सही ही कहते हैं कि सब्र का फल एक न एक दिन मिलता अवश्य है। वो कश्मीर जिसे धरती पर स्वर्ग के समान...
हम पार्टी करके अपने दोस्तों के साथ जब घर लौटते हैं तो कई बार ऐसा होता है कि कोई सिरफिरा दोस्त यह बोल...
एक वक्त ऐसा था जब ऑनलाइन पढ़ाई की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। हम यह सोच नहीं सकते थे कि बिना...
बहुत विडंबना की बात है कि भारत को मजहबी तौर पर पहले ही 2 भागों में बांटने के बाद उसका तीसरा खंड करने...
बेशर्मी और नीचता दिखाने में कोई अधिक अंतर नहीं होता है, बस इतना है कि बेशर्मी को नज़रअंदाज़ किया जा सकता है पर...
आवेश में आकर कैसे स्वयं की ही फजीहत करायी जाती है यह कोई NDTV की रॉय दंपत्ति से सीखे। जब से भारतीय अरबपति...
झटका कभी भी, किसी को भी लग सकता है। झटके लगने के कारण अलग हो सकते हैं, कारक भिन्न हो सकते हैं पर...
स्वघोषित ईमानदार पार्टियों में से एक आम आदमी पार्टी और उसके नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार कितनी ईमानदार हैं वो हाल के कुछ समय...
एक बहुत प्रचलित कहावत है कि जब गीदड़ की मौत आती है तो वह शहर की ओर कूच करता है। यह कहावत कथित...
आतंकियों को पहले पाला जाता है और फिर जैसे-तैसे उनको उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाता है फिर उनकी मज़ारों को सजाया जाता है।...
प्रजा त्रस्त, राजा मस्त, वर्तमान समय में यह कहावत झारखंड की स्थिति पर एकदम सटीक बैठती है। इसमें लेश मात्र संदेह नहीं है...
वामपंथी कब किसके प्रति अपना व्यवहार बदल लें कहना मुश्किल है। कुछ ऐसा ही हाल भारत में वामपंथ का झंड़ा बुलंद करने वाली...


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