कमोडिटी मार्केट (MCX) में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी बिकवाली देखने को मिली। कुछ समय पहले सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) बढ़ाए जाने के फैसले के बाद आसमान छू रही चांदी की रफ्तार पर अब पूरी तरह ब्रेक लग चुका है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि चांदी में जो एकतरफा तेजी का ‘बुलबुला’ बना था, वह अब फूट चुका है और कीमतें अपने ऑल-टाइम हाई से करीब दो लाख रुपये प्रति किलो तक नीचे आ चुकी हैं।
चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट: एक ही झटके में ₹6,900 से ज्यादा सस्ती
सोमवार को वायदा बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
- ताजा भाव: बीते शुक्रवार को 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली एक किलो चांदी ₹2,71,866 पर बंद हुई थी, जो सोमवार को बाजार खुलते ही ₹2,64,949 प्रति किलो के स्तर पर आ गई।
- दैनिक अंतर: इस तरह सुबह के कारोबार में ही चांदी ₹6,917 प्रति किलो तक सस्ती हो गई।
रिकॉर्ड हाई से ₹1.92 लाख टूटी चांदी
जनवरी 2026 में चांदी ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख का आंकड़ा पार किया था और ₹4,57,328 प्रति किलो का अपना लाइफ-टाइम हाई छुआ था। हालांकि, इस स्तर पर पहुंचने के बाद से ही मुनाफावसूली और वैश्विक दबाव के कारण चांदी में लगातार क्रैश देखने को मिला है। अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर की तुलना में चांदी अब ₹1,92,379 प्रति किलो सस्ती मिल रही है।
सोने में पहले गिरावट, फिर निचले स्तरों से रिकवरी
चांदी के साथ-साथ पीली धातु यानी सोने की शुरुआत भी कमजोरी के साथ हुई, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारों की दिलचस्पी के कारण इसमें आंशिक सुधार (Recovery) देखा गया।
- शुरुआती गिरावट: शुक्रवार को 5 जून की एक्सपायरी वाला सोना ₹1,58,547 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जो सोमवार सुबह ₹1,000 गिरकर ₹1,57,547 के स्तर पर आ गया।
- रिकवरी: हालांकि, शुरुआती झटके के बाद वायदा कारोबार आगे बढ़ने पर सोने ने अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश शुरू कर दी।
सोना भी लाइफ-टाइम हाई से ₹45,000 से ज्यादा टूटा
सोने की कीमतों पर नजर डालें, तो जनवरी के महीने में ही MCX पर 24 कैरेट सोना पहली बार 2 लाख के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर ₹2,02,984 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था। वर्तमान में ₹1.57 लाख के आसपास कारोबार कर रहा सोना अपने उच्चतम स्तर से ₹45,437 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
विशेषज्ञों का कहना है कि बजट और आयात शुल्क नीतियों के बाद बाजार में जो अत्यधिक सट्टा (Speculation) बढ़ा था, वह अब शांत हो रहा है। सोने और चांदी की कीमतों का अपने रिकॉर्ड हाई से इस कदर नीचे आना उन आम खरीदारों और निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर हो सकता है, जो ऊंचे दामों की वजह से बाजार से दूर थे। हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए बाजार में उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रहने की संभावना है।
