Animesh Pandey

Animesh Pandey

Lead Editor, TFI Media
Vidyarthi of History, Cinema Buff,
Akhand Bharat Parmo Dharma

मनोज मुंतशिर शुक्ला, कुछ प्रश्न पूछना चाहता है भारत

प्रिय मनोज मुंतशिर शुक्ला, शक्ति मिली है, तो दायित्व भी स्वीकारना होगा। परंतु ऐसा प्रतीत होता है कि आपका इस कथ्य से लेशमात्र भी संबंध नहीं, विशेषकर तब, जब चर्चा “आदिपुरुष” की हो। ये प्रश्न केवल हमारी...

केजरीवाल का कांग्रेस को अनूठा ऑफर: पंजाब और दिल्ली छोड़ दो, एमपी और राजस्थान ले जाओ!

राजनीति को अक्सर शतरंज के खेल के रूप में वर्णित किया जाता है, जहां सोचे समझे दांव एवं  तेजी से रणनीति बनाना सफलता की कुंजी है। ऐसा ही एक अप्रत्याशित दांव अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम...

आदिपुरुष : इससे घटिया फिल्म न देखी!

अक्सर, किसी आपदा या भयानक घटना से किसी के बचने का संकेत देने के लिए वाक्यांश "मार्क्ड सेफ फर्म का उपयोग सोशल मीडिया” पर किया जाता है। हालांकि इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वाक्यांश कुछ ज्यादा...

चेन स्नैचरों ने नीतीश बाबू की गर्दन खरोंचते हुए आलू के बोरी की भांति लुढ़का दिया!

बिहार के आप निवासी हो या नहीं, परंतु इतना तो सब जानते है कि यहाँ नॉर्मल नामक वस्तु का कौनों अस्तित्व नाहीं है! परंतु नीतीश कुमार ने तो इसे चुनौती के रूप में ले लिया है। इसमें...

अवतार सिंह खंडा की मृत्यु का विस्तृत विश्लेषण

हाल ही में अवतार सिंह खांडा की मौत की खबर से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भूचाल सा आ गया है। लंदन में भारतीय उच्चायोग पर हमले के पीछे एक दगाबाज और कथित मास्टरमाइंड के रूप में जाने जाने...

उर्दू पुस्तक को मिला “राष्ट्रभाषा सम्मान” : ये कहाँ आ गए हम?

भारत की विविधता से कोई भी अनभिज्ञ नहीं। यूं ही नहीं “दो कोस में बदले पानी चार कोस में बानी” इस देश की विविधता का परिचायक है। परंतु जब एक भाषा को दूसरों की तुलना में अधिक...

जनता से पैसा लो, पार्टी को दान करो : “फ़ैक्ट चेकिंग” समूह का वास्तविक काम!

फ़ैक्ट चेकिंग, एक शब्द जो समकालीन प्रवचन में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है, में अनिवार्य रूप से सार्वजनिक सूचना की सच्चाई और सटीकता की पुष्टि करना शामिल है। प्रारंभ में जिस इकाई का उद्देश्य ...

मिलिये गंगा आरती करने वाले NEET रैंक होल्डर विभु उपाध्याय से!

भारत में लगभग हर घटना की कवरेज स्वाभाविक है। जब हर विषय में केवल पास होने योग्य नंबर लाने वाले बालक भी चर्चा का विषय बने, तो बड़े बड़े परीक्षाओं में रैंक लाने वालों की चर्चा होना...

करण जौहर के छिछोरपंती के 25 वर्ष

1998 में करण जौहर नाम के एक नए चेहरे वाले निर्देशक के आगमन के साथ भारतीय सिनेमा परिदृश्य हमेशा के लिए बदल गया, जब इनके निर्देशन में एक रोमांटिक चलचित्र, "कुछ कुछ होता है" का अनावरण किया...

अब रैन बसेरों पर भी पड़ी धर्मांतरण गिरोह की कुदृष्टि

जबरन या धोखे से किया गया धर्मांतरण भारत में चिंता का विषय बन गया है। हाल की पुलिस जांचों ने इस प्रथा में एक पैटर्न को प्रकाश में लाया है, यह दर्शाता है कि हमारे सबसे निचले...

भारतीय सिनेमा के इतिहास की 7 सबसे बड़ी भिड़ंत

सिनेमा उद्योग में भिड़ंत यानि क्लैश भारतीय दर्शकों के विविध सिनेमाई स्वाद और साथ ही क्षेत्रीय सिनेमा के बढ़ते कद का परिचायक रहा है। ये लड़ाइयाँ न केवल रोमांचक होती हैं, बल्कि इस बात पर भी जोर...

गदर: एक प्रेम कथा को सफल होने से रोकने की ईकोसिस्टम की अनकही कथा

भारतीय सिनेमा अपने लंबे और समृद्ध इतिहास में कई प्रतिस्पर्धाओं का साक्षी रहा है। इनमें से, वर्ष 2001 विशिष्ट रूप से महत्वपूर्ण था, जब बॉक्स ऑफिस पर आशुतोष गोवारिकर की "लगान" और अनिल शर्मा की "गदर: एक...

पृष्ठ 25 of 364 1 24 25 26 364