TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

शिव सेना ने चैलेंज किया तो बीजेपी ने शब्दों से नहीं, नतीजों से करारा जवाब दिया

Shridutt Gaitonde द्वारा Shridutt Gaitonde
16 October 2017
in मत
आकस्मिक चुनाव, शिवसेना, भाजपा
Share on FacebookShare on X

जब हम राजनीति में अहंकार के बारे में बात करते हैं, तो यह अच्छे अवसरों को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसा ही कुछ नीतीश कुमार के साथ हुआ जिन्होंने अपने अहंकार से पैदा हुई महत्वाकांक्षाओं के कारण अवसरवाद को गले लगाया। शायद वह प्रधानमंत्री मोदी के सामने एक प्रधानमंत्री का चेहरा बनना चाहते थे इसलिए उन्होंने भाजपा के साथ संबंध तोड़ दिया। लालू के साथ उनका अवसरवादी साथ उसी अहंकार पर आधारित था जो उस समय उनकी राजनीति के केंद्र में था। जब आरजेडी ने बिहार पर अपनी पकड़ की धमकी देना शुरू किया, तब उन्हें यह समझ आया। समय पर उनका यह एहसास होना ना सिर्फ उनके राजनीतिक भाग्य को बचाया बल्कि शासन और विकास के मामले में बिहार राज्य को भी बचाया।

महाराष्ट्र का राजनीतिक परिदृश्य एक ऐसे उदाहरण के रूप में उभर रहा है कि कैसे खुद का अहंकार पूर्वजों द्वारा प्राप्त वर्षों के सद्भावना को पूरी तरह नष्ट कर सकता है। जब बाल ठाकरे जीवित थे और शिवसेना को मार्गदर्शन देते थे तब शिवसेना एक अच्छा प्रतीत होता था। उनकी मृत्यु और राज्य की राजनीति में प्रमुख रूप के रूप में भाजपा के उदय ने शिवसेना को एक रोने वाले बच्चे के रूप में बदल दिया है। सबसे प्रमुख शिवसेना के लिए बड़े भाई की भूमिका को त्यागना ज्यादा मुश्किल था।

संबंधितपोस्ट

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में सम्मान के साथ स्वागत, NDA ने दिया एकजुटता का संदेश; इस्तीफे के बाद पहली बार पहुंचे संसद

स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

और लोड करें

एक सामान वैचारिक झुकाव ने गठबंधन की सुविधा में सहयोग किया। और शिवसेना का घायल अहंकार खुले में एक बार ही नहीं बल्कि कई बार सामने आ चुका। उद्धव ठाकरे अपने सांसद संजय राउत और मैं मुखपत्र सामना के माध्यम से काँटा चुभाने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों ने भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाया है और मोदी शाह की हमेशा आलोचना की है। प्रमोद महाजन और बाल ठाकरे ठाकरे के समय में एक स्वस्थ रिश्ता आगे बढ़ा था जिसे अब पूरी तरह पार कर दिया गया है। उद्धव ठाकरे ने अपने सामान्य बातों के साथ संबंधों को कठोर करने की कोशिश की, जब उन्होंने यह कहा था कि शिवसेना के मंत्रियों ने अपने जेब में इस्तीफे पत्र जारी कर रखे हुए है।

इन सबके बावजूद उन्होंने बीजेपी को मध्यवर्ती आकस्मिक चुनाव के लिए कह कर सबसे कड़ी टिप्पणी की है। बाल ठाकरे के दौरान इन सभी बातों का मूल्य था और सत्ता के गलियारों में ऐसी चौकाने वाली बातें भेजी जाती थी। लेकिन अब से परेशानी का सबब हो चुके हैं जिसे शायद कभी गंभीरता से भी नहीं लिया जा सकता। यदि राज्य में आकस्मिक चुनाव वास्तव में आयोजित होते हैं तो 5 मुख्य कारण है कि शिवसेना एक बड़ी हार मिल सकती है।

सबसे पहले, यदि हम राज्य में सभी क्षेत्रों और सत्ता के परतों की तुलना करते हैं तो यह साफ़ है कि शिवसेना जमीन खोजने के लिए संघर्ष कर रही है। शिवसेना और भाजपा के बीच चुनाव लड़ने का सीधा मुकाबला देखें तो भाजपा लगातार उचित प्रक्रिया में आगे दिख रही है। जिला लोकसभा, विधानसभा या नगरपालिका चुनाव हो, कांग्रेस और एनसीपी की हार का लाभ बीजेपी को ही मिल रहा है। जीना इसी को भुनाने में नाकाम रही और भाजपा धीरे धीरे उसके गढ़ों में अपना विस्तार कर रही है। संगठनात्मक ढांचे और कैडर के रूप में भाजपा खुद को मजबूत कर रही है वहीं सेना क्षेत्रों में लगभग अनजान जी साबित हो रही।

दूसरा, जमीन पर लोगों का मूड पूरी तरह से भाजपा के समर्थन में है। किसी राज्य में हाल ही में आयोजित ग्राम पंचायत चुनाव से समझा जा सकता है। नतीजों से यह साफ है कि भाजपा के बढ़ोतरी शहरों से ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ बढ़ रही है। उसकी जीत की सफलता इतनी बड़ी थी कि शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी की संयुक्त संख्या सिर्फ भाजपा के आधे सीटों के बराबर तक थी।

3,489 ग्रामपंचायत में 2,974 का परिणाम घोषित किया गया। भाजपा के 1,457 पंचायत समितियों में सरपंच चुने गए इसके बाद के क्रम में कांग्रेस (301) शिवसेना (222) और एनसीपी (194) रही।

यह ग्राम पंचायत मराठवाड़ा, विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र के 18 जिलों में फैले हुए हैं। मराठवाडा के बीड जिले में परली और विदर्भ में बुलढाणा जिले जहां क्रमशः एनसीपी और कांग्रेस ने अपना कब्जा बरकरार रखा, इनको छोड़कर भाजपा ने सभी जगह असाधारण प्रदर्शन किया। इसने ग्राम पंचायतों को समझ लिया और सरपंच पदों पर कब्जा जमा लिया जोकि राज्य में पहला प्रत्यक्ष चुनाव था।

तीसरा, यदि महाराष्ट्र में मध्य अवधि का आकस्मिक चुनाव होता है तो भाजपा विधानसभा पर कब्जा कर सकती है साथ ही बीएमसी(मुम्बई महानगरपालिका) के लिए भी मंच तैयार कर सकती है। सेना ने भाजपा के समर्थन से ही बीएमसी में अपनी सत्ता को बरकरार रखा है। यदि चुनाव हो और भाजपा को बहुमत मिल जाए तो जल्द ही बीएमसी में भी चुनाव देखा जा सकता है। यदि शिवसेना बीएमसी को देती है तो वह अपनी नींव खो देगी, जोकि सत्ता का केंद्र हैं और कुछ चीजों में राजनीतिक योजना के मुकाबले शिवसेना को शक्ति प्रदान करता है। बीएमसी देश में सबसे अमीर निगम है और यह खोने से राज्य में सेना के सत्ता के ढांचे की रीढ़ टूट जाएगी।

चौथा, एक स्थिर सरकार बनाने के लिए राज्य के लोगों को भाजपा को वोट देने के लिए मनाया जा सकता है। महाराष्ट्र एक पार्टी के शासन के लिए तैयार है और राज्य ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में इसका लाभ देखा है। चूँकि गठबंधनों का युद्ध खत्म हो रहा है, महाराष्ट्र के लोग स्थिरता के लिए वोट कर सकते हैं। एक और बात है कि, नारायण राणे जिन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है उनका समर्थन एनडीए को मिल सकता है। अंततः यह पहलु भी भाजपा को कोंकण क्षेत्र में सफलता में मदद करेगी जहां इस क्षेत्र में शिवसेना बाधित कर सकती है।

अंतिम, उद्धव ठाकरे आकस्मिक चुनाव की हिम्मत तो कर सकते हैं, लेकिन इसकी पूरी संभावना है कि उनकी अपनी पार्टी को अभूतपूर्व संकट का सामना करना पड़ेगा। सत्ता के नुकसान से बचने के लिए शिवसेना के मंत्री इसे बिगाड़ सकते हैं और यह क्षेत्रीय संगठन के लिए बड़ा सिरदर्द साबित होगा। सुरेश प्रभु जो शिवसेना में अंतिम छोर के नेता थे उसे मोदी सरकार ने अपने पाले में लेते ही उनके पंख लगा दिए। इसी को ध्यान में रखते हुए, सेना के मंत्री जो अभी फडणवीस सरकार का हिस्सा है वह सत्ता खोने की बात को समझ कर नए चुनाव कराने से असहमत हो सकते हैं और मामले को बिगाड़ सकते हैं। यहां तक कि अगर शिवसेना प्रमुख ने कहा कि वे (शिवसेना मंत्री) जेब में इस्तीफा पत्र लिए बैठे हैं तो जमीन की वास्तविकता निश्चित रुप से कुछ अलग होगी। कैडर और मंत्रियों को आकस्मिक चुनाव के लिए तैयार नहीं किया जा सकता और इस पहलु को नजरअंदाज करना शिवसेना के लिए काफी महंगा होगा।

चूँकि उद्धव ठाकरे ने भाजपा को मौखिक हमले में आकस्मिक चुनाव के लिए कहा है, भाजपा ने पंचायत चुनाव में सभी पार्टियों को हराकर शांत रूप से राज्य में खुद को संगठित किया है। सेना के जूनियर सहयोगी से निकलकर भाजपा ने राज्य की अगुवाई करने के लिए खुद को स्वीकार कर लिया है।

महाराष्ट्र में अपनी खुद की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए शिवसेना को दो आत्म निरीक्षण की जरूरत है। पहला यह की जनता दल (यू) की तरह भाजपा के साथ अपने संबंधों को ठीक करने की जरूरत है, दूसरी बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर जमीनी स्तर पर अपनी संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने की आवश्यकता है। यह ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि सभी क्षेत्रीय राजनीतिक खिलाड़ियों को अपने अभिमान के कारण हारना पड़ा है, यदि शिवसेना अपने तरीके में सुधार नहीं करती है तो नई उभरती हुई भारतीय राजनीति के बीच में वह उनमें से ही एक और क्षेत्रीय पार्टी हो सकती है।

Tags: आकस्मिक चुनावउद्धव ठाकरेबीजेपीभाजपामहराष्ट्रशिवसेना
शेयर248ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सबसे नीचे से सबसे ऊपर: कैसे योगी उत्तर प्रदेश को इस तालिका में शीर्ष पर ले आये वो भी रिकॉर्ड समय में

अगली पोस्ट

अगर ये सारे गुण आप में हैं तो आप भी बुद्धिजीवी हैं

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited