बांग्लादेश में आज राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने जा रहा है। करीब 35 साल बाद ऐसा पहली बार है जब राष्ट्रपति चुनाव में दो उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है। सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को चुनाव में मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
उनका मुकाबला सेवानिवृत्त कर्नल और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के अध्यक्ष ओली अहमद से है। ओली अहमद 11 दलों के विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान संसद यानी जातीय संसद में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्र 16 अगस्त को जांच के बाद मंजूर किए गए थे।
1991 के बाद पहली बार सीधा मुकाबला
बांग्लादेश में 1991 के बाद यह पहला राष्ट्रपति चुनाव है, जिसमें उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है। पिछले कई दशकों में राष्ट्रपति का चुनाव आमतौर पर सर्वसम्मति से या बिना मुकाबले के होता रहा है।
मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर 78 साल के हैं और BNP के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने पार्टी में संयुक्त महासचिव, कार्यवाहक महासचिव और महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।
वहीं 84 वर्षीय ओली अहमद LDP के अध्यक्ष हैं और विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं।
आलमगीर ने सांसदों से मांगा समर्थन
राष्ट्रपति चुनाव से पहले BNP की संसदीय दल की बैठक में आलमगीर ने पार्टी के सांसदों से उन्हें वोट देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर उनसे कभी कोई गलती हुई हो या अनजाने में किसी को दुख पहुंचा हो तो वह माफी मांगते हैं।
बैठक में मौजूद सांसदों के मुताबिक, इस दौरान आलमगीर भावुक भी हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि वह देश की आजादी और संप्रभुता से कभी समझौता नहीं करेंगे।
शुक्रवार को हो सकता है नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण
संसद सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति चुनाव में जीतने वाले उम्मीदवार शुक्रवार शाम बंगभवन के दरबार हॉल में नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले सकते हैं।
यह चुनाव पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे के बाद कराया जा रहा है। उन्होंने पिछले महीने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दिया था, जबकि उनका पांच साल का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ था।
संविधान में क्या है नियम?
बांग्लादेश के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति का पद खाली होने के 90 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव होना जरूरी है। राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता नहीं, बल्कि संसद के सदस्य करते हैं।
राष्ट्रपति पद खाली होने के बाद संसद के अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
BNP के पास मजबूत बहुमत
12 फरवरी को हुए आम चुनाव में BNP सत्ता में आई थी। पार्टी के पास संसद में दो-तिहाई बहुमत होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर के राष्ट्रपति चुनाव जीतने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
अगर आलमगीर चुनाव जीतते हैं, तो वह बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति होंगे। वह लंबे समय से BNP के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं और पार्टी के कठिन दौर में भी संगठन को संभालने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
राष्ट्रपति के पास कितनी शक्तियां?
बांग्लादेश की संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति देश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं। हालांकि, उनके पास कुछ महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार भी हैं। राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करते हैं और देश की सशस्त्र सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर होते हैं।
हालांकि, इन अधिकारों का इस्तेमाल आमतौर पर प्रधानमंत्री की सलाह के अनुसार किया जाता है। ऐसे में राष्ट्रपति का पद संवैधानिक रूप से महत्वपूर्ण होने के बावजूद वास्तविक कार्यकारी शक्ति मुख्य रूप से प्रधानमंत्री के पास रहती है।
