बबीता फोगाट ने खोली “कांग्रेस की कठपुतली” साक्षी मलिक की पोल
इस बात से कोई भी अनभिज्ञ नहीं है कि हाल ही में भारत में पहलवानों का विरोध प्रदर्शन सार्वजनिक बहस का एक प्रमुख विषय बन गया है। जिनके लिए कभी पूरा देश चिंतित था, अब निरंतर अराजकता...
इस बात से कोई भी अनभिज्ञ नहीं है कि हाल ही में भारत में पहलवानों का विरोध प्रदर्शन सार्वजनिक बहस का एक प्रमुख विषय बन गया है। जिनके लिए कभी पूरा देश चिंतित था, अब निरंतर अराजकता...
प्रिय मनोज मुंतशिर शुक्ला, शक्ति मिली है, तो दायित्व भी स्वीकारना होगा। परंतु ऐसा प्रतीत होता है कि आपका इस कथ्य से लेशमात्र भी संबंध नहीं, विशेषकर तब, जब चर्चा “आदिपुरुष” की हो। ये प्रश्न केवल हमारी...
राजनीति को अक्सर शतरंज के खेल के रूप में वर्णित किया जाता है, जहां सोचे समझे दांव एवं तेजी से रणनीति बनाना सफलता की कुंजी है। ऐसा ही एक अप्रत्याशित दांव अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम...
अक्सर, किसी आपदा या भयानक घटना से किसी के बचने का संकेत देने के लिए वाक्यांश "मार्क्ड सेफ फर्म का उपयोग सोशल मीडिया” पर किया जाता है। हालांकि इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वाक्यांश कुछ ज्यादा...
बिहार के आप निवासी हो या नहीं, परंतु इतना तो सब जानते है कि यहाँ नॉर्मल नामक वस्तु का कौनों अस्तित्व नाहीं है! परंतु नीतीश कुमार ने तो इसे चुनौती के रूप में ले लिया है। इसमें...
हाल ही में अवतार सिंह खांडा की मौत की खबर से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भूचाल सा आ गया है। लंदन में भारतीय उच्चायोग पर हमले के पीछे एक दगाबाज और कथित मास्टरमाइंड के रूप में जाने जाने...
भारत की विविधता से कोई भी अनभिज्ञ नहीं। यूं ही नहीं “दो कोस में बदले पानी चार कोस में बानी” इस देश की विविधता का परिचायक है। परंतु जब एक भाषा को दूसरों की तुलना में अधिक...
फ़ैक्ट चेकिंग, एक शब्द जो समकालीन प्रवचन में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है, में अनिवार्य रूप से सार्वजनिक सूचना की सच्चाई और सटीकता की पुष्टि करना शामिल है। प्रारंभ में जिस इकाई का उद्देश्य ...
भारत में लगभग हर घटना की कवरेज स्वाभाविक है। जब हर विषय में केवल पास होने योग्य नंबर लाने वाले बालक भी चर्चा का विषय बने, तो बड़े बड़े परीक्षाओं में रैंक लाने वालों की चर्चा होना...
1998 में करण जौहर नाम के एक नए चेहरे वाले निर्देशक के आगमन के साथ भारतीय सिनेमा परिदृश्य हमेशा के लिए बदल गया, जब इनके निर्देशन में एक रोमांटिक चलचित्र, "कुछ कुछ होता है" का अनावरण किया...
जबरन या धोखे से किया गया धर्मांतरण भारत में चिंता का विषय बन गया है। हाल की पुलिस जांचों ने इस प्रथा में एक पैटर्न को प्रकाश में लाया है, यह दर्शाता है कि हमारे सबसे निचले...
सिनेमा उद्योग में भिड़ंत यानि क्लैश भारतीय दर्शकों के विविध सिनेमाई स्वाद और साथ ही क्षेत्रीय सिनेमा के बढ़ते कद का परिचायक रहा है। ये लड़ाइयाँ न केवल रोमांचक होती हैं, बल्कि इस बात पर भी जोर...


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