पश्चिम एशिया में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं और क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हवाई हमलों के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। इन हमलों में ईरान के कई शहरों को निशाना बनाया गया था।
राजधानी Tehran के विभिन्न इलाकों में फिर से तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। स्थिति तेजी से बदल रही है और बड़े सैन्य संघर्ष की आशंका बढ़ती जा रही है। नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
ईरान की सरकारी एजेंसी के अनुसार, पश्चिमी शहर Sanandaj में हुए हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस स्टेशन के पास स्थित कई रिहायशी इमारतें मिसाइल हमले में पूरी तरह नष्ट हो गईं। दावा किया गया है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों, जिनमें घनी आबादी वाले इलाके भी शामिल हैं, पर छह मिसाइलें दागी गईं।
इसी बीच, ईरान के Kermanshah शहर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास से भारी धुएं के गुबार उठते देखे गए। स्थानीय लोगों द्वारा साझा किए गए वीडियो में इमारतों के पीछे से आसमान में फैलता धुआं दिखाई दे रहा है, जो हालात की गंभीरता को दर्शाता है।
वहीं, Lebanon के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इज़राइली हवाई हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है और 149 लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और राहत व बचाव कार्य जारी हैं।
खाड़ी क्षेत्र में भी तनाव बढ़ गया है। Kuwait City के पास स्थित मीना अल अहमदी रिफाइनरी में मलबा गिरने से दो कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं। यह घटना ऐसे समय हुई है जब खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमलों की खबरें सामने आ रही हैं।
Bahrain और कुवैत में एयर रैड सायरन बजाए गए। वहीं Doha और Abu Dhabi में धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
समाचार एजेंसी Reuters के अनुसार, कुवैत में अमेरिकी दूतावास के पास से धुआं उठते देखा गया। कुछ घंटे पहले ही खाड़ी देश के कई इलाकों में एयर रैड चेतावनी जारी की गई थी।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने एयर रैड अलर्ट जारी कर नागरिकों को निकटतम सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है। साथ ही, Shaikh Khalifa Bin Salman Bridge, जो Manama को आसपास के शहरों से जोड़ता है, को बंद कर दिया गया है। निवासियों को केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही मुख्य सड़कों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं और क्षेत्रीय संघर्ष के और व्यापक होने की आशंका बढ़ती जा रही है।































