TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिल्ली में लापता महिलाओं की बढ़ती संख्या

    2026 की शुरुआत में दिल्ली में लापता मामलों में तेज़ उछाल, महिलाओं की संख्या सबसे अधिक

    बुद्ध ग्रां प्री की वापसी की संभावनाएं

    भारत में फ़ॉर्मूला 1 की वापसी की उम्मीदें तेज़, बुद्ध सर्किट पर फिर दौड़ सकती हैं रेस कारें

    मेट्रो में शालीनता, सड़कों पर अव्यवस्था

    मेट्रो में लाइन, बसों में धक्का-मुक्की: आर्थिक सर्वेक्षण ने बताई वजह

    मणिपुर विधानसभा

    मणिपुर को आज मिल सकता है नया मुख्यमंत्री, संभावित सरकार गठन को लेकर बीजेपी मुख्यालय में विधायक दल की बैठक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    पीएम मोदी-ट्रम्प के बीच बातचीत के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ घट कर हुआ 18%

    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    भारत में डेटा सेंटर इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में राहत

    भारत में डेटा सेंटर इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में राहत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिल्ली में लापता महिलाओं की बढ़ती संख्या

    2026 की शुरुआत में दिल्ली में लापता मामलों में तेज़ उछाल, महिलाओं की संख्या सबसे अधिक

    बुद्ध ग्रां प्री की वापसी की संभावनाएं

    भारत में फ़ॉर्मूला 1 की वापसी की उम्मीदें तेज़, बुद्ध सर्किट पर फिर दौड़ सकती हैं रेस कारें

    मेट्रो में शालीनता, सड़कों पर अव्यवस्था

    मेट्रो में लाइन, बसों में धक्का-मुक्की: आर्थिक सर्वेक्षण ने बताई वजह

    मणिपुर विधानसभा

    मणिपुर को आज मिल सकता है नया मुख्यमंत्री, संभावित सरकार गठन को लेकर बीजेपी मुख्यालय में विधायक दल की बैठक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    पीएम मोदी-ट्रम्प के बीच बातचीत के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ घट कर हुआ 18%

    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    भारत में डेटा सेंटर इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में राहत

    भारत में डेटा सेंटर इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में राहत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

2019 में बीजेपी के खिलाफ ममता बनर्जी ने खोला मोर्चा

Shridutt Gaitonde द्वारा Shridutt Gaitonde
28 March 2018
in मत
ममता बनर्जी महागठबंधन
Share on FacebookShare on X

उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनाव ने विपक्षी खेमे में एक बार फिर से उम्मीद को बढ़ाया है । हालांकि, बाद में राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ने जोरदार वापसी की लेकिन, उत्तर प्रदेश के लोकसभा उपचुनाव में हार ने बीजेपी विरोधी ताकतों का हौसला जरुर बढ़ाया और यही वजह है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी विरोधी मोर्चा खोल लिया है। वह अभी अपने 4 दिवसीय दिल्ली दौरे पर हैं और यहां उन्होंने बीजेपी विरोधी मोर्चा खोलने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है।

आधिकारिक तौर पर, अपने दिल्ली दौरे के दौरान ममता बनर्जी एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार द्वारा आयोजित एक डिनर में शामिल होंगी और वहां उनके पार्टी के सांसदों से मिलेंगी। जब कई विपक्षी दल एकजुट होंगे तब जाकर मोदी के खिलाफ मोर्चा खोला जायेगा और इसमें कोई शक नहीं है कि ममता इसी के तहत बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी के लिए दिल्ली आयीं हैं। हालांकि, बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलने में 2 सबसे बड़ी रुकावटें सामने हैं।

संबंधितपोस्ट

जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

जंगलराज बनाम सुशासन की वापसी! बिहार में बीजेपी का शब्द वार, ‘महालठबंधन’ की छवि को ध्वस्त करने की सुनियोजित रणनीति

मां काली का अपमान और ममता का मौन: बंगाल में तुष्टीकरण राज की भयावह सच्चाई

और लोड करें

पहला, ये महागठबंधन किन मुद्दों से शुरू होगा जिसमें सभी की सहमती होगी? और दूसरा ये कि इस महागठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा?

पहला सवाल ये है कि कैसे सभी विपक्षी पार्टी एकजुट होंगी जब इनमें कुछ पार्टियां एक दुसरे के साथ मिलकर काम करने को तैयार नहीं हैं। बीजेपी के शासन में कई पार्टियों का अस्तित्व खतरे में हैं ऐसे में हो सकता है कि न चाहते हुए भी ये पार्टियां एकजुट हों। इस महागठबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी वामपंथी और टीएमसी जैसी पार्टियों के विचार में एकरूपता का न होना। हमने पहले भी राजनीति में इस तरह बनने वाले तमाम महागठबंधनों को देखा है, अभी हाल ही में सपा और बसपा के बीच सरकार के खिलाफ बनी एकजुटता को ही देख लीजिये लेकिन अगर आप मायावती के हाल ही में दिए बयान पर गौर करें तो ये एकजुटता भी राज्यसभा चुनाव के बाद से अलग होने के कगार पर है। महागठबंधन बन तो जातें है लेकिन इसे बनाए रखने की चुनौती पार्टियों के सामने सबसे बड़ी होती है। ममता बनर्जी अगर सभी पार्टियों को एकजुट कर महागठबंधन बनाने की सोच रही हैं तो उन्हें इन चुनौतियों को पार कर सीताराम येचुरी जैसे नेताओं के साथ मंच साझा करना होगा।

दूसरा सवाल है कि कौन इस महागठबंधन का नेतृत्व करेगा? इसमें कोई शक नहीं है कि ममता बनर्जी अपने आपको इस महागठबंधन की मुखिया के तौर पर सबसे अहम उम्मीदवार मानती हैं। विपक्ष के सामने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए यह मुद्दे सबसे अहम हैं तभी तो विपक्ष एक नए महागठबंधन से बीजेपी के खिलाफ रणनीति तैयार कर पायेगा।

हाल ही में, टीआरएस प्रमुख चंद्रशेखर राव कोलकाता में ममता बनर्जी से मिले थे और इस दौरान क्षेत्रीय पर चर्चा की। ये तो सभी को पता है कि राव बीजेपी को हराने के लिए एक गैर कांग्रेसी संघीय मोर्चा बनाने की कोशिश में हैं, ऐसे में इस महागठबंधन के नेतृत्व के लिए ममता बनर्जी एक बेहतर विकल्प हो सकती हैं।

हालांकि, यदि कांग्रेस इसमें शामिल भी होती है तो क्षेत्रीय पार्टियों में उनके प्रति ज़्यादा उत्साह नहीं हैं। राहुल गांधी के कमजोर नेतृत्व, वोट के लिए उनकी अक्षमता और उनका पिछला ट्रैक रिकॉर्ड देखने के बाद कोई भी पार्टी उन्हें महागठबंधन के नेतृत्व का चेहरा स्वीकार करने से बचेगी।

एक ऐसा मोर्चा भी है जिसमें कांग्रेस शामिल हैं जिसमें नेतृत्व को लेकर उठती समस्याएं सभी के सामने हैं। देखा जाए तो कांग्रेस की स्थिति ऐसी नहीं है कि वो महागठबंधन का नेतृत्व कर सके और शायद 2019 में भी कांग्रेस की यही स्थिति बरकरार रहेगी। यही वजह है कि तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच मतभेद बढ़ सकते हैं क्योंकि ममता बनर्जी को इस बार बड़े उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है। ममता बनर्जी ने सभी विपक्षी पार्टियों को बीजेपी के खिलाफ एकजुट करने की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने न सिर्फ इसके लिए राव से बात की बल्कि टीडीपी के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के अलावा शिव सेना से भी संपर्क किया। कांग्रेस को लेकर समस्या जबतक सुलझ नहीं जाती तब तक बीजेपी के खिलाफ एक मजबूत गठबंधन को तैयार करना आसान नहीं होगा। ममता की गांधी परिवार से न मिलने की इच्छा से जाहिर है कि उनकी महागठबंधन के नेतृत्व की चाहत सभी विपक्ष को एकजुट करने की चाहत से कहीं ज्यादा है।

गौर हो कि, ममता बनर्जी महागठबंधन का नेतृत्व करने की दावेदार हैं, वाम दलों के पास आरक्षण हैं और वो गांधी परिवार के साथ समझोता करना चाहेंगे। इसके अलावा, इस गठबंधन में नेतृत्व को लेकर लड़ाई यहीं नहीं खत्म होती इस रेस में मुलायम सिंह और मायावती भी शामिल हैं जो महागठबंधन का नेतृत्व करना चाहेंगे। यहां तक कि पवार और राव भी कहीं न कहीं इस नेतृत्व के पद की लालसा में होंगे। ऐसे में एकमत सहमती न बन पाने की वजह से हो सकता है कि इस महागठबंधन का मुख्य आधार ही बनने से पहले ही लड़खड़ा जाए।

ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी की बीमारी को बहाना बनाते हुए यह संकेत दिए कि वह उनसे नहीं मिलना चाहती हैं। उनका यह संकेत विचारों को लेकर अनिश्चितता और सामंजस्य में कमी की ओर इशारा करता है। इस तरह का गठबंधन 1990 में भी देखने को मिला था तब केंद्र में एच।डी।देवगौड़ा और इन्द्र कुमार गुजराल की गठबंधन सरकार थी जो मतदाताओं के लिए एक कड़ा अनुभव रही है। ऐसे में देश इस तरह की गठबंधन सरकार को लेकर जनता एक फिर से कोई खतरा नहीं मोल सकती। मोदी सरकार के खिलाफ मौके की तलाश करती विपक्षी पार्टियों की तुलना में देश में एक बार फिर से मोदी की सरकार बनने संभावनाएं कहीं ज्यादा है। ऐसे में ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे को एक विफल प्रयास कहना उचित होगा क्योंकि विपक्ष की रणनीति जो भी हो आखिरी फैसला तो जनता ही लेगी।

Tags: ममता बनर्जीमहागठबंधन
शेयर488ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की अमेरिकी एयरपोर्ट पर हुई तलाशी

अगली पोस्ट

यूपीसीओसीबी: योगी की इच्छा यूपी हो अपराध मुक्त, लेकिन विपक्ष के हैं अलग विचार

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited