राजस्थान के भिवाड़ी जिले में सोमवार सुबह खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की एक केमिकल फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ, जिसके तुरंत बाद वहां भीषण आग फैल गई। इस हादसे में सात मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य अभी भी फैक्ट्री के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना उस समय हुई जब फैक्ट्री के प्लॉट संख्या जी1 – 118 में करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। धमाका इतना तेज था कि कई मजदूर बाहर निकलने से पहले ही आग की चपेट में आ गए। आग फैलने के साथ ही फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों में से कई भागने में सफल नहीं हो सके।
सूचना मिलते ही भिवाड़ी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसपी भिवाड़ी प्रशांत किरण और एडीएम सुमिता मिश्रा ने राहत और बचाव कार्य की निगरानी की। भिवाड़ी, खुशखेड़ा और आसपास के क्षेत्रों से आई दमकल की कई गाड़ियां घटनास्थल पर तैनात की गईं। दमकलकर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और फैक्ट्री के अंदर से सातों शवों को बाहर निकाला।
हालांकि, अभी भी दो मजदूरों के अंदर फंसे होने की आशंका है और राहत-बचाव कार्य जारी है। प्रशासन ने फैक्ट्री में सुरक्षा इंतजामों की जांच के आदेश दिए हैं। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक जांच में यह माना जा रहा है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है।
भिवाड़ी प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है और आसपास के क्षेत्रों में लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। मृतक मजदूरों के परिजनों को तुरंत मदद पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम फैक्ट्री परिसर में लगातार खोजबीन कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और व्यक्ति अंदर फंसा न हो।
घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय लोग और मजदूर संघ प्रशासन से सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की मांग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केमिकल फैक्ट्री और औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित सुरक्षा जांच और आपातकालीन प्रोटोकॉल का पालन न होने से इस तरह के हादसे बढ़ सकते हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों के महत्व को उजागर किया है। भिवाड़ी प्रशासन ने फिलहाल फैक्ट्री मालिक और कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि धमाके और आग फैलने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। इस पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और राहत-बचाव कार्य जारी है।
कुल मिलाकर यह हादसा न केवल मानवीय त्रासदी है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है।
































