‘पाकिस्तान कहां है?’ मंडेला के सवाल पर अटके हामिद मीर, भारत का नाम लेते ही मिली लोकेशन

हामिद मीर ने सुनाया मंडेला से मुलाकात का किस्सा, बताया- पाकिस्तान का नाम सुनकर पूछा था ‘Where is Pakistan?’

1995 की एक मुलाकात का किस्सा इन दिनों फिर चर्चा में है। पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने एक हालिया बातचीत में दक्षिण अफ्रीका के तत्कालीन राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के साथ अपने इंटरव्यू का अनुभव सुनाया। मीर के मुताबिक, जब उन्होंने मंडेला को बताया कि वह पाकिस्तान से हैं, तो मंडेला ने उनसे पूछा कि “पाकिस्तान कहां है?”

मीर के मुताबिक, उस समय उन्हें मंडेला को पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति समझाने के लिए आखिरकार भारत का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान भारत, ईरान और अफगानिस्तान के पास है। भारत का नाम सुनते ही मंडेला को बात समझ आ गई।

बस, यहीं से कहानी में वह हिस्सा आता है जिस पर पाकिस्तान को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चुटकियां ली जा रही हैं—देश का परिचय देने के लिए आखिर पड़ोसी भारत का नाम लेना पड़ा।

पाकिस्तान बताया, मंडेला ने पूछा- कौन सा पाकिस्तान?

मीर के अनुसार यह मुलाकात 1995 में न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में हुई थी। वह तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति फारूक लेघारी के प्रतिनिधिमंडल के साथ वहां पहुंचे थे और मंडेला का इंटरव्यू करना चाहते थे।

मीर ने बताया कि उन्होंने लेघारी से इंटरव्यू के लिए मदद मांगी और अगले दिन मंडेला से मिलने का समय मिल गया।

इंटरव्यू शुरू हुआ तो मंडेला ने उनसे पूछा कि वह कहां से हैं। मीर ने जवाब दिया—पाकिस्तान।

इसके बाद मंडेला ने कथित तौर पर पूछा—“पाकिस्तान कहां है?”

मीर के लिए यह सवाल अप्रत्याशित था। आखिर सामने दुनिया के सबसे चर्चित नेताओं में से एक थे और सामने बैठे पत्रकार अपने देश का परिचय देने के बाद भी उसकी लोकेशन समझाने की स्थिति में आ गए थे।

फिर आया भारत वाला ‘क्लू’

मीर ने मंडेला को समझाने की कोशिश की कि पाकिस्तान भारत के बगल में है। उन्होंने ईरान और अफगानिस्तान का भी जिक्र किया। मीर के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने “India” कहा, मंडेला ने तुरंत प्रतिक्रिया दी कि उन्हें भारत पता था।

यानी पाकिस्तान की लोकेशन समझाने के लिए जो सबसे आसान रास्ता निकला, वह था कि“भारत के बगल में है।” इंटरनेट के दौर में इस किस्से का मजाकिया पहलू यहीं से निकलता है। पाकिस्तान की तरफ से दुनिया के सामने अपनी अलग पहचान और क्षेत्रीय महत्व को लेकर तमाम दावे होते रहे हैं, लेकिन मीर की अपनी कहानी में 1995 के उस इंटरव्यू के दौरान पाकिस्तान की लोकेशन बताने के लिए सबसे काम का संदर्भ भारत ही साबित हुआ। थोड़ा मजाकिया अंदाज में कहें तो पाकिस्तान का 1995 वाला ‘लोकेशन पिन’ खुद पाकिस्तान नहीं, भारत था।

मंडेला ने क्यों कहा- ‘मैंने 28 साल जेल में बिताए’

मीर के मुताबिक, जब उन्होंने पूछा कि मंडेला पाकिस्तान के बारे में कुछ नहीं जानते, तो मंडेला ने अपनी लंबी जेल जिंदगी का हवाला दिया। मीर ने उनके जवाब को इस तरह याद किया कि उन्होंने कहा कि उन्होंने करीब 28 साल जेल में बिताए और इसलिए भूगोल तथा दुनिया में हो रहे बदलावों से दूर रहे।

असली मजेदार बात सिर्फ ‘पाकिस्तान कहां है?’ नहीं थी

मीर की कहानी में एक और दिलचस्प हिस्सा है। उनके मुताबिक मंडेला को यह भी स्पष्ट नहीं था कि जिस व्यक्ति ने इंटरव्यू की व्यवस्था कराई थी, यानी फारूक लेघारी, वह किस देश के राष्ट्रपति हैं। इसके बावजूद बातचीत आगे बढ़ी और मंडेला ने पाकिस्तान के बारे में जानने में दिलचस्पी दिखाई।  मीर के मुताबिक मंडेला ने पाकिस्तान के भविष्य को लेकर भी चिंता जताई और धार्मिक कट्टरता की दिशा में बढ़ने की चेतावनी दी।

भारत मंडेला के लिए इतना जाना-पहचाना क्यों था?

मंडेला का भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और महात्मा गांधी के विचारों से गहरा वैचारिक संबंध था। वह भारत का दौरा भी कर चुके थे और 1990 में उन्हें भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया गया था। 1995 में राष्ट्रपति के तौर पर भारत यात्रा के दौरान उन्होंने साबरमती आश्रम का दौरा किया था।

इसलिए मीर की याद में जब मंडेला को पाकिस्तान समझाने के लिए भारत का नाम लिया गया और वह तुरंत समझ गए, तो इसके पीछे ऐतिहासिक संदर्भ भी था।

जिस देश की लोकेशन समझाने के लिए खुद उसके पत्रकार को कहना पड़ा कि “भारत के पास है”, उस घटना में सोशल मीडिया को मजाक का मौका मिलना स्वाभाविक है। और विडंबना यह भी है कि यह कहानी खुद किसी भारतीय पत्रकार ने नहीं, बल्कि पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर ने सुनाई है।

Exit mobile version