढ़ने-लिखने की आदत डालनी चाहिए और उन्हें कुछ नया सीखने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी कि कम उम्र में स्मार्टफोन की आदत बच्चों को जिद्दी बना देती है और आगे चलकर वे मानसिक तनाव और डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में माता-पिता को इसका नुकसान समझ में नहीं आता, लेकिन जब इसका एहसास होता है, तब तक स्थिति हाथ से निकल चुकी होती है और परिवार को परेशानी झेलनी पड़ती है।
“मैं देखता हूँ छोटे छोटे बच्चों को लोग स्मार्टफोन पकड़ा देते हैं.. मत करिए ये.. अपराध है ये.. बच्चे को लिखने-पढ़ने की आदत डलवाइये.. स्मार्टफोन पकड़ लेगा तो बच्चा ज़िद्दी हो जाएगा.. डिप्रेशन का शिकार हो जाएगा..”
स्मार्टफोन किस तरह बच्चों को बर्बाद कर रहा है.. उनका बचपन छीन रहा… pic.twitter.com/whviGQ4iS8— Vivek K. Tripathi (@meevkt) January 13, 2026
सीएम योगी ने लोगों से अपील की कि वे अनावश्यक रूप से स्मार्टफोन का इस्तेमाल कम करें। उन्होंने कहा कि यदि दूसरा स्मार्टफोन है तो उसे बंद करके रखें। बाइक या कार चलाते समय या किसी जरूरी काम से बाहर जाते समय मोबाइल फोन को साइलेंट मोड पर रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं आज एक बड़ी चुनौती बन चुकी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में युवा और बच्चे अपनी जान गंवा रहे हैं। कई परिवार पूरी तरह उजड़ जा रहे हैं। इस स्थिति को बदलने के लिए सभी को अपने व्यवहार में बदलाव लाना होगा। उन्होंने कहा कि जीवन में धैर्य और अनुशासन सबसे बड़ी ताकत है।
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मच्छर और माफिया को एक-दूसरे का पूरक बताया। उन्होंने कहा कि मच्छर शरीर को बीमार करता है, जबकि माफिया पूरे समाज को अस्वस्थ कर देता है। जब समाज शारीरिक और सामाजिक स्वच्छता के प्रति जागरूक नहीं रहता, तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले गोरखपुर भी गुंडागर्दी, अव्यवस्था और बीमारी की चपेट में था। गुंडा टैक्स वसूला जाता था, सड़कें जर्जर थीं, बिजली की समस्या थी और इंसेफेलाइटिस का कहर था। उन्होंने कहा कि सरकार ने धैर्य नहीं खोया और समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम किया। मच्छर और माफिया दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप आज गोरखपुर की स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है।



























