TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Asian Games 2026: 85 मेडल के पीछे 3 बड़ी गिरावट और 3 बड़ी कामयाबी, क्या भारत 2022 से कमजोर हुआ?

    Asian Games 2026: 85 मेडल के पीछे 3 बड़ी गिरावट और 3 बड़ी कामयाबी, क्या भारत 2022 से कमजोर हुआ?

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Asian Games 2026: 85 मेडल के पीछे 3 बड़ी गिरावट और 3 बड़ी कामयाबी, क्या भारत 2022 से कमजोर हुआ?

    Asian Games 2026: 85 मेडल के पीछे 3 बड़ी गिरावट और 3 बड़ी कामयाबी, क्या भारत 2022 से कमजोर हुआ?

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पिछले चार सालों में मोदी सरकार ने काले धन पर कितना कसा शिकंजा

TFI Desk द्वारा TFI Desk
7 August 2018
in Uncategorized
मोदी काला धन

PC: indiatoday

Share on FacebookShare on X

मोदी सरकार काले धन पर शिकंजा कसने और देश में गरीब और कमजोर आबादी को लाभ पहुंचाने के लिए हर मुमकिन प्रयास कर रही है। जबसे मोदी जी सत्ता में आये हैं तबसे उन्होंने भ्रष्टाचार और काले धन पर नकेल कसने की मुहिम शुरू कर दी। देश में कर चोरी, गलत तरीके से धनराशि अर्जित करने आदि इन सभी को देखते हुए सरकार के लिए ये जरुरी हो गया था कि वो इन सभी मुद्दों का विश्लेष्ण करे और उचित कदम उठाये। बीजेपी ने सत्ता में आते ही अपने वादे अनुसार कार्य शुरू कर दिया। सरकार ने कैसे और किस तरह चुनाव प्रचार के दौरान किये वादों को निभाया और जमीनी स्तर पर सरकार कितनी सफल रही है?

काला धन से मतलब उस पैसे से है जो सरकार से छुपाया जाता है, जिसकी घोषणा आयकर विभाग में नहीं की गयी हो। काले धन पर शिकंजा कसने के लिए जो सबसे पहले नए कानून से जांच प्रक्रिया की नई संरचना तैयार की गयी थी वो था काला धन यानी (अ‍नडिस्‍क्‍लोज्‍ड फॉरन इनकम एंड असेट्स) और इम्‍पोजिशन ऑफ टैक्‍स एक्ट, 2015 जिसे 1 जुलाई, 2015 से लागू किया गया था। इस कानून के तहत कुल 650 लोगों ने विदेशी आय और संपत्ति की घोषणा की जिससे सरकार को टैक्स के रूप में 4,100  करोड़ रुपये मिले। इसके बाद सरकार इनकम डिक्लेयरेशन स्कीम (IDS) लेकर आयी जिसके तहत काला धन जमा करने वालों को अघोषित आमदनी घोषित करने के लिए मौका दिया गया था। इस योजना के तहत 64,275 लोगों ने 65,250 करोड़ रुपये का खुलासा किया था। काले धन का खुलासा करने के लिए आखिरी योजना दिसंबर 2016 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के रूप में सरकार लेकर आयी थी जिसमें सरकार की योजना भ्रष्ट लोगों द्वारा बैंकों में जमा कराये जाने वाले काले धन को गरीबों के विकास में लगाने की योजना थी। इसके अंतर्गत 5000 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की गई थी।

संबंधितपोस्ट

पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

20वें रोजगार मेले में 51 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे PM मोदी, 45 जगहों पर होगा कार्यक्रम

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद 81 साल के असगरअली वोहरा को बड़ी राहत, जमीन विवाद में कंपनी ने छोड़ा दावा

और लोड करें

काला धन मोदी

कालेधन पर शिकंजा कसने के लिए सरकार का सबसे बड़ा कदम ‘नोटबंदी’ था। 8 नवंबर 2016 में पीएम मोदी ने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा की थी जो भारत की मौजूदा नगदी वाली अर्थव्यवस्था में कुल मुद्रा का करीब 86 फीसदी था। जितनी मुद्रा तब प्रचलन में थी उसमें 500 और 1000 रुपये के नोटों की कीमत लगभग 15.44 लाख करोड़ था जिसमें से 16,000 करोड़ रुपये आरबीआई के पास वापस नहीं आये। इसलिए प्रचलन नोटों के कुल मूल्य का 1.04 प्रतिशत नोट बंदी के कारण बचाए गये थे। नोटबंदी से भी उम्मीद के मुताबिक काला धन वापस नहीं आ सका लेकिन इस कदम से काला धन जमा करके रखने वालों के मन में एक डर जरुर बैठ गया था। यही वजह थी नोटबंदी के बाद से करदाताओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ।

बेनामी लेनदेन पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बेनामी संपत्ति लेनदेन एक्ट में 2016 में संशोधन किया था। बेनामी संपत्ति एक्ट के मुताबिक, किसी व्यक्ति द्वारा खरीदी गई संपत्ति जो उसके नाम (या परिवार का नाम) पर न हो वो बेनामी संपत्ति है जिसमें किसी भी तरह की संपत्ति की खरीद शामिल है जोकि चल या अचल संपत्त‍ि या वित्तीय दस्तावेजों की खरीद हो सकती है। आयकर विभाग ने जांच निदेशालय के अंतर्गत देशभर में 24 समर्पित बेनामी निषेध यूनिट की स्थापना मई 2017 में की थी ताकि बेनामी संपत्तियों पर उचित कार्यवाही की जा सके। वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने कहा, “30 जून 2018 तक 1,600 बेनामी लेनदेन की जब्ती की गई है, जिनका मूल्य 4,300 करोड़ रुपये से अधिक है।“

काले धन पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाते हुए शेल कंपनियों (कागजी कंपनियों) के लिए खतरे की घंटी बजाई थी। वर्तमान समय में मोदी सरकार शेल कंपनियों में जमा एक बिलियन डॉलर की जांच कर रही है जो सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 25 प्रतिशत है। शेल कंपनियां कागजों पर बनी ऐसी कंपनियां होती हैं जो किसी तरह का आधिकारिक कारोबार नहीं करती हैं लेकिन इन कंपनियों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता है। पंजाब नेशनल बैंक में 11,400 करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी, उनके रिश्तेदारों और उनके सहयोगियों के नाम से जुड़ी 150 शेल कंपनियों की पहचान की गयी है। अब सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने काले धन पर शिकंजा कसने के लिए सभी इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन का डाटाबसे बनाने की योजना बना रही है ताकि सरकार कॉरपोरेट से लेकर आम आदमी के हर फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन यानी लेनदेन पर वह नजर रख सके। इस ऐक्शन प्लान पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के साथ सोमवार से बातचीत शुरू हो चुकी है। स्विस बैंकों के साथ सरकार घरेलू मार्केट में काले धन के प्रवाह को रोकने के लिए और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन में पारदर्शिता लाने के लिए नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी कर रही है।

देश में काले धन पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने कई योजना बनाई इसके साथ ही मॉरीशस जैसे देशों में जमा काले धन को लाने के लिए भी सरकार ने कई कदम उठाये हैं। मॉरीशस के साथ डबल टैक्सेशन अवॉयडेंस एग्रीमेंट में 10 मई 2016 को संशोधन किया गया जिसके मुताबिक सरकार किसी मॉरीशस के निवासी के स्वामित्व वाली भारतीय कंपनी के शेयरों से की बिक्री या ट्रांसफर से होने वाले कैपिटल गेन्स पर टैक्स लगा सकती है। इस कदम से अब केंद्र सरकार मनी लॉन्ड्रिंग और काले धन पर शिकंजा कस सकेगी।  इसके बाद टैक्स की चोरी और काले धन पर रोकथाम के लिए सरकार 1 अप्रैल 2017 को ‘गार यानी जनरल एंटी अवॉयइडेंस रूल्स (General Anti Avoidance Rules)’  नियम लेकर आयी। गार से भी कर चोरी के लिए दूसरे देशों के द्वारा आने वाले लेनदेन पर रोक लगती है। स्विस बैंक में जमा काले धन को रोकने के लिए सरकार ने 22 नवंबर, 2016 को स्विस नेशनल बैंक के साथ समझौता किया है जिसके तहत स्विस बैंक भारतीय खाताधारक से जुड़ी जानकारी जैसे अकाउंट नंबर, नाम, पता, टैक्स पहचान आदि भारत सरकार को देगा। अंतरिम वित्त मंत्री ने संसद को सुचना दी कि, “2014 से जबसे मोदी सरकार सत्ता में आई है काले धन के आंकड़ों में 80 प्रतिशत की कमी आई है।“

काला धन पर सरकार की सख्ती के कारण देश की मैक्रोइकॉनमी में आया कितना बदलाव-

काले धन पर शिकंजा कसने और जीएसटी की वजह से अप्रत्यक्ष कर संग्रह में काफी बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2015 में, कुल अप्रत्यक्ष कर संग्रह 5.46  लाख करोड़ रुपये था जबकि वित्त वर्ष 17 अप्रत्यक्ष कर संग्रह 8.63 लाख करोड़ रुपये था और वित्त वर्ष 18 के अनुमान 10.05 लाख करोड़ रुपये थे। मोदी सरकार के नेतृत्व में लगभग चार सालों में अप्रत्यक्ष कर संग्रह में दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। नोटबंदी के बाद से प्रत्यक्ष करदाताओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। पिछले वित्त वर्ष में आयकर फाइलर्स की संख्या में 6 करोड़ से 10 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। कर संग्रह उछाल जो जीडीपी की वृद्धि और कर संग्रह का अनुपात है, वित्त वर्ष 2016 में 0.6 गुना से घटकर वित्त वर्ष 17 में 1.3 गुना और वित्त वर्ष 18 में 1.7 गुना हो गया है। 2017 में इनकम टैक्स में संशोधन किया गया था जिससे इनकम टैक्स विभाग के सर्च और सर्वे ऑपरेशंस करना आसान हो गया। आयकर विभाग ने 13,376 करोड़ रुपये की अघोषित आय का भी पता लगाया था।

मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल में कुल 1,14,110 करोड़ रुपये के काले धन का खुलासा हुआ है जिसमें 4,300 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति, इनकम डिक्लेयरेशन स्कीम (74,350 रुपये) और इनकम टैक्स विभाग के सर्च और सर्वे ऑपरेशंस से करीब 35,460 करोड़. इसके अलावा, 2014 से स्विस बैंकों में भारतीयों द्वारा जमा की गयी धनराशि में गिरावट आयी जो अब 1.77 अरब डॉलर (12,139 करोड़ रुपये) के करीब है। कर का संग्रह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों ही तरीकों से बढ़ा है। प्रत्यक्ष करदाताओं की संख्या में भी दोगुनी वृद्धि हुई है।

कर संग्रह में वृद्धि से सरकारी राजकोषीय घाटे में कमी आयी है जिससे सरकार राज्यों के साथ अधिक पैसा साझा करने और बुनियादी ढांचे पर खर्च में वृद्धि करने में सक्षम रही है। हालांकि, काले धन के खिलाफ ये लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है क्योंकि देश में अनुमानित राशि का काला धन अभी भी देश के 2.6 ट्रिलियन जीडीपी का सिर्फ एक चौथाई हिस्सा है। मोदी सरकार जबसे सत्ता में आयी है तब से कालेधन के खिलाफ कई सख्त कदम उठाये हैं जिसका असर काले धन की जमाखोरी पर स्पष्ट रूप से नजर आया है।

Tags: काला धनजीडीपीनोटबंदीपीएम मोदी
शेयर383ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

एनआरसी मुद्दा: कांग्रेस बैकफुट पर ममता ने बनाई अपनी पकड़

अगली पोस्ट

पीएम मोदी ने अपने भाषण क्यों इन तीन नेताओं का किया था जिक्र

संबंधित पोस्ट

फ्लाईदुबई के ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी की पूरी कहानी: ओमान एयर में उठा था कट्टरपंथ का अलर्ट, फिर कैसे पहुंचा कॉकपिट तक?
Uncategorized

फ्लाईदुबई के ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी की पूरी कहानी: ओमान एयर में उठा था कट्टरपंथ का अलर्ट, फिर कैसे पहुंचा कॉकपिट तक?

3 October 2026

फ्लाईदुबई की उस उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले सह-पायलट की पहचान अब हमाम अल-हमामी के तौर पर हुई है। 30...

Tata Sons की Listing कैसे रुकेगी? iPhone फैक्ट्री और राम मंदिर-बुलेट ट्रेन वाली कंपनियों से समझिए पूरा प्लान
Uncategorized

Tata Sons की Listing कैसे रुकेगी? iPhone फैक्ट्री और राम मंदिर-बुलेट ट्रेन वाली कंपनियों से समझिए पूरा प्लान

29 September 2026

Tata Sons को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने की चर्चा के बीच Tata Trusts ने एक ऐसा प्रस्ताव रखा है, जो पूरे मामले की दिशा...

राम अमीरों के, शिव गरीबों के? रेवंत के बयान पर BJP का पलटवार, बंदी संजय ने ऐसे खोली ‘पोल’
Uncategorized

राम अमीरों के, शिव गरीबों के? रेवंत के बयान पर BJP का पलटवार, बंदी संजय ने ऐसे खोली ‘पोल’

29 September 2026

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के भगवान राम और भगवान शिव को गरीब-अमीर तथा उत्तर-दक्षिण की पहचान से जोड़ने वाले बयान ने नया राजनीतिक...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited