चीन की राजनीति और सैन्य गलियारों में उस समय हड़कंप मच गया जब सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने दो पूर्व रक्षा मंत्रियों ली शांगफू और वेई फेंगहे को मौत की सजा सुनाए जाने की पुष्टि की। यह सजा न केवल इन दोनों जनरलों के व्यक्तिगत पतन की कहानी है, बल्कि यह राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के भीतर से भ्रष्टाचार और ‘अविश्वास’ की जड़ों को उखाड़ फेंकना है।
अदालत ने दोनों पूर्व मंत्रियों को भ्रष्टाचार का दोषी पाते हुए उनकी पूरी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया है। इस कार्रवाई ने वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है, क्योंकि यह आधुनिक चीन के इतिहास में अपनी तरह का सबसे बड़ा सैन्य शुद्धिकरण (Military Purge) माना जा रहा है।
सजा का स्वरूप: ‘निलंबित मौत की सजा’ का क्या है मतलब?
चीनी कानून के तहत, इन दोनों को ‘मौत की सजा’ सुनाई गई है, लेकिन इसमें दो साल की मोहलत (Reprieve) दी गई है। शिन्हुआ के अनुसार, दोनों को पहले 2 साल तक कड़ी जेल निगरानी में रखा जाएगा। यदि इस अवधि के दौरान वे कोई नया अपराध नहीं करते हैं और ‘सुधार’ की प्रक्रिया दिखाते हैं, तो उनकी मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है। चीन में अक्सर उच्च पदस्थ अधिकारियों के लिए इसी प्रक्रिया का पालन किया जाता है ताकि यह संदेश भी जाए कि सजा सख्त है, लेकिन ‘सुधार’ की गुंजाइश भी बनी रहे।
ली शांगफू: अचानक लापता होने से मौत की सजा तक का सफर
ली शांगफू का मामला दुनिया के लिए सबसे रहस्यमय रहा। अक्टूबर 2023 में उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक पद से हटा दिया गया था। पद से हटाए जाने से पहले वे लगभग दो महीने तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे, जिससे अंतरराष्ट्रीय मीडिया में उनकी गिरफ्तारी या स्वास्थ्य को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही थीं।
- भ्रष्टाचार और अनुशासन उल्लंघन के आरोप:
सैन्य अनुशासन जांच एजेंसी ने पाया कि ली शांगफू ने ‘पार्टी अनुशासन और कानून का गंभीर उल्लंघन’ किया था। उन पर मुख्य आरोप बड़े पैमाने पर रिश्वत लेने और दूसरों को रिश्वत देने के हैं। सबसे गंभीर आरोप यह है कि उन्होंने सैन्य उपकरणों की खरीद और हथियार डेवलपमेंट प्रोग्राम में अपने पद का दुरुपयोग किया। इससे चीन की सैन्य इमेज को भारी नुकसान पहुंचा और हथियारों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए।
वेई फेंगहे: रॉकेट फोर्स के पूर्व कमांडर का पतन
वेई फेंगहे, जो ली शांगफू से पहले चीन के रक्षा मंत्री थे, का पतन भी उतना ही नाटकीय रहा। वेई चीन के सीनियर सैन्य अधिकारियों में गिने जाते थे और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे PLA रॉकेट फोर्स के पूर्व कमांडर रह चुके थे।
रॉकेट फोर्स चीन की वह रणनीतिक इकाई है जो परमाणु मिसाइलों और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का संचालन करती है। जांच में सामने आया कि वेई ने रक्षा मंत्रालय और सेना से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में फायदा पहुँचाने के बदले मोटी रिश्वत ली थी। उनकी गिरफ्तारी और सजा ने यह संकेत दिया कि भ्रष्टाचार की जड़ें चीन के सबसे संवेदनशील सैन्य विभाग यानी ‘न्यूक्लियर मिसाइल सिस्टम’ तक फैली हुई थीं।
जांच का केंद्र: रॉकेट फोर्स और हथियार खरीद विभाग
बीते एक साल में चीन की जांच एजेंसियों का पूरा ध्यान PLA रॉकेट फोर्स और सेना के हथियार खरीद विभाग पर रहा है। रॉकेट फोर्स चीन की सैन्य ताकत का वह हिस्सा है जो अमेरिका जैसे प्रतिद्वंद्वियों को डराने की क्षमता रखता है।
क्यों हुई रॉकेट फोर्स पर कार्रवाई?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच एजेंसियों को शक था कि परमाणु मिसाइलों के निर्माण, रक्षा सौदों और सैन्य उपकरणों की सप्लाई में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा हुआ है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया था कि कई मिसाइलें ईंधन (Fuel) के बजाय पानी से भरी पाई गईं और मिसाइल साइलो (Silof) के ढक्कन ठीक से काम नहीं कर रहे थे। इस तरह के भ्रष्टाचार ने चीन की ‘युद्ध लड़ने की क्षमता’ (Combat Readiness) को कमजोर कर दिया था।
सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) की भूमिका और शी जिनपिंग का नियंत्रण
ली शांगफू और वेई फेंगहे के खिलाफ जांच का नेतृत्व सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) ने किया था। यह चीन की सर्वोच्च सैन्य संस्था है, जिसके अध्यक्ष स्वयं राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं। शी जिनपिंग ने सत्ता संभालने के बाद से ही ‘बाघों और मक्खियों’ (Tigers and Flies) के खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी अभियान शुरू किया था। ‘बाघ’ यानी बड़े अधिकारी और ‘मक्खियाँ’ यानी छोटे कर्मचारी। इन दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को सजा सुनाकर जिनपिंग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी नजर में कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, पार्टी के हितों से ऊपर नहीं है।
वैश्विक रक्षा समीकरणों पर प्रभाव
चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों का भ्रष्टाचार में लिप्त होना दुनिया के लिए एक बड़ा संकेत है।
- सैन्य क्षमता पर सवाल: यदि रक्षा मंत्री स्तर के लोग रिश्वतखोरी में शामिल थे, तो चीन द्वारा विकसित किए जा रहे अत्याधुनिक हथियारों (जैसे हाइपरसोनिक मिसाइलें) की विश्वसनीयता संदिग्ध हो जाती है।
- अविश्वास का माहौल: शी जिनपिंग द्वारा अपने ही वफादारों को सजा देने से PLA के भीतर डर और अविश्वास का माहौल पैदा हो सकता है, जो युद्ध की स्थिति में सेना के मनोबल को प्रभावित कर सकता है।
- ताइवान और दक्षिण चीन सागर: विशेषज्ञों का मानना है कि इस ‘शुद्धिकरण’ के कारण चीन फिलहाल ताइवान के खिलाफ किसी बड़े सैन्य अभियान से बच सकता है, क्योंकि उसकी प्राथमिकता पहले अपनी सेना के भीतर की ‘गंदगी’ साफ करना है।
एक नए दौर की शुरुआत या अस्थिरता का संकेत?
ली शांगफू और वेई फेंगहे को सजा सुनाया जाना चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) की आंतरिक कठोरता को दर्शाता है। यह सजा अन्य जनरलों के लिए एक चेतावनी है कि वे पूर्ण वफादारी बनाए रखें। हालांकि, बार-बार शीर्ष सैन्य नेतृत्व का बदला जाना यह भी दर्शाता है कि शी जिनपिंग को अभी भी अपनी ही सेना पर पूर्ण विश्वास नहीं है।
चीन अब अपनी सेना को ‘वर्ल्ड क्लास मिलिट्री’ बनाने का दावा कर रहा है, लेकिन भ्रष्टाचार के ये बड़े मामले बताते हैं कि व्यवस्था के भीतर पारदर्शिता की कमी चीन की सबसे बड़ी कमजोरी बनी हुई है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह कार्रवाई चीन को एक स्वच्छ और मजबूत सेना देगी या यह केवल राजनीतिक विरोधियों को ठिकाने लगाने का एक जरिया मात्र है।
