पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं, जहां राज्य में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन के खिलाफ दायर उनकी याचिका पर सुनवाई होनी है। ममता बनर्जी पेशे से प्रशिक्षित वकील हैं और संभावना है कि वह आज इस मामले में खुद अपनी दलीलें पेश करेंगी।
ममता बनर्जी लंबे समय से राज्य में चल रहे SIR अभियान का विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव 2025 की मतदाता सूची के आधार पर कराए जाने चाहिए। आज सुप्रीम कोर्ट में उनकी मौजूदगी को चुनाव आयोग (ECI) के साथ चल रहे टकराव में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अपनी याचिका में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा 24 जून 2025 और 27 अक्टूबर 2025 को जारी किए गए सभी SIR से जुड़े आदेशों और निर्देशों को रद्द करने की मांग की है।
आज कौन-सी बेंच करेगी सुनवाई
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ करेगी।
इस सुनवाई में ममता बनर्जी के अलावा मोस्तारी बानू, और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन की याचिकाएं भी शामिल हैं।
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
इससे पहले 12 जनवरी को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिए थे कि SIR प्रक्रिया को और ज्यादा पारदर्शी, आसान और मतदाताओं के अनुकूल बनाया जाए। कोर्ट ने कहा था, “आम लोगों पर कितना दबाव और तनाव है, इसे देखिए। एक करोड़ से ज्यादा लोगों को नोटिस भेजे गए हैं… हम इस पर आदेश पारित करेंगे।”
पश्चिम बंगाल में SIR का कार्यक्रम
पश्चिम बंगाल में SIR की शुरुआत 4 नवंबर 2025 को हुई थी। 16 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई। दावे और आपत्तियां दर्ज करने की आखिरी तारीख 19 जनवरी थी। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को जारी होने की उम्मीद है, हालांकि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के आधार पर यह तारीख आगे बढ़ सकती है।
ममता बनर्जी खुद करेंगी पैरवी?
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर कर खुद अपनी ओर से बहस करने की अनुमति मांगी है। अगर कोर्ट ने उन्हें इजाजत दी, तो वह पहली ऐसी मौजूदा मुख्यमंत्री होंगी जो सुप्रीम कोर्ट में अपना केस खुद लड़ेंगी।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
ममता बनर्जी के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद और सुनवाई को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है। फिलहाल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुप्रीम कोर्ट में मौजूद हैं और राज्य में SIR के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई जारी है।































