TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

शिव सेना ने चैलेंज किया तो बीजेपी ने शब्दों से नहीं, नतीजों से करारा जवाब दिया

Shridutt Gaitonde द्वारा Shridutt Gaitonde
16 October 2017
in मत
आकस्मिक चुनाव, शिवसेना, भाजपा
Share on FacebookShare on X

जब हम राजनीति में अहंकार के बारे में बात करते हैं, तो यह अच्छे अवसरों को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसा ही कुछ नीतीश कुमार के साथ हुआ जिन्होंने अपने अहंकार से पैदा हुई महत्वाकांक्षाओं के कारण अवसरवाद को गले लगाया। शायद वह प्रधानमंत्री मोदी के सामने एक प्रधानमंत्री का चेहरा बनना चाहते थे इसलिए उन्होंने भाजपा के साथ संबंध तोड़ दिया। लालू के साथ उनका अवसरवादी साथ उसी अहंकार पर आधारित था जो उस समय उनकी राजनीति के केंद्र में था। जब आरजेडी ने बिहार पर अपनी पकड़ की धमकी देना शुरू किया, तब उन्हें यह समझ आया। समय पर उनका यह एहसास होना ना सिर्फ उनके राजनीतिक भाग्य को बचाया बल्कि शासन और विकास के मामले में बिहार राज्य को भी बचाया।

महाराष्ट्र का राजनीतिक परिदृश्य एक ऐसे उदाहरण के रूप में उभर रहा है कि कैसे खुद का अहंकार पूर्वजों द्वारा प्राप्त वर्षों के सद्भावना को पूरी तरह नष्ट कर सकता है। जब बाल ठाकरे जीवित थे और शिवसेना को मार्गदर्शन देते थे तब शिवसेना एक अच्छा प्रतीत होता था। उनकी मृत्यु और राज्य की राजनीति में प्रमुख रूप के रूप में भाजपा के उदय ने शिवसेना को एक रोने वाले बच्चे के रूप में बदल दिया है। सबसे प्रमुख शिवसेना के लिए बड़े भाई की भूमिका को त्यागना ज्यादा मुश्किल था।

संबंधितपोस्ट

उद्धव ठाकरे ने बुलाई सांसदों की इमरजेंसी बैठक, शिवसेना (UBT) में फिर टूट की अटकलें तेज

हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

West Bengal Cabinet Expansion: शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, नबान्न में 35 मंत्रियों ने ली शपथ

और लोड करें

एक सामान वैचारिक झुकाव ने गठबंधन की सुविधा में सहयोग किया। और शिवसेना का घायल अहंकार खुले में एक बार ही नहीं बल्कि कई बार सामने आ चुका। उद्धव ठाकरे अपने सांसद संजय राउत और मैं मुखपत्र सामना के माध्यम से काँटा चुभाने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों ने भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाया है और मोदी शाह की हमेशा आलोचना की है। प्रमोद महाजन और बाल ठाकरे ठाकरे के समय में एक स्वस्थ रिश्ता आगे बढ़ा था जिसे अब पूरी तरह पार कर दिया गया है। उद्धव ठाकरे ने अपने सामान्य बातों के साथ संबंधों को कठोर करने की कोशिश की, जब उन्होंने यह कहा था कि शिवसेना के मंत्रियों ने अपने जेब में इस्तीफे पत्र जारी कर रखे हुए है।

इन सबके बावजूद उन्होंने बीजेपी को मध्यवर्ती आकस्मिक चुनाव के लिए कह कर सबसे कड़ी टिप्पणी की है। बाल ठाकरे के दौरान इन सभी बातों का मूल्य था और सत्ता के गलियारों में ऐसी चौकाने वाली बातें भेजी जाती थी। लेकिन अब से परेशानी का सबब हो चुके हैं जिसे शायद कभी गंभीरता से भी नहीं लिया जा सकता। यदि राज्य में आकस्मिक चुनाव वास्तव में आयोजित होते हैं तो 5 मुख्य कारण है कि शिवसेना एक बड़ी हार मिल सकती है।

सबसे पहले, यदि हम राज्य में सभी क्षेत्रों और सत्ता के परतों की तुलना करते हैं तो यह साफ़ है कि शिवसेना जमीन खोजने के लिए संघर्ष कर रही है। शिवसेना और भाजपा के बीच चुनाव लड़ने का सीधा मुकाबला देखें तो भाजपा लगातार उचित प्रक्रिया में आगे दिख रही है। जिला लोकसभा, विधानसभा या नगरपालिका चुनाव हो, कांग्रेस और एनसीपी की हार का लाभ बीजेपी को ही मिल रहा है। जीना इसी को भुनाने में नाकाम रही और भाजपा धीरे धीरे उसके गढ़ों में अपना विस्तार कर रही है। संगठनात्मक ढांचे और कैडर के रूप में भाजपा खुद को मजबूत कर रही है वहीं सेना क्षेत्रों में लगभग अनजान जी साबित हो रही।

दूसरा, जमीन पर लोगों का मूड पूरी तरह से भाजपा के समर्थन में है। किसी राज्य में हाल ही में आयोजित ग्राम पंचायत चुनाव से समझा जा सकता है। नतीजों से यह साफ है कि भाजपा के बढ़ोतरी शहरों से ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ बढ़ रही है। उसकी जीत की सफलता इतनी बड़ी थी कि शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी की संयुक्त संख्या सिर्फ भाजपा के आधे सीटों के बराबर तक थी।

3,489 ग्रामपंचायत में 2,974 का परिणाम घोषित किया गया। भाजपा के 1,457 पंचायत समितियों में सरपंच चुने गए इसके बाद के क्रम में कांग्रेस (301) शिवसेना (222) और एनसीपी (194) रही।

यह ग्राम पंचायत मराठवाड़ा, विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र के 18 जिलों में फैले हुए हैं। मराठवाडा के बीड जिले में परली और विदर्भ में बुलढाणा जिले जहां क्रमशः एनसीपी और कांग्रेस ने अपना कब्जा बरकरार रखा, इनको छोड़कर भाजपा ने सभी जगह असाधारण प्रदर्शन किया। इसने ग्राम पंचायतों को समझ लिया और सरपंच पदों पर कब्जा जमा लिया जोकि राज्य में पहला प्रत्यक्ष चुनाव था।

तीसरा, यदि महाराष्ट्र में मध्य अवधि का आकस्मिक चुनाव होता है तो भाजपा विधानसभा पर कब्जा कर सकती है साथ ही बीएमसी(मुम्बई महानगरपालिका) के लिए भी मंच तैयार कर सकती है। सेना ने भाजपा के समर्थन से ही बीएमसी में अपनी सत्ता को बरकरार रखा है। यदि चुनाव हो और भाजपा को बहुमत मिल जाए तो जल्द ही बीएमसी में भी चुनाव देखा जा सकता है। यदि शिवसेना बीएमसी को देती है तो वह अपनी नींव खो देगी, जोकि सत्ता का केंद्र हैं और कुछ चीजों में राजनीतिक योजना के मुकाबले शिवसेना को शक्ति प्रदान करता है। बीएमसी देश में सबसे अमीर निगम है और यह खोने से राज्य में सेना के सत्ता के ढांचे की रीढ़ टूट जाएगी।

चौथा, एक स्थिर सरकार बनाने के लिए राज्य के लोगों को भाजपा को वोट देने के लिए मनाया जा सकता है। महाराष्ट्र एक पार्टी के शासन के लिए तैयार है और राज्य ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में इसका लाभ देखा है। चूँकि गठबंधनों का युद्ध खत्म हो रहा है, महाराष्ट्र के लोग स्थिरता के लिए वोट कर सकते हैं। एक और बात है कि, नारायण राणे जिन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है उनका समर्थन एनडीए को मिल सकता है। अंततः यह पहलु भी भाजपा को कोंकण क्षेत्र में सफलता में मदद करेगी जहां इस क्षेत्र में शिवसेना बाधित कर सकती है।

अंतिम, उद्धव ठाकरे आकस्मिक चुनाव की हिम्मत तो कर सकते हैं, लेकिन इसकी पूरी संभावना है कि उनकी अपनी पार्टी को अभूतपूर्व संकट का सामना करना पड़ेगा। सत्ता के नुकसान से बचने के लिए शिवसेना के मंत्री इसे बिगाड़ सकते हैं और यह क्षेत्रीय संगठन के लिए बड़ा सिरदर्द साबित होगा। सुरेश प्रभु जो शिवसेना में अंतिम छोर के नेता थे उसे मोदी सरकार ने अपने पाले में लेते ही उनके पंख लगा दिए। इसी को ध्यान में रखते हुए, सेना के मंत्री जो अभी फडणवीस सरकार का हिस्सा है वह सत्ता खोने की बात को समझ कर नए चुनाव कराने से असहमत हो सकते हैं और मामले को बिगाड़ सकते हैं। यहां तक कि अगर शिवसेना प्रमुख ने कहा कि वे (शिवसेना मंत्री) जेब में इस्तीफा पत्र लिए बैठे हैं तो जमीन की वास्तविकता निश्चित रुप से कुछ अलग होगी। कैडर और मंत्रियों को आकस्मिक चुनाव के लिए तैयार नहीं किया जा सकता और इस पहलु को नजरअंदाज करना शिवसेना के लिए काफी महंगा होगा।

चूँकि उद्धव ठाकरे ने भाजपा को मौखिक हमले में आकस्मिक चुनाव के लिए कहा है, भाजपा ने पंचायत चुनाव में सभी पार्टियों को हराकर शांत रूप से राज्य में खुद को संगठित किया है। सेना के जूनियर सहयोगी से निकलकर भाजपा ने राज्य की अगुवाई करने के लिए खुद को स्वीकार कर लिया है।

महाराष्ट्र में अपनी खुद की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए शिवसेना को दो आत्म निरीक्षण की जरूरत है। पहला यह की जनता दल (यू) की तरह भाजपा के साथ अपने संबंधों को ठीक करने की जरूरत है, दूसरी बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर जमीनी स्तर पर अपनी संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने की आवश्यकता है। यह ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि सभी क्षेत्रीय राजनीतिक खिलाड़ियों को अपने अभिमान के कारण हारना पड़ा है, यदि शिवसेना अपने तरीके में सुधार नहीं करती है तो नई उभरती हुई भारतीय राजनीति के बीच में वह उनमें से ही एक और क्षेत्रीय पार्टी हो सकती है।

Tags: आकस्मिक चुनावउद्धव ठाकरेबीजेपीभाजपामहराष्ट्रशिवसेना
शेयर248ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सबसे नीचे से सबसे ऊपर: कैसे योगी उत्तर प्रदेश को इस तालिका में शीर्ष पर ले आये वो भी रिकॉर्ड समय में

अगली पोस्ट

अगर ये सारे गुण आप में हैं तो आप भी बुद्धिजीवी हैं

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited