अलगाववादी हो या आतंकवादी, कनेडा विच सब दा स्वागत सी!
कल्पना कीजिए यदि आज के आज सरकार ये निर्णय ले ले कि भारत का अहित चाहने वालों को कोई हाथ नहीं लगाएगा, और उनकी सुरक्षा में विशेष दस्ते लगाए जाएंगे, जैसे मुफ्ती परिवार, मोहम्मद ज़ुबैर, साजिद मीर...
कल्पना कीजिए यदि आज के आज सरकार ये निर्णय ले ले कि भारत का अहित चाहने वालों को कोई हाथ नहीं लगाएगा, और उनकी सुरक्षा में विशेष दस्ते लगाए जाएंगे, जैसे मुफ्ती परिवार, मोहम्मद ज़ुबैर, साजिद मीर...
"एक महान फिल्म में यह संवाद सुना था, "पता है विश्वासघात में सबसे दुखदायी क्या है? वो आपके शत्रु से नहीं आता?" कुछ ऐसा ही फिल्म "आदिपुरुष" में, जिसने हमारी संस्कृति पर लांछन लगाने में कोई प्रयास...
पीएम मोदी के समर्थक और विरोधी बराबर मात्रा में हैं। हालाँकि, उनकी वर्तमान अमेरिकी यात्रा उद्यमी हॉटशॉट और ट्विटर इंक के सीईओ एलोन मस्क के रूप में एक नया प्रशंसक लाया है। इस लेख में, आइए पीएम...
कल्पना करें कि “स्टूडेंट ऑफ द ईयर” का प्रीक्वेल जैसा कुछ 1960 के दशक में सेट हो, जिसमें स्वादानुसार "हाई स्कूल म्यूजिकल" मिलाया गया हो। फिल्म करण जौहर द्वारा निर्देशित नहीं है, और फिर भी इसमें ओवर...
जूनागढ़ का एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिससे आक्रोश फैल गया और भयंकर बहस छिड़ गई। इसमें दिखाया गया कि कैसे स्थानीय पुलिस कुछ व्यक्तियों के खिलाफ “कड़ा एक्शन ले रहे थे”,...
न जी, न तो हमारा नामकरण हुआ है, और न ही हम नीतिसवा की पार्टी जॉइन करें है। विगत कुछ दिनों में मैंने आपसे कई विचार साझा किये, जिसमें आदिपुरुष पर मेरे कुछ विचार और फिल्म की...
हाल ही में बालासोर में हुई रेल त्रासदी ने निस्संदेह देश को झकझोर के रख दिया है। 292 यात्रियों की जान लेने वाली और एक हज़ार से अधिक लोगों को घायल करने वाली इस घटना में अब...
भारत की राजनीति हो और विवाद न हो, ऐसा हो सकता है क्या? इस बार विवाद के केंद्र में और कोई नहीं, बहुचर्चित प्रकाशन केंद्र गीता प्रेस है, जिसने देशभर को सनातन धर्म की महिमा से अवगत...
ओम राऊत की बहुचर्चित और बहुप्रतीक्षित फिल्म “आदिपुरुष”, जो रामायण का रूपांतरण बाती जा रही थी, उसने कई मोर्चों पर निराश किया है। कुछ लोग यह तर्क दे सकते हैं कि यह रचनात्मक अभिव्यक्ति के अंतर्गत आती...
वर्षों से, भारत की अखंडता के खिलाफ साजिश रचने वाले चरमपंथी गुटों ने कनाडा, पाकिस्तान, मलेशिया जैसे जगहों से अनगिनत षड्यन्त्र रचते हैं। हालाँकि, हाल की घटनाओं से पता चलता है कि भाग्य और बाजी कभी भी...
इस बात से कोई भी अनभिज्ञ नहीं है कि हाल ही में भारत में पहलवानों का विरोध प्रदर्शन सार्वजनिक बहस का एक प्रमुख विषय बन गया है। जिनके लिए कभी पूरा देश चिंतित था, अब निरंतर अराजकता...
प्रिय मनोज मुंतशिर शुक्ला, शक्ति मिली है, तो दायित्व भी स्वीकारना होगा। परंतु ऐसा प्रतीत होता है कि आपका इस कथ्य से लेशमात्र भी संबंध नहीं, विशेषकर तब, जब चर्चा “आदिपुरुष” की हो। ये प्रश्न केवल हमारी...


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