TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    विजय चौक पर गुंजेगा देशभक्ति का गीत

    विजय चौक गुंजेगा देशभक्ति के सुरों से : 150 वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत होंगी ऐतिहासिक धुनें

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    विमान सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार होगा

    एयरबस का अनुमान: अगले 10 साल में भारतीय एयरलाइंस के विमानों की संख्या तीन गुना होगी

    प्रोजेक्ट कुशा से आत्मनिर्भर भारत की वायु रक्षा को मिलेगी रणनीतिक बढ़त

    150 से 400 किमी तक मार करने वाली स्वदेशी मिसाइलें, भारत की वायु सीमा होगी पूरी तरह सुरक्षित

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    विजय चौक पर गुंजेगा देशभक्ति का गीत

    विजय चौक गुंजेगा देशभक्ति के सुरों से : 150 वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत होंगी ऐतिहासिक धुनें

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    विमान सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार होगा

    एयरबस का अनुमान: अगले 10 साल में भारतीय एयरलाइंस के विमानों की संख्या तीन गुना होगी

    प्रोजेक्ट कुशा से आत्मनिर्भर भारत की वायु रक्षा को मिलेगी रणनीतिक बढ़त

    150 से 400 किमी तक मार करने वाली स्वदेशी मिसाइलें, भारत की वायु सीमा होगी पूरी तरह सुरक्षित

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

शिव सेना ने चैलेंज किया तो बीजेपी ने शब्दों से नहीं, नतीजों से करारा जवाब दिया

Shridutt Gaitonde द्वारा Shridutt Gaitonde
16 October 2017
in मत
आकस्मिक चुनाव, शिवसेना, भाजपा
Share on FacebookShare on X

जब हम राजनीति में अहंकार के बारे में बात करते हैं, तो यह अच्छे अवसरों को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसा ही कुछ नीतीश कुमार के साथ हुआ जिन्होंने अपने अहंकार से पैदा हुई महत्वाकांक्षाओं के कारण अवसरवाद को गले लगाया। शायद वह प्रधानमंत्री मोदी के सामने एक प्रधानमंत्री का चेहरा बनना चाहते थे इसलिए उन्होंने भाजपा के साथ संबंध तोड़ दिया। लालू के साथ उनका अवसरवादी साथ उसी अहंकार पर आधारित था जो उस समय उनकी राजनीति के केंद्र में था। जब आरजेडी ने बिहार पर अपनी पकड़ की धमकी देना शुरू किया, तब उन्हें यह समझ आया। समय पर उनका यह एहसास होना ना सिर्फ उनके राजनीतिक भाग्य को बचाया बल्कि शासन और विकास के मामले में बिहार राज्य को भी बचाया।

महाराष्ट्र का राजनीतिक परिदृश्य एक ऐसे उदाहरण के रूप में उभर रहा है कि कैसे खुद का अहंकार पूर्वजों द्वारा प्राप्त वर्षों के सद्भावना को पूरी तरह नष्ट कर सकता है। जब बाल ठाकरे जीवित थे और शिवसेना को मार्गदर्शन देते थे तब शिवसेना एक अच्छा प्रतीत होता था। उनकी मृत्यु और राज्य की राजनीति में प्रमुख रूप के रूप में भाजपा के उदय ने शिवसेना को एक रोने वाले बच्चे के रूप में बदल दिया है। सबसे प्रमुख शिवसेना के लिए बड़े भाई की भूमिका को त्यागना ज्यादा मुश्किल था।

संबंधितपोस्ट

मुंबई में बीजेपी की जीत ….जानें क्यों उद्धव और राज ठाकरे हुए पीछे

पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

आंध्र प्रदेश में भाजपा का विस्तार अभियान: अटल–मोदी सुपारिपालन यात्रा की शुरुआत

और लोड करें

एक सामान वैचारिक झुकाव ने गठबंधन की सुविधा में सहयोग किया। और शिवसेना का घायल अहंकार खुले में एक बार ही नहीं बल्कि कई बार सामने आ चुका। उद्धव ठाकरे अपने सांसद संजय राउत और मैं मुखपत्र सामना के माध्यम से काँटा चुभाने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों ने भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाया है और मोदी शाह की हमेशा आलोचना की है। प्रमोद महाजन और बाल ठाकरे ठाकरे के समय में एक स्वस्थ रिश्ता आगे बढ़ा था जिसे अब पूरी तरह पार कर दिया गया है। उद्धव ठाकरे ने अपने सामान्य बातों के साथ संबंधों को कठोर करने की कोशिश की, जब उन्होंने यह कहा था कि शिवसेना के मंत्रियों ने अपने जेब में इस्तीफे पत्र जारी कर रखे हुए है।

इन सबके बावजूद उन्होंने बीजेपी को मध्यवर्ती आकस्मिक चुनाव के लिए कह कर सबसे कड़ी टिप्पणी की है। बाल ठाकरे के दौरान इन सभी बातों का मूल्य था और सत्ता के गलियारों में ऐसी चौकाने वाली बातें भेजी जाती थी। लेकिन अब से परेशानी का सबब हो चुके हैं जिसे शायद कभी गंभीरता से भी नहीं लिया जा सकता। यदि राज्य में आकस्मिक चुनाव वास्तव में आयोजित होते हैं तो 5 मुख्य कारण है कि शिवसेना एक बड़ी हार मिल सकती है।

सबसे पहले, यदि हम राज्य में सभी क्षेत्रों और सत्ता के परतों की तुलना करते हैं तो यह साफ़ है कि शिवसेना जमीन खोजने के लिए संघर्ष कर रही है। शिवसेना और भाजपा के बीच चुनाव लड़ने का सीधा मुकाबला देखें तो भाजपा लगातार उचित प्रक्रिया में आगे दिख रही है। जिला लोकसभा, विधानसभा या नगरपालिका चुनाव हो, कांग्रेस और एनसीपी की हार का लाभ बीजेपी को ही मिल रहा है। जीना इसी को भुनाने में नाकाम रही और भाजपा धीरे धीरे उसके गढ़ों में अपना विस्तार कर रही है। संगठनात्मक ढांचे और कैडर के रूप में भाजपा खुद को मजबूत कर रही है वहीं सेना क्षेत्रों में लगभग अनजान जी साबित हो रही।

दूसरा, जमीन पर लोगों का मूड पूरी तरह से भाजपा के समर्थन में है। किसी राज्य में हाल ही में आयोजित ग्राम पंचायत चुनाव से समझा जा सकता है। नतीजों से यह साफ है कि भाजपा के बढ़ोतरी शहरों से ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ बढ़ रही है। उसकी जीत की सफलता इतनी बड़ी थी कि शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी की संयुक्त संख्या सिर्फ भाजपा के आधे सीटों के बराबर तक थी।

3,489 ग्रामपंचायत में 2,974 का परिणाम घोषित किया गया। भाजपा के 1,457 पंचायत समितियों में सरपंच चुने गए इसके बाद के क्रम में कांग्रेस (301) शिवसेना (222) और एनसीपी (194) रही।

यह ग्राम पंचायत मराठवाड़ा, विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र के 18 जिलों में फैले हुए हैं। मराठवाडा के बीड जिले में परली और विदर्भ में बुलढाणा जिले जहां क्रमशः एनसीपी और कांग्रेस ने अपना कब्जा बरकरार रखा, इनको छोड़कर भाजपा ने सभी जगह असाधारण प्रदर्शन किया। इसने ग्राम पंचायतों को समझ लिया और सरपंच पदों पर कब्जा जमा लिया जोकि राज्य में पहला प्रत्यक्ष चुनाव था।

तीसरा, यदि महाराष्ट्र में मध्य अवधि का आकस्मिक चुनाव होता है तो भाजपा विधानसभा पर कब्जा कर सकती है साथ ही बीएमसी(मुम्बई महानगरपालिका) के लिए भी मंच तैयार कर सकती है। सेना ने भाजपा के समर्थन से ही बीएमसी में अपनी सत्ता को बरकरार रखा है। यदि चुनाव हो और भाजपा को बहुमत मिल जाए तो जल्द ही बीएमसी में भी चुनाव देखा जा सकता है। यदि शिवसेना बीएमसी को देती है तो वह अपनी नींव खो देगी, जोकि सत्ता का केंद्र हैं और कुछ चीजों में राजनीतिक योजना के मुकाबले शिवसेना को शक्ति प्रदान करता है। बीएमसी देश में सबसे अमीर निगम है और यह खोने से राज्य में सेना के सत्ता के ढांचे की रीढ़ टूट जाएगी।

चौथा, एक स्थिर सरकार बनाने के लिए राज्य के लोगों को भाजपा को वोट देने के लिए मनाया जा सकता है। महाराष्ट्र एक पार्टी के शासन के लिए तैयार है और राज्य ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में इसका लाभ देखा है। चूँकि गठबंधनों का युद्ध खत्म हो रहा है, महाराष्ट्र के लोग स्थिरता के लिए वोट कर सकते हैं। एक और बात है कि, नारायण राणे जिन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है उनका समर्थन एनडीए को मिल सकता है। अंततः यह पहलु भी भाजपा को कोंकण क्षेत्र में सफलता में मदद करेगी जहां इस क्षेत्र में शिवसेना बाधित कर सकती है।

अंतिम, उद्धव ठाकरे आकस्मिक चुनाव की हिम्मत तो कर सकते हैं, लेकिन इसकी पूरी संभावना है कि उनकी अपनी पार्टी को अभूतपूर्व संकट का सामना करना पड़ेगा। सत्ता के नुकसान से बचने के लिए शिवसेना के मंत्री इसे बिगाड़ सकते हैं और यह क्षेत्रीय संगठन के लिए बड़ा सिरदर्द साबित होगा। सुरेश प्रभु जो शिवसेना में अंतिम छोर के नेता थे उसे मोदी सरकार ने अपने पाले में लेते ही उनके पंख लगा दिए। इसी को ध्यान में रखते हुए, सेना के मंत्री जो अभी फडणवीस सरकार का हिस्सा है वह सत्ता खोने की बात को समझ कर नए चुनाव कराने से असहमत हो सकते हैं और मामले को बिगाड़ सकते हैं। यहां तक कि अगर शिवसेना प्रमुख ने कहा कि वे (शिवसेना मंत्री) जेब में इस्तीफा पत्र लिए बैठे हैं तो जमीन की वास्तविकता निश्चित रुप से कुछ अलग होगी। कैडर और मंत्रियों को आकस्मिक चुनाव के लिए तैयार नहीं किया जा सकता और इस पहलु को नजरअंदाज करना शिवसेना के लिए काफी महंगा होगा।

चूँकि उद्धव ठाकरे ने भाजपा को मौखिक हमले में आकस्मिक चुनाव के लिए कहा है, भाजपा ने पंचायत चुनाव में सभी पार्टियों को हराकर शांत रूप से राज्य में खुद को संगठित किया है। सेना के जूनियर सहयोगी से निकलकर भाजपा ने राज्य की अगुवाई करने के लिए खुद को स्वीकार कर लिया है।

महाराष्ट्र में अपनी खुद की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए शिवसेना को दो आत्म निरीक्षण की जरूरत है। पहला यह की जनता दल (यू) की तरह भाजपा के साथ अपने संबंधों को ठीक करने की जरूरत है, दूसरी बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर जमीनी स्तर पर अपनी संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने की आवश्यकता है। यह ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि सभी क्षेत्रीय राजनीतिक खिलाड़ियों को अपने अभिमान के कारण हारना पड़ा है, यदि शिवसेना अपने तरीके में सुधार नहीं करती है तो नई उभरती हुई भारतीय राजनीति के बीच में वह उनमें से ही एक और क्षेत्रीय पार्टी हो सकती है।

Tags: आकस्मिक चुनावउद्धव ठाकरेबीजेपीभाजपामहराष्ट्रशिवसेना
शेयर248ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सबसे नीचे से सबसे ऊपर: कैसे योगी उत्तर प्रदेश को इस तालिका में शीर्ष पर ले आये वो भी रिकॉर्ड समय में

अगली पोस्ट

अगर ये सारे गुण आप में हैं तो आप भी बुद्धिजीवी हैं

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited