मधुबाला के प्यार में सबकुछ लुटा दिया फिर भी खरी-खोटी सुनी, किशोर कुमार की अनसुनी कहानी
“कोई हमदम न रहा, कोई सहारा न रहा, हम किसी के न रहे, कोई हमारा न रहा” पक्का लड़के का ही दोष है, भला बेचारी स्त्री से क्यों गलती होगी? पिछले कई सदियों से भांति-भांति के नमूनों ने इस ...























