भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

भारत का प्रमुख संप्रभु एआई प्रयास है। इसे 2025 में IIT Bombay के एक कंसोर्टियम के रूप में लॉन्च किया गया। इसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं, कानूनों और सामाजिक जरूरतों के अनुसार एआई सिस्टम विकसित करना है।

भारत में एआई की नई शुरुआत

भारत में एआई की नई शुरुआत

भारत का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम अब एक निर्णायक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। वर्षों तक प्रयोगों, अलग-अलग पायलट परियोजनाओं और विदेशी फाउंडेशन मॉडल्स पर निर्भर रहने के बाद, अब देश अपने स्वयं के संप्रभु (Sovereign), बहुभाषी लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) के उभार का साक्षी बन रहा है। ये मॉडल भारतीय डेटा सेट, नियामक ढांचे और सांस्कृतिक संदर्भों को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे हैं। सरकारी पहल से लेकर महत्वाकांक्षी निजी स्टार्टअप तक, भारत जेनरेटिव एआई (GenAI) में आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव रख रहा है।

नीचे भारत के एआई परिदृश्य को आकार देने वाली प्रमुख स्वदेशी LLM पहलों का सरल और स्पष्ट विवरण दिया गया है।

भारतजेन और परम 2: भारत का संप्रभु फाउंडेशन मॉडल

BharatGen भारत का प्रमुख संप्रभु एआई प्रयास है। इसे 2025 में IIT Bombay के एक कंसोर्टियम के रूप में लॉन्च किया गया। इसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं, कानूनों और सामाजिक जरूरतों के अनुसार एआई सिस्टम विकसित करना है।

इसका नवीनतम मॉडल Param 2 17 अरब पैरामीटर वाला बहुभाषी फाउंडेशन मॉडल है, जो Mixture of Experts (MoE) तकनीक पर आधारित है। यह 22 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है और शासन, शिक्षा व सार्वजनिक सेवाओं में डिजिटल पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य रखता है।

इसके फायदे:

भारतजेन का उद्देश्य विदेशी एआई मॉडल्स और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता कम करना और तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है।

सर्वम एआई: “भारत को समझने वाला एआई”

निजी क्षेत्र में Sarvam AI तेजी से उभरता हुआ नाम है। कंपनी का लक्ष्य ऐसे एआई समाधान बनाना है जो भारतीय जरूरतों और भाषाओं को समझें।

Sarvam Vision

Sarvam Vision 3 अरब पैरामीटर वाला मॉडल है, जो भारतीय दस्तावेजों को पढ़ने और समझने के लिए तैयार किया गया है। यह 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेज़ी में OCR व डॉक्यूमेंट लेआउट को समझ सकता है।

रिपोर्टेड सटीकता:

Bulbul V3

Bulbul V3 एक उन्नत टेक्स्ट-टू-स्पीच सिस्टम है, जो 11 भारतीय भाषाओं और भारतीय लहजे वाली अंग्रेज़ी को सपोर्ट करता है।

मुख्य विशेषताएं:

Samvaad और Pravaah

Sarvam Samvaad 22 भारतीय भाषाओं में संवादात्मक एआई सेवाएं देता है।
Pravaah बड़े स्तर पर एआई डिप्लॉयमेंट के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर समाधान है।

सर्वम एआई ने Bosch, Qualcomm और HMD Global जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की है।

ग्नानी.एआई और इन्या VoiceOS: भारतीय वॉइस एआई

Gnani.ai ने Inya VoiceOS नाम का 5 अरब पैरामीटर वाला वॉइस-टू-वॉइस मॉडल विकसित किया है।

यह सिस्टम आवाज़ को सीधे प्रोसेस करता है, जिससे कम देरी होती है और आवाज़ की प्राकृतिक लय बनी रहती है।

मुख्य विशेषताएं:

यह सरकारी हेल्पलाइन, स्वास्थ्य सेवाओं और बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में उपयोग के लिए उपयुक्त है।

सोकेट एआई और ओपन मॉडल

Soket AI ओपन और पारदर्शी मॉडल डेवलपमेंट पर काम कर रहा है।

इसका Pragna 1B मॉडल 1.25 अरब पैरामीटर का है और 2048-टोकन कॉन्टेक्स्ट विंडो के साथ आता है। यह Llama 2 के टोकनाइज़र पर आधारित है।

Dhi-5B: सीमित संसाधनों में नवाचार

Dhi-5B एक 5 अरब पैरामीटर वाला मल्टीमॉडल मॉडल है, जिसे IIT Guwahati से जुड़े एक शोधकर्ता ने कम बजट में विकसित किया।

यह दिखाता है कि भारत में एआई नवाचार केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है।

व्यापक प्रभाव

Gan.AI, Avataar और Tech Mahindra जैसी कंपनियां विभिन्न क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित कर रही हैं।

स्पष्ट रुझान:

भारत की एआई यात्रा तेज़ी से आगे बढ़ रही है। भारतीय भाषाओं और स्थानीय डेटा पर आधारित संप्रभु मॉडल देश को अपनी चुनौतियों का समाधान खुद तैयार करने में सक्षम बना रहे हैं। आने वाले समय में भारत वैश्विक दक्षिण के लिए बहुभाषी और सांस्कृतिक रूप से अनुकूल एआई निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।

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