India AI Impact Summit 2026 का आज तीसरा दिन है। 16 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस मेगा टेक इवेंट के साथ AI एक्सपो का भी आयोजन किया जा रहा है। समिट में लगभग 65 देशों की भागीदारी हो रही है और 600 से अधिक स्टार्टअप्स अपनी इनोवेटिव तकनीकों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस हाई-प्रोफाइल इवेंट का उद्घाटन प्रधानमंत्री Narendra Modi ने किया था। उद्घाटन सत्र में उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भारत के डिजिटल भविष्य और वैश्विक नेतृत्व से जोड़ते हुए कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर दिया।
तीसरे दिन भी कई बड़ी घोषणाएं और अहम साझेदारियों की उम्मीद की जा रही है। खासतौर पर AI स्टार्टअप्स, ग्लोबल टेक कंपनियों और पॉलिसी मेकर्स के बीच सहयोग को लेकर नई पहल सामने आ सकती हैं। वहीं सम्मेलन के तीसरे दिन सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा गालगोटिया यूनिवर्सिटी जब उन्हें तुरंत स्टॉल खाली करने का आदेश दिया गया,
आइए जानते हैं क्यों गलगोटिया यूनिवर्सिटी हुआ बाहर
विवाद उस समय शुरू हुआ जब यूनिवर्सिटी ने प्रदर्शनी में “ओरायन” नाम का एक रोबोट डॉग प्रदर्शित किया। शुरुआत में इसे यूनिवर्सिटी की इनोवेशन उपलब्धि के रूप में पेश किया गया, लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स और टेक एक्सपर्ट्स ने दावा किया कि यह रोबोट विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नहीं है, बल्कि चीन में निर्मित एक कमर्शियल रोबोट का रीब्रांडेड वर्जन है।
आलोचनाओं के बाद यह मुद्दा तेजी से वायरल हो गया और यूनिवर्सिटी को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर तीखी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा। बढ़ते विवाद के बीच आयोजकों ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए यूनिवर्सिटी को अपना स्टॉल तुरंत खाली करने के निर्देश दिए।
इस घटनाक्रम ने AI समिट एक्सपो में प्रदर्शित तकनीकों की मौलिकता, पारदर्शिता और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामले को लेकर आधिकारिक विस्तृत बयान का इंतजार है।





























