TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

द मुल्क ट्रेंड: फिल्म के रिलीज होने से पहले बॉलीवुड के स्टार कैसे बन जातें हैं समाजसेवक

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
26 July 2018
in मत
बॉलीवुड मुल्क
Share on FacebookShare on X

आरती मल्होत्रा या आरती मोहम्मद, क्या इससे फर्क पड़ता है?

Aarti Malhotra or Aarti Mohammed. Does it make a difference????#MYMULK pic.twitter.com/920WtaNfcF

— taapsee pannu (@taapsee) July 17, 2018

संबंधितपोस्ट

बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

कन्हैया लाल का गला काटने वालों को 3 वर्ष में सज़ा नहीं लेकिन ‘उदयपुर फाइल्स’ पर 3 दिन में रोक

सलमान से शाहरुख तक, ऑपरेशन सिंदूर पर क्यों खामोश रहे ‘रील हीरोज़’?

और लोड करें

नहीं समझे? आज के समय में ये धर्मनिरपेक्षता का ट्रेंड बन गया है, जैसा कि अभिनव सिन्हा द्वारा निर्देशित फिल्म मुल्क के लिए अभिनेत्री तापसी पन्नू प्रमोशन कर रही हैं। उनकी इस फिल्म ने इस्लामोफोबिया जैसे विवादास्पद विषय को दिखाया गया है और साथ ही ये भी दिखाया गया है कि कैसे परिवार के एक सदस्य के कारण हुए बम विस्फोट की वजह से पूरे परिवार पर निशाना साधा जाता है।

वो कहते हैं कि, ‘किसी किताब के कवर को देखकर उसका आंकलन न करें।’ हालंकि, फिल्म मुल्क के ट्रेलर के रिलीज़ होने के बाद ये तो स्पष्ट है कि अल्पसंख्यकों के तुष्टिकरण के लिए एक और फिल्म बनाई गयी है। बॉलीवुड अपने इस तरह के नियोजित प्रयासों की वजह से पूरी दुनिया में हंसी का पात्र बनकर रह गया है।

ये कहने की जरूरत नहीं की अपनी फिल्म पिंक की तरह ही तापसी पन्नू ने एक बार फिर से फिल्म को प्रमोट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है और अपनी फिल्म मुल्क की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए वो नफरत की राजनीति में शामिल हो गयीं हैं। इन ट्वीट्स के जरिये फिल्म ‘मुल्क’ की टीम यही ऐसा ही कुछ कर कर रही है:

https://twitter.com/anubhavsinha/status/1021962842310893568

Will you label a community because of a few people's deeds? Find out answers to questions like these tomorrow. #MyMulk@taapsee @chintskap @benarasmedia @prateikbabbar @trueshailendra @mrrajatkapoor @ZeeMusicCompany @DeepakMukut @anubhavsinha #AnubhavSinha @SohamRockstrEnt pic.twitter.com/XYRahkF1RS

— Mulk (@Mulk_Film) July 22, 2018

हालांकि, बॉलीवुड के लिए ये कोई नई बात नहीं है। बॉलीवुड के सितारे अपनी फिल्म के रिलीज़ होने से पहले उसके प्रमोशन के लिए कई सामाजिक प्रचार करते हैं। इसे समझने के लिए हमें ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है, उड़ता पंजाब का प्रमोशन इसका बढ़िया उदाहरण है। इस फिल्म के चार मुख्य अभिनेताओं ने ड्रग विरोधी अभियान के खिलाफ लड़ने वाले योद्धा बन गए और ड्रग से जुड़े खतरे के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे थे। जब पहलाज निहलानी की अध्यक्षता वाली सेंसर बोर्ड कमेटी ने फिल्म के 13 सीन पर कट लगाने का आदेश दिया था तब सभी इसकी आलोचना कर रहे थे।

हालांकि, जब फिल्म रिलीज़ हो गयी थी और वो अपने लक्ष्य में सफल हो गए इसके बाद दिलजीत सिंह दोसांझ को छोड़कर शिरोमणि अकाली दल बीजेपी की गठबंधन सरकार 2017 सत्ता में सत्ता से बाहर हो गयी, जो ड्रग से जुड़ी समस्याओं पर काम कर रही थी, फिल्म के शाहिद कपूर, आलिया भट्ट और करीना कपूर जैसे अभिनेता और अभिनेत्रियां इस समस्या को भूल गए और ड्रग से जुड़ी समस्याओं के खिलाफ अपने प्रयास भी बंद कर दिए, ऐसे में क्या उनकी कोशिशें सिर्फ अपने लाभ तक के लिए सीमित थीं?

अब आज के ट्रेंड पर वापस आते हैं, हमने हाल ही में फिल्म मुल्क से जुड़े ट्वीटस को देखा जिसने फिल्म की टीम के ढोंग को दर्शाया है और ये दिखावा कठुआ मामले में भी सामने आया था:

Will you label a community because of a few people's deeds? Find out answers to questions like these tomorrow. #MyMulk@taapsee @chintskap @benarasmedia @prateikbabbar @trueshailendra @mrrajatkapoor @ZeeMusicCompany @DeepakMukut @anubhavsinha #AnubhavSinha @SohamRockstrEnt pic.twitter.com/XYRahkF1RS

— Mulk (@Mulk_Film) July 22, 2018

इन ट्वीटस के मुताबिक अगर हम किसी एक व्यक्ति के अपराध की वजह से उसके पूरे समुदाय पर निशाना साधते हैं तो वो गलत है। यदि सच में ऐसा है तो क्यों कठुवा मामले में पूरे सनातन समुदाय अप्रदाही चित्रित किया गया था?

क्या हमें अब वो समय याद करना चाहिए जब हमारे समुदाय पर निशाना साधा जा रहा था क्योंकि आरोपी कथित रूप से सनातन हिंदू था? सबूतों और गवाहों के बावजूद ये वही बॉलीवुड था जिसने पूरे समुदाय को ‘बलात्कारियों’ के रूप में चित्रित करने में जरा भी देरी नहीं की थी और भारत को रेपिस्तान बताया और जो भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था उसे ‘रेप का समर्थक’ कहा था:

बॉलीवुड मुल्क

PC: Twitter

यदि ये भी पर्याप्त नहीं है तो स्वरा भास्कर, हुमा कुरैशी, सोनम कपूर और करीना कपूर खान जैसी अभिनेत्रियों द्वारा प्लाकार्ड अभियान क्या था? इन अभिनेत्रियों ने जानबूझकर ‘हिंदुस्तान’ और ‘देव स्थान’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था और पूरे समुदाय को अपराधी के रूप में उद्धृत किया था। किस उद्देश्य से? सिर्फ अपनी आने वाली नई फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ के प्रमोशन के लिए जिससे उन्हें पर्याप्त पब्लिसिटी मिल सके।

सच कहूं तो हमें इस पूरे ब्रिगेड से ये सवाल करना चाहिए कि क्या उनकी फिल्म के रिलीज़ के बाद रेप की घटनाओं पर विराम लग गया ? क्या सभी पीड़ितों को न्याय मिल गया? विडंबना ये है कि, बॉलीवुड की यही टीम मंदसौर में हुई क्रूरता से भरी रेप की घटना पर चुप थी और अपराधी दूसरे समुदाय का था जिसके लिए उनके दिल में हमेशा ही क्षमा का भाव रहता है।

कठुआ मामले में मगरमच्छ के आंसू बहाने वालों का मंदसौर की पीड़िता के पक्ष में एक भी ट्वीट नहीं आया। दुःख की बात है कि आलोचना और कमजोर कहानी के बावजूद उनका अभियान सफल रहा और वीरे दी वेडिंग ने कुल मिलाकर 130 करोड़ रुपये कमाए।

यदि बॉलीवुड के इस रूप की चर्चा करने बैठे तो हमें पता चलेगा कि कैसे बॉलीवुड हमारे सिख भाई और बहनों समेत सनातन समुदाय का अपमान करता आया है उसकी सूची बहुत लंबी हो जाएगी। हालांकि, ऐसा लगता नहीं है कि उनमें अपनी गलतियों को लेकर शर्मिंदगी है बल्कि इससे भी कहीं आगे अपनी फिल्म मुल्क के प्रमोशन के लिए निर्देशक अनुभव सिन्हा खुलेआम आक्रामक तरीके हर उस तथ्य को स्वीकार करने से इंकार कर रहे हैं जो इस्लामिक आतंकवाद से जुड़ा है।

यहां तक कि कुछ सम्मानित अभिनेता भी इस दिखावे के ट्रेंड से अछूते नहीं हैं। हालांकि, सीधे तौर पर वो इसमें शामिल नहीं हैं। अक्षय कुमार जिन्होंने कभी महिलाओं के पीरियड्स और उनकी साफ़ सफाई को लेकर कभी मुखर रहे वो भी अपनी फिल्म ‘पैडमैन’ के लिए रातोंरात एक ऐसे समाजसेवक बन गये जिसके लिए ये मुद्दा अहम बन गया था और फिल्म के रिलीज़ के कुछ ही दिनों बाद वो इस मुद्दे को लेकर सक्रिय नजर नहीं आये।

हालांकि, फिल्म अरुणाचलम मुरुगनथम की वास्तविक जीवन पर आधारित थी और इस फिल्म को बनाया जाना एक प्रेरणादायक कदम था जो कम लागत पर सैनिटरी पैड बनाने वाली मशीन के आविष्कार के लिए मशहूर हैं, इस फिल्म की निर्माता ट्विंकल खन्ना को ऐसी फिल्म के लिए धन्यवाद कहना चाहिए लेकिन जो अपने आपको सामजिक न्याय योद्धा बता रहे थे असल में उनकी पहुंच बहुत सीमित थी।

अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए वो हर मंच पर इस मुद्दे को उठा रहे थे और बताने की कोशिश कर रहे थे कि भारत की महिलाएं अभी भी उचित सैनिटरी पैड से वंचित हैं और कैसे देश के नीति निर्माता अपनी नीतियों से इस समस्या को बनाये रखने के लिए साजिश कर रहे थे। यहां तक कि उन्होंने भारत को पुरुषवादी समाज और महिला विरोधी बताने में जरा भी संकोच नहीं किया और यही वजह है कि उनकी फिल्म की पहुंच सीमित हो गयी:

एक बेहतरीन फिल्म होने के बावजूद पैडमैन कुल 121 करोड़ रुपये ही कमा पायी। अगर अक्षय कुमार ने समाजसेवा का दिखावा न किया होता तो शायद ये मूवी और भी ज्यादा सफल होती।

रिचर्ड गार्नर ने एक बार कहा था, ‘ढोंग को छोड़कर हर उचित मुद्दे को उठाया जाना चाहिए।’ ऐसा ही कुछ हमारे एलीट बॉलीवुड पर भी लागू होता है जो नहीं चाहते कि उनके द्वारा उठाये गये किसी भी कदम या मुद्दे पर सवाल न उठाया जाए और फिर भी वो उभरते भारत पर अपने पूराने विचारों को लागू करना चाहते हैं और इसके लिए वो इस तरह के ढोंग का सहारा लेते हैं। उनकी ये चाल सफल रही हैं या नहीं ये तो आने वाला समय ही बता सकता है लेकिन अब्राहम लिंकन ने कहा था,’आप सभी लोगों को कुछ समय के लिए धोखे में रख सकते हैं लेकिन आप हमेशा के लिए सभी लोगों को धोखे में नहीं रख सकते हैं।’

Tags: कठुआकरीना कपूरफ़िल्मबॉलीवुडमंदसौरमुल्क
शेयर745ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का उपलब्धियों भरा एक साल

अगली पोस्ट

नागपुर नगरपालिका चुनावों में भगवा लहर बरकरार

संबंधित पोस्ट

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व
भारत

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

22 February 2026

भारत के राष्ट्रीय जीवन में कुछ तिथियाँ केवल कैलेंडर की सामान्य तिथियाँ नहीं है, बल्कि वे राष्ट्र की चेतना, उसके संकल्प और उसके ऐतिहासिक दायित्व...

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited